स्केटिंग के माध्यम से पूरे भारत की यात्रा पर निकले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी मुन्नार निषाद का छत्तीसगढ़ के गरियाबंद पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। भूतेश्वरनाथ चौक पर जगन्नाथ युवा बाल परिवार और स्थानीय नागरिकों ने फूल-मालाओं और पटाखों के साथ उनका आत्मीय अभिनंदन किया। मुन्नार पिछले करीब 10 महीनों से स्केटिंग के जरिए देश के विभिन्न राज्यों का भ्रमण कर रहे हैं और अब तक लगभग 11 हजार किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं। मुन्नार निषाद की यह अनूठी यात्रा गुजरात से शुरू हुई थी, जिसके बाद वे गोवा, तेलंगाना, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों का भ्रमण करते हुए छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। छत्तीसगढ़ में बीजापुर और गीदम से होते हुए वे गरियाबंद पहुंचे, जहां से वे विश्व प्रसिद्ध बाबा भूतेश्वरनाथ के दर्शन के लिए आगे रवाना हुए। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करना और सनातन संस्कृति व धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए लोगों को जागरूक करना है। वे इसी माध्यम से 12 ज्योतिर्लिंगों सहित देश के प्रमुख मंदिरों की यात्रा कर रहे हैं। पिछले करीब एक महीने से छत्तीसगढ़ में यात्रा कर रहे मुन्नार निषाद ने यहां के लोगों की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग बेहद मिलनसार और बड़े दिल वाले हैं, जिन्होंने उन्हें अपने परिवार की तरह स्नेह दिया और उनके रहने-खाने की व्यवस्था की। गरियाबंद में मिले सम्मान और अपनेपन से अभिभूत होकर मुन्नार ने छत्तीसगढ़ की मेहमाननवाज़ी को सराहते हुए कहा कि सच में, 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया'।
स्केटिंग के माध्यम से पूरे भारत की यात्रा पर निकले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी मुन्नार निषाद का छत्तीसगढ़ के गरियाबंद पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। भूतेश्वरनाथ चौक पर जगन्नाथ युवा बाल परिवार और स्थानीय नागरिकों ने फूल-मालाओं और पटाखों के साथ उनका आत्मीय अभिनंदन किया। मुन्नार पिछले करीब 10 महीनों से स्केटिंग के जरिए देश के विभिन्न राज्यों का भ्रमण कर रहे हैं और अब तक लगभग 11 हजार किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं। मुन्नार निषाद की यह अनूठी यात्रा गुजरात से शुरू हुई थी, जिसके बाद वे गोवा, तेलंगाना, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों का भ्रमण करते हुए छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। छत्तीसगढ़ में बीजापुर और गीदम से होते हुए वे गरियाबंद पहुंचे, जहां से वे विश्व प्रसिद्ध बाबा भूतेश्वरनाथ
के दर्शन के लिए आगे रवाना हुए। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करना और सनातन संस्कृति व धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए लोगों को जागरूक करना है। वे इसी माध्यम से 12 ज्योतिर्लिंगों सहित देश के प्रमुख मंदिरों की यात्रा कर रहे हैं। पिछले करीब एक महीने से छत्तीसगढ़ में यात्रा कर रहे मुन्नार निषाद ने यहां के लोगों की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग बेहद मिलनसार और बड़े दिल वाले हैं, जिन्होंने उन्हें अपने परिवार की तरह स्नेह दिया और उनके रहने-खाने की व्यवस्था की। गरियाबंद में मिले सम्मान और अपनेपन से अभिभूत होकर मुन्नार ने छत्तीसगढ़ की मेहमाननवाज़ी को सराहते हुए कहा कि सच में, 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया'।
- गरियाबंद जिले के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत बेगरपाला के आश्रित ग्राम पंडरीपानी में शिक्षा व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। यहां प्राथमिक शाला भवन के निर्माण के नाम पर महीनों पहले पुराने भवन की छत तो तोड़ दी गई, लेकिन आज तक नया निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे बारिश, गर्मी और अन्य कठिन परिस्थितियों के बीच एक अस्थायी छप्पर के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय भवन की छत तोड़ने के बाद निर्माण एजेंसी ने काम बंद कर दिया। स्कूल खुल जाने के बावजूद न तो नया भवन बन पाया और न ही बच्चों के लिए कोई वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था की गई। मजबूरी में शिक्षक और विद्यार्थी छप्पर के नीचे ही कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। बरसात के मौसम में तेज बारिश और हवा के दौरान बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होती है, जिससे अभिभावकों में उनकी सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया जा सका। ग्रामीण तुमलेश कुमार नेताम और अन्य पालकों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि प्राथमिक शाला भवन का निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेता है और एक साल से अधूरे पड़े विद्यालय भवन का निर्माण कार्य कब शुरू होता है।2
- कांग्रेस नेताओं द्वारा अडानी का नाम लेने से बचने पर तीखा सवाल उठाया गया है। इसमें सीधे तौर पर यह पूछा गया है कि आखिर कांग्रेस के नेताओं को अडानी का नाम लेने में इतना डर क्यों लग रहा है।1
- कवर्धा के कुई-कुकदूर (पंडरिया) वनांचल क्षेत्र में व्याप्त बिजली संकट, भ्रष्टाचार और गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर पंडरिया विधानसभा सुलग उठी है। जिला युवा कांग्रेस के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और ग्रामीणों ने बरसते पानी के बीच अटल चौक कुई-कुकदूर में विशाल धरना-प्रदर्शन किया। आक्रोशित जनता ने बिजली कार्यालय का घेराव किया और क्षेत्रीय भाजपा विधायक भावना बोहरा का पुतला दहन किया। इस दौरान सुरक्षा बैरिकेड्स तोड़ने को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झूमाझटकी भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने विधायक के 'विकसित पंडरिया' के दावों पर तीखे सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में पट्टा दिलाने के नाम पर गरीबों से अवैध वसूली हो रही है। ग्राम बदना के 250 से अधिक गरीब परिवारों के सारे दस्तावेज जमा होने के बाद भी उन्हें पट्टा नहीं दिया जा रहा है और भूमिहीनों की जमीनों के नक्शे आज तक ऑनलाइन अपलोड नहीं किए गए हैं। एनएसयूआई (NSUI) के जिला अध्यक्ष सीतेस चंद्रवंशी ने सरकार की संवेदनहीनता पर प्रहार करते हुए कहा कि विधायक के दौरे पर गाड़ियां दौड़ाने वाले अधिकारी आज जनता का दुखड़ा सुनने नहीं पहुंचे। वहीं, राष्ट्रीय महासचिव महिला कांग्रेस व पूर्व विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर ने आरोप लगाया कि विधायक सोशल मीडिया रील्स में छोटे बिजली कर्मचारियों को चमकाकर किसान हितैषी होने का ढोंग कर रही हैं, लेकिन गन्ना किसानों के भुगतान के लिए शक्कर कारखाने के भ्रष्ट एमडी (MD) पर चुप हैं। देर शाम तक चले इस आंदोलन के बाद प्रशासन को 5 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। इसमें पंडरिया शक्कर कारखाने के किसानों का ब्याज सहित ₹32 करोड़ का गन्ना भुगतान करने, कारखाने के मजदूरों का पिछले 6 महीने से लंबित ₹1 करोड़ से अधिक का वेतन तुरंत देने और ग्राम पंचायत झिंदीडीह, तेलियापानी, लेदरा सहित अन्य अंधेरे में डूबे गांवों में बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, अघोषित बिजली कटौती व लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने और विधायक द्वारा प्रचारित 750 परिवारों के कथित धर्मांतरण वापसी की प्रशासनिक सूची सार्वजनिक करने की मांग उठाई गई है। मांगें पूरी न होने पर युवा कांग्रेस ने आने वाले दिनों में उग्र और व्यापक आंदोलन की कड़ी चेतावनी दी है।1
- छत्तीसगढ़ के रायपुर में स्थित राज टॉकीज के लिए दर्शक अब बुक माय शो के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं। सिनेमाघर से संपर्क करने के लिए फोन नंबर 0771-2229223 जारी किया गया है। इसके अलावा, टॉकीज के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने और दूसरों को इसमें जोड़ने के लिए भी एक आमंत्रण लिंक साझा किया गया है।1
- रायपुर जिले के खरोरा में गुरुवार को हल्की बारिश के बीच श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उल्लास के साथ भगवान जगन्नाथ की 70वीं ऐतिहासिक रथयात्रा निकाली गई। "जय जगन्नाथ" के जयघोष, भजन-कीर्तन और भक्तिमय माहौल के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की सुसज्जित प्रतिमाओं का नगर भ्रमण कराया गया। इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ पहुंचे। यह रथयात्रा श्री राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी बालाजी मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गांधी चौक सहित विभिन्न क्षेत्रों से निकली। श्रद्धालुओं ने लगभग दो किलोमीटर तक भगवान के रथ को खींचा। मार्ग में जगह-जगह पर भगवान की आरती उतारी गई तथा पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। रथयात्रा के दौरान विशेष रूप से किसानों ने अच्छी फसल एवं क्षेत्र की समृद्धि की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की। आयोजन के पौराणिक महत्व के बारे में पंडित धनंजय शर्मा ने बताया कि पद्म पुराण के अनुसार भगवान जगन्नाथ की बहन सुभद्रा की नगर भ्रमण की इच्छा पूरी करने के लिए भगवान जगन्नाथ और बलभद्र उन्हें रथ पर बैठाकर गुंडिचा मंदिर ले गए थे, तभी से यह परंपरा चली आ रही है। बालाजी दरबार स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से लगभग 70 वर्षों से इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। नगर भ्रमण के पश्चात भगवान पुनः मंदिर में विराजमान हुए और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ।4
- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के एक इंटरव्यू के दौरान उनके और पत्रकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली है। सवाल-जवाब के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क सामने रखे, जिससे बातचीत का माहौल कुछ समय के लिए गर्म हो गया। इस तीखी नोकझोंक के कारण यह इंटरव्यू बहस का अखाड़ा बन गया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोग इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं, जहाँ समर्थक और आलोचक दोनों ही अपने-अपने नजरिए से इस बहस को देख रहे हैं।1
- धमतरी के गोकुलपुर वार्ड स्थित कृदत्त कॉलोनी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के पावन अवसर पर बच्चों ने एक अनूठी पहल की है। यहाँ अयांश सिंह की अगुवाई में बच्चों ने साइकिल पर भगवान जगन्नाथ की एक मिनी रथयात्रा निकाली, जिसने सभी कॉलोनीवासियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। बच्चों के इस अनूठे प्रयास, उनकी अटूट श्रद्धा और उत्साह की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। इस अनोखी रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की लकड़ी से निर्मित प्रतिमाओं को साइकिल पर सुसज्जित किया गया और पूरे कॉलोनी क्षेत्र में भ्रमण कराया गया। इस दौरान बच्चे बाजे-गाजे के साथ 'जय जगन्नाथ' का जयघोष करते हुए पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ रथयात्रा में शामिल हुए। रथयात्रा के समापन पर बच्चों ने कॉलोनीवासियों के बीच पारंपरिक गजामूंग और पेड़े का प्रसाद वितरित कर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद सभी तक पहुंचाया। इस आयोजन में अनय जायसवाल, गेविश साहू, विभु, चेतस चंद्राकर, आरो जायसवाल, सिम्मी साहू और फवी चंद्राकर सहित कई बच्चों ने बड़ी श्रद्धा के साथ भाग लिया। बच्चों की इस पहल ने धार्मिक परंपराओं के प्रति नई पीढ़ी की आस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव का एक सुंदर संदेश दिया है।2
- स्केटिंग के माध्यम से पूरे भारत की यात्रा पर निकले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी मुन्नार निषाद का छत्तीसगढ़ के गरियाबंद पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। भूतेश्वरनाथ चौक पर जगन्नाथ युवा बाल परिवार और स्थानीय नागरिकों ने फूल-मालाओं और पटाखों के साथ उनका आत्मीय अभिनंदन किया। मुन्नार पिछले करीब 10 महीनों से स्केटिंग के जरिए देश के विभिन्न राज्यों का भ्रमण कर रहे हैं और अब तक लगभग 11 हजार किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं। मुन्नार निषाद की यह अनूठी यात्रा गुजरात से शुरू हुई थी, जिसके बाद वे गोवा, तेलंगाना, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों का भ्रमण करते हुए छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। छत्तीसगढ़ में बीजापुर और गीदम से होते हुए वे गरियाबंद पहुंचे, जहां से वे विश्व प्रसिद्ध बाबा भूतेश्वरनाथ के दर्शन के लिए आगे रवाना हुए। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करना और सनातन संस्कृति व धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए लोगों को जागरूक करना है। वे इसी माध्यम से 12 ज्योतिर्लिंगों सहित देश के प्रमुख मंदिरों की यात्रा कर रहे हैं। पिछले करीब एक महीने से छत्तीसगढ़ में यात्रा कर रहे मुन्नार निषाद ने यहां के लोगों की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग बेहद मिलनसार और बड़े दिल वाले हैं, जिन्होंने उन्हें अपने परिवार की तरह स्नेह दिया और उनके रहने-खाने की व्यवस्था की। गरियाबंद में मिले सम्मान और अपनेपन से अभिभूत होकर मुन्नार ने छत्तीसगढ़ की मेहमाननवाज़ी को सराहते हुए कहा कि सच में, 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया'।2