कालीसिल बांध में अधेड़ के पाल पर कपड़े व मोबाइल मिलने की सूचना पर पंहुचा प्रशासनिक अमला, रेस्क्यू के बाद भी देर शाम तक नहीं मिली सफलता कालीसिल बांध में अधेड़ के पाल पर कपड़े व मोबाइल मिलने की सूचना पर पंहुचा प्रशासनिक अमला, रेस्क्यू के बाद भी देर शाम तक नहीं मिली सफलता करौली जिले के सपोटरा उपखंड क्षेत्र में कैलादेवी कस्बे के पटपरी गांव के पास कालीसिल बांध में एक अधेड़ व्यक्ति के डूबने की आशंका पर बांध किनारे कपड़े और एक मोबाइल फोन मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस को अधेड़ व्यक्ति के लापता होने की सूचना दी। इसके बाद प्रशासनिक अमला और आपदा प्रबंधन टीम मौके पर पहुंची। सूचना मिलते ही कैलादेवी पुलिस उपाधीक्षक मीना मीणा व कैलादेवी थानाधिकारी रामवतार मीणा के साथ आपदा प्रबंधन टीम के अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से बांध में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बांध किनारे मिले कपड़े और मोबाइल फोन लापता व्यक्ति हरिमोहन मीणा के बताए जा रहे हैं। लेकिन रेस्क्यू अभियान के दौरान बांध क्षेत्र में पैरों के निशान भी मिले हैं। जलाशय में मगरमच्छों की मौजूदगी की सूचना मिलने के कारण बचाव दल अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीमित क्षेत्र में ही तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जबकि देर शाम तक अंधेरे तक लापता व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। प्रशासन द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार सुबह फिर से जारी रखने सहित पुलिस परिजनों और आसपास के ग्रामीणों से भी पूछताछ करने में जुटी हुई है। ताकि लापता व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी हासिल हो सके।
कालीसिल बांध में अधेड़ के पाल पर कपड़े व मोबाइल मिलने की सूचना पर पंहुचा प्रशासनिक अमला, रेस्क्यू के बाद भी देर शाम तक नहीं मिली सफलता कालीसिल बांध में अधेड़ के पाल पर कपड़े व मोबाइल मिलने की सूचना पर पंहुचा प्रशासनिक अमला, रेस्क्यू के बाद भी देर शाम तक नहीं मिली सफलता करौली जिले के सपोटरा उपखंड क्षेत्र में कैलादेवी कस्बे के पटपरी गांव के पास कालीसिल बांध में एक अधेड़ व्यक्ति के डूबने की आशंका पर बांध किनारे कपड़े और एक मोबाइल फोन मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस को अधेड़ व्यक्ति के लापता होने की सूचना दी। इसके बाद प्रशासनिक अमला और आपदा प्रबंधन टीम मौके पर पहुंची। सूचना मिलते ही कैलादेवी पुलिस उपाधीक्षक मीना मीणा व कैलादेवी थानाधिकारी रामवतार मीणा के साथ आपदा प्रबंधन टीम के अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से बांध में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बांध किनारे मिले कपड़े और मोबाइल फोन लापता व्यक्ति हरिमोहन मीणा के बताए जा रहे हैं। लेकिन रेस्क्यू अभियान के दौरान बांध क्षेत्र में पैरों के निशान भी मिले हैं। जलाशय में मगरमच्छों की मौजूदगी की सूचना मिलने के कारण बचाव दल अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीमित क्षेत्र में ही तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जबकि देर शाम तक अंधेरे तक लापता व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। प्रशासन द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार सुबह फिर से जारी रखने सहित पुलिस परिजनों और आसपास के ग्रामीणों से भी पूछताछ करने में जुटी हुई है। ताकि लापता व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी हासिल हो सके।
- केंद्रीय बजट 202627 को लेकर कलेक्ट्रेट में कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने की प्रेसवार्ता, विकास का बताया ब्लूप्रिंट भारत सरकार का बजट 2026-27 को भावी पीढ़ी के लिए विकास का ब्लूप्रिंट बताते हुए केन्द्रीय बजट में पहला कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को तेज करना व बनाए रखना, दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करने सहित तीसरा कर्तव्य सबका साथ सबका विकास के विज़न को साकार करना है। राजस्थान के कैबिनेट मंत्री (डीओआईटीसी, उद्योग एवं वाणिज्य, युवा एवं खेल, कौशल विकास एवं उद्यमिता, सैनिक कल्याण विभाग) कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने सोमवार दोपहर 3 बजे करौली कलेक्ट्रेट सभागार में केन्द्रीय बजट 2026 को लेकर प्रेस प्रतिनिधियों से संवाद किया। प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 हर नागरिक के सपनों, आकांक्षाओं और भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला बजट है। यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और उद्यमी के सशक्तिकरण की स्पष्ट दिशा दिखाता है। यह बजट युवाओं के सपनों को उड़ान देने वाला है। बजट 2026-27 इतिहास में उस बजट के रूप में याद किया जाएगा, जिसने विकसित भारत के संकल्प को ठोस आधार दिया है। इस दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।1
- करौली के सपोटरा क्षेत्र में पटपरी गांव के पास कालीसिल बांध में एक व्यक्ति के डूबने की आशंका है। बांध किनारे कपड़े और एक मोबाइल फोन मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस को व्यक्ति के लापता होने की सूचना दी। इसके बाद प्रशासनिक अमला और आपदा प्रबंधन टीम मौके पर पहुंची।सूचना मिलते ही कैलादेवी पुलिस उपाधीक्षक मीना मीणा और कैलादेवी थानाधिकारी रामवतार मीणा आपदा प्रबंधन टीम के अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से बांध में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बांध किनारे मिले कपड़े और मोबाइल फोन लापता व्यक्ति हरिमोहन मीणा के बताए जा रहे हैं। रेस्क्यू अभियान के दौरान बांध क्षेत्र में पैरों के निशान भी मिले हैं। जलाशय में मगरमच्छों की मौजूदगी की सूचना मिलने के कारण बचाव दल अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीमित क्षेत्र में ही तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। समाचार लिखे जाने तक लापता व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। प्रशासन द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। पुलिस परिजनों और आसपास के ग्रामीणों से भी पूछताछ कर रही है ताकि लापता व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी मिल सके।1
- वजीरपुर में परिवार पर जानलेवा हमला, लूट व आगजनी का प्रयास एक दर्जन से अधिक लोग नामजद, पीड़ित परिवार ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की गंगापुर सिटी। पुलिस थाना वजीरपुर क्षेत्र के ग्राम मैडी में एक ही परिवार पर जानलेवा हमला, लूटपाट व आगजनी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित बनीसिंह मीना पुत्र देवफूल निवासी मैडी ने थाने में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार घटना 31 जनवरी 2026 को शाम करीब 5 बजे की है और पीड़ित के अनुसार उनके परिवार पर गांव के ही लोगों एवं बाहर से बुलाए गए उपद्रवी तत्वों ने एकराय होकर हमला कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार रामचरण, विसराम, रामनिवास, धीरसिंह, धीरज, गोरो, दाखो, लाखन, मंतोष, रुकमकेश, सुमरत, संतरा, उर्मिला, रिंकू, नीतू, राधेश्याम, जीतू, धर्म, निरपत, कता, जीतन, मनीष, आकाश, मगती व अन्य अज्ञात लोगों ने लाठी-डंडों, धारदार हथियारों, चाकू, पेट्रोल से बने हथियारों तथा अवैध हथियारों से हमला किया। हमलावरों ने पीड़ित परिवार के सदस्यों पर प्राणघातक हमला करते हुए लूटपाट व आगजनी का भी प्रयास किया। घटना में परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल राजकीय अस्पताल वजीरपुर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पीड़ित का कहना है कि यदि मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव नहीं किया होता तो बड़ा जानमाल का नुकसान हो सकता था। बनीसिंह मीना ने बताया कि हमलावर घटना के बाद भी गांव में खुलेआम गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं, जिससे उनके परिवार की जान को अभी भी खतरा बना हुआ है। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, लूटपाट व अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, साथ ही परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी अपील की है। फिलहाल पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू कर दी है और मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही है।1
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- एक दिवसीय कन्हैया पद दंगल का हुआ समापन कन्हैया पद दंगल हमारी लोक कला एवं संस्कृति और सभ्यता के प्रतीक श्रोता कन्हैया पद दंगल में जमकर झूमे हमारी लोक संस्कृति नारी सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दे रही है मलारना डूंगर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत जोलन्दा में मां ब्रह्माणी माता मंदिर परिसर में एक दिवसीय विशाल कन्हैया पद दंगल कार्यक्रम आयोजन किया गया। स्थानीय मीडिया प्रभारी कालूराम मीना ने बताया कि मीना समाज के तत्वावधान में जोलन्दा में कन्हैया पद दंगल का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जिला प्रमुख सुदामा देवी, पुर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डिग्गी प्रसाद मीना, शिरिष अथिति कार्यक्रम के अध्यक्ष दीनदयाल मीना पुर्व डारेक्टर, पचायत समिति मलारना डूगंर प्रधान देवपाल मीना उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दीनदयाल मीना (मलारना चौड़) जगदीश प्रसाद जगदीश मीना (खंड विकास अधिकारी, सवाई माधोपुर) तथा जसवीर मीना (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बूंदी) ने कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती मां के दीपक जलाएं की गई। पद दंगल में सिरसाली, सोलतपुरा एवं उलियाणा गांव की गायन पार्टियों ने एक से बढ़कर एक कन्हैया पदों एवं धार्मिक कथाओं की सशक्त प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों को पदों के माध्यम से प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि कन्हैया पद दंगल जैसे धार्मिक आयोजन सामाजिक समरसता, भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं। इस अवसर पर जिला प्रमुख सुदामा देवी ने हत्ताई मोड़ से काकंरा तक सीसी सड़क निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की घोषणा की। वहीं प्रधान देवपाल मीना ने पुलिया निर्माण के लिए 6 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। कृषि मंत्री की अनुशंसा पर दीनदयाल मीना ने भाड़ौती से सीधा जोलंदा तक सड़क निर्माण के लिए 9 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण की घोषणा की। दो बिजली ट्रांसफर लगाने की घोषणा की इसके अतिरिक्त गांव के भामाशाह जगदीश प्रसाद शर्मा ने विकास कार्यों के लिए 2 लाख रुपये तथा गायन पार्टियों को 50 हजार रुपये की नगद राशि का सयोंग की। कार्यक्रम में जोलंदा पूरा, महेसरा, मोतीपुरा सहित आसपास के गांवों से आए महिला-पुरुषों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर कन्हैया पद दंगल का आनंद लिया। तीनों पार्टियों ने एक से बढ़कर एक धार्मिक कथाओं की प्रस्तुति देते हुए राजा दशरथ,राजा जनक, भगवान शिव शंकर श्रीकृष्ण भगवान जैसे देवी देवताओं की व राजा महाराजा की कथाएं सूनाई। काफी संख्या में आस पास के महैशरा, मोतीपुरा, बड़ोदिया, आसपास के कई गांवों के श्राद्ध उपस्थित ग्रामवासियों का दिल जीत लिया। इसके बाद भण्डारे में प्रसादी वितरण किया गया। उपस्थिति श्री जगदीश प्रसाद ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम हमारी सभ्यता एवं संस्कृति के प्रतीक है। ऐसे प्रोग्राम से भाई चारा और एकता बढ़ती है, श्री जसवीर मीना डीवाई एसपी कोटा, विजेन्द्र सिंह गुर्जर ग्राम पंचायत जोलन्दा सरपंच, उप सरपंच श्री कैलाश मीणा, श्री डारेक्टर, श्री प्रेमराज मीना, कन्हैया लाल मीना, कुंजीलाल मीना अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहें1
- सरमथुरा में थाने के पीछे से आरसीसी बनी हुई है जो घटिया काम चल रहा है और जो ग्रामीण पवेनी पंचायत में फर्जी बिल सफाई के नाम से उठते हैं यह बीजेपी सरकार की डबल इंजन सरकार है या कोई सुनवाई नहीं हो रहा है मैं सभी भाइयों से निवेदन करता हूं की एक ही मुद्दा है सफाई और जो भ्रष्टाचार कर रहे हैं आईसीसी डाली हुई है टेस्ट में मिला करके आईसीसी डाल रहे हैं2
- UGC समता विनियम 2026 पर सुप्रीम कोर्ट के स्टे का हिण्डौन में जाटव समाज ने किया विरोध भारत सरकार द्वारा जारी UGC (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु) विनियम, 2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए स्टे को लेकर जाटव समाज में गहरा रोष व्याप्त है। इसी क्रम में जाटव छात्रावास, महुआ रोड, हिंडौन में जाटव समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज के प्रबुद्धजनों एवं युवाओं ने एक स्वर में इस स्टे का विरोध करते हुए केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष पूरी मजबूती से रखने की मांग की। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जातिगत, सामाजिक और मानसिक उत्पीड़न के मामलों में 118 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है, ऐसे में समानता और सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले इस विनियम को लागू होने से पहले ही गलत ठहरा देना दुर्भाग्यपूर्ण और समाज विरोधी कदम है। बैठक को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता रिंकू खेड़ी हैवत ने कहा कि यह विनियम केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए कानूनी सुरक्षा कवच है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में लंबे समय से भेदभाव, अपमान और उत्पीड़न की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिन पर अब तक ठोस कार्रवाई का अभाव रहा है। रिंकू खेड़ी हैवत ने स्पष्ट किया कि “यदि सरकार वास्तव में बहुजन समाज की हितैषी है, तो उसे इस ऐतिहासिक विनियम के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट, तथ्यपरक और मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए। शिक्षा में समानता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान का मूल तत्व है, इससे कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।” बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इस विषय पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत समाज में जागरूकता हेतु पैम्फलेट तैयार कर वितरित किए जाएंगे, तहसील स्तर पर लगातार बैठकें आयोजित की जाएंगी, और इन बैठकों में SC, ST, OBC समाज के लोगों को आमंत्रित कर इस विनियम की जानकारी दी जाएगी। इस अवसर पर उजागर, प्रदीप, गुट्टीराम, संतोष, अजीत, मनीष संतोष एवं रिंकू खेड़ी हैवत गोपाल फौजी सहित अनेक समाजसेवी एवं युवा उपस्थित रहे। सभी ने एकमत होकर कहा कि शिक्षा में समान अवसर और सम्मान की लड़ाई को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा।1