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बीकानेर की सड़कों पर आज भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा का एक अद्भुत और अलौकिक नज़ारा देखने को मिला है। इस पावन अवसर पर भगवान के दर्शन के लिए भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। चारों तरफ गूंजते 'जय जगन्नाथ' के जयकारों और उद्घोष ने पूरे वातावरण को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया। रथयात्रा के दौरान शहरवासियों में भारी उत्साह और उल्लास देखा गया और पूरा शहर मानो प्रभु के रंग में ही रंग गया हो। इस पावन और भक्तिमय अवसर पर सभी के कल्याण के लिए भगवान जगन्नाथ से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई है।
Suck it Hussain 02/03/1983 Bikaner khabari
बीकानेर की सड़कों पर आज भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा का एक अद्भुत और अलौकिक नज़ारा देखने को मिला है। इस पावन अवसर पर भगवान के दर्शन के लिए भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। चारों तरफ गूंजते 'जय जगन्नाथ' के जयकारों और उद्घोष ने पूरे वातावरण को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया। रथयात्रा के दौरान शहरवासियों में भारी उत्साह और उल्लास देखा गया और पूरा शहर मानो प्रभु के रंग में ही रंग गया हो। इस पावन और भक्तिमय अवसर पर सभी के कल्याण के लिए भगवान जगन्नाथ से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई है।
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- बीकानेर की सड़कों पर आज भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा का एक अद्भुत और अलौकिक नज़ारा देखने को मिला है। इस पावन अवसर पर भगवान के दर्शन के लिए भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। चारों तरफ गूंजते 'जय जगन्नाथ' के जयकारों और उद्घोष ने पूरे वातावरण को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया। रथयात्रा के दौरान शहरवासियों में भारी उत्साह और उल्लास देखा गया और पूरा शहर मानो प्रभु के रंग में ही रंग गया हो। इस पावन और भक्तिमय अवसर पर सभी के कल्याण के लिए भगवान जगन्नाथ से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई है।1
- महिला कांग्रेस ने तुरंत आरक्षण की मांग को लेकर सरकार को खुलेआम ललकारा है। "हमें आरक्षण अभी दो" के आह्वान के साथ महिला कांग्रेस ने संसद का घेराव करने का ऐलान किया है, जिसके लिए दिल्ली कूच की पूरी रणनीति तैयार की जा रही है। राजस्थान के नागौर से इस आंदोलन की अगुवाई वहां की महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सीमा सोलंकी करेंगी।1
- किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत आज दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने आगामी 20 जुलाई को संसद चलने का अपना समर्थन दिया है।1
- बीकानेर जिले की डूंगरगढ़ तहसील के केसर देसर जाटान के रहने वाले 40 वर्षीय पूनम राम बुटाटी धाम मंदिर परिसर से लापता हो गए हैं। परिजनों के अनुसार, पूनम राम मानसिक रूप से कमजोर हैं और वह 15 जुलाई 2026 की रात लगभग 12 बजे मंदिर परिसर से निकले थे, जिसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों ने लोगों से अपील की है कि यदि यह व्यक्ति कहीं भी दिखाई दें, तो मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए तुरंत सूचित करें। सूचना देने के लिए बुटाटी धाम मंदिर प्रशासन के संपर्क नंबर 9829206016 या परिजनों के मोबाइल नंबर 8829090703 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। परिजनों ने इस संदेश को अधिक से अधिक शेयर करने का अनुरोध किया है ताकि पूनम राम जल्द से जल्द अपने परिवार तक सुरक्षित पहुंच सकें।1
- राजस्थान में सत्ता के अहंकार और लचर स्वास्थ्य व्यवस्था का एक बेहद असंवेदनशील और झकझोर देने वाला चेहरा सामने आया है। पिछले दो महीनों में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 18 से अधिक गर्भवती महिलाओं की जान जा चुकी है। एक ओर जहाँ इन पीड़ित महिलाओं के परिवारों में मातम पसरा हुआ है, वहीं दूसरी ओर जब प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर से इस दर्दनाक घटना पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेशर्मी से ठहाके लगाए और जवाबदेही से भागने की शर्मनाक कोशिश करते हुए "मिलते हैं ब्रेक के बाद..!!" कहकर चलते बने। सरकारी अस्पतालों में जच्चा-बच्चा की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन 18 गर्भवती महिलाओं की मौत कोई सामान्य आँकड़ा नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की एक बहुत बड़ी विफलता है। ऐसे में प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री द्वारा इस गंभीर मुद्दे को मजाक में उड़ा देना लोकतंत्र और मानवता, दोनों का खुला अपमान है। इस असंवेदनशील व्यवहार के बाद अब कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले आम और गरीब लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है? क्या सत्ता के नशे में बैठे मंत्री इतने बेपरवाह हो गए हैं कि उन्हें मौतों के आँकड़ों पर भी हंसी आती है और आखिर इन अस्पतालों में हो रही मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा? स्वास्थ्य मंत्री के इस गैर-जिम्मेदाराना और बेतुके बयान के बाद सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक आम जनता में भारी रोष फैला हुआ है। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की इस बदहाली और जवाबदेही से बचने की कोशिश के खिलाफ जमीनी स्तर पर और अधिक मुखर होकर आवाज उठाना बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि जब तक ऐसी संवेदनहीनता के खिलाफ कड़े सवाल नहीं किए जाएंगे, तब तक इस सोए हुए सिस्टम की नींद नहीं टूटेगी।1
- UGC कानून के खिलाफ महिपाल सिंह मकराना जी के नेतृत्व में निकाली जा रही 600 किलोमीटर की ऐतिहासिक न्याय यात्रा आज शाम रतनगढ़ पहुंचेगी। इस यात्रा के तहत आज रात 8 बजे रतनगढ़ में एक विशाल मशाल जुलूस का आयोजन किया जाएगा। इस मशाल जुलूस को लेकर सभी युवा साथियों, छात्र शक्ति, अभिभावकों और आम जनता से हाथ जोड़कर अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इसमें शामिल होकर छात्र हितों की इस लड़ाई को मजबूती दें। इस आंदोलन के जरिए शिक्षा बचाने और 'UGC कानून वापस लो' की मांग बुलंद की जा रही है। इस कार्यक्रम से एपेक्स वेलफेयर सोसाइटी, कम्मो काको चुरु, विश्वनाथ शर्मा, रजत शर्मा और बीजेवाईएम भी जुड़े हुए हैं।1
- बीकानेर की सड़कों पर आज भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा का एक बेहद अद्भुत और अलौकिक नज़ारा देखने को मिला। इस पावन अवसर पर प्रभु की भक्ति में डूबे भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। चारों तरफ गूंजते 'जय जगन्नाथ' के पवित्र उद्घोष ने पूरे वातावरण को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया। रथयात्रा को लेकर शहरवासियों में गजब का उत्साह और उल्लास देखा गया और तस्वीरें साफ बयां कर रही हैं कि पूरा शहर मानो प्रभु के रंग में ही रंग गया हो। इस बेहद पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ से सभी के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई है।1
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- भारत ने स्वच्छ और आधुनिक रेल परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक छलांग लगाते हुए देश की पहली पूरी तरह से स्वदेशी हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन तैयार कर ली है। यह अत्याधुनिक ट्रेन हरियाणा के जींद-सोनीपत रेलखंड पर संचालित की जाएगी, जो हरित परिवहन की दिशा में भारतीय रेलवे के लिए एक मील का पत्थर है। यह 10 डिब्बों वाली एक आधुनिक ट्रेन है, जिसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इसे 1200 किलोवाट की क्षमता वाली उन्नत 'हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रणाली' से संचालित किया जाएगा। पर्यावरण के अनुकूल यह ट्रेन पारंपरिक डीजल या कोयला इंजनों के विपरीत केवल जलवाष्प यानी पानी की भाप उत्सर्जित करेगी, जिससे वायु प्रदूषण बिल्कुल नहीं होगा। इस पूरी परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह स्वदेशी होना है। 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को मजबूती देने के लिए ट्रेन को ईंधन की आपूर्ति करने हेतु जींद में ही विशेष हाइड्रोजन भंडारण और रीफ्यूलिंग की सुविधा तैयार की गई है। इस अभूतपूर्व तकनीकी उपलब्धि के साथ भारत अब जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका जैसे दुनिया के उन चुनिंदा और गिने-चुने देशों के क्लब में शामिल हो गया है, जो सस्टेनेबल रेल परिवहन के लिए हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। यह प्रोजेक्ट जीवाश्म ईंधन पर देश की निर्भरता को कम करने के साथ ही आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण देने के संकल्प को सच साबित करेगा।1