Shuru
Apke Nagar Ki App…
ईटावा में ख़राब हुई बस, गर्मी से परेशान हुई सवारियां, घंटो के इंतज़ार के बाद भी जब सही नहीं हुई बस तो सवारियों ने जताई नाराज़गी. वीडियो वायरल.
Noshad ahmad qureshi
ईटावा में ख़राब हुई बस, गर्मी से परेशान हुई सवारियां, घंटो के इंतज़ार के बाद भी जब सही नहीं हुई बस तो सवारियों ने जताई नाराज़गी. वीडियो वायरल.
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by Noshad ahmad qureshi1
- बाघिन टी-111 (शक्ति) ने मगरमच्छ का शिकार सवाई माधोपुर रणथंभौर नेशनल पार्क में रविवार को 7 साल की बाघिन टी-111 (शक्ति) ने मगरमच्छ का शिकार किया। घटना सुबह की सफारी के दौरान जोन नंबर 4 के जामुन देह क्षेत्र में करीब 9 बजे हुई। बाघिन तालाब के किनारे घात लगाकर बैठी हुई थी। जैसे ही मगरमच्छ तालाब के किनारे आया, वह उस पर टूट पड़ी और जबड़े में कसकर दबोच लिया। मगरमच्छ को संभलने का मौका तक नहीं मिला। करीब 10 मिनट तक बाघिन और मगरमच्छ के बीच संघर्ष चला, जिसमें मगरमच्छ मारा गया। बाघिन उसे खींचकर चट्टानों पर ले गई। पर्यटकों ने इसका वीडियो बना लिया। इसमें बाघिन के जबड़े में मगरमच्छ दबा हुआ दिखाई दे रहा है।1
- बड़गांव |हाड़ौती की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ने सात समंदर पार एक नया इतिहास रचा है। बारां जिले के पाटोन्दा गांव में पिछले 165 वर्षों से आयोजित हो रही अद्वितीय 'ढाई कड़ी की रामलीला' अब अंतर्राष्ट्रीय शोध का विषय बन चुकी है। इस अनूठी लोक कला की महत्ता को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया की क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ने अपनी प्रतिष्ठित पुस्तक 'रुटलेज हैंडबुक ऑफ फेस्टिवल 2018' में इस पर एक विशेष अध्याय शामिल किया है। डॉ. अनुकृति के शोध से मिली वैश्विक पहचान पाटोन्दा की इस विरासत को विश्व पटल पर लाने का श्रेय डॉ. अनुकृति शर्मा को जाता है। उनके गहन शोध के बाद ही इस रामलीला की बारीकियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।इसके महान रचयिता गुरु गणपत लाल दाधीच द्वारा रचित इस रामलीला के 'ढाई कड़ी' के छंदों और संवादों की शैली इतनी विलक्षण है कि विदेशी शिक्षाविद् भी इसे भारतीय संस्कृति का एक अनूठा मॉडल मान रहे हैं। अयोध्या में सरकारी खर्च पर दी प्रस्तुति गांव की इस रामलीला की ख्याति केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मंच पर भी मनवाया है। भारत सरकार के आमंत्रण पर इस रामलीला दल ने अयोध्या में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय रामायण मेले' में अपनी कला का प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि कलाकारों का पूरा खर्च भारत सरकार द्वारा वहन किया गया, जो पाटोन्दा की इस कला के प्रति राष्ट्रीय सम्मान को दर्शाता है। बिना ट्रेनिंग, रग-रग में रची है रामलीला इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ के कलाकारों को किसी रिहर्सल या औपचारिक प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं पड़ती। गांव के बालक, युवा और बुजुर्गों के मन में यह रामलीला इस कदर रची-बसी है कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी यह कला बिना किसी कागजी रिहर्सल के हस्तांतरित हो रही है। डेढ़ सदी से भी अधिक समय से यह सिलसिला अनवरत जारी है। हाड़ौती का गौरव बनी 'ढाई कड़ी' पाटोन्दा की यह रामलीला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली बारां जिले की पहली रामलीला है। यह न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि राजस्थान की उस जीवंत संस्कृति का उदाहरण है जो आधुनिकता के दौर में भी अपनी जड़ों से मजबूती से जुड़ी हुई है।1
- उनियारा.ककोड कस्बे के शीतला माता मोहल्ले में पिछले कई दिनों से गहराते जल संकट ने स्थानीय निवासियों का जीना दूभर कर दिया है। भीषण गर्मी के बीच पानी की एक-एक बूंद के लिए मोहल्ले वासी तरस रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस गंभीर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। समस्या की गंभीरता मोहल्ले वासियों का कहना है कि नलों में पानी नहीं आने के कारण उन्हें दूर-दराज के इलाकों या हैंडपंपों से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि मोहल्ले में लगा हैंडपंप भी खारा और लाल पानी उगल रहा है, जो पीने योग्य नहीं है। प्रशासनिक लापरवाही के आरोप स्थानीय लोगों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। मोहल्ले के निवासियों ने बताया कि: उन्होंने जेईएन (JEN), लाइनमैन और सरपंच से कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों के अनुसार, पास की अन्य गलियों में तो पानी की नियमित आपूर्ति हो रही है, लेकिन शीतला मोहल्ले के साथ पक्षपात किया जा रहा है। एक निवासी ने बताया कि सरपंच ने तीन दिन पहले पाइप लाइन डलवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। निवासियों की पुकार मोहल्ले के एक युवक ने कहा, "हम पिछले 15 दिनों से बेहद परेशान हैं। न नहाने के लिए पानी है और न ही पीने के लिए। हमने सरपंच को वीडियो भी भेजा, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।" महिलाओं ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस संकट को कितनी गंभीरता से लेता है।1
- Post by Sandeep Gupta1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ - श्योपुर 🚨 🌧️ किसानों पर आसमानी आफत का कहर श्योपुर जिले में तेज आंधी-तूफान और बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। गेहूं की तैयार फसल बर्बाद होने से किसान भारी नुकसान झेल रहे हैं। पाली हाईवे, बगड़ूआ के पास, नाराज़ किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर हाईवे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है और सड़क पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ विरोध जता रहे हैं। 🗣️ किसानों की प्रमुख मांगें: 👉 फसल नुकसान का उचित मुआवजा 👉 बिजली बिल माफी 👉 सर्वे कर जल्द राहत राशि जारी ⚠️ प्रदर्शन के चलते यातायात प्रभावित, मौके पर प्रशासनिक अमला पहुंचने की सूचना। किसानों का कहना है कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। #श्योपुर #किसान_प्रदर्शन #ब्रेकिंगन्यूज़ #मुआवजा #पाली_हाईवे #विजयपुर #मध्यप्रदेश1
- कानपुर–असारवा साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेन का संचालन कल से होगा,केशवरायपाटन रेल्वे स्टेशन पर होगा ठहराव1
- Post by Noshad ahmad qureshi1