सिस्टम फेल, जनता बेहाल! प्यासे कंठों की पुकार सुनने वाला कोई नहीं. उनियारा.ककोड कस्बे के शीतला माता मोहल्ले में पिछले कई दिनों से गहराते जल संकट ने स्थानीय निवासियों का जीना दूभर कर दिया है। भीषण गर्मी के बीच पानी की एक-एक बूंद के लिए मोहल्ले वासी तरस रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस गंभीर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। समस्या की गंभीरता मोहल्ले वासियों का कहना है कि नलों में पानी नहीं आने के कारण उन्हें दूर-दराज के इलाकों या हैंडपंपों से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि मोहल्ले में लगा हैंडपंप भी खारा और लाल पानी उगल रहा है, जो पीने योग्य नहीं है। प्रशासनिक लापरवाही के आरोप स्थानीय लोगों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। मोहल्ले के निवासियों ने बताया कि: उन्होंने जेईएन (JEN), लाइनमैन और सरपंच से कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों के अनुसार, पास की अन्य गलियों में तो पानी की नियमित आपूर्ति हो रही है, लेकिन शीतला मोहल्ले के साथ पक्षपात किया जा रहा है। एक निवासी ने बताया कि सरपंच ने तीन दिन पहले पाइप लाइन डलवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। निवासियों की पुकार मोहल्ले के एक युवक ने कहा, "हम पिछले 15 दिनों से बेहद परेशान हैं। न नहाने के लिए पानी है और न ही पीने के लिए। हमने सरपंच को वीडियो भी भेजा, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।" महिलाओं ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस संकट को कितनी गंभीरता से लेता है।
सिस्टम फेल, जनता बेहाल! प्यासे कंठों की पुकार सुनने वाला कोई नहीं. उनियारा.ककोड कस्बे के शीतला माता मोहल्ले में पिछले कई दिनों से गहराते जल संकट ने स्थानीय निवासियों का जीना दूभर कर दिया है। भीषण गर्मी के बीच पानी की एक-एक बूंद के लिए मोहल्ले वासी तरस रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस गंभीर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। समस्या की गंभीरता मोहल्ले वासियों का कहना है कि नलों में पानी नहीं आने के कारण उन्हें दूर-दराज के इलाकों या हैंडपंपों से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि मोहल्ले में लगा हैंडपंप भी खारा और लाल पानी उगल रहा है, जो पीने योग्य नहीं है। प्रशासनिक लापरवाही के आरोप स्थानीय लोगों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। मोहल्ले के निवासियों ने बताया कि: उन्होंने जेईएन (JEN), लाइनमैन और सरपंच से कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों के अनुसार, पास की अन्य गलियों में तो पानी की नियमित आपूर्ति हो रही है, लेकिन शीतला मोहल्ले के साथ पक्षपात किया जा रहा है। एक निवासी ने बताया कि सरपंच ने तीन दिन पहले पाइप लाइन डलवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। निवासियों की पुकार मोहल्ले के एक युवक ने कहा, "हम पिछले 15 दिनों से बेहद परेशान हैं। न नहाने के लिए पानी है और न ही पीने के लिए। हमने सरपंच को वीडियो भी भेजा, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।" महिलाओं ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस संकट को कितनी गंभीरता से लेता है।
- उनियारा.ककोड कस्बे के शीतला माता मोहल्ले में पिछले कई दिनों से गहराते जल संकट ने स्थानीय निवासियों का जीना दूभर कर दिया है। भीषण गर्मी के बीच पानी की एक-एक बूंद के लिए मोहल्ले वासी तरस रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस गंभीर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। समस्या की गंभीरता मोहल्ले वासियों का कहना है कि नलों में पानी नहीं आने के कारण उन्हें दूर-दराज के इलाकों या हैंडपंपों से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि मोहल्ले में लगा हैंडपंप भी खारा और लाल पानी उगल रहा है, जो पीने योग्य नहीं है। प्रशासनिक लापरवाही के आरोप स्थानीय लोगों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। मोहल्ले के निवासियों ने बताया कि: उन्होंने जेईएन (JEN), लाइनमैन और सरपंच से कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों के अनुसार, पास की अन्य गलियों में तो पानी की नियमित आपूर्ति हो रही है, लेकिन शीतला मोहल्ले के साथ पक्षपात किया जा रहा है। एक निवासी ने बताया कि सरपंच ने तीन दिन पहले पाइप लाइन डलवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। निवासियों की पुकार मोहल्ले के एक युवक ने कहा, "हम पिछले 15 दिनों से बेहद परेशान हैं। न नहाने के लिए पानी है और न ही पीने के लिए। हमने सरपंच को वीडियो भी भेजा, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।" महिलाओं ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस संकट को कितनी गंभीरता से लेता है।1
- Post by Sandeep Gupta1
- बाघिन टी-111 (शक्ति) ने मगरमच्छ का शिकार सवाई माधोपुर रणथंभौर नेशनल पार्क में रविवार को 7 साल की बाघिन टी-111 (शक्ति) ने मगरमच्छ का शिकार किया। घटना सुबह की सफारी के दौरान जोन नंबर 4 के जामुन देह क्षेत्र में करीब 9 बजे हुई। बाघिन तालाब के किनारे घात लगाकर बैठी हुई थी। जैसे ही मगरमच्छ तालाब के किनारे आया, वह उस पर टूट पड़ी और जबड़े में कसकर दबोच लिया। मगरमच्छ को संभलने का मौका तक नहीं मिला। करीब 10 मिनट तक बाघिन और मगरमच्छ के बीच संघर्ष चला, जिसमें मगरमच्छ मारा गया। बाघिन उसे खींचकर चट्टानों पर ले गई। पर्यटकों ने इसका वीडियो बना लिया। इसमें बाघिन के जबड़े में मगरमच्छ दबा हुआ दिखाई दे रहा है।1
- 🌿🍂 ❤️🩹🙇🏻♂️ *रहमतों के फूल बरसते हैं,* *जब महादेव का दीदार होता है...😍* *बड़े ही किस्मत वाले होते हैं,* *जिनको महादेव से प्यार होता है..!!😍❤️* ┏ *━━━━━━━━━━━━━━━━┓* *♥️ 𝐇𝐀𝐑 𝐇𝐀𝐑 𝐌𝐀𝐇𝐀𝐃𝐄𝐕♥️* ┗ *━━━━━━━━━━━━━━━━┛*1
- कानपुर–असारवा साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेन का संचालन कल से होगा,केशवरायपाटन रेल्वे स्टेशन पर होगा ठहराव1
- जयकारों से गूंजा लालसोट, निकली खाटू श्याम की विशाल निशान यात्रा लालसोट। श्री श्याम सेवक परिवार के नेतृत्व में खाटू श्याम की भव्य निशान यात्रा निकाली गई। यात्रा मंडलेश्वर महादेव मंदिर, नई अनाज मंडी से शुरू होकर शहर के प्रमुख बाजारों से होती हुई खाटू श्याम मंदिर पहुंची। करीब 3 किमी लंबी यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु निशान लेकर शामिल हुए। रास्ते में जगह-जगह स्वागत हुआ और श्रद्धालुओं ने गुलाल उड़ाकर व जयकारों के साथ माहौल भक्तिमय बना दिया।4
- Post by Noshad ahmad qureshi1
- Post by Sandeep Gupta1