Shuru
Apke Nagar Ki App…
रणथंभौर नेशनल पार्क में रविवार को 7 साल की बाघिन टी-111 (शक्ति) ने मगरमच्छ का शिकार किया। बाघिन टी-111 (शक्ति) ने मगरमच्छ का शिकार सवाई माधोपुर रणथंभौर नेशनल पार्क में रविवार को 7 साल की बाघिन टी-111 (शक्ति) ने मगरमच्छ का शिकार किया। घटना सुबह की सफारी के दौरान जोन नंबर 4 के जामुन देह क्षेत्र में करीब 9 बजे हुई। बाघिन तालाब के किनारे घात लगाकर बैठी हुई थी। जैसे ही मगरमच्छ तालाब के किनारे आया, वह उस पर टूट पड़ी और जबड़े में कसकर दबोच लिया। मगरमच्छ को संभलने का मौका तक नहीं मिला। करीब 10 मिनट तक बाघिन और मगरमच्छ के बीच संघर्ष चला, जिसमें मगरमच्छ मारा गया। बाघिन उसे खींचकर चट्टानों पर ले गई। पर्यटकों ने इसका वीडियो बना लिया। इसमें बाघिन के जबड़े में मगरमच्छ दबा हुआ दिखाई दे रहा है।
Rakesh Agarwal
रणथंभौर नेशनल पार्क में रविवार को 7 साल की बाघिन टी-111 (शक्ति) ने मगरमच्छ का शिकार किया। बाघिन टी-111 (शक्ति) ने मगरमच्छ का शिकार सवाई माधोपुर रणथंभौर नेशनल पार्क में रविवार को 7 साल की बाघिन टी-111 (शक्ति) ने मगरमच्छ का शिकार किया। घटना सुबह की सफारी के दौरान जोन नंबर 4 के जामुन देह क्षेत्र में करीब 9 बजे हुई। बाघिन तालाब के किनारे घात लगाकर बैठी हुई थी। जैसे ही मगरमच्छ तालाब के किनारे आया, वह उस पर टूट पड़ी और जबड़े में कसकर दबोच लिया। मगरमच्छ को संभलने का मौका तक नहीं मिला। करीब 10 मिनट तक बाघिन और मगरमच्छ के बीच संघर्ष चला, जिसमें मगरमच्छ मारा गया। बाघिन उसे खींचकर चट्टानों पर ले गई। पर्यटकों ने इसका वीडियो बना लिया। इसमें बाघिन के जबड़े में मगरमच्छ दबा हुआ दिखाई दे रहा है।
More news from Rajasthan and nearby areas
- बाघिन टी-111 (शक्ति) ने मगरमच्छ का शिकार सवाई माधोपुर रणथंभौर नेशनल पार्क में रविवार को 7 साल की बाघिन टी-111 (शक्ति) ने मगरमच्छ का शिकार किया। घटना सुबह की सफारी के दौरान जोन नंबर 4 के जामुन देह क्षेत्र में करीब 9 बजे हुई। बाघिन तालाब के किनारे घात लगाकर बैठी हुई थी। जैसे ही मगरमच्छ तालाब के किनारे आया, वह उस पर टूट पड़ी और जबड़े में कसकर दबोच लिया। मगरमच्छ को संभलने का मौका तक नहीं मिला। करीब 10 मिनट तक बाघिन और मगरमच्छ के बीच संघर्ष चला, जिसमें मगरमच्छ मारा गया। बाघिन उसे खींचकर चट्टानों पर ले गई। पर्यटकों ने इसका वीडियो बना लिया। इसमें बाघिन के जबड़े में मगरमच्छ दबा हुआ दिखाई दे रहा है।1
- उनियारा.ककोड कस्बे के शीतला माता मोहल्ले में पिछले कई दिनों से गहराते जल संकट ने स्थानीय निवासियों का जीना दूभर कर दिया है। भीषण गर्मी के बीच पानी की एक-एक बूंद के लिए मोहल्ले वासी तरस रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस गंभीर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। समस्या की गंभीरता मोहल्ले वासियों का कहना है कि नलों में पानी नहीं आने के कारण उन्हें दूर-दराज के इलाकों या हैंडपंपों से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि मोहल्ले में लगा हैंडपंप भी खारा और लाल पानी उगल रहा है, जो पीने योग्य नहीं है। प्रशासनिक लापरवाही के आरोप स्थानीय लोगों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। मोहल्ले के निवासियों ने बताया कि: उन्होंने जेईएन (JEN), लाइनमैन और सरपंच से कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों के अनुसार, पास की अन्य गलियों में तो पानी की नियमित आपूर्ति हो रही है, लेकिन शीतला मोहल्ले के साथ पक्षपात किया जा रहा है। एक निवासी ने बताया कि सरपंच ने तीन दिन पहले पाइप लाइन डलवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। निवासियों की पुकार मोहल्ले के एक युवक ने कहा, "हम पिछले 15 दिनों से बेहद परेशान हैं। न नहाने के लिए पानी है और न ही पीने के लिए। हमने सरपंच को वीडियो भी भेजा, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।" महिलाओं ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस संकट को कितनी गंभीरता से लेता है।1
- Post by Sandeep Gupta1
- 🌿🍂 ❤️🩹🙇🏻♂️ *रहमतों के फूल बरसते हैं,* *जब महादेव का दीदार होता है...😍* *बड़े ही किस्मत वाले होते हैं,* *जिनको महादेव से प्यार होता है..!!😍❤️* ┏ *━━━━━━━━━━━━━━━━┓* *♥️ 𝐇𝐀𝐑 𝐇𝐀𝐑 𝐌𝐀𝐇𝐀𝐃𝐄𝐕♥️* ┗ *━━━━━━━━━━━━━━━━┛*1
- Post by Noshad ahmad qureshi1
- जयकारों से गूंजा लालसोट, निकली खाटू श्याम की विशाल निशान यात्रा लालसोट। श्री श्याम सेवक परिवार के नेतृत्व में खाटू श्याम की भव्य निशान यात्रा निकाली गई। यात्रा मंडलेश्वर महादेव मंदिर, नई अनाज मंडी से शुरू होकर शहर के प्रमुख बाजारों से होती हुई खाटू श्याम मंदिर पहुंची। करीब 3 किमी लंबी यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु निशान लेकर शामिल हुए। रास्ते में जगह-जगह स्वागत हुआ और श्रद्धालुओं ने गुलाल उड़ाकर व जयकारों के साथ माहौल भक्तिमय बना दिया।4
- लालसोट उपखंड में आज रविवार को श्याम संकल्प सेवा समिति के तत्वाधान में नई अनाज मंडी से विशाल निशान यात्रा निकाली गई। निशान यात्रा में हजारों की संख्या में श्याम भक्तों जिसमें महिला- पुरुषों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। निशान यात्रा के दौरान श्याम भक्तों के हाथों में श्याम निशान लिए श्याम भक्त श्याम बाबा के जयकारों के साथ के रवाना हुए। सभी श्याम भक्तों ने निशान यात्रा के दौरान केसरिया रंग के वस्त्र धारण किए हुए थे। जिसके कारण पूरा वातावरण श्याम मय हो रहा था। वही निशान यात्रा के दौरान श्याम भक्तों का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत सत्कार किया गया। निशान यात्रा में श्याम वक्त नाचते गाते हुए श्याम भजनों का आनंद लेते हुए रवाना हुए। वही जगह-जगह श्याम भक्तों द्वारा शीतल पेय जल की व्यवस्था भी की गई। यह निशान यात्रा लगभग 1 किलोमीटर लंबी थी जिसके कारण देखने वालों का मेला सा लगा रहा। सभी श्याम भक्तों ने इस निशान यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लिया। वही श्याम बाबा का भव्य श्रृंगार किया गया। श्याम संकल्प सेवा समिति के कार्यकर्ता अपनी व्यवस्थाएं बनाकर इस निशान यात्रा में सहयोग करते हुए नजर आए। वहीं पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा।2
- *सवाई माधोपुर,5 अप्रेल ।* रणथंभौर टाइगर रिजर्व क्षेत्र के कुशालीपुरा रेंज में वन विभाग की रेस्क्यू टीम द्वारा एक मादा पैंथर शावक का सफल रेस्क्यू कर उपचार के बाद सुरक्षित रूप से पुनः वन क्षेत्र में छोड़ा गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 6 माह की मादा पैंथर शावक अपनी मां से बिछड़ने के कारण डिहाइड्रेशन की स्थिति में मिली। रेस्क्यू टीम के सदस्य जसकरण मीणा द्वारा तत्परता दिखाते हुए शावक को सुरक्षित रेस्क्यू कर रणथंभौर टाइगर रिजर्व स्थित वन्यजीव चिकित्सालय लाया गया। उप वन संरक्षक मानस सिंह के निर्देशन में शावक का उपचार किया गया। उप निदेशक (पशु चिकित्सा) डॉ. चंद्र प्रकाश मीणा ने बताया कि शावक को फ्लूड थेरेपी, ऑक्सीजन थेरेपी एवं जीवन रक्षक दवाइयां देकर उपचारित किया गया, जिससे उसकी स्थिति में शीघ्र सुधार हुआ। स्वास्थ्य लाभ के पश्चात मादा शावक को सावधानीपूर्वक उसकी मां के संभावित क्षेत्र (टेरिटरी) में पुनः छोड़ दिया गया, ताकि वह प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित रह सके। वन विभाग की इस त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई से एक दुर्लभ वन्यजीव का जीवन बचाया जा सका है। —000—1