चौतरा में बंजारा समाज ने हर्षोल्लास से मनाई धुलंडी, गैर नृत्य की रही धूम सीमलवाड़ा। चौतरा क्षेत्र में धुलंडी पर्व को लेकर उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा। चौतरा गांव में बंजारा समाज की ओर से धुलंडी पर्व बड़े हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। भाजपा मंडल उपाध्यक्ष उदयलाल बंजारा के निवास पर आयोजित गैर नृत्य महोत्सव में समाज के महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और जमकर गैर नृत्य खेला। सुबह से ही समाज के लोग एकत्रित होने लगे। ढोल, कुंडी और थाली की थाप पर पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियों ने गोल घेरा बनाकर गैर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। रंग-गुलाल की बौछारों के बीच पूरा वातावरण फागुन के रंग में रंगा नजर आया। एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर धुलंडी की शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम के दौरान भाजपा मंडल उपाध्यक्ष उदयलाल बंजारा ने सभी को धुलंडी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और परंपराओं के संरक्षण का संदेश देते हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेज कर रखने का आह्वान किया। महिलाओं ने भी पारंपरिक गीतों पर गैर नृत्य में सहभागिता निभाई, जिससे कार्यक्रम में विशेष उत्साह का संचार हुआ। बच्चों में भी पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। पूरे आयोजन के दौरान सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहा। अंत में समाजजनों द्वारा प्रसाद वितरण किया गया तथा सभी ने मिलकर पर्व को आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ मनाने का संकल्प लिया। धुलंडी के इस आयोजन ने चौतरा में उत्सव जैसा माहौल बना दिया।
चौतरा में बंजारा समाज ने हर्षोल्लास से मनाई धुलंडी, गैर नृत्य की रही धूम सीमलवाड़ा। चौतरा क्षेत्र में धुलंडी पर्व को लेकर उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा। चौतरा गांव में बंजारा समाज की ओर से धुलंडी पर्व बड़े हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। भाजपा मंडल उपाध्यक्ष उदयलाल बंजारा के निवास पर आयोजित गैर नृत्य महोत्सव में समाज के महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और जमकर गैर नृत्य खेला। सुबह से ही समाज के लोग एकत्रित होने लगे। ढोल, कुंडी और थाली की थाप पर पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियों ने गोल घेरा बनाकर गैर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। रंग-गुलाल की बौछारों के बीच पूरा वातावरण फागुन के रंग में रंगा नजर आया। एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर धुलंडी की शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम के दौरान भाजपा मंडल उपाध्यक्ष उदयलाल बंजारा ने सभी को धुलंडी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और परंपराओं के संरक्षण का संदेश देते हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेज कर रखने का आह्वान किया। महिलाओं ने भी पारंपरिक गीतों पर गैर नृत्य में सहभागिता निभाई, जिससे कार्यक्रम में विशेष उत्साह का संचार हुआ। बच्चों में भी पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। पूरे आयोजन के दौरान सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहा। अंत में समाजजनों द्वारा प्रसाद वितरण किया गया तथा सभी ने मिलकर पर्व को आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ मनाने का संकल्प लिया। धुलंडी के इस आयोजन ने चौतरा में उत्सव जैसा माहौल बना दिया।
- सीमलवाड़ा। चौतरा क्षेत्र में धुलंडी पर्व को लेकर उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा। चौतरा गांव में बंजारा समाज की ओर से धुलंडी पर्व बड़े हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। भाजपा मंडल उपाध्यक्ष उदयलाल बंजारा के निवास पर आयोजित गैर नृत्य महोत्सव में समाज के महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और जमकर गैर नृत्य खेला। सुबह से ही समाज के लोग एकत्रित होने लगे। ढोल, कुंडी और थाली की थाप पर पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियों ने गोल घेरा बनाकर गैर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। रंग-गुलाल की बौछारों के बीच पूरा वातावरण फागुन के रंग में रंगा नजर आया। एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर धुलंडी की शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम के दौरान भाजपा मंडल उपाध्यक्ष उदयलाल बंजारा ने सभी को धुलंडी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और परंपराओं के संरक्षण का संदेश देते हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेज कर रखने का आह्वान किया। महिलाओं ने भी पारंपरिक गीतों पर गैर नृत्य में सहभागिता निभाई, जिससे कार्यक्रम में विशेष उत्साह का संचार हुआ। बच्चों में भी पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। पूरे आयोजन के दौरान सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहा। अंत में समाजजनों द्वारा प्रसाद वितरण किया गया तथा सभी ने मिलकर पर्व को आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ मनाने का संकल्प लिया। धुलंडी के इस आयोजन ने चौतरा में उत्सव जैसा माहौल बना दिया।1
- सागवाड़ा। शहर सहित गांवों में सोमवार शाम को शुभ मुहूर्त अनुसार होलिका पूजन कर होली दहन किया गया। परंपरा के मुताबिक नगर पालिका की ओर से मांडवी चौक पर होलिका दहन हुआ। होली की आग को ले जाकर विभिन्न मोहल्लों में होली जलाई गई। मांडवी चौक पर पंडि़त विनय शुक्ला के मंत्रोच्चार के साथ एसडीएम सुबोध सिंह चारण, पूर्व पालिकाध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया सहित गणमान्य नागरिकों द्वारा विधिविधान पूर्वक पूजन किया गया। जिसके बाद होली दहन हुआ।1
- Post by Rajendra Tabiyar1
- कोकापुर में ग्रामीणों ने होली के धधकते अंगारे नंगे पांव पार किए कोकापुर के ग्रामीणों ने होली के धधकते अंगारे नंगे पांव पार करने की अपनी सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए शौर्य प्रदर्शन किया। मंगलवार को अल सुबह बुजुर्ग व युवा स्नान करके भीगे हुए वस्त्रों में ही होली चौक पहुंचे। जहां ढोल व कुंडियों की थाप और होली माता के जयकारों के बीच होली माता को धोक लगाकर दहकते होली के अंगारों पर चल कर जलती होली को पार कर लिया। यह सिलसिला एक के बाद एक चलता रहा। जिसे देखने के लिए गांव सहित आसपास क्षेत्रो के लोग उमड़ पड़े। जलते होली के अंगारों को पार करते ग्रामीणों को देखकर हरकोई हैरान था । इसमें भाग लेने वाले ग्रामीणों का गांव के सर्व समाज की ओर से बहुमान किया गया। • अखिलेश पंड्या3
- कुशलगढ़ नगर में धूलंडी पर्व हर्षोल्लास और सामाजिक समरसता के साथ मनाया गया। गली-मोहल्लों में रंग-गुलाल की फुहारों से शहर रंगमय नजर आया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक विद्या निकेतन में एकत्रित होकर घोष व वंदन के साथ “राणा की जय, शिवाजी की जय” उद्घोष करते हुए नगर भ्रमण पर निकले और अनुशासित ढंग से होली खेली। प्रशासनिक अधिकारियों, विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं महिलाओं ने भी आपसी सद्भाव से गुलाल लगाकर पर्व मनाया। युवाओं की टोलियां उत्साह में झूमती दिखीं। खंड संचालक कैलाश राव ने होली को सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया। पूर्व संसदीय सचिव भीमाबाई डामोर, बैंक अधिकारी जितेंद्र राठौर, तहसीलदार हरीश सोनी, समाजसेवी मुकेश अग्रवाल, समाजसेवी मनोहर कावड़िया और एडवोकेट हरेंद्र पाठक ने प्रेम, एकता और सद्भाव से पर्व मनाने का संदेश दिया। इस दौरान वरिष्ठ रमेश तलेसेरा का जन्मदिन भी संगठन के लोगों ने मनाया।1
- बांसवाड़ा में हो रहे 2026 की होली बहुत ही धूमधाम से मनाया गया जिसमें सभी महिला पुरुष और गाजे बाजे के साथ होली का आनंद ले रहे हैं1
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी मोहकमपुरा में जलती होली देखने उमड़ा जनसैलाब राजस्थान के बांसवाड़ा जिले सहित ग्रामीण अंचलों में रिति रिवाज संस्कृति अध्यात्म के साथ हुआं होलीका का दहन बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र के मध्यप्रदेश की सिमा से सटे बड़ी सरवा, पाटन,छोटी सरवा व मोहकमपुरा में होलीका दहन को देखने जन सैलाव उमड़ा इतना ही नहीं मोहकमपुरा में जब होलीका दहन हो रहा था तब गांव के लोग फागुन के गीत गाते हुए इस पवित्र त्योहार को मना कर खुशी का इजहार कर रहे थे1
- धुलंडी पर क्षेत्र रंगों में सराबोर, बंजारा व डामोर समाज की पारंपरिक गैर रही आकर्षण का केंद्र सीमलवाड़ा क्षेत्र में होली एवं धुलंडी का पर्व इस वर्ष भी बड़े हर्षोल्लास, उमंग और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। सोमवार रात विधि-विधान से होलिका दहन के पश्चात मंगलवार को धुलंडी के दिन सुबह से ही गांव-गांव में रंगों की फुहार और ढोल की थाप सुनाई देने लगी। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी रंग-गुलाल में सराबोर नजर आए तथा एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। बांसिया में बंजारा समाज की पारंपरिक गैर ने मोहा मन गोविंद गुरु की जन्मस्थली ग्राम पंचायत बांसिया स्थित मंडेरी बंजारा टांडा में बंजारा समाज द्वारा पारंपरिक गैर नृत्य का भव्य आयोजन किया गया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे युवाओं एवं बुजुर्गों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर गोल घेरा बनाकर पारंपरिक शैली में गैर खेली। गैर के दौरान पारंपरिक लोकधुनों और उत्साहपूर्ण हुंकारों से पूरा टांडा गूंज उठा। बंजारा समाज की गैर की विशेषता उसकी अनुशासित चाल, लयबद्ध डंडों की टकराहट और सामूहिक प्रस्तुति रही, जो उनकी सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। महिलाओं ने भी पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित रहकर पर्व की शोभा बढ़ाई। बच्चों ने भी एक-दूसरे को रंग लगाकर खुशियां बांटी और उत्सव का आनंद लिया। डामोर क्षेत्र में भी दिखा गैर का उत्साह डामोर बहुल क्षेत्र में भी धुलंडी का पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। यहां डामोर समाज के युवाओं ने पारंपरिक गैर नृत्य प्रस्तुत किया। ढोल की थाप पर कदमताल करते हुए युवाओं ने गोल घेरे में सधी हुई चाल से गैर खेली। गैर के दौरान पारंपरिक गीतों और उत्साहवर्धक नारों से माहौल रोमांचित हो उठा। समाज के बुजुर्गों की उपस्थिति में युवाओं ने अपनी सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन किया। पुनावाड़ा में जनप्रतिनिधियों की रही सहभागिता पुनावाड़ा गांव में धुलंडी के अवसर पर ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से रंगोत्सव मनाया। इस अवसर पर सरपंच मनोहर सिंह डामोर, पुनावाड़ा लैंप्स अध्यक्ष राजसिंह डामोर, पूर्व पंचायत समिति सदस्य धुला भाई डामोर, वार्ड पंच मुकेश डामोर, लक्ष्मण डामोर, वाला भाई, विनोद मालिवाड़, रामा डामोर, सुखा डामोर, लक्ष्मण कालू सहित अनेक जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रंग खेलते हुए क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश पूरे क्षेत्र में धुलंडी का पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। पारंपरिक गैर नृत्यों ने जहां सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत किया, वहीं सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का संदेश भी दिया। रंगों के इस पर्व ने क्षेत्रवासियों के बीच प्रेम, अपनत्व और भाईचारे की भावना को और मजबूत किया।1