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देवभूमि हिमाचल प्रदेश में भजन भक्ति के साथ महामाई के चरणों में हाजिर शिरकत करते हैं महामाई की भक्ति
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देवभूमि हिमाचल प्रदेश में भजन भक्ति के साथ महामाई के चरणों में हाजिर शिरकत करते हैं महामाई की भक्ति
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- *हमीरपुर बस स्टैंड के पास बड़ा खतरा! अधूरी खुदाई से हादसे का डर | PWD पर उठे सवाल*1
- सुजानपुर जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शनिवार को सुजानपुर में व्यापारी वर्ग से मुलाकात करके एक बैठक का आयोजन किया आयोजित इस बैठक में लाइसेंस रजिस्ट्रेशन एवं नवीकरण को लेकर जानकारी दी गई जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से विभागीय उच्च अधिकारी असिस्टेंट कमिश्नर महेश कश्यप डॉक्टर अभिषेक ठाकुर ने विभाग के नए नियमों को लेकर व्यापारी वर्ग को जागरूक किया उन्होंने बताया कि एक अप्रैल 2026 से लाइसेंस बनाने को लेकर नए नियम निर्धारित किए गए हैं अब यह लाइसेंस व्यापारी वर्ग की वार्षिक टर्नओवर के मुताबिक बनाया जाएगा और इस व्यापारी अपनी सुविधा अनुसार कितने वर्ष का बनाना है इसको लेकर बनवा सकते हैं इसमें व्यापारी वर्ग को जितने वर्ष का यह लाइसेंस बना है उतने वर्ष की इकट्ठी फीस जमा करवानी होगी यहां लाइसेंस बनाने के साथ-साथ व्यापारी को भी अपना मेडिकल हर 6 महीने के बाद बनाना होगा इसके साथ-साथ जो व्यापारिक प्रतिष्ठान में कर्मचारी काम कर रहे हैं उनके मेडिकल भी बनवाने होंगे अधिकारियों ने कहा कि आपका लाइसेंस नवीकरण जिस दिन आपका लाइसेंस समाप्त हो रहा है उससे एक सप्ताह पहले बनाना सुनिश्चित करें आप इसे इससे पहले भी बनवा सकते हैं लेकिन समय अवधि पूरी होने के बाद अगर आप इस लाइसेंस को बनाते हैं तो आपको तीन गुना पेनल्टी के साथ इसे बनाना होगा ऐसे में व्यापारी इस बात का पूरा ध्यान रखें उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से लाइसेंस बनवाया जा सकता है इसे लोक मित्र केंद्र में बनवाये आपको जिला मुख्यालय में आने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि ऑफलाइन इसकी कोई भी कार्रवाई नहीं होती लाइसेंस बनाने के लिए आपको ऑनलाइन प्रक्रिया को ही पूरा करना है इस मौके पर विभाग की टीम ने होली मेला ग्राउंड में जाकर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच की और नियम न मानने वालों को निर्देश जारी किए अधिकारियों ने कहा कि समय-समय पर सुजानपुर में पहुंचकर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर जांच पड़ताल की जाती रही है और आगे भी की जाएगी उन्होंने व्यापारी वर्ग से आह्वान किया कि नियमों की पालना करें गुणवत्ता के साथ स्वच्छता का पूरा ख्याल रखें इस मौके पर विभाग की ओर से असिस्टेंट कमिश्नर महेश कश्यप विभागीय अधिकारी डॉ अभिषेक ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे यहां पहुंचे अधिकारियों का व्यापार मंडल सुजानपुर के अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता महासचिव गौरव जैन सहित व्यापारी वर्ग ने स्वागत किय1
- पुलिस थाना भराड़ी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत डंगार के गांव रोपड़ी में एक 20 वर्षीय युवक द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, रोपड़ी निवासी राहुल देव सुबह काफी देर तक जब अपने कमरे से बाहर नहीं निकला,तो परिजनों ने उसे कई बार आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। आशंका होने पर परिजनों ने आसपास के लोगों को बुलाया और दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए, जहां युवक पंखे से फंदा लगाए लटका हुआ था। मृतक की पहचान राहुल देव (20) पुत्र पवन कुमार निवासी गांव रोपड़ी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृतक के पिता सीआरपीएफ में कार्यरत हैं और वर्तमान में पश्चिम बंगाल में सेवाएं दे रहे हैं। अभी दस दिन पहले ही वह छुट्टी पूरी करके लौटे थे। युवक अपने परिवार का एकलौता बेटा था, जिससे घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक की माता के अनुसार,मृतक ने हर रोज की तरह रात को खाना खाया और सोने के लिए अपने कमरे में चला गया था। परिजनों का कहना है कि घर में किसी प्रकार की कोई कहासुनी नहीं हुई थी। बताया जा रहा है कि मृतक घुमारवीं में एक निजी संस्थान से आई.टी.आई कर रहा था। परिजनों ने आशंका जताई है कि संभवतः आईटीआई संस्थान के किसी जान-पहचान यह अन्य किसी और के साथ उसकी कोई बात हुई हो, जिससे उसने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस थाना भराड़ी की टीम प्रभारी बलवीर सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू की। वहीं, डीएसपी घुमारवीं विशाल वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है ।2
- हमीरपुर पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण विषय उठाते हुए केंद्र सरकार से गोविंद सागर (भाखड़ा बांध) और महाराणा प्रताप सागर (पोंग बांध) जलाशयों के लिए समयबद्ध एवं समग्र एक्वाकल्चर विकास योजना तैयार करने की मांग की। इन दोनों जलाशयों का संयुक्त जल क्षेत्र लगभग 42,000 हेक्टेयर है, जो ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों में मत्स्य आधारित आर्थिक विकास की अपार संभावनाएं प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति देश के दो सबसे बड़े मानव निर्मित जलाशयों के बीच होने के कारण विशेष महत्व रखती है, जो ब्लू रिवोल्यूशन और सतत मत्स्य विकास के लक्ष्य के अनुरूप है। उन्होंने आधुनिक फिश लैंडिंग केंद्र, आइस प्लांट, ट्राउट एवं कार्प हैचरी, केज कल्चर विस्तार और सीधे विपणन तंत्र को शामिल करते हुए एक सुनियोजित योजना बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही ब्लू रिवोल्यूशन योजना के अंतर्गत बुनियादी ढांचे, फिश सीड स्टॉकिंग, मछुआरों के कल्याण तथा राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड द्वारा रेसवे यूनिट, बीज उत्पादन, पोस्ट-हार्वेस्ट सुविधाएं और कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए विशेष परियोजनाएं शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 24 मार्च 2026 को लोकसभा में पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए ₹155.48 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें केंद्र का अंश ₹79.47 करोड़ है। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जिला ऊना के गगरेट में ₹5.17 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना को मत्स्य एवं एक्वाकल्चर अवसंरचना विकास निधि के तहत स्वीकृति दी गई है। यह केंद्र प्रदेश के मछुआरों, मत्स्य पालकों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों, सर्वोत्तम प्रथाओं और तकनीकी मार्गदर्शन से प्रशिक्षित करेगा तथा हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगा। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को जारी निधि में निरंतर वृद्धि हुई है। वर्ष 2021–22 में ₹12.65 करोड़, 2022–23 में ₹13.10 करोड़, 2023–24 में ₹5.62 करोड़ और 2024–25 में ₹14.76 करोड़ की राशि जारी की गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड द्वारा अवसंरचना और बीज उत्पादन के लिए नियमित सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में मत्स्य उत्पादन में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021–22 में 16,015.81 मीट्रिक टन उत्पादन से बढ़कर 2024–25 में यह 19,019.83 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जबकि चालू वित्त वर्ष में फरवरी 2026 तक 16,861.06 मीट्रिक टन उत्पादन दर्ज किया जा चुका है। दोनों प्रमुख जलाशयों में व्यावसायिक पंगासियस मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 48 केज स्थापित किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक जलाशय में 24-24 केज शामिल हैं। पोंग बांध में 15 और गोविंद सागर में 8 लैंडिंग केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा 697 मछुआरों को नाव और जाल उपलब्ध कराए गए हैं। पिछले तीन वर्षों में 9,208 मछुआरों को क्लोज सीजन सहायता प्रदान की गई है और बीमा योजना के तहत मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर ₹5 लाख तथा आंशिक विकलांगता पर ₹2.50 लाख का प्रावधान है। आने वाले पांच वर्षों के लिए दोनों जलाशयों में प्रति वर्ष 600 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के मत्स्य क्षेत्र पर केंद्र सरकार के विशेष ध्यान पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि गगरेट में मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र की स्वीकृति पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, एफआईडीएफ और ब्लू रिवोल्यूशन के तहत किए जा रहे निवेश प्रदेश के नदियों और जलाशयों पर निर्भर लोगों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। गोविंद सागर और महाराणा प्रताप सागर के लिए प्रस्तावित समग्र योजना हिमाचल के चार जिलों में मछुआरा समुदाय के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाएगी।1
- Post by Dinesh Kumar1
- बजट घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित—स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकताएं पूरी तरह विफल : डॉ. जनक राज स्क्रब टाइफस रिसर्च यूनिट, डायलिसिस, लैब, एंबुलेंस—अधिकांश घोषणाएं धरातल पर नहीं : जनक राज1
- Post by Himachal Update 24 News1
- *मंडी पुलिस का बड़ा एक्शन! 9 ITMS सेंटर शुरू, 39 हजार चालान | SP Vinod Kumar का बयान*1
- सुजानपुर सुजानपुर में रसोई गैस सिलेंडर को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। यहां एक महिला ने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के सामने ही गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गैस सिलेंडर 1500 रुपये में ब्लैक में बेचा जा रहा है। महिला के इस बयान के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों में भी भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। आम जनता का कहना है कि अगर सच में सिलेंडर ब्लैक में बेचे जा रहे हैं, तो यह सीधे-सीधे गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर डाका है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह आरोप सीधे अधिकारियों की मौजूदगी में लगाया गया, जिससे अब खाद्य आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर अगर विभाग मौके पर मौजूद है, तो फिर इस तरह की कालाबाज़ारी कैसे हो रही है? अब देखना यह होगा कि खाद्य आपूर्ति विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है, क्या ब्लैक में सिलेंडर बेचने वालों पर शिकंजा कसेगा या फिर मामला केवल जांच तक ही सीमित रह जाएगा। सुजानपुर की जनता अब जवाब चाहती है… सिलेंडर 1500 में क्यों? और किसके संरक्षण में चल रहा है ये खेल?2