सागर में श्री प्रेम प्रसारिणी सनाढ्य सभा ने अपनी स्थापना के 106 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'विश्व पर्यावरण संरक्षण' और 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। यह आयोजन लेधरा नाका स्थित कड़ान (बड़ी) नदी पुल के घाट पर सुबह 8:00 बजे से वरिष्ठ सभासद व मुख्य मार्गदर्शक इंजीनियर पंडित राजेश मिश्रा के तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस दौरान सनाढ्य समाज के बंधुओं ने सामूहिक रूप से श्रमदान कर कड़ान नदी की साफ-सफाई, गहरीकरण व सुंदरीकरण कार्य की शुरुआत की। सभापति पंडित राकेश कुमार दुबे (सिदगुवां) और इंजीनियर राजेश मिश्रा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप जल स्रोतों के संरक्षण के लिए समाज द्वारा सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत कड़ान नदी के उद्गम व बहाव क्षेत्र — ग्राम आमेठ, रजौआ से लेकर ग्राम मैहर में धसान नदी पुल तक — आने वाले सभी सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आगामी पीढ़ी को सुरक्षित पर्यावरण देने के उद्देश्य से 'एक पौधा मां के नाम' अभियान के तहत फलदार पौधों का निःशुल्क वितरण भी किया जाएगा। सेवानिवृत्त वन अधिकारी पंडित ए.के. दीक्षित, संतोष कटारे (रजाखेड़ी) और बलराम पाराशर के नेतृत्व में वर्षा ऋतु के दौरान नदी के दोनों किनारों पर वृहद वृक्षारोपण कर 'हरियाली महोत्सव' मनाया जाएगा। इस अभियान को स्थानीय ग्रामीणों को साथ लेकर जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा, ताकि नदी का जलस्तर बना रहे और पर्यावरण संरक्षित हो सके। इस गरिमामयी आयोजन में मुख्य रूप से सभा के अध्यक्ष व सभापति पंडित राकेश कुमार दुबे सिदगुवां, वरिष्ठ संरक्षक व पूर्व सभापति पंडित नरेश तिवारी, इंजीनियर राजेश मिश्रा, प्रेम नारायण रावत, इन्द्रजीत दुबे, शिव दयाल बड़ोनिया, सुन्दर लाल बचकैया, के.के. दीक्षित, पप्पू तिवारी (शिवसेना), पुरषोत्तम तिवारी, जुगल किशोर उपाध्याय, डॉ. तरुण बड़ोनिया, आनंद दीक्षित, सतीश तिवारी, अमित शर्मा, अनुराग पाराशर, रोहित तिवारी (सानोधा), प्रशांत तिवारी, रविकेश तिवारी, अक्षय दुबे (सिदगुवां), आकाश दुबे, गजेश पाठक, अंबिका प्रसाद उपाध्याय, मनोज तिवारी (रजौआ), नर्मदा प्रसाद दुबे, संजू दुबे (मैहर-बांदरी), श्रीकांत दुबे, पुरषोत्तम उपाध्याय, बर्दी प्रसाद भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे।
सागर में श्री प्रेम प्रसारिणी सनाढ्य सभा ने अपनी स्थापना के 106 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'विश्व पर्यावरण संरक्षण' और 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। यह आयोजन लेधरा नाका स्थित कड़ान (बड़ी) नदी पुल के घाट पर सुबह 8:00 बजे से वरिष्ठ सभासद व मुख्य मार्गदर्शक इंजीनियर पंडित राजेश मिश्रा के तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस दौरान सनाढ्य समाज के बंधुओं ने सामूहिक रूप से श्रमदान कर कड़ान नदी की साफ-सफाई, गहरीकरण व सुंदरीकरण कार्य की शुरुआत की। सभापति पंडित राकेश कुमार दुबे (सिदगुवां) और इंजीनियर राजेश मिश्रा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप जल स्रोतों के संरक्षण के लिए समाज द्वारा सर्वसम्मति
से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत कड़ान नदी के उद्गम व बहाव क्षेत्र — ग्राम आमेठ, रजौआ से लेकर ग्राम मैहर में धसान नदी पुल तक — आने वाले सभी सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आगामी पीढ़ी को सुरक्षित पर्यावरण देने के उद्देश्य से 'एक पौधा मां के नाम' अभियान के तहत फलदार पौधों का निःशुल्क वितरण भी किया जाएगा। सेवानिवृत्त वन अधिकारी पंडित ए.के. दीक्षित, संतोष कटारे (रजाखेड़ी) और बलराम पाराशर के नेतृत्व में वर्षा ऋतु के दौरान नदी के दोनों किनारों पर वृहद वृक्षारोपण कर 'हरियाली महोत्सव' मनाया जाएगा। इस अभियान को स्थानीय ग्रामीणों को साथ लेकर जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा, ताकि
नदी का जलस्तर बना रहे और पर्यावरण संरक्षित हो सके। इस गरिमामयी आयोजन में मुख्य रूप से सभा के अध्यक्ष व सभापति पंडित राकेश कुमार दुबे सिदगुवां, वरिष्ठ संरक्षक व पूर्व सभापति पंडित नरेश तिवारी, इंजीनियर राजेश मिश्रा, प्रेम नारायण रावत, इन्द्रजीत दुबे, शिव दयाल बड़ोनिया, सुन्दर लाल बचकैया, के.के. दीक्षित, पप्पू तिवारी (शिवसेना), पुरषोत्तम तिवारी, जुगल किशोर उपाध्याय, डॉ. तरुण बड़ोनिया, आनंद दीक्षित, सतीश तिवारी, अमित शर्मा, अनुराग पाराशर, रोहित तिवारी (सानोधा), प्रशांत तिवारी, रविकेश तिवारी, अक्षय दुबे (सिदगुवां), आकाश दुबे, गजेश पाठक, अंबिका प्रसाद उपाध्याय, मनोज तिवारी (रजौआ), नर्मदा प्रसाद दुबे, संजू दुबे (मैहर-बांदरी), श्रीकांत दुबे, पुरषोत्तम उपाध्याय, बर्दी प्रसाद भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे।
- सागर की स्टेट कॉलोनी में आयोजित भव्य श्रीराम कथा के दौरान कथाव्यास श्रीमती पुष्पा शास्त्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्री रामचरित मानस का अनुसरण करने से जीवन में धर्म और भक्ति का संचार होता है। इस अवसर पर उन्होंने भगवान विष्णु के राम अवतार के कारणों पर प्रकाश डालते हुए प्रभु राम के बाल्यकाल से लेकर उनके विवाह तक की पावन गाथा का जीवंत वर्णन किया। उनके कथन से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और शिव धनुष के टूटते ही पूरा पंडाल 'जय सियाराम' के उद्घोष से गूंज उठा, जिस पर संगीतमय भजनों पर भक्तों ने जमकर नृत्य किया। श्रीमती शास्त्री ने राजा प्रतापभानु की कथा भी सुनाई, जिसमें एक मायावी राजा एकतन ने संत का वेश धारण कर उन्हें भ्रमित किया और ब्राह्मण भोज का आयोजन करवाया। जब ब्राह्मणों ने भोजन ग्रहण करना चाहा, तभी आकाशवाणी हुई कि भोजन में गोमांस मिला है। इस पर क्रोधित ब्राह्मणों ने राजा प्रतापभानु को राक्षस होने का श्राप दिया, जो बाद में रावण बना। कथाव्यास ने बताया कि इसी रावण के अत्याचारों से पृथ्वी को मुक्त कराने और उसका उद्धार करने के लिए भगवान ने राजा दशरथ के यहाँ श्रीराम के रूप में अवतार लिया था। आगे, जनकपुरी के स्वयंवर का मनोहारी चित्रण करते हुए बताया गया कि मिथिला नरेश राजा जनक की शर्त के अनुसार, अयोध्या के राजकुमार श्रीराम ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से शिव जी के पिनाक धनुष को उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष बीच से टूट गया। श्रीमती पुष्पा शास्त्री ने इसे केवल शारीरिक वीरता का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भक्ति, नम्रता और मर्यादा की चरम अभिव्यक्ति बताया, और कहा कि राम-सीता का विवाह समाज को धर्म, प्रेम और समर्पण का संदेश देता है। यह अवसर केवल श्रीराम और सीता के विवाह का ही नहीं, बल्कि उनके भाइयों लक्ष्मण का उर्मिला से, भरत का मांडवी से और शत्रुघ्न का श्रुतकीर्ति से विवाह संपन्न होने के साथ एक संपूर्ण विवाह महोत्सव में बदल गया। कथा मंच का कुशल संचालन शिवम शास्त्री 'श्रीजी' द्वारा किया गया। इस धार्मिक आयोजन में श्री किशोरीलाल श्रीवास्तव, श्रीमती रमा श्रीवास्तव, श्रीमती शोभा श्रीवास्तव, राजेश-प्रीति श्रीवास्तव, राकेश-राखी श्रीवास्तव, गौरव-साक्षी श्रीवास्तव, रश्मि-मनीष श्रीवास्तव और रजनी-देवेंद्र श्रीवास्तव मुख्य यजमान रहे। श्री राजू शुक्ला, श्री अनिल पांडे, पंडित कमलेश, श्रीमती पीताम्बरा, अनीता चौबे, सुशीला पांडे, सुधीर तिवारी, श्री राजेंद्र मिश्रा, आशा मिश्रा, दिव्या शुक्ला, रमाकांत मिश्रा जी सहित भारी संख्या में भक्तगणों ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कथा के समापन पर श्री करण सिंह राजपूत, पंडित राकेश तिवारी, श्री नंदकिशोर श्रीवास्तव, श्री अभिनंदन उपाध्याय, श्री रजनीश शुक्ला 'राजू', श्रीमती पुष्पा तिवारी, श्रीमती प्रभा राजपूत, श्रीमती तामोशी राय, दुर्गा साहू, भानवती राठौर, मनीषा उपाध्याय और अनीता चौबे ने सभी भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया।2
- सागर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरव्याऊ टोरी में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात एक घर के बाहर खड़ी सीएनजी ऑटो में अज्ञात लोगों द्वारा आग लगाने का मामला सामने आया है। समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि ऑटो में लगी सीएनजी किट और सिलेंडर तक आग पहुंचने से एक बड़ा विस्फोट हो सकता था। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। ऑटो चालक भरत रैकवार ने बताया कि वह शुक्रवार रात अपने ऑटो में सीएनजी भरवाकर घर लौटे थे और वाहन को घर के बाहर ही खड़ा किया था। देर रात करीब 2 बजे उन्हें धुआं और आग की लपटें दिखाई दीं। घर से बाहर आकर देखने पर उन्होंने पाया कि ऑटो के ऊपरी हिस्से में आग लगी हुई थी। उन्होंने तत्काल शोर मचाया और आसपास के लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। रैकवार का कहना है कि यदि आग थोड़ी देर और जलती रहती तो सीएनजी किट और सिलेंडर इसकी चपेट में आ सकते थे, जिससे एक बड़े विस्फोट का खतरा था। पीड़ित चालक का यह भी मानना है कि आग अपने आप नहीं लगी बल्कि किसी ने जानबूझकर वाहन में आग लगाई है, क्योंकि ऑटो का केवल ऊपरी हिस्सा ही जला है। इस घटना में ऑटो को काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे गरीब ऑटो चालक को आर्थिक क्षति हुई है। मामले की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई है। कोतवाली पुलिस फिलहाल घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि अज्ञात आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके।1
- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट विमेंस टी20 विश्व कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक ज़ोरदार मुकाबला रविवार, 14 जून को भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे बर्मिंघम के एडजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा। इस बहुप्रतीक्षित भिड़ंत से पहले, दोनों टीमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट विमेंस टी20 विश्व कप में कुल 16 बार एक-दूसरे के खिलाफ खेल चुकी हैं। इन मुकाबलों के दौरान, पाकिस्तान टीम को 13 बार हार का सामना करना पड़ा है, जबकि उसे बड़ी मुश्किल से सिर्फ 3 बार ही जीत हासिल हो पाई है। यह आगामी मुकाबला भी दोनों टीमों के बीच एक ज़ोरदार भिड़ंत होने की उम्मीद है।2
- मध्य प्रदेश के सागर जिले अंतर्गत केसली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मुख्य आतिथ्य में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना के तहत लाड़ली बहनों के बैंक खातों में राशि का अंतरण किया गया। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया।1
- मध्य प्रदेश के सिलवानी में 73 लाख 60 हजार रुपये मूल्य की 1760 बोरी मूंग रहस्यमय तरीके से गायब हो गई है। यह मामला तब और चौंकाने वाला हो जाता है, जब यह सामने आता है कि जिस जगह से यह सरकारी अनाज गायब हुआ, वहाँ के 11 शटर और सभी ताले पूरी तरह से सलामत पाए गए हैं। इस घटना के बाद अब 'त्रिमूर्ति' के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। जाँच में पहले भी इस तरह के 'खेल' होने की बातें सामने आई हैं, जो सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। पूरे मामले में कई ऐसे सवाल उठ रहे हैं जो व्यवस्था की नींद उड़ा सकते हैं, जैसे कि 'अगर सब कुछ सुरक्षित था, तो मूंग आखिर गई कहाँ?' और क्या 'रक्षक ही भक्षक' बन बैठे हैं? लोग कहते हैं कि मूंग में घुन लगता है, लेकिन सिलवानी के इस मामले में तो पूरी की पूरी मूंग ही गायब हो गई है। यह 'खुरपेंची कहानी' आरोपों और ट्विस्ट से भरी हुई है, जिसमें यह सवाल भी बना हुआ है कि आखिर 'सर्वोदय का गब्बर' कौन है, जिसने सरकारी माल को ही हवा कर दिया।1
- रेलवे प्रशासन द्वारा शिव वार्ड में सागर फाटक से कादंबरी वाटिका तक रेल पटरी के किनारे बने अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई के बाद अब यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है। इस अभियान के तहत कई मकानों को तोड़े जाने से क्षेत्र में सियासी हलचल बढ़ गई है। प्रभावित परिवारों के पक्ष में अपनी बात रखने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की। कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए और उसके बाद ही ऐसी कार्रवाई की जानी चाहिए।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले के केसली में लाड़ली बहना योजना के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में लाड़ली बहनों के बैंक खातों में राशि का अंतरण किया।1
- सागर में श्री प्रेम प्रसारिणी सनाढ्य सभा ने अपनी स्थापना के 106 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'विश्व पर्यावरण संरक्षण' और 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। यह आयोजन लेधरा नाका स्थित कड़ान (बड़ी) नदी पुल के घाट पर सुबह 8:00 बजे से वरिष्ठ सभासद व मुख्य मार्गदर्शक इंजीनियर पंडित राजेश मिश्रा के तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस दौरान सनाढ्य समाज के बंधुओं ने सामूहिक रूप से श्रमदान कर कड़ान नदी की साफ-सफाई, गहरीकरण व सुंदरीकरण कार्य की शुरुआत की। सभापति पंडित राकेश कुमार दुबे (सिदगुवां) और इंजीनियर राजेश मिश्रा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप जल स्रोतों के संरक्षण के लिए समाज द्वारा सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत कड़ान नदी के उद्गम व बहाव क्षेत्र — ग्राम आमेठ, रजौआ से लेकर ग्राम मैहर में धसान नदी पुल तक — आने वाले सभी सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आगामी पीढ़ी को सुरक्षित पर्यावरण देने के उद्देश्य से 'एक पौधा मां के नाम' अभियान के तहत फलदार पौधों का निःशुल्क वितरण भी किया जाएगा। सेवानिवृत्त वन अधिकारी पंडित ए.के. दीक्षित, संतोष कटारे (रजाखेड़ी) और बलराम पाराशर के नेतृत्व में वर्षा ऋतु के दौरान नदी के दोनों किनारों पर वृहद वृक्षारोपण कर 'हरियाली महोत्सव' मनाया जाएगा। इस अभियान को स्थानीय ग्रामीणों को साथ लेकर जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा, ताकि नदी का जलस्तर बना रहे और पर्यावरण संरक्षित हो सके। इस गरिमामयी आयोजन में मुख्य रूप से सभा के अध्यक्ष व सभापति पंडित राकेश कुमार दुबे सिदगुवां, वरिष्ठ संरक्षक व पूर्व सभापति पंडित नरेश तिवारी, इंजीनियर राजेश मिश्रा, प्रेम नारायण रावत, इन्द्रजीत दुबे, शिव दयाल बड़ोनिया, सुन्दर लाल बचकैया, के.के. दीक्षित, पप्पू तिवारी (शिवसेना), पुरषोत्तम तिवारी, जुगल किशोर उपाध्याय, डॉ. तरुण बड़ोनिया, आनंद दीक्षित, सतीश तिवारी, अमित शर्मा, अनुराग पाराशर, रोहित तिवारी (सानोधा), प्रशांत तिवारी, रविकेश तिवारी, अक्षय दुबे (सिदगुवां), आकाश दुबे, गजेश पाठक, अंबिका प्रसाद उपाध्याय, मनोज तिवारी (रजौआ), नर्मदा प्रसाद दुबे, संजू दुबे (मैहर-बांदरी), श्रीकांत दुबे, पुरषोत्तम उपाध्याय, बर्दी प्रसाद भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे।3
- मध्यप्रदेश के सिलवानी में एक नए सिविल अस्पताल के निर्माण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 9 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य इमारत तो खड़ी कर दी गई है, लेकिन यह केवल ऊपरी दिखावा है, जहाँ 'लिपाई-पुताई' के खेल के तहत खोखले सिस्टम की दरारों को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि मरीजों को आज भी असली इलाज नसीब नहीं हो रहा है। इस नई इमारत को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिसमें पूछा जा रहा है कि क्या यह सिलवानी का नया सिविल अस्पताल है या मरीजों को सीधे भोपाल रवाना करने वाला एक नया 'वीआईपी रेफरल सेंटर' बन गया है। आरोप है कि इमारत बन गई है, पर इसके अंदर इलाज करने के लिए डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। जनता की मांग है कि उन्हें ईंट-गारे का भव्य दिखावा नहीं, बल्कि मरीजों के लिए वास्तविक उपचार सुविधाएँ मिलें। इसके साथ ही, वीआईपी उद्घाटन की जल्दबाजी में दीवारों की दरारों को छुपाने के प्रयासों पर भी सवाल उठाए गए हैं, जो इस 'खोखले सिस्टम' की सच्चाई को उजागर करता है।1