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कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया का स्वागत केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा हिमाचल के हकों को रोक रही आपदा की ग्रांट को नहीं किया जारी हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के बाद पहली बार अपने गृह जिले में पहुंचने पर कुलदीप सिंह पठानिया का शानदार स्वागत किया गया। वीरवार को जिला हमीरपुर के प्रवेश द्वार उखली में राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती, विभिन्न बोर्डों.निगमों के निदेशक मंडल के सदस्यों, जिला के अन्य कांग्रेसी नेताओं कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने कुलदीप सिंह पठानिया का स्वागत किया। कुलदीप सिंह पठानिया ने इस नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वह अपने दायित्व का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के विश्वास पर पूरी तरह खरा उतरेंगे। बाइट कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल के विकास को रोक रही है। आपदा की ग्रांट केंद्र की तरफ से जारी नहीं की गई है तथा आर आरडीजी को बंद किया गया है। इसका असर अगे कई सालों तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था और लोगों पर होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रही है। बाइट कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री हिमाचल के हकों की आवाज उठाने के लिए केंद्र सरकार के पास गए थे। उसका कोई असर नहीं हुआ। आपदा में बहुत सारा सेब मार्केट में नहीं पहुंच सका जिस कारण बागवानों को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सरकार हिमाचल के विकास में हर तरह की अड़चन अड़ाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों से केंद्र सरकार ने अपना कोई योगदान हिमाचल को नहीं दिया है।

15 hrs ago
user_खबरी लाल
खबरी लाल
रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
15 hrs ago

कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया का स्वागत केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा हिमाचल के हकों को रोक रही आपदा की ग्रांट को नहीं किया जारी हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के बाद पहली बार अपने गृह जिले में पहुंचने पर कुलदीप सिंह पठानिया का शानदार स्वागत किया गया। वीरवार को जिला हमीरपुर के प्रवेश द्वार उखली में राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती, विभिन्न बोर्डों.निगमों के निदेशक मंडल के सदस्यों, जिला के अन्य कांग्रेसी नेताओं कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने कुलदीप सिंह पठानिया का स्वागत किया। कुलदीप सिंह पठानिया ने इस नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वह अपने दायित्व का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के विश्वास पर पूरी तरह खरा उतरेंगे। बाइट कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल के विकास को रोक रही है। आपदा की ग्रांट केंद्र की तरफ से जारी नहीं की गई है तथा आर आरडीजी को बंद किया गया है। इसका असर अगे कई सालों तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था और लोगों पर होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रही है। बाइट कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री हिमाचल के हकों की आवाज उठाने के लिए केंद्र सरकार के पास गए थे। उसका कोई असर नहीं हुआ। आपदा में बहुत सारा सेब मार्केट में नहीं पहुंच सका जिस कारण बागवानों को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सरकार हिमाचल के विकास में हर तरह की अड़चन अड़ाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों से केंद्र सरकार ने अपना कोई योगदान हिमाचल को नहीं दिया है।

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  • हमीरपुर नशा मुक्त अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भोरंज की उपमंडल स्तरीय नशा निवारण समिति विशेष प्रयास कर रही है और कई जागरुकता गतिविधियां आयोजित कर रही है। इसी कड़ी में 18 फरवरी को ग्राम पंचायत भौंखर में नशा जागरुकता कार्यशाला आयोजित की जाएगी। एसडीएम एवं उपमंडल स्तरीय नशा निवारण समिति के अध्यक्ष शशिपाल शर्मा ने वीरवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके नशा मुक्त अभियान की समीक्षा की तथा भौंखर में आयोजित की जाने वाली कार्यशाला की रूपरेखा तय की। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए सभी नागरिकों का सक्रिय सहयोग बहुत जरूरी है। इसके लिए आम लोगों में जागरुकता सबसे जरूरी है। इसी के मद्देनजर उपमंडल स्तरीय समिति जन जागरुकता पर विशेष जोर दे रही है। एसडीएम ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज और अन्य विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी जागरुकता कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों, विशेषकर युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करें तथा उन्हें नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाएं। बैठक में तहसील कल्याण अधिकारी बलदेव चंदेल, डिग्री कालेज से डॉ. प्रिंस ठाकुर, सीनियर सेकंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य अनिल डोगरा, भोरंज के थाना प्रभारी प्रशांत ठाकुर, बाल विकास परियोजना अधिकारी सुनील कुमार, बीएमओ कार्यालय से संजीव कतना, आईटीआई के प्रशिक्षण प्रभारी संजीव कुमार धीमान और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया
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    हमीरपुर
नशा मुक्त अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भोरंज की उपमंडल स्तरीय नशा निवारण समिति विशेष प्रयास कर रही है और कई जागरुकता गतिविधियां आयोजित कर रही है। इसी कड़ी में 18 फरवरी को ग्राम पंचायत भौंखर में नशा जागरुकता कार्यशाला आयोजित की जाएगी। एसडीएम एवं उपमंडल स्तरीय नशा निवारण समिति के अध्यक्ष शशिपाल शर्मा ने वीरवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके नशा मुक्त अभियान की समीक्षा की तथा भौंखर में आयोजित की जाने वाली कार्यशाला की रूपरेखा तय की।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए सभी नागरिकों का सक्रिय सहयोग बहुत जरूरी है। इसके लिए आम लोगों में जागरुकता सबसे जरूरी है। इसी के मद्देनजर उपमंडल स्तरीय समिति जन जागरुकता पर विशेष जोर दे रही है। एसडीएम ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज और अन्य विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी जागरुकता कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों, विशेषकर युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करें तथा उन्हें नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाएं।
बैठक में तहसील कल्याण अधिकारी बलदेव चंदेल, डिग्री कालेज से डॉ. प्रिंस ठाकुर, सीनियर सेकंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य अनिल डोगरा, भोरंज के थाना प्रभारी प्रशांत ठाकुर, बाल विकास परियोजना अधिकारी सुनील कुमार, बीएमओ कार्यालय से संजीव कतना, आईटीआई के प्रशिक्षण प्रभारी संजीव कुमार धीमान और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    14 hrs ago
  • Post by Dinesh Kumar
    1
    Post by Dinesh Kumar
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer भोटा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    22 hrs ago
  • बड़सर जिला हमीरपुर के उपमंडल बड़सर के अंतर्गत आने वाले ढटवाल क्षेत्र में अवैध खनन का गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। शुक्र खड्ड क्षेत्र में खुलेआम खनन किया जा रहा है और इसे रोकने वाला कोई नजर नहीं आ रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार खनन माफियाओं ने खड्ड में चार से पांच फीट तक गहरे गड्ढे खोद दिए हैं, जिससे क्षेत्र की भौगोलिक संरचना पूरी तरह बिगड़ चुकी है।जानकारी के मुताबिक क्रेशर की लीज और भूर्जियों तक ही खनन की सीमित अनुमति थी, लेकिन इसके बाहर भी दिनदहाड़े 15 से 20 ट्रैक्टर लगातार खनिज सामग्री उठाकर ले जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि खड्डों से बजरी और पत्थर उठाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ है, इसके बावजूद ट्रैक्टरों में भर-भरकर पत्थर ढोए जा रहे हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि खनन माफिया नियमों और कानून को खुलेआम चुनौती दे रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे अवैध खनन से खेतों की जमीन कमजोर हो गई है और खड्डों के किनारे बसे इलाकों में खतरा बढ़ता जा रहा है। बरसात के मौसम में इन गहरे गड्ढों के कारण बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा भारी ट्रैक्टरों की आवाजाही से ग्रामीण संपर्क सड़कों को भी नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को अवगत करवाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों की मांग है कि अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पर्यावरण और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। बॉक्स ढटवाल क्षेत्र की शुक्र खड्ड में क्रेशर संचालकों द्वारा अवैध खनन की लगातार शिकायतें मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। डीएसपी बड़सर लालमन ने कहा कि शिकायतों के आधार पर बहुत जल्द मौके पर निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खनन माफिया के चालान किए जाएंगे और अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसा जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि जो लोग प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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    बड़सर
जिला हमीरपुर के उपमंडल बड़सर के अंतर्गत आने वाले ढटवाल क्षेत्र में अवैध खनन का गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। शुक्र खड्ड
क्षेत्र में खुलेआम खनन किया जा रहा है और इसे रोकने वाला कोई नजर नहीं आ रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार खनन माफियाओं ने खड्ड में चार से पांच फीट तक गहरे गड्ढे खोद दिए हैं, जिससे क्षेत्र की भौगोलिक संरचना पूरी तरह बिगड़ चुकी है।जानकारी के मुताबिक क्रेशर की लीज और भूर्जियों तक ही खनन की सीमित अनुमति थी, लेकिन इसके बाहर भी दिनदहाड़े 15 से 20 ट्रैक्टर लगातार खनिज सामग्री उठाकर ले जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि खड्डों से बजरी और पत्थर उठाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ है, इसके बावजूद ट्रैक्टरों में भर-भरकर पत्थर ढोए जा रहे हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि खनन माफिया नियमों और कानून को खुलेआम चुनौती दे रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे अवैध खनन से खेतों की जमीन कमजोर हो गई है और खड्डों के किनारे बसे इलाकों में खतरा बढ़ता जा रहा है। बरसात के मौसम में इन गहरे गड्ढों के कारण बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा भारी ट्रैक्टरों की आवाजाही से ग्रामीण संपर्क सड़कों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को अवगत करवाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों की मांग है कि अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पर्यावरण और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बॉक्स
ढटवाल क्षेत्र की शुक्र खड्ड में क्रेशर संचालकों द्वारा अवैध खनन की लगातार शिकायतें मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। डीएसपी बड़सर लालमन ने कहा कि शिकायतों के आधार पर बहुत जल्द मौके पर निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खनन माफिया के चालान किए जाएंगे और अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसा जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि जो लोग प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
    user_Thakur Jagran news paper
    Thakur Jagran news paper
    बरसर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
  • सुजानपुर: प्रदेश में बिजली विभाग में स्मार्ट मीटर लगाने का ग्रामीणों ने विरोध दर्ज करवाया है। सुजानपुर उपमंडल के तहत आने वाले महिला मंडल बरोग पटलांदर के ग्रामीणों ने एसडीएम सुजानपुर को ज्ञापन सौंप कर स्मार्ट मीटर लगाने के लिए विरोध दर्ज करवाया है। इस अवसर पर आए हुए महिलाओं व ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौप कर मांग की है कि स्मार्ट मीटर न लगाए जाए क्योंकि इससे लोगों को काफी दिक्कते पेश आएगी। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का कहना है कि जिन घरों में बुजुर्ग है और मोबाइल का ज्ञान नही रखते है उनके लिए स्मार्ट मीटर समस्या बन रहा है क्योंकि वह इंटरनेट व मोबाइल का इस्तेमाल नही कर सकते है। इसलिए एसडीएम के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा है ताकि स्मार्ट मीटर न लगाए जाए।
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    सुजानपुर:
प्रदेश में बिजली विभाग में स्मार्ट मीटर लगाने का ग्रामीणों ने विरोध दर्ज करवाया है। सुजानपुर उपमंडल के तहत आने वाले महिला मंडल बरोग पटलांदर के ग्रामीणों ने एसडीएम सुजानपुर को ज्ञापन सौंप कर स्मार्ट मीटर लगाने के लिए विरोध दर्ज करवाया है। इस अवसर पर आए हुए महिलाओं व ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौप कर मांग की है कि स्मार्ट मीटर न लगाए जाए क्योंकि इससे लोगों को काफी दिक्कते पेश आएगी।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का कहना है कि जिन घरों में बुजुर्ग है और मोबाइल का ज्ञान नही रखते है उनके लिए स्मार्ट मीटर समस्या बन रहा है क्योंकि वह इंटरनेट व मोबाइल का इस्तेमाल नही कर सकते है। इसलिए एसडीएम के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा है ताकि स्मार्ट मीटर न लगाए जाए।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
  • ऊना। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू वीरवार को जिला ऊना के संक्षिप्त दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार द्वारा रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट समाप्त किए जाने के फैसले को लेकर प्रदेश भाजपा पर जोरदार हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी खत्म करने का निर्णय हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए घातक साबित होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी केंद्र सरकार के इस फैसले के साथ खड़ी है, और यदि हां, तो उसे प्रदेश की जनता को सच्चाई बतानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहले ही गंभीर आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाली आरडीजी को समाप्त करना प्रदेश के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम केंद्र द्वारा प्रदेश के साथ किए जा रहे अन्याय का हिस्सा है। इसके चलते विकास कार्य प्रभावित होंगे और आम जनता के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार जनता की सेवा के उद्देश्य से सत्ता में आई है और प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
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    ऊना। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू वीरवार को जिला ऊना के संक्षिप्त दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार द्वारा रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट समाप्त किए जाने के फैसले को लेकर प्रदेश भाजपा पर जोरदार हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी खत्म करने का निर्णय हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए घातक साबित होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी केंद्र सरकार के इस फैसले के साथ खड़ी है, और यदि हां, तो उसे प्रदेश की जनता को सच्चाई बतानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहले ही गंभीर आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाली आरडीजी को समाप्त करना प्रदेश के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम केंद्र द्वारा प्रदेश के साथ किए जा रहे अन्याय का हिस्सा है। इसके चलते विकास कार्य प्रभावित होंगे और आम जनता के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार जनता की सेवा के उद्देश्य से सत्ता में आई है और प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Post by Sunit Kumar Sunit Kumar
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    Post by Sunit Kumar Sunit Kumar
    user_Sunit Kumar Sunit Kumar
    Sunit Kumar Sunit Kumar
    बरोह, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    20 hrs ago
  • स्वर्गद्वारी की स्मृति में जोगिंदर नगर के मोरडुघ गांव में ग्रामीणों ने बनाया मंदिर। सुनिए, गांव के बुजुर्ग मेघ सिंह जी स्वर्गद्वारी के बारे में जानकारी देते हुए।
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    स्वर्गद्वारी की स्मृति में जोगिंदर नगर के मोरडुघ गांव में ग्रामीणों ने बनाया मंदिर। सुनिए, गांव के बुजुर्ग मेघ सिंह जी स्वर्गद्वारी के बारे में जानकारी देते हुए।
    user_Ankit Kumar
    Ankit Kumar
    Local News Reporter जोगिंदरनगर, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • हमीरपुर कांग्रेस नेता विवेक कटोच ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू दिन-रात मेहनत कर हिमाचल प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत करने और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ नेता अपने राजनीतिक स्वार्थों के कारण प्रदेश के हितों के खिलाफ खड़े होते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा और सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा मुख्यमंत्री का विरोध करते-करते इतने अंधे हो गए हैं कि अब वे हिमाचल प्रदेश के हितों का भी विरोध करने लगे हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। विवेक कटोच ने कहा कि 16वें वित्त आयोग में राजस्व घाटा अनुदान (RDG Grant) का बंद होना हिमाचल प्रदेश के विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाला फैसला है। उन्होंने कहा कि अगर हिमाचल को यह अनुदान नहीं मिलता है तो अगले पांच वर्षों में प्रदेश को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नुकसान किसी राजनीतिक दल, सरकार या किसी एक नेता का नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश की आम जनता का नुकसान है। इस फैसले का सीधा असर प्रदेश की विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे, रोजगार के अवसरों और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर पड़ेगा। कटोच ने कहा कि इस तरह के संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को मतभेद भुलाकर प्रदेश के हित में एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए थी। लेकिन अफसोस की बात है कि सुधीर शर्मा और राजेंद्र राणा जैसे नेता अपने निजी राजनीतिक स्वार्थों के कारण प्रदेश के हितों को कमजोर करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं की राजनीति केवल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और लाभ तक सीमित होकर रह गई है, जिससे प्रदेश की सामूहिक शक्ति और आवाज कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक पर्वतीय राज्य है, जहां संसाधन सीमित हैं और विकास के लिए केंद्र सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में आरडीजी अनुदान का बंद होना प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर गहरा प्रभाव डालेगा और विकास कार्यों की गति धीमी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भविष्य और जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सभी नेताओं को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए। विवेक कटोच ने कहा कि इतिहास ऐसे स्वार्थी और अवसरवादी नेताओं को कभी माफ नहीं करेगा, जिन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए अपनी मातृभूमि के हितों से समझौता किया। उन्होंने प्रदेश की जनता से भी अपील की कि वे ऐसे नेताओं की मानसिकता को समझें और हिमाचल प्रदेश के विकास और हितों के साथ मजबूती से खड़े रहें।
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    हमीरपुर
कांग्रेस नेता विवेक कटोच ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू दिन-रात मेहनत कर हिमाचल प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत करने और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ नेता अपने राजनीतिक स्वार्थों के कारण प्रदेश के हितों के खिलाफ खड़े होते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा और सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा मुख्यमंत्री का विरोध करते-करते इतने अंधे हो गए हैं कि अब वे हिमाचल प्रदेश के हितों का भी विरोध करने लगे हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
विवेक कटोच ने कहा कि 16वें वित्त आयोग में राजस्व घाटा अनुदान (RDG Grant) का बंद होना हिमाचल प्रदेश के विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाला फैसला है। उन्होंने कहा कि अगर हिमाचल को यह अनुदान नहीं मिलता है तो अगले पांच वर्षों में प्रदेश को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नुकसान किसी राजनीतिक दल, सरकार या किसी एक नेता का नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश की आम जनता का नुकसान है। इस फैसले का सीधा असर प्रदेश की विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे, रोजगार के अवसरों और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर पड़ेगा।
कटोच ने कहा कि इस तरह के संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को मतभेद भुलाकर प्रदेश के हित में एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए थी। लेकिन अफसोस की बात है कि सुधीर शर्मा और राजेंद्र राणा जैसे नेता अपने निजी राजनीतिक स्वार्थों के कारण प्रदेश के हितों को कमजोर करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं की राजनीति केवल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और लाभ तक सीमित होकर रह गई है, जिससे प्रदेश की सामूहिक शक्ति और आवाज कमजोर हो रही है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक पर्वतीय राज्य है, जहां संसाधन सीमित हैं और विकास के लिए केंद्र सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में आरडीजी अनुदान का बंद होना प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर गहरा प्रभाव डालेगा और विकास कार्यों की गति धीमी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भविष्य और जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सभी नेताओं को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए।
विवेक कटोच ने कहा कि इतिहास ऐसे स्वार्थी और अवसरवादी नेताओं को कभी माफ नहीं करेगा, जिन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए अपनी मातृभूमि के हितों से समझौता किया। उन्होंने प्रदेश की जनता से भी अपील की कि वे ऐसे नेताओं की मानसिकता को समझें और हिमाचल प्रदेश के विकास और हितों के साथ मजबूती से खड़े रहें।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
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