Shuru
Apke Nagar Ki App…
करोड़ों युवाओं की धड़कन और हिंदू रत्न राहुल गोयल ने गंगापुर सिटी से जयपुर के लिए पाँच नई ट्रेनों की मांग उठाई है। उन्होंने इसके साथ ही काशगंज रेल सेवा को भी पुनः शुरू करने की मांग की है।
राहुल गोयल
करोड़ों युवाओं की धड़कन और हिंदू रत्न राहुल गोयल ने गंगापुर सिटी से जयपुर के लिए पाँच नई ट्रेनों की मांग उठाई है। उन्होंने इसके साथ ही काशगंज रेल सेवा को भी पुनः शुरू करने की मांग की है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- एक व्यक्ति द्वारा गुर्जर समाज के खिलाफ सीधे तौर पर जंग छेड़ने का ऐलान किया गया है। इस घोषणा के दौरान, उस व्यक्ति ने गुर्जर समाज के लिए 'आतंकवादी' जैसे शब्दों का भी प्रयोग किया।1
- ग्राम खण्डीप में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और धरना-प्रदर्शन 19वें दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी रहा। इस जल अधिकार आंदोलन को नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान करने के लिए धरना स्थल पर हजारों की संख्या में पंच-पटेल, किसान, महिलाएं, पुरुष और युवा उपस्थित रहे। आज किसान महापंचायत के समर्थन में तहसील नादौती और टोडाभीम क्षेत्र के शेखपुरा, अखाड़ा, किरवाड़ा, सहजनपुर, भोपर, भादरपुर, सोप, कैमा, ल्हावद, तूमापुरा, मिलकसराय और महानन्दपुर ड्योढा सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, महिला-पुरुष और युवा भारी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने पुष्पवर्षा कर सभी का स्वागत किया और आंदोलन को समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त किया। धरना स्थल पर टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरिश्चन्द्र मीना, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर, पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना और पूर्व मंत्री गोलमा देवी भी मौजूद रहीं। इन सभी जनप्रतिनिधियों ने किसानों को संबोधित करते हुए उनके संघर्ष को न्यायोचित बताया और आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए किसानों का उत्साहवर्धन किया। पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना ने घोषणा की कि जब तक कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पांचना बांध का पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक किसानों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए हर प्रकार का संघर्ष जारी रहेगा। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने 24 जून 2026 को समाज के सभी जनप्रतिनिधियों और नेताओं से, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, खण्डीप धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों के संघर्ष में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार और न्याय की लड़ाई का मंच है। टोडाभीम विधायक घनश्याम महर ने इस आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि यदि ये जनप्रतिनिधि 24 जून 2026 को धरना स्थल पर नहीं आते हैं, तो संघर्ष समिति और समाज उन पर कठोर निर्णय लेगा। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार में 'भोलू हलवाई' बैठा है जो जनता की सुध नहीं लेना चाहता और सिर्फ 'कचौड़ी-समौसे' के स्वाद का प्रचार कर रहा है, किसानों की समस्याओं और कमाण्ड क्षेत्र के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। विधायक रामकेश मीना ने बताया कि पूरे राजस्थान में इस आंदोलन की चर्चा दिल्ली तक है, और उन्होंने 27 जून तक का अल्टीमेटम देते हुए सरकार को हमारी नहरों में पानी खोलने का आदेश जारी करने की चेतावनी दी। उन्होंने सरकार पर हाईकोर्ट के आदेश और जनता की चिंता न करने का आरोप लगाया, और गृहमंत्री के खण्डीप न आने पर सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक भी जनहानि होती है तो ये किसान राजस्थान की सरकार को उखाड़ कर फेंक देंगे। समिति ने यह भी बताया कि 24 जून 2026 को किसान महापंचायत के समर्थन में झारेड़ा, सिंघनिया, श्यामपुर, मूंडरी, लालारामपुरा, गढ़ी पनमेड़ा, फाजीलाबाद, कंवरपुरा और मौसलपुर सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, युवा, महिलाएं और पुरुष सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ खण्डीप पहुंचेंगे। सांसद हरिशचन्द मीना ने कहा कि उनकी मांग सरकार से है, और यह माननीय कोर्ट का निर्णय है जिसकी पालना सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने आंदोलन की सफलता पर विश्वास व्यक्त करते हुए डॉ. किरोड़ीलाल जी सहित सभी नेताओं से मंच पर आकर सरकार पर पानी खुलवाने के लिए दबाव बनाने का आग्रह किया।2
- सवाई माधोपुर जिले की बौली तहसील में स्थित गुरु धाम में भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का भव्य समापन 24 जून को होगा। यह समापन प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के साथ आयोजित किया जाएगा।1
- सपोटरा मोड़ स्थित सीताराम मंदिर से सीताराम बाबा की बगीची स्थित शिव मंदिर तक मंगलवार को एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस यात्रा में क्षेत्रभर की लगभग 1100 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। हर-हर महादेव, बम-बम भोले और गंगा मैया के जयकारों से पूरा कस्बा भक्तिमय माहौल में डूब गया। यात्रा शुरू होने से पहले सीताराम मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलशों की विधिवत पूजा-अर्चना पंडित राजू मोहलया ने संपन्न कराई। क्षेत्रीय विधायक हंसराज मीणा ने ध्वज दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया, जबकि उनकी धर्मपत्नी मीरा मीणा ने प्रधान कलश धारण कर नेतृत्व किया। इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति भाव से आगे बढ़ रही थीं, वहीं डीजे पर बज रहे शिव भजनों की धुन पर युवा और श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे थे। कलश यात्रा कस्बे के विभिन्न मार्गों से गुजरी, जहां जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही, जिससे वातावरण शिवमय बना रहा। यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 1 मार्च 2026 की एक घटना के बाद आयोजित किया जा रहा है। उस दिन सीताराम बाबा की बगीची स्थित मंदिर में असामाजिक तत्वों द्वारा शिव परिवार की प्रतिमाओं को खंडित कर दिया गया था, जिससे कस्बे के लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया था और पुलिस में मामला भी दर्ज कराया गया था। घटना की सूचना मिलने पर विधायक हंसराज मीणा मौके पर पहुंचे थे और स्थानीय लोगों से चर्चा कर जानकारी ली थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इसमें शामिल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना के उपरांत, स्थानीय लोगों ने विधायक हंसराज मीणा के सहयोग से मंदिर में नई प्रतिमाओं की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा हेतु इस धार्मिक आयोजन को कराने का निर्णय लिया। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, एकता और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। आयोजकों के अनुसार, इस महोत्सव के तहत यज्ञ, हवन, पूजा-अर्चना, धार्मिक प्रवचन और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का समापन 28 जून को मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे के साथ होगा। इस आयोजन को लेकर कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष उत्साह का माहौल है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण और बैठने की विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। इस कार्यक्रम में नगरपालिका चेयरमैन प्रतिनिधि भरतलाल मीणा, रामधन डाबिर, सीताराम भूतिया, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष शिवकुमार बजाज, दिनेशचंद गुप्ता, अशोक सिंघल, भाजपा नेता प्रताप पाकड़, चतुर्भुज पाकड़ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- करौली जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली उत्पादों पर विभाग के अंकुश न होने का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को पंचायत समिति मासलपुर के काछीपुरा गांव में भागवत कथा के समापन पर आयोजित भंडारे के लिए खरीदे गए रिफाइंड तेल को लेकर जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हिंडौन सिटी के टीकाकुंड बयाना रोड स्थित एक थोक विक्रेता फर्म ने उन्हें 'सोना सिक्का' ब्रांड के नाम पर नकली रिफाइंड तेल के पीपे बेच दिए। आयोजन समिति से जुड़े दिनेश सैनी ने बताया कि भंडारे की प्रसादी के लिए 18 जून को हिंडौन के बयाना रोड स्थित थोक विक्रेता से 'सोना सिक्का' ब्रांड के 100 पीपे खरीदे गए थे। समिति ने चीनी, घी, चना दाल, पोहा और चावल सहित कुल ₹3,37,309 की खरीदारी की थी, जिसमें से लगभग ₹3 लाख के 100 पीपे रिफाइंड तेल के थे। ग्रामीणों ने पीपे के नकली होने का संदेह इसलिए जताया क्योंकि बाहरी कागज के गत्ते पर 'एस ओ एन ए' अंकित था, जबकि अंदर के पीपे पर 'एस ओ एन ए ए' दो बार लिखा था। इसके अतिरिक्त, कागज के रैपर पर 'सिंस 1984' अंकित था, जबकि पीपे पर '1894' लिखा हुआ था, जिससे नकली होने का शक गहराया। शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। ग्रामीणों द्वारा नकली रिफाइंड के पीपे लेकर बयाना रोड स्थित टीकाकुंड हनुमान मंदिर के पास एक दुकान पर पहुंचने की सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। खाद्य विभाग, करौली के अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को शिकायत दी थी। उनके निर्देश पर मौके पर पहुंचने पर एक पिकअप में रखे लगभग 90 पीपे रिफाइंड तेल में गड़बड़ी पाई गई। विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक पीपे को नमूने के तौर पर जब्त कर लिया है और उसे गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी तक यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि जब्त किए गए रिफाइंड के पीपे उसी दुकान से खरीदे गए थे, जिस पर ग्रामीण पहुंचे थे।4
- राज्य सरकार द्वारा चलाए गए ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन 2026 में ग्राम पंचायत पटोंदा में किया गया। इस शिविर में श्री महावीर जी तहसीलदार हरसहाय मीना और पंचायत ग्राम विकास अधिकारी ने एक प्रार्थी को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया। शिविर में सहकारी विभाग के श्याम सिंह, विद्युत विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, चिकित्सा विभाग, रसद विभाग की प्रवर्तन निरीक्षक सुनीता मीणा, शिक्षा विभाग और कृषि विभाग सहित राज्य सरकार के सभी विभागों के कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की और मौके पर ही विभिन्न परिवादों का निस्तारण किया गया।1
- हिण्डौन शहर में मंगलवार सुबह 11:00 बजे भाजपा महिला मोर्चा ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 73वीं पुण्यतिथि मनाई। इस अवसर पर मोर्चा ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवनी पर प्रकाश डाला। मोर्चा की जिलाध्यक्ष लज्जा रानी अग्रवाल ने उन्हें राष्ट्रीय अखंडता का प्रबल पैरोंकार, राष्ट्र की एकता के लिए जीवन बलिदान करने वाले प्रखर राष्ट्रवादी, भारतीय जनसंघ के संस्थापक और महान शिक्षाविद बताते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में लज्जा रानी अग्रवाल के साथ निशा अग्रवाल, कांता कोली, मोहन सिनेमा, यस अग्रवाल, वंश अग्रवाल, नक्ष अग्रवाल, शाहरुख, फारूक, आदिल, आसिफ, जस्सू और भोलू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।1
- ग्राम खण्डीप में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और धरना-प्रदर्शन 19वें दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी रहा। इस 'किसानों के महाकुंभ' में हजारों की संख्या में पंच-पटेल, किसान, महिलाएं, पुरुष एवं युवा उपस्थित रहे, जिससे जल अधिकार आंदोलन को नई ऊर्जा और मजबूती मिली। आज इस किसान महापंचायत के समर्थन में तहसील नादौती और टोडाभीम क्षेत्र के शेखपुरा, अखाड़ा, किरवाड़ा, सहजनपुर, भोपर, भादरपुर, सोप, कैमा, ल्हावद, तूमापुरा, मिलकसराय और महानन्दपुर ड्योढा सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, महिला-पुरुष एवं युवा भारी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने पुष्पवर्षा कर सभी का स्वागत किया और आंदोलन को समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरिश्चन्द्र मीना, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर, पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना और पूर्व मंत्री गोलमा देवी भी आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। सभी जनप्रतिनिधियों ने किसानों को संबोधित करते हुए उनके संघर्ष को न्यायोचित बताया और आंदोलन को अपना समर्थन देकर किसानों का उत्साहवर्धन किया। पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना ने स्पष्ट किया कि जब तक कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पांचना बांध का पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक किसानों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए हर प्रकार का संघर्ष जारी रहेगा। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने 24 जून 2026 को समाज के सभी जनप्रतिनिधियों और नेताओं से, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, खण्डीप धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों के संघर्ष में भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार और न्याय की लड़ाई का मंच है। समिति ने बताया कि 24 जून 2026 को किसान महापंचायत के समर्थन में झारेड़ा, सिंघनिया, श्यामपुर, मूंडरी, लालारामपुरा, गढ़ी पनमेड़ा, फाजीलाबाद, कंवरपुरा और मौसलपुर सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, युवा, महिलाएं एवं पुरुष सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ खण्डीप पहुंचेंगे। टोडाभीम विधायक घनश्याम महर ने अपने संबोधन में कहा कि संघर्ष समिति के देवीसिंह जी ने सभी समाजों के जनप्रतिनिधियों से 24 जून 2026 को धरना स्थल पर आने का जो आह्वान किया है, यदि वे नहीं आते हैं तो संघर्ष समिति और समाज उन पर कठोर निर्णय लेगा। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार में 'भोलू हलवाई' बैठा है जो जनता की सुध नहीं लेना चाहता और सिर्फ कचौड़ी-समौसे के स्वाद का प्रचार कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं और कमाण्ड क्षेत्र के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। विधायक रामकेश मीना ने कहा कि पूरे राजस्थान के लोग कह रहे हैं कि 70 वर्षों में ऐसा आंदोलन नहीं देखा जिसकी चर्चा दिल्ली तक है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह दो वर्गों को आपस में लड़ाकर राजनीतिक उल्लू सीधा करना चाह रही है, जो नहीं चलेगा। मीना ने सरकार को सब्र की परीक्षा न लेने की चेतावनी देते हुए बताया कि 27 जून तक का अल्टीमेटम दिया गया है और सरकार को नहरों में पानी खोलने का आदेश जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को न हाईकोर्ट के आदेश की चिंता है और न ही जनता की। मीना ने गृहमंत्री के करौली और देवलेन में किसानों से मिलने पर सवाल उठाते हुए कहा कि खण्डीप में बैठे लोग क्या किसान नहीं हैं कि उन्होंने यहां आना उचित नहीं समझा? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक भी जनहानि होती है तो ये किसान राजस्थान की सरकार को उखाड़ कर फेंक देंगे। सांसद हरिश्चन्द्र मीना ने कहा कि यह मांग किसी वर्ग से नहीं बल्कि सरकार से है और यह माननीय कोर्ट का निर्णय है जिसकी पालना सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस आंदोलन से अवश्य सफलता मिलेगी और वह किसानों के हर फैसले के साथ हैं, यहां तक कि पांचना पर भी चलने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मंत्री गोलमा देवी जी पांच दिनों से मौजूद हैं लेकिन यह पर्याप्त नहीं है और डॉ. किरोड़ीलाल जी को भी धरना स्थल पर आकर इस अधिकारों की लड़ाई में सहयोग करना चाहिए। सांसद ने सभी नेताओं से इस मंच पर आकर सरकार पर पानी खुलवाने के लिए दबाव बनाने की अपील की।1