logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

गौशाला के बावजूद खेतों में आवारा गौवंश, रात-रात भर जाग रहे किसान—आखिर जिम्मेदार कौन?" गौशाला में ताले, खेतों में आवारा गौवंश! रात-रात भर जाग रहे किसान, प्रशासन पर फूटा गुस्सा गौशाला होने के बावजूद खेतों में घूम रही गायें, आखिर जिम्मेदार कौन? विकास खंड महेवा की ग्राम पंचायत दहेलखण्ड में आवारा गौवंश किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में गौशाला होने के बावजूद दर्जनों गौवंश खुलेआम खेतों में घूम रहे हैं और किसानों की खून-पसीने की मेहनत कुछ ही मिनटों में बर्बाद कर रहे हैं। बरसात के इस मौसम में किसान दिनभर मेहनत करने के बाद रातभर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि यदि थोड़ी देर भी नींद आ जाए तो पूरी फसल आवारा गौवंश चट कर जाते हैं। दूसरी ओर बारिश के बीच खेतों में जहरीले सांप-बिच्छुओं का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि किसी किसान के साथ कोई अनहोनी हो जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार उपजिलाधिकारी कालपी और खंड विकास अधिकारी महेवा से शिकायत की। उनका दावा है कि जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। अब गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर तत्काल आवारा गौवंश को गौशाला में पहुंचाने और किसानों को राहत दिलाने की मांग की है। जनता पूछ रही है... - जब गांव में गौशाला है तो आवारा गौवंश सड़कों और खेतों में क्यों? - जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन आखिर क्यों नहीं हुआ? - किसानों को अपनी ही फसल बचाने के लिए रातभर पहरा क्यों देना पड़ रहा है? - क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? - अगर सांप के काटने से किसी किसान की मौत हो जाए तो जिम्मेदार कौन? - आखिर किसानों की मेहनत की रक्षा कब होगी? नोट: यह खबर वायरल वीडियो और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा। क्या आपके गांव में भी आवारा गौवंश की यही समस्या है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें। #ब्रेकिंग_जालौन #कालपी #महेवा #दहेलखण्ड #आवारा_गौवंश #गौशाला #किसान_परेशान #फसल_बर्बाद #रातभर_पहरा #योगी_सरकार #CMYogi #DMJalaun #SDMKalpi #BDOMahewa #जालौन_न्यूज #कालपी_न्यूज #UPNews #BreakingNews #GroundReport #Farmer #FarmerLife #SaveFarmers #CowShelter #RuralNews #ViralVideo #PublicIssue #JusticeForFarmers #किसान_की_पुकार #गांव_की_आवाज #उत्तरप्रदेश

15 hrs ago
user_सोनू महाराज पत्रकार
सोनू महाराज पत्रकार
कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
15 hrs ago

गौशाला के बावजूद खेतों में आवारा गौवंश, रात-रात भर जाग रहे किसान—आखिर जिम्मेदार कौन?" गौशाला में ताले, खेतों में आवारा गौवंश! रात-रात भर जाग रहे किसान, प्रशासन पर फूटा गुस्सा गौशाला होने के बावजूद खेतों में घूम रही गायें, आखिर जिम्मेदार कौन? विकास खंड महेवा की ग्राम पंचायत दहेलखण्ड में आवारा गौवंश किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में गौशाला होने के बावजूद दर्जनों गौवंश खुलेआम खेतों में घूम रहे हैं और किसानों की खून-पसीने की मेहनत कुछ ही मिनटों में बर्बाद कर रहे हैं। बरसात के इस मौसम में किसान दिनभर मेहनत करने के बाद रातभर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि यदि थोड़ी देर भी नींद आ जाए तो पूरी फसल आवारा गौवंश चट कर जाते हैं। दूसरी ओर बारिश के बीच खेतों में जहरीले सांप-बिच्छुओं का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि किसी किसान के साथ कोई अनहोनी हो जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार उपजिलाधिकारी कालपी और खंड विकास अधिकारी महेवा से शिकायत की। उनका दावा है कि जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। अब गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर तत्काल आवारा गौवंश को गौशाला में पहुंचाने और किसानों को राहत दिलाने की मांग की है। जनता पूछ रही है... - जब गांव में गौशाला है तो आवारा गौवंश सड़कों और खेतों में क्यों? - जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन आखिर क्यों नहीं हुआ? - किसानों को अपनी ही फसल बचाने के लिए रातभर पहरा क्यों देना पड़ रहा है? - क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? - अगर सांप के काटने से किसी किसान की मौत हो जाए तो जिम्मेदार कौन? - आखिर किसानों की मेहनत की रक्षा कब होगी? नोट: यह खबर वायरल वीडियो और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा। क्या आपके गांव में भी आवारा गौवंश की यही समस्या है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें। #ब्रेकिंग_जालौन #कालपी #महेवा #दहेलखण्ड #आवारा_गौवंश #गौशाला #किसान_परेशान #फसल_बर्बाद #रातभर_पहरा #योगी_सरकार #CMYogi #DMJalaun #SDMKalpi #BDOMahewa #जालौन_न्यूज #कालपी_न्यूज #UPNews #BreakingNews #GroundReport #Farmer #FarmerLife #SaveFarmers #CowShelter #RuralNews #ViralVideo #PublicIssue #JusticeForFarmers #किसान_की_पुकार #गांव_की_आवाज #उत्तरप्रदेश

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • भारत परिवर्तन न्यूज़ से बोले महंत सतीश गिरी महाराज, "गुरु का सम्मान ही जीवन का सबसे बड़ा धर्म"
    1
    भारत परिवर्तन न्यूज़ से बोले महंत सतीश गिरी महाराज, "गुरु का सम्मान ही जीवन का सबसे बड़ा धर्म"
    user_पत्रकार विकाश सिंह
    पत्रकार विकाश सिंह
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • गौशाला के बावजूद खेतों में आवारा गौवंश, रात-रात भर जाग रहे किसान—आखिर जिम्मेदार कौन?" गौशाला में ताले, खेतों में आवारा गौवंश! रात-रात भर जाग रहे किसान, प्रशासन पर फूटा गुस्सा गौशाला होने के बावजूद खेतों में घूम रही गायें, आखिर जिम्मेदार कौन? विकास खंड महेवा की ग्राम पंचायत दहेलखण्ड में आवारा गौवंश किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में गौशाला होने के बावजूद दर्जनों गौवंश खुलेआम खेतों में घूम रहे हैं और किसानों की खून-पसीने की मेहनत कुछ ही मिनटों में बर्बाद कर रहे हैं। बरसात के इस मौसम में किसान दिनभर मेहनत करने के बाद रातभर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि यदि थोड़ी देर भी नींद आ जाए तो पूरी फसल आवारा गौवंश चट कर जाते हैं। दूसरी ओर बारिश के बीच खेतों में जहरीले सांप-बिच्छुओं का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि किसी किसान के साथ कोई अनहोनी हो जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार उपजिलाधिकारी कालपी और खंड विकास अधिकारी महेवा से शिकायत की। उनका दावा है कि जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। अब गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर तत्काल आवारा गौवंश को गौशाला में पहुंचाने और किसानों को राहत दिलाने की मांग की है। जनता पूछ रही है... - जब गांव में गौशाला है तो आवारा गौवंश सड़कों और खेतों में क्यों? - जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन आखिर क्यों नहीं हुआ? - किसानों को अपनी ही फसल बचाने के लिए रातभर पहरा क्यों देना पड़ रहा है? - क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? - अगर सांप के काटने से किसी किसान की मौत हो जाए तो जिम्मेदार कौन? - आखिर किसानों की मेहनत की रक्षा कब होगी? नोट: यह खबर वायरल वीडियो और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा। क्या आपके गांव में भी आवारा गौवंश की यही समस्या है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें। #ब्रेकिंग_जालौन #कालपी #महेवा #दहेलखण्ड #आवारा_गौवंश #गौशाला #किसान_परेशान #फसल_बर्बाद #रातभर_पहरा #योगी_सरकार #CMYogi #DMJalaun #SDMKalpi #BDOMahewa #जालौन_न्यूज #कालपी_न्यूज #UPNews #BreakingNews #GroundReport #Farmer #FarmerLife #SaveFarmers #CowShelter #RuralNews #ViralVideo #PublicIssue #JusticeForFarmers #किसान_की_पुकार #गांव_की_आवाज #उत्तरप्रदेश
    1
    गौशाला के बावजूद खेतों में आवारा गौवंश, रात-रात भर जाग रहे किसान—आखिर जिम्मेदार कौन?"
गौशाला में ताले, खेतों में आवारा गौवंश! रात-रात भर जाग रहे किसान, प्रशासन पर फूटा गुस्सा
गौशाला होने के बावजूद खेतों में घूम रही गायें, आखिर जिम्मेदार कौन?
विकास खंड महेवा की ग्राम पंचायत दहेलखण्ड में आवारा गौवंश किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। 
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में गौशाला होने के बावजूद दर्जनों गौवंश खुलेआम खेतों में घूम रहे हैं और किसानों की खून-पसीने की मेहनत कुछ ही मिनटों में बर्बाद कर रहे हैं।
बरसात के इस मौसम में किसान दिनभर मेहनत करने के बाद रातभर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। 
उनका कहना है कि यदि थोड़ी देर भी नींद आ जाए तो पूरी फसल आवारा गौवंश चट कर जाते हैं।
दूसरी ओर बारिश के बीच खेतों में जहरीले सांप-बिच्छुओं का खतरा भी बना रहता है। 
ऐसे में सवाल उठता है कि यदि किसी किसान के साथ कोई अनहोनी हो जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार उपजिलाधिकारी कालपी और खंड विकास अधिकारी महेवा से शिकायत की।
उनका दावा है कि जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। 
इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
अब गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर तत्काल आवारा गौवंश को गौशाला में पहुंचाने और किसानों को राहत दिलाने की मांग की है।
जनता पूछ रही है...
- जब गांव में गौशाला है तो आवारा गौवंश सड़कों और खेतों में क्यों?
- जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन आखिर क्यों नहीं हुआ?
- किसानों को अपनी ही फसल बचाने के लिए रातभर पहरा क्यों देना पड़ रहा है?
- क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
- अगर सांप के काटने से किसी किसान की मौत हो जाए तो जिम्मेदार कौन?
- आखिर किसानों की मेहनत की रक्षा कब होगी?
नोट: यह खबर वायरल वीडियो और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। 
संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
क्या आपके गांव में भी आवारा गौवंश की यही समस्या है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
#ब्रेकिंग_जालौन #कालपी #महेवा #दहेलखण्ड #आवारा_गौवंश #गौशाला #किसान_परेशान #फसल_बर्बाद #रातभर_पहरा #योगी_सरकार #CMYogi #DMJalaun #SDMKalpi #BDOMahewa #जालौन_न्यूज #कालपी_न्यूज #UPNews #BreakingNews #GroundReport #Farmer #FarmerLife #SaveFarmers #CowShelter #RuralNews #ViralVideo #PublicIssue #JusticeForFarmers #किसान_की_पुकार #गांव_की_आवाज #उत्तरप्रदेश
    user_सोनू महाराज पत्रकार
    सोनू महाराज पत्रकार
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • गाली गलौज व धारदार हथियार से हमला कर घायल करने से संबंधित मामले में वांछित वारंटी को पुलिस ने किया गिरफ्तार थाना रुरा पुलिस ने गाली गलौज व धारदार हथियार से हमला कर घायल करने से सम्बंधित मामले में फरार चल रहे वांछित वारंटी धर्मेंद्र पुत्र शेरसिंह उर्फ शिवसिंह निवासी ग्राम अचलीपुरवा थाना रुरा जनपद कानपुर देहात को गांव के पास से गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि गिरफ्तारशुदा अभियुक्त पर आवश्यक विधिक कारवाही की गई।
    1
    गाली गलौज व धारदार हथियार से हमला कर घायल करने से संबंधित मामले में वांछित वारंटी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
थाना रुरा पुलिस ने गाली गलौज व धारदार हथियार से हमला कर घायल करने 
से सम्बंधित मामले में फरार चल रहे वांछित वारंटी धर्मेंद्र पुत्र शेरसिंह उर्फ शिवसिंह निवासी ग्राम अचलीपुरवा थाना रुरा जनपद कानपुर देहात को गांव के पास से गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि गिरफ्तारशुदा अभियुक्त पर आवश्यक विधिक कारवाही की गई।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • *मुख्य विकास अधिकारी ने सहकारी निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का किया औचक निरीक्षण, दिए निर्देश* *कृषकों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के दिए निर्देश* *विक्रेता द्वारा बाँट माप का उपयोग न करने पर चेतावनी जारी किये जाने के दिए निर्देश* *तय दर पर किसानों को खाद न देने वाले सेंटरों पर होगी कार्रवाई:-मुख्य विकास अधिकारी* कानपुर देहात, दिनांक 28 जुलाई 2026 जनपद में कृषकों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी श्री विधान जायसवाल ने आज सहकारी क्रय-विक्रय समिति झींझक तथा मंगलपुर स्थित निजी उर्वरक विक्रेता प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उर्वरकों की उपलब्धता, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री अभिलेखों तथा वितरण व्यवस्था का गहनता से परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने सहकारी क्रय-विक्रय समिति झींझक में उपलब्ध उर्वरकों के स्टॉक, वितरण व्यवस्था एवं अभिलेखों की समीक्षा की। उन्होंने समिति के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कृषकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए तथा उर्वरकों का वितरण पूर्ण पारदर्शिता एवं शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके उपरांत मुख्य विकास अधिकारी ने मंगलपुर क्षेत्र स्थित निजी उर्वरक विक्रेता यादव ट्रेडर्स ग्राम कंचौसी प्रतिष्ठान का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रसीदें, मूल्य सूची एवं उपलब्ध उर्वरकों का भौतिक सत्यापन किया गया। उन्होंने विक्रेताओं को निर्देश दिए कि सभी उर्वरकों की बिक्री निर्धारित मूल्य पर की जाए तथा प्रत्येक बिक्री की विधिवत रसीद कृषकों को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही प्रतिष्ठान पर मूल्य सूची एवं स्टॉक की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित रखने के निर्देश भी दिए गए। वहीँ विक्रेता द्वारा बाँट माप के उपयोग के स्थान पर ईंटों का उपयोग किया जा रहा था जिस पर उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिए कि सम्बंधित को चेतावनी दी जाए साथ ही यदि किसी भी निजी उर्वरक द्वारा ऐसा किया जाता है तो सम्बंधित के विरुद्ध कार्यवाही भी की जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि खरीफ सीजन के दृष्टिगत उर्वरकों की मांग बढ़ी हुई है, ऐसे में किसी भी प्रकार की जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण करने तथा किसानों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषक बंधुओं से भी अपील की कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक क्रय करें तथा खरीद के समय रसीद अवश्य प्राप्त करें। यदि किसी भी विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य वसूला जाता है अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की जाती है तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें। निरिक्षण के समय मौके पर उपायुक्त श्रम रोजगार अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी प्राची पाण्डेय एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
    4
    *मुख्य विकास अधिकारी ने सहकारी निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का किया औचक निरीक्षण, दिए निर्देश* 
*कृषकों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के दिए निर्देश*
*विक्रेता द्वारा बाँट माप का उपयोग न करने पर चेतावनी जारी किये जाने के दिए निर्देश* 
*तय दर पर किसानों को खाद न देने वाले सेंटरों पर होगी कार्रवाई:-मुख्य विकास अधिकारी* 
कानपुर देहात, दिनांक 28 जुलाई 2026
जनपद में कृषकों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी श्री विधान जायसवाल ने आज सहकारी क्रय-विक्रय समिति झींझक तथा मंगलपुर स्थित निजी उर्वरक विक्रेता प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उर्वरकों की उपलब्धता, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री अभिलेखों तथा वितरण व्यवस्था का गहनता से परीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने सहकारी क्रय-विक्रय समिति झींझक में उपलब्ध उर्वरकों के स्टॉक, वितरण व्यवस्था एवं अभिलेखों की समीक्षा की। उन्होंने समिति के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कृषकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए तथा उर्वरकों का वितरण पूर्ण पारदर्शिता एवं शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके उपरांत मुख्य विकास अधिकारी ने मंगलपुर क्षेत्र स्थित निजी उर्वरक विक्रेता यादव ट्रेडर्स ग्राम कंचौसी प्रतिष्ठान का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रसीदें, मूल्य सूची एवं उपलब्ध उर्वरकों का भौतिक सत्यापन किया गया। उन्होंने विक्रेताओं को निर्देश दिए कि सभी उर्वरकों की बिक्री निर्धारित मूल्य पर की जाए तथा प्रत्येक बिक्री की विधिवत रसीद कृषकों को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही प्रतिष्ठान पर मूल्य सूची एवं स्टॉक की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित रखने के निर्देश भी दिए गए। वहीँ विक्रेता द्वारा बाँट माप के  उपयोग के स्थान पर ईंटों का उपयोग किया जा रहा था जिस पर उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिए कि सम्बंधित को चेतावनी दी जाए साथ ही यदि किसी भी निजी उर्वरक द्वारा ऐसा किया जाता है तो सम्बंधित के विरुद्ध कार्यवाही भी की जाए। 
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि खरीफ सीजन के दृष्टिगत उर्वरकों की मांग बढ़ी हुई है, ऐसे में किसी भी प्रकार की जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण करने तथा किसानों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषक बंधुओं से भी अपील की कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक क्रय करें तथा खरीद के समय रसीद अवश्य प्राप्त करें। यदि किसी भी विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य वसूला जाता है अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की जाती है तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें। 
निरिक्षण के समय मौके पर उपायुक्त श्रम रोजगार अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी प्राची पाण्डेय एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_Anand shukla
    Anand shukla
    अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • झींझक अस्पताल अधीक्षक के कक्ष में सीएचओ से मारपीट का आरोप, मोबाइल छीनकर रिकॉर्डिंग डिलीट करने का भी दावा; मुकदमा दर्ज झींझक अस्पताल अधीक्षक के कक्ष में सीएचओ से मारपीट का आरोप, मोबाइल छीनकर रिकॉर्डिंग डिलीट करने का भी दावा; मुकदमा दर्ज मंगलपुर थाना क्षेत्र के झींझक कस्बे में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। रामपुर टप्पेवान स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के पद पर तैनात मनीष कुमार ने सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार समेत अन्य लोगों पर मारपीट, प्रताड़ित करने, धमकी देने और मोबाइल छीनकर उसमें मौजूद दस्तावेज व घटना की रिकॉर्डिंग डिलीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। झींझक में रह रहे मनीष कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति के बेटे की छठी के कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित किया गया था, लेकिन वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। आरोप है कि इसी बात को लेकर विपक्षी उनसे रंजिश मानने लगा। पीड़ित के मुताबिक, 10 जुलाई 2026 की शाम आरोपियों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की और जान से मारने के साथ ही परिवार को गायब करने की धमकी दी। सीएचओ का आरोप है कि बाद में मामले में सुलह-समझौते के लिए उन्हें सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार के आधिकारिक कक्ष में बुलाया गया। आरोप है कि वहां अधीक्षक की मौजूदगी में कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्रता और मारपीट की। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी शारीरिक चोटों का उपहास उड़ाया गया और जबरन उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया। आरोप है कि मोबाइल में घटना से संबंधित रिकॉर्डिंग और महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे, जिन्हें बाद में मोबाइल फॉर्मेट कर डिलीट कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी चर्चा तेज हो गई थी । पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के साथ ही सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी । पुलिस ने तहरीर के आधार पर पड़ोस में रहने वाले मनीष, अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार समेत अन्य नामजद आरोपियों और 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार ने मंगलवार शाम करीब छह बजे बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    1
    झींझक अस्पताल अधीक्षक के कक्ष में सीएचओ से मारपीट का आरोप, मोबाइल छीनकर रिकॉर्डिंग डिलीट करने का भी दावा; मुकदमा दर्ज
झींझक अस्पताल अधीक्षक के कक्ष में सीएचओ से मारपीट का आरोप, मोबाइल छीनकर रिकॉर्डिंग डिलीट करने का भी दावा; मुकदमा दर्ज
मंगलपुर थाना क्षेत्र के झींझक कस्बे में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। रामपुर टप्पेवान स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के पद पर तैनात मनीष कुमार ने सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार समेत अन्य लोगों पर मारपीट, प्रताड़ित करने, धमकी देने और मोबाइल छीनकर उसमें मौजूद दस्तावेज व घटना की रिकॉर्डिंग डिलीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
झींझक में रह रहे मनीष कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति के बेटे की छठी के कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित किया गया था, लेकिन वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। आरोप है कि इसी बात को लेकर विपक्षी उनसे रंजिश मानने लगा। पीड़ित के मुताबिक, 10 जुलाई 2026 की शाम आरोपियों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की और जान से मारने के साथ ही परिवार को गायब करने की धमकी दी।
सीएचओ का आरोप है कि बाद में मामले में सुलह-समझौते के लिए उन्हें सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार के आधिकारिक कक्ष में बुलाया गया। आरोप है कि वहां अधीक्षक की मौजूदगी में कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्रता और मारपीट की। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी शारीरिक चोटों का उपहास उड़ाया गया और जबरन उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया। आरोप है कि मोबाइल में घटना से संबंधित रिकॉर्डिंग और महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे, जिन्हें बाद में मोबाइल फॉर्मेट कर डिलीट कर दिया गया।
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी चर्चा तेज हो गई थी । पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के साथ ही सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी ।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर पड़ोस में रहने वाले मनीष, अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार समेत अन्य नामजद आरोपियों और 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार ने मंगलवार शाम करीब छह बजे बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    संवाददाता कानपुर देहात सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • जिला जालौन मे गौशाला होने के बावजूद खेतों में घूम रहे आवारा गौवंश? जालौन के विकास खंड महेवा की ग्राम पंचायत दहेलखण्ड में किसानों ने आरोप लगाया है कि खुले में घूम रहे गौवंश उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें रातभर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग की है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। नोट: यह समाचार स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों, उपलब्ध वीडियो/दृश्य सामग्री एवं मौके से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि शेष है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। #जालौन #महेवा #दहेलखण्ड #किसान #गौवंश
    1
    जिला जालौन मे गौशाला होने के बावजूद खेतों में घूम रहे आवारा गौवंश?

जालौन के विकास खंड महेवा की ग्राम पंचायत दहेलखण्ड में किसानों ने आरोप लगाया है कि खुले में घूम रहे गौवंश उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें रातभर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग की है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
नोट: यह समाचार स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों, उपलब्ध वीडियो/दृश्य सामग्री एवं मौके से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि शेष है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
#जालौन #महेवा #दहेलखण्ड #किसान #गौवंश
    user_पत्रकार विकाश सिंह
    पत्रकार विकाश सिंह
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • उरई बस स्टैंड का वीडियो वायरल, कानून-व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल उरई (जालौन)। जालौन के उरई बस स्टैंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने कानून-व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में कथित तौर पर गाली-गलौज, धमकी और विवाद जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उरई बस स्टैंड पर शाम होते ही प्राइवेट ट्रैवल्स की बसों का जमावड़ा लग जाता है। सड़क के दोनों ओर बसें खड़ी होने से आए दिन जाम की स्थिति बनती है। इससे आम यात्रियों, ई-रिक्शा चालकों, बाइक सवारों और यहां तक कि एंबुलेंस को भी आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया जा रहा है कि एक मंदिर और उसके महंत का नाम लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। हाल�
    1
    उरई बस स्टैंड का वीडियो वायरल, कानून-व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
उरई (जालौन)। जालौन के उरई बस स्टैंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने कानून-व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में कथित तौर पर गाली-गलौज, धमकी और विवाद जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उरई बस स्टैंड पर शाम होते ही प्राइवेट ट्रैवल्स की बसों का जमावड़ा लग जाता है। सड़क के दोनों ओर बसें खड़ी होने से आए दिन जाम की स्थिति बनती है। इससे आम यात्रियों, ई-रिक्शा चालकों, बाइक सवारों और यहां तक कि एंबुलेंस को भी आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया जा रहा है कि एक मंदिर और उसके महंत का नाम लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। हाल�
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.