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तीन दिन से लापता वृद्ध कन्हैया लाल का शव झाड़ियों में फंसा मिला छातेसर के पास नदी किनारे मिला शव, तीन दिन से चल रहा था रेस्क्यू अभियान रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा पनवाड़ी/महोबा। पनवाड़ी थाना क्षेत्र के बिजरारी गांव निवासी 65 वर्षीय वृद्ध कन्हैया लाल के लापता होने का मामला मंगलवार सुबह शव मिलने के बाद दुखद रूप से समाप्त हो गया। तीन दिन से नदी में चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान के बाद वृद्ध का शव छातेसर गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में फंसा मिला। शव मिलने की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। 28 अगस्त को घर से निकले थे वृद्ध जानकारी के अनुसार बिजरारी गांव निवासी कन्हैया लाल 28 अगस्त को अपने घर से निकले थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। आसपास के क्षेत्रों और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला। नदी किनारे मिला सामान परिजनों ने नदी किनारे पहुंचकर तलाश की तो वहां कन्हैया लाल के कपड़े, चप्पल, मोबाइल फोन और लाठी पड़ी मिली। सामान मिलने के बाद आशंका जताई गई कि वृद्ध नदी में नहाने गए होंगे और तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए होंगे। पुलिस और गोताखोरों ने चलाया रेस्क्यू मामले की सूचना मिलते ही पनवाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश शुरू कराई। तेज बहाव और खराब मौसम के बीच रेस्क्यू अभियान चलाना टीमों के लिए चुनौती बना रहा। इसके बावजूद पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और बाहर से बुलाई गई रेस्क्यू टीम ने लगातार नदी, किनारों और झाड़ियों में तलाश जारी रखी। झाड़ियों में फंसा मिला शव तीन दिनों तक चले अथक प्रयास के बाद मंगलवार सुबह छातेसर गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में कन्हैया लाल का शव फंसा दिखाई दिया। रेस्क्यू टीम ने शव को बाहर निकाला, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल पिता की तलाश में तीन दिनों से परेशान परिजनों को जैसे ही शव मिलने की जानकारी मिली, परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने रेस्क्यू अभियान में जुटी पुलिस और अन्य टीमों के प्रयासों की सराहना की। प्रथम दृष्टया वृद्ध के नदी के तेज बहाव में बहने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। तीन दिन से लापता वृद्ध कन्हैया लाल का शव झाड़ियों में फंसा मिला छातेसर के पास नदी किनारे मिला शव, तीन दिन से चल रहा था रेस्क्यू अभियान रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा पनवाड़ी/महोबा। पनवाड़ी थाना क्षेत्र के बिजरारी गांव निवासी 65 वर्षीय वृद्ध कन्हैया लाल के लापता होने का मामला मंगलवार सुबह शव मिलने के बाद दुखद रूप से समाप्त हो गया। तीन दिन से नदी में चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान के बाद वृद्ध का शव छातेसर गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में फंसा मिला। शव मिलने की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। 28 अगस्त को घर से निकले थे वृद्ध जानकारी के अनुसार बिजरारी गांव निवासी कन्हैया लाल 28 अगस्त को अपने घर से निकले थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। आसपास के क्षेत्रों और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला। नदी किनारे मिला सामान परिजनों ने नदी किनारे पहुंचकर तलाश की तो वहां कन्हैया लाल के कपड़े, चप्पल, मोबाइल फोन और लाठी पड़ी मिली। सामान मिलने के बाद आशंका जताई गई कि वृद्ध नदी में नहाने गए होंगे और तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए होंगे। पुलिस और गोताखोरों ने चलाया रेस्क्यू मामले की सूचना मिलते ही पनवाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश शुरू कराई। तेज बहाव और खराब मौसम के बीच रेस्क्यू अभियान चलाना टीमों के लिए चुनौती बना रहा। इसके बावजूद पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और बाहर से बुलाई गई रेस्क्यू टीम ने लगातार नदी, किनारों और झाड़ियों में तलाश जारी रखी। झाड़ियों में फंसा मिला शव तीन दिनों तक चले अथक प्रयास के बाद मंगलवार सुबह छातेसर गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में कन्हैया लाल का शव फंसा दिखाई दिया। रेस्क्यू टीम ने शव को बाहर निकाला, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल पिता की तलाश में तीन दिनों से परेशान परिजनों को जैसे ही शव मिलने की जानकारी मिली, परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने रेस्क्यू अभियान में जुटी पुलिस और अन्य टीमों के प्रयासों की सराहना की। प्रथम दृष्टया वृद्ध के नदी के तेज बहाव में बहने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

15 hrs ago
user_Hari Singh
Hari Singh
महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
15 hrs ago

तीन दिन से लापता वृद्ध कन्हैया लाल का शव झाड़ियों में फंसा मिला छातेसर के पास नदी किनारे मिला शव, तीन दिन से चल रहा था रेस्क्यू अभियान रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा पनवाड़ी/महोबा। पनवाड़ी थाना क्षेत्र के बिजरारी गांव निवासी 65 वर्षीय वृद्ध कन्हैया लाल के लापता होने का मामला मंगलवार सुबह शव मिलने के बाद दुखद रूप से समाप्त हो गया। तीन दिन से नदी में चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान के बाद वृद्ध का शव छातेसर गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में फंसा मिला। शव मिलने की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। 28 अगस्त को घर से निकले थे वृद्ध जानकारी के अनुसार बिजरारी गांव निवासी कन्हैया लाल 28 अगस्त को अपने घर से निकले थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। आसपास के क्षेत्रों और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला। नदी किनारे मिला सामान परिजनों ने नदी किनारे पहुंचकर तलाश की तो वहां कन्हैया लाल के कपड़े, चप्पल, मोबाइल फोन और लाठी पड़ी मिली। सामान मिलने के बाद आशंका जताई गई कि वृद्ध नदी में नहाने गए होंगे और तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए होंगे। पुलिस और गोताखोरों ने चलाया रेस्क्यू मामले की सूचना मिलते ही पनवाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश शुरू कराई। तेज बहाव और खराब मौसम के बीच रेस्क्यू अभियान चलाना टीमों के लिए चुनौती बना रहा। इसके बावजूद पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और बाहर से बुलाई गई रेस्क्यू टीम ने लगातार नदी, किनारों और झाड़ियों में तलाश जारी रखी। झाड़ियों में फंसा मिला शव तीन दिनों तक चले अथक प्रयास के बाद मंगलवार सुबह छातेसर गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में कन्हैया लाल का शव फंसा दिखाई दिया। रेस्क्यू टीम ने शव को बाहर निकाला, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल पिता की तलाश में तीन दिनों से परेशान परिजनों को जैसे ही शव मिलने की जानकारी मिली, परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने रेस्क्यू अभियान में जुटी पुलिस और अन्य टीमों के प्रयासों की सराहना की। प्रथम दृष्टया वृद्ध के नदी के तेज बहाव में बहने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। तीन दिन से लापता वृद्ध कन्हैया लाल का शव झाड़ियों में फंसा मिला छातेसर के पास नदी किनारे मिला शव, तीन दिन से चल रहा था रेस्क्यू अभियान रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा पनवाड़ी/महोबा। पनवाड़ी थाना क्षेत्र के बिजरारी गांव निवासी 65 वर्षीय वृद्ध कन्हैया लाल के लापता होने का मामला मंगलवार सुबह शव मिलने के बाद दुखद रूप से समाप्त हो गया। तीन दिन से नदी में चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान के बाद वृद्ध का शव छातेसर गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में फंसा मिला। शव मिलने की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। 28 अगस्त को घर से निकले थे वृद्ध जानकारी के अनुसार बिजरारी गांव निवासी कन्हैया लाल 28 अगस्त को अपने घर से निकले थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। आसपास के क्षेत्रों और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला। नदी किनारे मिला सामान परिजनों ने नदी किनारे पहुंचकर तलाश की तो वहां कन्हैया लाल के कपड़े, चप्पल, मोबाइल फोन और लाठी पड़ी मिली। सामान मिलने के बाद आशंका जताई गई कि वृद्ध नदी में नहाने गए होंगे और तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए होंगे। पुलिस और गोताखोरों ने चलाया रेस्क्यू मामले की सूचना मिलते ही पनवाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश शुरू कराई। तेज बहाव और खराब मौसम के बीच रेस्क्यू अभियान चलाना टीमों के लिए चुनौती बना रहा। इसके बावजूद पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और बाहर से बुलाई गई रेस्क्यू टीम ने लगातार नदी, किनारों और झाड़ियों में तलाश जारी रखी। झाड़ियों में फंसा मिला शव तीन दिनों तक चले अथक प्रयास के बाद मंगलवार सुबह छातेसर गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में कन्हैया लाल का शव फंसा दिखाई दिया। रेस्क्यू टीम ने शव को बाहर निकाला, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल पिता की तलाश में तीन दिनों से परेशान परिजनों को जैसे ही शव मिलने की जानकारी मिली, परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने रेस्क्यू अभियान में जुटी पुलिस और अन्य टीमों के प्रयासों की सराहना की। प्रथम दृष्टया वृद्ध के नदी के तेज बहाव में बहने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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बहुत ही दुःखद स्थिति है गौ माता की गौशाला नहीं है या मौत साला है
    user_Rakesh Singh
    Rakesh Singh
    Farmer महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • नेशनल हाईवे 34 पर खन्ना से कबरई तक रोड पर अन्ना पशु बैठने से रोज हो रहे एक्सीडेंट नेशनल हाईवे 34 पर खन्ना से कबरई तक रोड पर जानवर बैठने से रोज हो रहे एक्सीडेंट जय बिल्डर के मैनेजर बोले- 10 मिनट में वापस आ जाते हैं जानवर, ग्राम प्रधानों ने साधी चुप्पी महोबा । नेशनल हाईवे 34 (NH-34) पर खन्ना, चिचारा और बरभोली गांवों के पास आवारा मवेशियों के कारण हो रहे हादसों पर अब टोल प्लाजा/हाईवे का रखरखाव करने वाली कंपनी जय बिल्डर की,,लाचारी,,, भी सामने आ गई है। कंपनी की टीम मवेशियों को हाईवे से हटाती तो है,,,, लेकिन महज 10 मिनट के भीतर ही सैकड़ों जानवर दोबारा उसी जगह आकर बैठ जाते हैं। इसके चलते तेज रफ्तार गाड़ियों के एक्सीडेंट का सिलसिला थम नहीं रहा है। जय बिल्डर के मैनेजर का बड़ा बयान: "हम हटाते हैं, 10 मिनट में फिर आ जाते हैं"पत्रकार से बातचीत में हाईवे का मेंटेनेंस देखने वाली कंपनी जय बिल्डर के मैनेजर ने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए बताया:सीमित पेट्रोलिंग रेंज: हमारी पेट्रोलिंग गाड़ी की रेंज 50 किलोमीटर लंबी है, जिसके कारण टीम को लगातार पूरे रूट पर मूव करना पड़ता है।तत्काल वापसी: पेट्रोलिंग टीम जैसे ही खन्ना-चिचारा के पास से जानवरों को हटाकर आगे बढ़ती है, उसके 10 मिनट बाद तत्काल जानवर दोबारा आकर उसी जगह बैठ जाते हैं।स्थानीय सहयोग की कमी: जब तक ग्रामीण और स्थानीय प्रशासन जानवरों को हाईवे पर आने से नहीं रोकेंगे, तब तक सिर्फ पेट्रोलिंग के भरोसे इस समस्या का हल निकालना नामुमकिन है।सिस्टम फेल: किसान बेहाल, गौशालाएं खाली, प्रधानों ने मुंह मोड़ाखेतों से खदेड़े जा रहे मवेशी: ग्रामीण इलाकों में फसल बचाने के लिए किसान मवेशियों को खेतों से भगाते हैं, जिससे वे सीधे हाईवे की पक्की सड़क पर आकर बैठ जाते हैं।कार्रवाई के डर से प्रधान मौन: हाईवे पर लगातार हो रही मौतों और गौशालाओं की बदहाली के बावजूद क्षेत्र का कोई भी ग्राम प्रधान इस मुद्दे पर बयान देने को राजी नहीं है। प्रशासनिक कार्रवाई और बजट के फेर में फंसने के डर से जनप्रतिनिधियों ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।रात के अंधेरे में हाईवे 34 पर सफर करना किसी जुए से कम नहीं रह गया है। जय बिल्डर की इस लाचारी के बाद अब सीधा सवाल जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पर उठता है कि क्या वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं?
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    नेशनल हाईवे 34 पर खन्ना से कबरई तक रोड पर अन्ना पशु बैठने से रोज हो रहे एक्सीडेंट 
नेशनल हाईवे 34 पर खन्ना से कबरई तक रोड पर जानवर बैठने से रोज हो रहे एक्सीडेंट 
जय बिल्डर के मैनेजर बोले- 10 मिनट में वापस आ जाते हैं जानवर, ग्राम प्रधानों ने साधी चुप्पी
महोबा । नेशनल हाईवे 34 (NH-34) पर खन्ना, चिचारा और बरभोली गांवों के पास आवारा मवेशियों के कारण हो रहे हादसों पर अब टोल प्लाजा/हाईवे का रखरखाव करने वाली कंपनी जय बिल्डर की,,लाचारी,,, भी सामने आ गई है। कंपनी की टीम मवेशियों को हाईवे से हटाती तो है,,,, लेकिन महज 10 मिनट के भीतर ही सैकड़ों जानवर दोबारा उसी जगह आकर बैठ जाते हैं। इसके चलते तेज रफ्तार गाड़ियों के एक्सीडेंट का सिलसिला थम नहीं रहा है।
जय बिल्डर के मैनेजर का बड़ा बयान: "हम हटाते हैं, 10 मिनट में फिर आ जाते हैं"पत्रकार से बातचीत में हाईवे का मेंटेनेंस देखने वाली कंपनी जय बिल्डर के मैनेजर ने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए बताया:सीमित पेट्रोलिंग रेंज: हमारी पेट्रोलिंग गाड़ी की रेंज 50 किलोमीटर लंबी है, जिसके कारण टीम को लगातार पूरे रूट पर मूव करना पड़ता है।तत्काल वापसी: पेट्रोलिंग टीम जैसे ही खन्ना-चिचारा के पास से जानवरों को हटाकर आगे बढ़ती है, उसके 10 मिनट बाद तत्काल जानवर दोबारा आकर उसी जगह बैठ जाते हैं।स्थानीय सहयोग की कमी: जब तक ग्रामीण और स्थानीय प्रशासन जानवरों को हाईवे पर आने से नहीं रोकेंगे, तब तक सिर्फ पेट्रोलिंग के भरोसे इस समस्या का हल निकालना नामुमकिन है।सिस्टम फेल: किसान बेहाल, गौशालाएं खाली, प्रधानों ने मुंह मोड़ाखेतों से खदेड़े जा रहे मवेशी: ग्रामीण इलाकों में फसल बचाने के लिए किसान मवेशियों को खेतों से भगाते हैं, जिससे वे सीधे हाईवे की पक्की सड़क पर आकर बैठ जाते हैं।कार्रवाई के डर से प्रधान मौन: हाईवे पर लगातार हो रही मौतों और गौशालाओं की बदहाली के बावजूद क्षेत्र का कोई भी ग्राम प्रधान इस मुद्दे पर बयान देने को राजी नहीं है। प्रशासनिक कार्रवाई और बजट के फेर में फंसने के डर से जनप्रतिनिधियों ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।रात के अंधेरे में हाईवे 34 पर सफर करना किसी जुए से कम नहीं रह गया है। जय बिल्डर की इस लाचारी के बाद अब सीधा सवाल जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पर उठता है कि क्या वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं?
    user_राजीव कुमार पत्रकार
    राजीव कुमार पत्रकार
    Local News Reporter महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बलदाऊ जन्मोत्सव पर दिखी आस्था की भव्य छटा पनवाड़ी के बलदाऊ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब बलदाऊ जन्मोत्सव पर दिखी आस्था की भव्य छटा पनवाड़ी के बलदाऊ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
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    बलदाऊ जन्मोत्सव पर दिखी आस्था की भव्य छटा पनवाड़ी के बलदाऊ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
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    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • महोबा जिले के डढ़हतमाफ गांव में लगातार बारिश के कारण एक कच्चा मकान गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय कोई व्यक्ति मलबे की चपेट में नहीं आया। मकान की छत और दीवारें बुरी तरह टूटकर जमीन पर आ गईं। छत पर लगी खपरैल भी बिखर गई। लगातार बारिश से मिट्टी की दीवारें कमजोर हो गई थीं, जिसके बाद मकान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। मकान गिरने से घर में रखा गृहस्थी का सामान भी खराब हो गया। परिवार के सामने अब रहने की दिक्कत खड़ी हो गई है।
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    महोबा जिले के डढ़हतमाफ गांव में लगातार बारिश के कारण एक कच्चा मकान गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय कोई व्यक्ति मलबे की चपेट में नहीं आया।

मकान की छत और दीवारें बुरी तरह टूटकर जमीन पर आ गईं। छत पर लगी खपरैल भी बिखर गई। लगातार बारिश से मिट्टी की दीवारें कमजोर हो गई थीं, जिसके बाद मकान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया।
मकान गिरने से घर में रखा गृहस्थी का सामान भी खराब हो गया। परिवार के सामने अब रहने की दिक्कत खड़ी हो गई है।
    user_Ashok kumar News repoter
    Ashok kumar News repoter
    Media and information sciences faculty महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • पुलिया टूटने से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा छेत्र के लोगो को आवागमन की हो रही भारी दिक्कत गौरहरी महोबा भडार पुलिया टूटने से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा गौरहरी से पनवाड़ी रोड पर अति वृष्टि के कारण भडार नाला की पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है जिसमें कभी भी कोई हादसा हो सकता है विगत तीन माह पूर्व इस पुलिया की मरम्मत pwd विभाग द्वारा करवाई गई थी और ऊपर एक स्लैप भी डाला गया था लेकिन स्लैप में न तो कोई बीम दी गई और न ही सरिया लगाई गई जिसके कारण पूरा स्लैप टूट गया है इस पुलिया पर पैदल व मोटरसाइकिल तो आराम से निकल जाती है लेकिन चार पहिया वाहन लोग अपनी जान को खतरे में डालकर निकालते है इस पुलिया के टूटने से गुढ़ा,गौरहरि बपरेता, धनावन, करहरा खुर्द,भटेवरा सहित दो दर्जन गांव प्रभावित हुए है लोगो का कहना है कि पुलिया को जल्द से जल्द बनना चाहिए
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    पुलिया टूटने से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा छेत्र के लोगो को आवागमन की हो रही भारी दिक्कत 
गौरहरी महोबा 
भडार पुलिया टूटने से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा 
गौरहरी से पनवाड़ी रोड पर अति वृष्टि के कारण भडार नाला की पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है जिसमें कभी भी कोई हादसा हो सकता है विगत तीन माह पूर्व इस पुलिया की मरम्मत pwd विभाग द्वारा करवाई गई थी और ऊपर एक स्लैप भी डाला गया था लेकिन स्लैप में न तो कोई बीम दी गई और न ही सरिया लगाई गई जिसके कारण पूरा स्लैप टूट गया है इस पुलिया पर पैदल व मोटरसाइकिल तो आराम से निकल जाती है लेकिन चार पहिया वाहन लोग अपनी जान को खतरे में डालकर निकालते है इस पुलिया के टूटने से गुढ़ा,गौरहरि बपरेता, धनावन, करहरा खुर्द,भटेवरा सहित दो दर्जन गांव प्रभावित हुए है लोगो का कहना है कि पुलिया को जल्द से जल्द बनना चाहिए
    user_Yogendra kumar mishra
    Yogendra kumar mishra
    Charkhari, Mahoba•
    14 hrs ago
  • *चित्रकूट: बाढ़ के बीच पुजारी ने भगवान को छोड़ने से किया इनकार, DM-SP हाथ जोड़कर करते रहे गुहार* *चित्रकूट।* मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद मंदिर परिसर में पानी घुस गया। स्थिति को गंभीर होता देख डीएम और एसपी खुद मौके पर पहुंचे और मंदिर के पुजारी से हाथ जोड़कर बाहर आने की अपील की - "महाराज मंदिर से बाहर आ जाइए।" लेकिन पुजारी ने जवाब दिया - "हम अपने भगवान को छोड़कर नहीं जाएंगे।" बाढ़ के बीच आस्था और कर्तव्य का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
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    *चित्रकूट: बाढ़ के बीच पुजारी ने भगवान को छोड़ने से किया इनकार, DM-SP हाथ जोड़कर करते रहे गुहार*
*चित्रकूट।* मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद मंदिर परिसर में पानी घुस गया। स्थिति को गंभीर होता देख डीएम और एसपी खुद मौके पर पहुंचे और मंदिर के पुजारी से हाथ जोड़कर बाहर आने की अपील की - "महाराज मंदिर से बाहर आ जाइए।"
लेकिन पुजारी ने जवाब दिया - "हम अपने भगवान को छोड़कर नहीं जाएंगे।"
बाढ़ के बीच आस्था और कर्तव्य का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
    user_निर्दोष राजपूत रिपोर्टर वन्दे भारत लाईव टीवी न्यूज़
    निर्दोष राजपूत रिपोर्टर वन्दे भारत लाईव टीवी न्यूज़
    राठ, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • चरखारी ब्लॉक में जर्जर पुलिया पर जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर लोग। चरखारी ब्लॉक में जर्जर पुलिया पर जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर लोग।
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    चरखारी ब्लॉक में जर्जर पुलिया पर जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर लोग।


चरखारी ब्लॉक में जर्जर पुलिया पर जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर लोग।
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • तीन दिन से लापता वृद्ध कन्हैया लाल का शव झाड़ियों में फंसा मिला छातेसर के पास नदी किनारे मिला शव, तीन दिन से चल रहा था रेस्क्यू अभियान रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा पनवाड़ी/महोबा। पनवाड़ी थाना क्षेत्र के बिजरारी गांव निवासी 65 वर्षीय वृद्ध कन्हैया लाल के लापता होने का मामला मंगलवार सुबह शव मिलने के बाद दुखद रूप से समाप्त हो गया। तीन दिन से नदी में चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान के बाद वृद्ध का शव छातेसर गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में फंसा मिला। शव मिलने की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। 28 अगस्त को घर से निकले थे वृद्ध जानकारी के अनुसार बिजरारी गांव निवासी कन्हैया लाल 28 अगस्त को अपने घर से निकले थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। आसपास के क्षेत्रों और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला। नदी किनारे मिला सामान परिजनों ने नदी किनारे पहुंचकर तलाश की तो वहां कन्हैया लाल के कपड़े, चप्पल, मोबाइल फोन और लाठी पड़ी मिली। सामान मिलने के बाद आशंका जताई गई कि वृद्ध नदी में नहाने गए होंगे और तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए होंगे। पुलिस और गोताखोरों ने चलाया रेस्क्यू मामले की सूचना मिलते ही पनवाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश शुरू कराई। तेज बहाव और खराब मौसम के बीच रेस्क्यू अभियान चलाना टीमों के लिए चुनौती बना रहा। इसके बावजूद पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और बाहर से बुलाई गई रेस्क्यू टीम ने लगातार नदी, किनारों और झाड़ियों में तलाश जारी रखी। झाड़ियों में फंसा मिला शव तीन दिनों तक चले अथक प्रयास के बाद मंगलवार सुबह छातेसर गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में कन्हैया लाल का शव फंसा दिखाई दिया। रेस्क्यू टीम ने शव को बाहर निकाला, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल पिता की तलाश में तीन दिनों से परेशान परिजनों को जैसे ही शव मिलने की जानकारी मिली, परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने रेस्क्यू अभियान में जुटी पुलिस और अन्य टीमों के प्रयासों की सराहना की। प्रथम दृष्टया वृद्ध के नदी के तेज बहाव में बहने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। तीन दिन से लापता वृद्ध कन्हैया लाल का शव झाड़ियों में फंसा मिला छातेसर के पास नदी किनारे मिला शव, तीन दिन से चल रहा था रेस्क्यू अभियान रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा पनवाड़ी/महोबा। पनवाड़ी थाना क्षेत्र के बिजरारी गांव निवासी 65 वर्षीय वृद्ध कन्हैया लाल के लापता होने का मामला मंगलवार सुबह शव मिलने के बाद दुखद रूप से समाप्त हो गया। तीन दिन से नदी में चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान के बाद वृद्ध का शव छातेसर गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में फंसा मिला। शव मिलने की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। 28 अगस्त को घर से निकले थे वृद्ध जानकारी के अनुसार बिजरारी गांव निवासी कन्हैया लाल 28 अगस्त को अपने घर से निकले थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। आसपास के क्षेत्रों और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला। नदी किनारे मिला सामान परिजनों ने नदी किनारे पहुंचकर तलाश की तो वहां कन्हैया लाल के कपड़े, चप्पल, मोबाइल फोन और लाठी पड़ी मिली। सामान मिलने के बाद आशंका जताई गई कि वृद्ध नदी में नहाने गए होंगे और तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए होंगे। पुलिस और गोताखोरों ने चलाया रेस्क्यू मामले की सूचना मिलते ही पनवाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश शुरू कराई। तेज बहाव और खराब मौसम के बीच रेस्क्यू अभियान चलाना टीमों के लिए चुनौती बना रहा। इसके बावजूद पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और बाहर से बुलाई गई रेस्क्यू टीम ने लगातार नदी, किनारों और झाड़ियों में तलाश जारी रखी। झाड़ियों में फंसा मिला शव तीन दिनों तक चले अथक प्रयास के बाद मंगलवार सुबह छातेसर गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में कन्हैया लाल का शव फंसा दिखाई दिया। रेस्क्यू टीम ने शव को बाहर निकाला, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल पिता की तलाश में तीन दिनों से परेशान परिजनों को जैसे ही शव मिलने की जानकारी मिली, परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने रेस्क्यू अभियान में जुटी पुलिस और अन्य टीमों के प्रयासों की सराहना की। प्रथम दृष्टया वृद्ध के नदी के तेज बहाव में बहने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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    तीन दिन से लापता वृद्ध कन्हैया लाल का शव झाड़ियों में फंसा मिला
छातेसर के पास नदी किनारे मिला शव, तीन दिन से चल रहा था रेस्क्यू अभियान
रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा
पनवाड़ी/महोबा। पनवाड़ी थाना क्षेत्र के बिजरारी गांव निवासी 65 वर्षीय वृद्ध कन्हैया लाल के लापता होने का मामला मंगलवार सुबह शव मिलने के बाद दुखद रूप से समाप्त हो गया। तीन दिन से नदी में चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान के बाद वृद्ध का शव छातेसर गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में फंसा मिला। शव मिलने की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया।
28 अगस्त को घर से निकले थे वृद्ध
जानकारी के अनुसार बिजरारी गांव निवासी कन्हैया लाल 28 अगस्त को अपने घर से निकले थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। आसपास के क्षेत्रों और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला।
नदी किनारे मिला सामान
परिजनों ने नदी किनारे पहुंचकर तलाश की तो वहां कन्हैया लाल के कपड़े, चप्पल, मोबाइल फोन और लाठी पड़ी मिली। सामान मिलने के बाद आशंका जताई गई कि वृद्ध नदी में नहाने गए होंगे और तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए होंगे।
पुलिस और गोताखोरों ने चलाया रेस्क्यू
मामले की सूचना मिलते ही पनवाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश शुरू कराई। तेज बहाव और खराब मौसम के बीच रेस्क्यू अभियान चलाना टीमों के लिए चुनौती बना रहा। इसके बावजूद पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और बाहर से बुलाई गई रेस्क्यू टीम ने लगातार नदी, किनारों और झाड़ियों में तलाश जारी रखी।
झाड़ियों में फंसा मिला शव
तीन दिनों तक चले अथक प्रयास के बाद मंगलवार सुबह छातेसर गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में कन्हैया लाल का शव फंसा दिखाई दिया। रेस्क्यू टीम ने शव को बाहर निकाला, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
पिता की तलाश में तीन दिनों से परेशान परिजनों को जैसे ही शव मिलने की जानकारी मिली, परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने रेस्क्यू अभियान में जुटी पुलिस और अन्य टीमों के प्रयासों की सराहना की।
प्रथम दृष्टया वृद्ध के नदी के तेज बहाव में बहने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
तीन दिन से लापता वृद्ध कन्हैया लाल का शव झाड़ियों में फंसा मिला
छातेसर के पास नदी किनारे मिला शव, तीन दिन से चल रहा था रेस्क्यू अभियान
रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा
पनवाड़ी/महोबा। पनवाड़ी थाना क्षेत्र के बिजरारी गांव निवासी 65 वर्षीय वृद्ध कन्हैया लाल के लापता होने का मामला मंगलवार सुबह शव मिलने के बाद दुखद रूप से समाप्त हो गया। तीन दिन से नदी में चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान के बाद वृद्ध का शव छातेसर गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में फंसा मिला। शव मिलने की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया।
28 अगस्त को घर से निकले थे वृद्ध
जानकारी के अनुसार बिजरारी गांव निवासी कन्हैया लाल 28 अगस्त को अपने घर से निकले थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। आसपास के क्षेत्रों और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला।
नदी किनारे मिला सामान
परिजनों ने नदी किनारे पहुंचकर तलाश की तो वहां कन्हैया लाल के कपड़े, चप्पल, मोबाइल फोन और लाठी पड़ी मिली। सामान मिलने के बाद आशंका जताई गई कि वृद्ध नदी में नहाने गए होंगे और तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए होंगे।
पुलिस और गोताखोरों ने चलाया रेस्क्यू
मामले की सूचना मिलते ही पनवाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश शुरू कराई। तेज बहाव और खराब मौसम के बीच रेस्क्यू अभियान चलाना टीमों के लिए चुनौती बना रहा। इसके बावजूद पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और बाहर से बुलाई गई रेस्क्यू टीम ने लगातार नदी, किनारों और झाड़ियों में तलाश जारी रखी।
झाड़ियों में फंसा मिला शव
तीन दिनों तक चले अथक प्रयास के बाद मंगलवार सुबह छातेसर गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में कन्हैया लाल का शव फंसा दिखाई दिया। रेस्क्यू टीम ने शव को बाहर निकाला, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
पिता की तलाश में तीन दिनों से परेशान परिजनों को जैसे ही शव मिलने की जानकारी मिली, परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने रेस्क्यू अभियान में जुटी पुलिस और अन्य टीमों के प्रयासों की सराहना की।
प्रथम दृष्टया वृद्ध के नदी के तेज बहाव में बहने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
    user_Hari Singh
    Hari Singh
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
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