कुड़गांव थाना पुलिस ने अवैध स्मैक के साथ एक तस्कर को सफलतापूर्वक गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। थाना अधिकारी मंजू फौजदार ने मंगलवार शाम 6:00 बजे जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, गश्त कर रही टीम ने गांव खिरखिड़ा के हार से स्मैक तस्कर रघुवीर उर्फ भगत पुत्र तेजराम गुर्जर, निवासी खिरखिड़ा को देखा। पुलिस जाब्ता को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से 01.40 ग्राम मादक पदार्थ स्मैक जब्त की गई है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 50,000 रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही, घटना में प्रयुक्त एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किया है। पुलिस फिलहाल इस स्मैक तस्कर से स्मैक की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में गहनता से पूछताछ कर रही है। आरोपी रघुवीर उर्फ भगत के खिलाफ कुड़गांव पुलिस थाने में पूर्व में भी कई मामले दर्ज हैं।
कुड़गांव थाना पुलिस ने अवैध स्मैक के साथ एक तस्कर को सफलतापूर्वक गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। थाना अधिकारी मंजू फौजदार ने मंगलवार शाम 6:00 बजे जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, गश्त कर रही टीम ने गांव खिरखिड़ा के हार से स्मैक तस्कर रघुवीर उर्फ भगत पुत्र तेजराम गुर्जर, निवासी खिरखिड़ा को देखा। पुलिस जाब्ता को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से 01.40 ग्राम मादक पदार्थ स्मैक जब्त की गई है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 50,000 रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही, घटना में प्रयुक्त एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किया है। पुलिस फिलहाल इस स्मैक तस्कर से स्मैक की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में गहनता से पूछताछ कर रही है। आरोपी रघुवीर उर्फ भगत के खिलाफ कुड़गांव पुलिस थाने में पूर्व में भी कई मामले दर्ज हैं।
- पांचना बांध से नहरों में पानी खोले जाने के विषय पर उप नेता प्रतिपक्ष विधायक रामकेश मीणा ने हाई कोर्ट की सुनवाई के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है।1
- करौली जिले के हिंडौन क्षेत्र स्थित भोपुर में गंभीर नदी के पास विद्युत करंट की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत का मामला अब सुलझ गया है। प्रशासन और मृतकों के परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद दो दिनों से जारी धरना समाप्त कर दिया गया है। प्रशासन ने तीनों मृतकों के परिवारों को कुल 37.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है। इसके तहत, प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये नकद, 5 लाख रुपये का मौके पर ही चेक और अगले 15 दिनों में 7 लाख रुपये देने का वादा किया गया है। साथ ही, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दी जाएगी। इस मामले में गंभीर लापरवाही बरतने पर विद्युत विभाग के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, और तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम घटना स्थल पर ही कराया गया था। धरना स्थल पर करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, टोडाभीम विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष घनश्याम महर, हिंडौन विधायक अनीता जाटव, जाटव समाज सुधार समिति 360 गांव के अध्यक्ष हट्टी राम, और संबंधित ठेकेदार सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।1
- प्रहलाद खटाणा और जगन गुर्जर के बेटे ने समाज से न्याय दिलाने की मांग की है। इस संदर्भ में उन्होंने अपनी बात रखी और समाज से उचित कार्रवाई की अपील की।1
- हरिद्वार से पवित्र कांवड़ लेकर उज्जैन महाकाल के दर्शन के लिए पैदल यात्रा कर रहे शिवभक्त कांवड़ियों का श्योपुर (मध्य प्रदेश) स्थित बल्लू टी स्टॉल, फेमस पर हार्दिक स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस दौरान सभी श्रद्धालुओं को प्रेम, श्रद्धा और सेवा भाव से चाय सेवा प्रदान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बताया गया है कि यह कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति भक्तों की अटूट आस्था, श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है, और ऐसे पुण्य अवसर पर शिवभक्तों की सेवा करना अपने आप में सौभाग्य तथा पुण्य का कार्य है। बल्लू टी स्टॉल, फेमस श्योपुर, हमेशा यात्रियों और जरूरतमंदों की सेवा के लिए तत्पर रहता है, और भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की गई है कि सभी कांवड़ियों की यात्रा मंगलमय, सुरक्षित और सफल हो, तथा उन पर महाकाल और भोलेनाथ की कृपा सदैव बनी रहे।1
- अजमेर में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल में हुई मौत के मामले में मंगलवार को उनके परिजन और समर्थक जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है और अपनी मांगों को पूरा होने तक पोस्टमार्टम न कराने का फैसला किया है। परिजनों ने प्रमुख रूप से दो मांगें रखी हैं: एक तो जगन गुर्जर की मौत के मामले में सीबीआई जांच कराई जाए, और दूसरी यह कि जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को अजमेर से किसी अन्य जेल में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी ये मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक उनका धरना जारी रहेगा और शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- राजस्थान में सरकारें जब 'प्रशासन गांवों के संग' जैसे बड़े-बड़े शिविर आयोजित करती हैं, तो ग्रामीणों में उम्मीद जगती है कि उनकी सालों पुरानी समस्याओं का समाधान होगा। हालाँकि, जब इन शिविरों में पेयजल जैसी बुनियादी ज़रूरत पर भी चर्चा नहीं होती, तो ग्रामीणों का व्यवस्था से भरोसा उठना स्वाभाविक है। मोरड़ा गांव में पिछले 20 साल यानी दो दशकों से पेयजल का संकट गहराया हुआ है, जहाँ पूरी एक पीढ़ी सिर्फ़ टैंकरों के भरोसे पानी पीकर बड़ी हुई है। मीडिया में आवाज़ उठाने, जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटने और 181 (राजस्थान संपर्क पोर्टल) पर शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है, जो सिस्टम की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इस स्थिति के लिए जलदाय विभाग (PHED) की घोर लापरवाही, जनप्रतिनिधियों की राजनीतिक इच्छाशक्ति में कमी और अधिकारियों की जवाबदेही तय न होना प्रमुख कारण हैं। करोड़ों रुपये का बजट कागज़ों में पास होने के बाद भी पानी ज़मीन पर नहीं पहुंचना स्थानीय अधिकारियों की कार्यशैली और मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े करता है। चुनाव में बड़े वादे कर जीतने के बाद जनता की बुनियादी समस्याओं को ठंडे बस्ते में डाल देना नेताओं की उदासीनता का प्रमाण है, जिसने मोरड़ा के ग्रामीणों को 20 साल से प्यासा रखा है। समस्या का समाधान न हो पाने के पीछे कागज़ी खानापूर्ति और भ्रष्टाचार भी एक बड़ी वजह है, जहाँ योजनाओं का पैसा पाइपलाइनों या बोरिंग के नाम पर निकाल लिया जाता है, लेकिन तकनीकी खामी या सही प्लानिंग न होने से पानी घरों तक नहीं पहुंचता। टोडाभीम और करौली के कई इलाकों में भूजल स्तर या तो बहुत नीचे चला गया है या पानी फ्लोराइड युक्त होने के कारण पीने योग्य नहीं है। ऐसी स्थिति में, जब तक गांव को चंबल परियोजना जैसी किसी बड़ी बाहरी नदी या बांध परियोजना से नहीं जोड़ा जाता, स्थानीय स्तर पर बोरिंग कराने से भी हल नहीं निकलता, जिसके लिए बड़े प्रशासनिक प्रयासों की आवश्यकता है, जो अब तक नहीं किए गए। चूंकि शिविरों और सामान्य शिकायतों से कोई असर नहीं हो रहा है, ग्रामीणों को अब सामूहिक आरटीआई के ज़रिए जलदाय विभाग से पिछले 10-20 सालों के बजट और खर्च का हिसाब पूछना चाहिए। साथ ही, स्थानीय अधिकारियों से ऊपर उठकर सीधे जयपुर में जलदाय मंत्री, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और जलदाय विभाग के मुख्य सचिव को 181 की पुरानी शिकायतों के टोकन नंबर के साथ एक विस्तृत, हस्ताक्षरित ज्ञापन भेजा जाना चाहिए। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री, जलदाय मंत्री और करौली कलेक्टर को टैग कर गांव की खाली मटकियों और टैंकरों की तस्वीरें/वीडियो साझा करके एक अभियान चलाना चाहिए। आगामी चुनावों में 'पानी नहीं तो वोट नहीं' का संकल्प लेना भी लोकतंत्र में जनता का सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकता है। मोरड़ा के ग्रामीण किसी गलती के लिए नहीं, बल्कि एक लापरवाह सिस्टम और राजनीतिक उपेक्षा के शिकार हुए हैं। यह हक की लड़ाई लंबी हो सकती है, लेकिन एकजुटता और सही रणनीति से इस 20 साल पुराने संकट को खत्म किया जा सकता है।1
- कुड़गांव थाना पुलिस ने अवैध स्मैक के साथ एक तस्कर को सफलतापूर्वक गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। थाना अधिकारी मंजू फौजदार ने मंगलवार शाम 6:00 बजे जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, गश्त कर रही टीम ने गांव खिरखिड़ा के हार से स्मैक तस्कर रघुवीर उर्फ भगत पुत्र तेजराम गुर्जर, निवासी खिरखिड़ा को देखा। पुलिस जाब्ता को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से 01.40 ग्राम मादक पदार्थ स्मैक जब्त की गई है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 50,000 रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही, घटना में प्रयुक्त एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किया है। पुलिस फिलहाल इस स्मैक तस्कर से स्मैक की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में गहनता से पूछताछ कर रही है। आरोपी रघुवीर उर्फ भगत के खिलाफ कुड़गांव पुलिस थाने में पूर्व में भी कई मामले दर्ज हैं।1
- राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में एक पुलिसकर्मी का हार्ट अटैक से निधन हो गया। पुलिसकर्मी के पार्थिव शरीर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।1
- जयपुर में पैरा मेडिकल की बैक परीक्षा पास कराने के एवज में 45 छात्रों से पैसे लेकर नकल करवाने की तैयारी चल रही थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पुलिस ने छापा मारकर इस बड़े नकल रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया। इस कार्रवाई में कॉलेज संचालक रामकृष्ण मंडीवाल, उनके भतीजे देवकृष्ण, एचओडी कृष्ण कुमार और लेक्चरर शंकरलाल जाट सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। नकल की साजिश पकड़ी जाने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद संबंधित परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया। परीक्षा रद्द होने से आक्रोशित हुए अन्य छात्रों ने जमकर तोड़फोड़ की।1