छिंदवाड़ा में भगवा ध्वज उतारे जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में सकल हिंदू समाज और विश्व हिंदू परिषद समेत अन्य हिंदू संगठनों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और चक्का जाम कर दिया। मामला मानसरोवर कॉम्प्लेक्स के सामने स्थित मेजर अमित ठेंगे स्मारक का है। नगर निगम के कुछ कर्मचारी हाईमास्ट पर लहराते भगवा ध्वज को उतारने पहुंचे थे। इसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में हिंदू संगठन मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने निगम कमिश्नर के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ती देख निगम कमिश्नर सीपी राय, कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे, जिला पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में हिंदू संगठनों से जुड़े युवाओं ने भगवा ध्वज दोबारा फहराया। इस दौरान जय श्रीराम, वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारे लगाए गए।
छिंदवाड़ा में भगवा ध्वज उतारे जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में सकल हिंदू समाज और विश्व हिंदू परिषद समेत अन्य हिंदू संगठनों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और चक्का जाम कर दिया। मामला मानसरोवर कॉम्प्लेक्स के सामने स्थित मेजर अमित ठेंगे स्मारक का है। नगर निगम के कुछ कर्मचारी हाईमास्ट पर लहराते भगवा ध्वज को उतारने पहुंचे थे। इसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में हिंदू संगठन मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने निगम कमिश्नर के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ती देख निगम कमिश्नर सीपी राय, कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे, जिला पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में हिंदू संगठनों से जुड़े युवाओं ने भगवा ध्वज दोबारा फहराया। इस दौरान जय श्रीराम, वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारे लगाए गए।
- छिंदवाड़ा में भगवा ध्वज उतारे जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में सकल हिंदू समाज और विश्व हिंदू परिषद समेत अन्य हिंदू संगठनों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और चक्का जाम कर दिया। मामला मानसरोवर कॉम्प्लेक्स के सामने स्थित मेजर अमित ठेंगे स्मारक का है। नगर निगम के कुछ कर्मचारी हाईमास्ट पर लहराते भगवा ध्वज को उतारने पहुंचे थे। इसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में हिंदू संगठन मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने निगम कमिश्नर के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ती देख निगम कमिश्नर सीपी राय, कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे, जिला पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में हिंदू संगठनों से जुड़े युवाओं ने भगवा ध्वज दोबारा फहराया। इस दौरान जय श्रीराम, वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारे लगाए गए।4
- छिंदवाड़ा जिले के ग्रामीण अंचल आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित देखें एक्सक्लूसिव वीडियो छिंदवाड़ा में फिर हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई हैं।जहां एक गर्भवती महिला को डोली में रखकर एंबुलेंस तक पहुंचा रहे ग्रामवासी सड़क नहीं होने की वजह से एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती आज भी ग्रामीण अंचल की दुर्दशा देखने वाला कोई नहीं.तीन दिनों में यह दूसरी घटना सामने आई है...जिसमें विकास के दावों की पोल खोलती हुई नजर आ रही है...जुन्नारदेव के कुकर पानी गांव से दमुआ अस्पताल पहुंचाया गया...वीडियो सामने आया है जो करीब रात 2:00 बजे का है जहां एक गर्भवती महिला को डोली में रखकर एंबुलेंस तक ले जाया गया....1
- शिक्षक केवल ज्ञान नहीं, जीवन की दिशा भी देते हैं | चौरई में शिक्षक सम्मान समारोह चौरई में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। नगरपालिका चौरई एवं जनपद पंचायत चौरई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में चौरई विकासखंड के उत्कृष्ट शिक्षकों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, सांसद विवेक (बंटी) साहू, विधायक पं. रमेश दुबे सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि शिक्षकों को अपने विषय का विशेषज्ञ होना चाहिए, क्योंकि शिक्षा ही राष्ट्र और सुदृढ़ समाज के निर्माण की आधारशिला है।1
- आज़ादी के 78 साल बाद भी विकास को तरसता झिरपानी: सड़क और पुलिया न होने से झोली में इलाज कराने को मजबूर ग्रामीण आज़ादी के 78 साल बाद भी विकास को तरसता झिरपानी: सड़क और पुलिया न होने से झोली में इलाज कराने को मजबूर ग्रामीण K K R News ब्लॉक ब्यूरो चीफ नोमान खान कादरी की रिपोर्ट तामिया (छिंदवाड़ा)। एक तरफ सरकारें विकास का दावा करती हैं और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए करोड़ों रुपयों की योजनाओं का ढिंढोरा पीटा जाता है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर तस्वीरें कुछ और ही बयां करती हैं। तामिया जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चोपना के ग्राम झिरपानी की स्थिति आज भी बेहद दयनीय है। आजादी के दशकों बाद भी यह गांव विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। गांव में पक्की सड़क और पुलिया न होने के कारण आपात स्थिति में कोई भी चारपहिया या दुपहिया वाहन गांव के भीतर तक नहीं पहुंच पाता। सबसे विकट स्थिति तब बनती है जब गांव में कोई बीमार होता है या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना पड़ता है। एम्बुलेंस या अन्य गाड़ियां न आ पाने के कारण ग्रामीणों को मजबूरी में मरीज को 'जोंगा' (बांस और कपड़े से बनी झोली) में लादकर पैदल ही कई किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है। इसके बाद ही उन्हें दूसरे गांव या शहर ले जाकर इलाज मिल पाता है। ट्राइबल फंड और योजनाओं का क्या हुआ? ग्रामीणों का आरोप है कि शासन-प्रशासन द्वारा ट्राइबल (आदिवासी) कल्याण के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये की योजनाएं मंजूर की जाती हैं, लेकिन झिरपानी जैसे पिछड़े आदिवासी गांवों तक इन योजनाओं का लाभ कभी नहीं पहुंचता। मूलभूत सुविधाओं का अभाव: गांव में न पक्की सड़क है और न ही नदी-नालों पर पुलिया, जिससे बारिश के दिनों में गांव पूरी तरह कट जाता है। इलाज के अभाव में खतरा: समय पर वाहन न मिलने से कई बार मरीजों की जान पर बन आती है। नेताओं और अधिकारियों से निराशा: ग्रामीणों ने कई बार जन प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। स्थानीय निवासियों की मांग है कि गांव में जल्द से जल्द पक्की सड़क और पुलिया का निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें इस कष्टदायी स्थिति से निजात मिल सके और झिरपानी के आदिवासियों को भी आजादी के असली विकास का अनुभव हो सके।2
- Seoni News: स्कूल जाने की राह में गंदगी का ‘इम्तिहान’! जिम्मेदारों की अनदेखी से परेशान बच्चे !1
- *ग्राम पंचायत जनसुनवाई में समस्याओं को लेकर पहुंचे ग्रामीण* *ग्रामीण बोले अब नहीं जाना पड़ेगा शिकायत लेकर जिला मुख्यालय समय एवं पैसों की होगी बचत* ग्राम पंचायत बादलपार में मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई शिविर आयोजित किया गया शिविर के दौरान ग्राम पंचायत क्षेत्र के ग्रामीण अपनी समस्याएं को लेकर पहुंचे शिविर में ग्राम पंचायत सचिव के द्वारा समझाइए देकर आवेदन ले रहे थे लोगों ने कहा कि हमें शिकायत लेकर जिला मुख्यालय 30 किलोमीटर सिवनी जाना पड़ता था जो हमें अपने पंचायत में ही निराकरण करने का अवसर मिल रहा है अब समय एवं पैसों की बचत हो रही है।1
- महाकौशल एक्सप्रेस के संपादक शमीम खान पर जानलेवा हमले का खुलासा.......? महाकौशल एक्सप्रेस के संपादक शमीम खान पर जानलेवा हमले का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, सुपारी देने वाले मास्टरमाइंड की तलाश जारी सिवनी पुलिस ने आरोपी का निकाला जुलूस, न्यायलय में किया पेश 25 हजार की सुपारी लेकर हुआ था हमला सिवनी। दैनिक महाकौशल एक्सप्रेस के संपादक शमीम खान पर 3 सितंबर को हुए हमले के मामले में कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 25 हजार रुपये की कथित सुपारी लेकर हमला किया गया था। मुख्य आरोपी कान्हा उर्फ कृष्णा उर्फ बिट्टू बैरागी और एक 16 वर्षीय विधि-विवादित किशोर को पुलिस ने हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने आरोपियों का जुलूस भी निकाला। जांच में सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस को अहम सुराग मिले। अब पुलिस कथित सुपारी देने वाले मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है। हमले के पीछे की पूरी साजिश और अन्य आरोपियों का खुलासा होना अभी बाकी है। पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।3
- खुले में शराब पीने वालों के ऊपर पुलिस की हुई कार्रवाई होटल ढाबा और खुले क्षेत्र में पुलिस ने दबीश देर रात तक चली कार्रवाई छिंदवाड़ा एक बार कोतवाली पुलिस फिर हरकत पर नजर आई कोतवाली पुलिस के द्वारा बस स्टैंड लालबाग चंदन गांव परासिया रोड नागपुर रोड स्थित कई क्षेत्रों में खुले में शराब पीने वालों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने देर रात तक कार्रवाई की कोतवाली पुलिस के द्वारा शहर में अवैध शराब की बिक्री को लेकर भी मुहिम छेड़ी गई है जिसको लेकर होटल ढाबों और खुले क्षेत्र में कार्रवाई की शराब पीने वाले और गुमटियों में शराब पिलाने वालों को समझाइस दी गई कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे ने बताया कि यहां करवाई बस स्टैंड शराब दुकान के आसपास बैठकर शराब पीने वालों को खदेड़ा गया वहीं गुमटियों और होटल में ढाबों में शराब पिलाने वालों को समझाइश दी गई है कि दुकान के अंदर बैठाल के शराब न पिलाई जाए नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे ने बताया कि यह कार्रवाई अब निरंतर ही शहर में चलती रहेगी और खुले में शराब पीने वालों को अब बक्सा नहीं जाएगा अन्यथा कार्रवाई भी की जाएगी कार्रवाई के दौरान सब इंस्पेक्टर नारायण बघेल बृजेश रघुवंशी और कोतवाली की टीम उपस्थित थी4