पंचकूला के सरकारी स्कूल में मासूम बच्ची के साथ हुई घटना के विरोध में यमुनानगर के जागरूक नागरिकों ने उठाई आवाज *यमुनानगर, 1 नवंबर 2026।** पंचकूला के सरकारी स्कूल में 8 वर्षीय छात्र द्वारा 6 वर्षीय मासूम छात्रा को ईंट से बेरहमी से पीटे जाने की सामने आई घटना के विरोध में आज यमुनानगर में जागरूक नागरिकों द्वारा विरोध दर्ज करवाया गया। इस दौरान उपस्थित नागरिकों ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की जवाबदेही, स्कूल प्रशासन की निगरानी और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। नागरिकों ने कहा कि स्कूल केवल बच्चों को पढ़ाने की जगह नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित भविष्य की नींव होते हैं। यदि स्कूल परिसर में ही छोटे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? आखिर स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कर रहे हैं? इस अवसर पर मांग उठाई गई कि सरकारी शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बच्चों की पढ़ाई भी सरकारी स्कूलों में अनिवार्य करने के लिए कानून बनाने पर विचार किया जाए। जब सरकारी कर्मचारी और अधिकारी स्वयं उसी शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनेंगे, तब सरकारी स्कूलों की शिक्षा, साफ-सफाई, रखरखाव, सुविधाओं और सुरक्षा को बेहतर बनाने की मांग और अधिक मजबूती से उठेगी। जागरूक नागरिकों ने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण पाने का पूरा अधिकार है। सरकार को सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ शिक्षकों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करनी चाहिए। **प्रमुख मांगें:** - सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों। - स्कूल प्रशासन और शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाए। - घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई हो। - सरकारी स्कूलों में शिक्षा, सफाई और रखरखाव की गुणवत्ता सुधारी जाए। - सभी बच्चों को समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार मिले। इस विरोध में मुख्य रूप से **संजीव नंदा, संजय राघव, अंकुश बख्शी, विकास चौधरी** सहित अन्य जागरूक नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। ### हमारा नारा **एक देश – एक किताब – एक समान फीस।** **शिक्षा में समानता, स्कूलों में सुरक्षा और व्यवस्था में जवाबदेही जरूरी है!**
पंचकूला के सरकारी स्कूल में मासूम बच्ची के साथ हुई घटना के विरोध में यमुनानगर के जागरूक नागरिकों ने उठाई आवाज *यमुनानगर, 1 नवंबर 2026।** पंचकूला के सरकारी स्कूल में 8 वर्षीय छात्र द्वारा 6 वर्षीय मासूम छात्रा को ईंट से बेरहमी से पीटे जाने की सामने आई घटना के विरोध में आज यमुनानगर में जागरूक नागरिकों द्वारा विरोध दर्ज करवाया गया। इस दौरान उपस्थित नागरिकों ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की जवाबदेही, स्कूल प्रशासन की निगरानी और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। नागरिकों ने कहा कि स्कूल केवल बच्चों को पढ़ाने की जगह नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित भविष्य की नींव होते हैं। यदि स्कूल परिसर में ही छोटे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? आखिर स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कर रहे हैं? इस अवसर पर मांग उठाई गई कि सरकारी शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बच्चों की पढ़ाई भी सरकारी स्कूलों में अनिवार्य करने के लिए कानून बनाने पर विचार किया जाए। जब सरकारी कर्मचारी और अधिकारी स्वयं उसी शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनेंगे, तब सरकारी स्कूलों की शिक्षा, साफ-सफाई, रखरखाव, सुविधाओं और सुरक्षा को बेहतर बनाने की मांग और अधिक मजबूती से उठेगी। जागरूक नागरिकों ने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण पाने का पूरा अधिकार है। सरकार को सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ शिक्षकों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करनी चाहिए। **प्रमुख मांगें:** - सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों। - स्कूल प्रशासन और शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाए। - घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई हो। - सरकारी स्कूलों में शिक्षा, सफाई और रखरखाव की गुणवत्ता सुधारी जाए। - सभी बच्चों को समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार मिले। इस विरोध में मुख्य रूप से **संजीव नंदा, संजय राघव, अंकुश बख्शी, विकास चौधरी** सहित अन्य जागरूक नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। ### हमारा नारा **एक देश – एक किताब – एक समान फीस।** **शिक्षा में समानता, स्कूलों में सुरक्षा और व्यवस्था में जवाबदेही जरूरी है!**
- थाना छप्पर के नजदीक हुआ सड़क हादसा । वीडियो में दिख रहे अंजान व्यक्ति की पहचान के लिए मुलाना हस्पताल में सम्पर्क करे ।1
- सहारनपुर में रविदास मंदिर परिसर में खड़ी ज्वेलर्स की लग्जरी कार में लगी आग, पास खड़ी दूसरी कार भी चपेट में आई सहारनपुर के बेहट थाना क्षेत्र के मोहल्ला खालसा में रविवार दोपहर रविदास मंदिर परिसर में खड़ी एक ज्वेलर्स की लग्जरी कार में अचानक आग लग गई। आग ने पास खड़ी दूसरी कार को भी चपेट में ले लिया। हादसे में दोनों कारों को नुकसान पहुंचा और लाखों रुपये की क्षति हुई। दिल्ली रोड स्थित ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी सर्राफ रिशु गर्ग रोजाना की तरह अपनी कार से मंदिर परिसर पहुंचे थे। कार खड़ी करने के बाद वह दुकान पर चले गए। दोपहर करीब दो बजे अचानक कार से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। पास खड़ी सहसपुर, देहरादून निवासी तौहीद की कार भी आग की चपेट में आ गई। स्थानीय लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1
- सहारनपुर में घर में आग लगाने के मामले में 11 महीने बाद गिरफ्तारी, पिता-बेटी झुलसे थे; पीड़ित ने दो लोगों पर लगाया था आरोप सहारनपुर में चिलकाना क्षेत्र के दूधगढ़ गांव में घर में आग लगने से पिता-बेटी के झुलसने के मामले में पुलिस ने करीब 11 महीने बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। रविवार दोपहर तीन बजे पुलिस ने गांव में दबिश देकर इरशाद पुत्र जमशेद को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ इसी मामले में अदालत से वारंट जारी हुआ था। पुलिस उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई कर रही है। मामला 7 दिसंबर 2025 की रात का है। दूधगढ़ निवासी कादिर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह अपने भाई शाहजाद के साथ लुधियाना में सिलाई का काम करता है। रात करीब तीन बजे गांव के शादाब ने फोन कर सूचना दी कि उसके घर में आग लग गई है। हादसे में उसके पिता और बहन शाहजहां गंभीर रूप से झुलस गए हैं। दोनों को उपचार के लिए पिलखनी स्थित पीजीआई में भर्ती कराया गया था। कादिर ने अपनी शिकायत में गांव के ही इरशाद पुत्र जमशेद और राशिद पुत्र इनाम पर घर में आग लगाने का शक जताया था। उसने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में पुलिस ने 8 दिसंबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया था। घटना के बाद से आरोपी पुलिस को चकमा दे रहा था। जिसके अदालत से वारंट जारी हुए थे। थाना प्रभारी अक्षय शर्मा के नेतृत्व में चिलकाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दूधगढ़ गांव में दबिश दी। यहां से इरशाद को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी मुकदमे में जारी वारंट के आधार पर की गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मुकदमे में बीएनएस की धारा 326(जी) लगाई गई है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसआई विमल कुमार सैनी, हेड कांस्टेबल मोहित शर्मा और कांस्टेबल गोपाल सोलंकी शामिल रहे।1
- देश को अराजकता की ओर धकेलने का कार्य कर रहा विपक्ष: कृष्ण बेदी … विपक्ष द्वारा एस.आई.आर संबंधित फैलाये भ्रम को लेकर केबिनेट मंत्री ने लिया विपक्ष को आड़े हाथों …. कुरुक्षेत्र, दैनिक अमृत धारा (गोपाल मेहरा)एक ओर जहाँ भाजपा एस.आई.आर के माध्यम से देश की व्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रयास कर रही है वहीं विपक्ष एस.आई.आर को लेकर जनता में भाँति भाँति के भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। देश की जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार में केबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने सेक्टर 8 स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता की। मीडिया को संबोधित करते हुए कृष्ण बेदी ने कहा कि एस.आई.आर को लेकर विपक्ष द्वारा जो निराधार भ्रम फैलाए जा रहे हैं वह पूर्णतः ग़लत हैं और जो एस.आई.आर कांग्रेस राज में दस बार हो चुका हो वो अब ग़लत कैसे हो गया, इससे उनकी मंशा और मानसिकता का पता चलता है कि कांग्रेस के पास न तो जनता और देश के उत्थान का मुद्दा है, उनके पास केवल ऐसी दिशाहीन बातें है जिससे वो आम जनता को भ्रमित कर देश को अराजकता की ओर धकेलने का कार्य कर रहा है और यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों का गहन पुनरीण पहले भी होता रहा है तो कांग्रेस के देश को भ्रमित करने का क्या षड्यंत्र है जो उन्हें ये हज़म नहीं हो रही, क्या वो ग़लत बनी वोटों का कोई और दुरुपयोग करना चाहते हैं। बेदी ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा जिनके अपने घर में लड़ाई है, जिनकी अपनी पार्टी के नेता एक दूसरे पर कीचड़ उछालते हैं, वो भाजपा पर उंगली उठाते हैं, उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा नीतियों की मजबूत बुनियाद पर बनी पार्टी है जो संविधान को और राष्ट्र को सर्वोपरि समझ कर कोई निर्णय लेती है। उन्होंने कहा कि एस.आई.आर का लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान है क्यूंकि एस.आई.आर के दौरान मृत व स्थानांतरित मतदाता के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है और उन्हें सूची से हटाने का कार्य किया जाता है, उन्होंने राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राहुल गांधी विदेश में जाकर भारत के विरोध में बातें करते हैं, वहाँ की भारत विरोधी एजेंसियों को मिलते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एस.आई.आर को लेकर विपक्ष जो भ्रम फैला अराजकता का माहौल बनाना चाहती है इसको लेकर भारतीय जानता पार्टी ने लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत जनता को एस.आई.आर की पूर्ण सत्य जानकारी देने का कार्य कर रही है। बॉक्स: मतदान के समय मतदान प्रतिशत पर आता है असर … बेदी ने बताया कि एस.आई.आर सूची से मृत व स्थानांतरित मतदाताओं की सूची न हटाने का एक और असर आता है कि जब मतदान के समय पर एक ही वोटर जिसका वोट किसी भी कारण से दो या अधिक स्थान पर बना है परंतु वो मतदान तो एक ही स्थान पर करेगा और बाकी स्थान जहाँ उसका वोट सूची से काटा नहीं गया वहाँ उसका वोट नॉन पोलिंग दिखता है जिससे उस स्थान की मतदान प्रतिशत कम हो जाती है जिससे और ज़्यादा भ्रम पैदा होते हैं, इसलिए जरूरी है कि सूचियों की शुद्धीकरण करना जरूरी है। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा के कुरुक्षेत्र जिला अध्यक्ष रमेश सैनी ने कहा की चुनाव बूथ पर होता है और बूथ के लोग बूथ के एजेंट बनते हैं और मतदान होने के बाद ऐबूथ एजेंट के हस्ताक्षर के साथ मशीनों को पैक किया जाता है तो चुनाव हारने के बाद कांग्रेसी वोट चोरी का ठीकरा ई.वी.एम मशीनों पर फोड़ देते हैं। और कांग्रेसी यह भी मंचों से कहते नज़र आते है कि संविधान खतरे में है , असलियत तो यह है कि कांग्रेस ख़तरे में है। रिपोर्टर गोपाल मेहरा1
- 750 किलोमीटर दूर न्याय नहीं, पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करे सरकार: अधिवक्ता बेंच की मांग को लेकर दीवानी न्यायालय से मुख्यालय तक प्रदर्शन, सहारनपुर फीड जोगेंद्र कल्याण 750 किलोमीटर दूर न्याय नहीं, पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करे सरकार: अधिवक्ता बेंच की मांग को लेकर दीवानी न्यायालय से मुख्यालय तक प्रदर्शन, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन; 2 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में जुटेंगे अधिवक्ता 4 नवंबर को अधिवक्ता सहारनपुर मे निकलेगा न्याय यात्रा जनपद जनपद सहारनपुर से उत्तर प्रदेश में हर जगह निकलेगी अधिवक्ताओं की न्याय यात्रा हर वर्ग समाज के लोगों को जोड़ने का काम करेगी साथ ही किसान छात्र इस यात्रा में जोड़ा जाएगा उत्तर प्रदेश में यह यात्रा शुरू होगी और 2 दिसंबर को रामलीला मैदान में उत्तर प्रदेश का अधिवक्ता पहुंचेगा सहारनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। शनिवार को सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन (पंजी.) के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने दीवानी न्यायालय से लेकर जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश को ज्ञापन भेजा। इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए उनके मान-सम्मान की रक्षा की मांग भी उठाई गई। एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल त्यागी और महासचिव पालम राणा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के अधिवक्ता वर्ष 1981 से हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन पांच दशक के करीब समय बीतने के बावजूद उनकी मांग पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर से प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की दूरी करीब 750 किलोमीटर है। ऐसे में न्याय पाने के लिए आम जनता और अधिवक्ताओं को लंबी दूरी तय करने के साथ ही समय और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में हाईकोर्ट की दो से तीन बेंच स्थापित हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट की केवल लखनऊ में बेंच है, जिसका लाभ प्रदेश के 12 जिलों को मिलता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को आज भी न्याय के लिए प्रयागराज तक जाना पड़ता है। सरकार को आम जनता की परेशानी समझते हुए पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करनी चाहिए। महासचिव पालम राणा ने कहा कि अधिवक्ताओं का मान-सम्मान न्याय व्यवस्था की मजबूती का आधार है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित कुर्सी पर पुलिस अधिकारी के बैठने और विरोध करने पर अधिवक्ताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार किए जाने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिवक्ता समाज इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट बेंच की मांग को जन आंदोलन बनाने के लिए बुधवार को सहारनपुर में न्याय यात्रा निकाली जाएगी। इसमें व्यापारियों, किसानों, छात्रों और आम नागरिकों को भी शामिल किया जाएगा। आंदोलन का समापन चार 2 दिसंबर को अधिवक्ता दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा, जहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता बड़ी संख्या में एकत्र होकर अपनी मांग बुलंद करेंगे। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की गई कि आम जनमानस की भावनाओं का सम्मान करते हुए 'न्याय चला द्वार-द्वार' की भावना को साकार किया जाए और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित की जाए। इस दौरान पालम राणा, रूबी, मीनू चावला, विनोद कुमार, हंस राज, योगेश कुमार, सौरव कुमार, पंकज देशवाल, सुंदर पाल, अशोक कुमार कालरा, रेखा रानी, सुबोध कुमार, अशोक कुमार पुंडीर, जमाल साबरी, शाहनवाज, ईशान, चौधरी रणधीर, संदीप पवार, इशान सिद्दीकी, रुमन लांबा, संजय कुमार, सपन कुमार, कादिर राणा, गुरमीत पंवार, सोनू, मोहम्मद इरफान, रमन सिंह, काबू कुमार, सतीश कुमार सहजवा, अमित चौधरी, भीम खालिद और सजल वर्मा सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे1
- अमित शाह के कार्यक्रम को लेकर किए गए शहर के मुख्य स्थान पर दौरे किए गए और ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने का आह्वान किया गया इस मौके पर विधायक जगमोहन आनंद महापौर श्रीमती रेणु बाला गुप्ता और सरदार त्रिलोचन सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भाजपा के मौजूद रहे1
- देश को अराजकता की ओर धकेलने का कार्य कर रहा विपक्ष: कृष्ण बेदी … विपक्ष द्वारा एस.आई.आर संबंधित फैलाये भ्रम को लेकर केबिनेट मंत्री ने लिया विपक्ष को आड़े हाथों …. कुरुक्षेत्र, दैनिक अमृत धारा (गोपाल मेहरा)एक ओर जहाँ भाजपा एस.आई.आर के माध्यम से देश की व्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रयास कर रही है वहीं विपक्ष एस.आई.आर को लेकर जनता में भाँति भाँति के भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। देश की जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार में केबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने सेक्टर 8 स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता की। मीडिया को संबोधित करते हुए कृष्ण बेदी ने कहा कि एस.आई.आर को लेकर विपक्ष द्वारा जो निराधार भ्रम फैलाए जा रहे हैं वह पूर्णतः ग़लत हैं और जो एस.आई.आर कांग्रेस राज में दस बार हो चुका हो वो अब ग़लत कैसे हो गया, इससे उनकी मंशा और मानसिकता का पता चलता है कि कांग्रेस के पास न तो जनता और देश के उत्थान का मुद्दा है, उनके पास केवल ऐसी दिशाहीन बातें है जिससे वो आम जनता को भ्रमित कर देश को अराजकता की ओर धकेलने का कार्य कर रहा है और यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों का गहन पुनरीण पहले भी होता रहा है तो कांग्रेस के देश को भ्रमित करने का क्या षड्यंत्र है जो उन्हें ये हज़म नहीं हो रही, क्या वो ग़लत बनी वोटों का कोई और दुरुपयोग करना चाहते हैं। बेदी ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा जिनके अपने घर में लड़ाई है, जिनकी अपनी पार्टी के नेता एक दूसरे पर कीचड़ उछालते हैं, वो भाजपा पर उंगली उठाते हैं, उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा नीतियों की मजबूत बुनियाद पर बनी पार्टी है जो संविधान को और राष्ट्र को सर्वोपरि समझ कर कोई निर्णय लेती है। उन्होंने कहा कि एस.आई.आर का लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान है क्यूंकि एस.आई.आर के दौरान मृत व स्थानांतरित मतदाता के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है और उन्हें सूची से हटाने का कार्य किया जाता है, उन्होंने राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राहुल गांधी विदेश में जाकर भारत के विरोध में बातें करते हैं, वहाँ की भारत विरोधी एजेंसियों को मिलते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एस.आई.आर को लेकर विपक्ष जो भ्रम फैला अराजकता का माहौल बनाना चाहती है इसको लेकर भारतीय जानता पार्टी ने लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत जनता को एस.आई.आर की पूर्ण सत्य जानकारी देने का कार्य कर रही है। बॉक्स: मतदान के समय मतदान प्रतिशत पर आता है असर … बेदी ने बताया कि एस.आई.आर सूची से मृत व स्थानांतरित मतदाताओं की सूची न हटाने का एक और असर आता है कि जब मतदान के समय पर एक ही वोटर जिसका वोट किसी भी कारण से दो या अधिक स्थान पर बना है परंतु वो मतदान तो एक ही स्थान पर करेगा और बाकी स्थान जहाँ उसका वोट सूची से काटा नहीं गया वहाँ उसका वोट नॉन पोलिंग दिखता है जिससे उस स्थान की मतदान प्रतिशत कम हो जाती है जिससे और ज़्यादा भ्रम पैदा होते हैं, इसलिए जरूरी है कि सूचियों की शुद्धीकरण करना जरूरी है। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा के कुरुक्षेत्र जिला अध्यक्ष रमेश सैनी ने कहा की चुनाव बूथ पर होता है और बूथ के लोग बूथ के एजेंट बनते हैं और मतदान होने के बाद ऐबूथ एजेंट के हस्ताक्षर के साथ मशीनों को पैक किया जाता है तो चुनाव हारने के बाद कांग्रेसी वोट चोरी का ठीकरा ई.वी.एम मशीनों पर फोड़ देते हैं। और कांग्रेसी यह भी मंचों से कहते नज़र आते है कि संविधान खतरे में है , असलियत तो यह है कि कांग्रेस ख़तरे में है। रिपोर्टर गोपाल मेहरा1
- पंचकूला के सरकारी स्कूल में मासूम बच्ची के साथ हुई घटना के विरोध में यमुनानगर के जागरूक नागरिकों ने उठाई आवाज *यमुनानगर, 1 नवंबर 2026।** पंचकूला के सरकारी स्कूल में 8 वर्षीय छात्र द्वारा 6 वर्षीय मासूम छात्रा को ईंट से बेरहमी से पीटे जाने की सामने आई घटना के विरोध में आज यमुनानगर में जागरूक नागरिकों द्वारा विरोध दर्ज करवाया गया। इस दौरान उपस्थित नागरिकों ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की जवाबदेही, स्कूल प्रशासन की निगरानी और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। नागरिकों ने कहा कि स्कूल केवल बच्चों को पढ़ाने की जगह नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित भविष्य की नींव होते हैं। यदि स्कूल परिसर में ही छोटे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? आखिर स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कर रहे हैं? इस अवसर पर मांग उठाई गई कि सरकारी शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बच्चों की पढ़ाई भी सरकारी स्कूलों में अनिवार्य करने के लिए कानून बनाने पर विचार किया जाए। जब सरकारी कर्मचारी और अधिकारी स्वयं उसी शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनेंगे, तब सरकारी स्कूलों की शिक्षा, साफ-सफाई, रखरखाव, सुविधाओं और सुरक्षा को बेहतर बनाने की मांग और अधिक मजबूती से उठेगी। जागरूक नागरिकों ने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण पाने का पूरा अधिकार है। सरकार को सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ शिक्षकों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करनी चाहिए। **प्रमुख मांगें:** - सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों। - स्कूल प्रशासन और शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाए। - घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई हो। - सरकारी स्कूलों में शिक्षा, सफाई और रखरखाव की गुणवत्ता सुधारी जाए। - सभी बच्चों को समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार मिले। इस विरोध में मुख्य रूप से **संजीव नंदा, संजय राघव, अंकुश बख्शी, विकास चौधरी** सहित अन्य जागरूक नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। ### हमारा नारा **एक देश – एक किताब – एक समान फीस।** **शिक्षा में समानता, स्कूलों में सुरक्षा और व्यवस्था में जवाबदेही जरूरी है!**1