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सहारनपुर में घर में आग लगाने के मामले में 11 महीने बाद गिरफ्तारी, पिता-बेटी झुलसे थे; पीड़ित ने दो लोगों पर लगाया था आरोप सहारनपुर में चिलकाना क्षेत्र के दूधगढ़ गांव में घर में आग लगने से पिता-बेटी के झुलसने के मामले में पुलिस ने करीब 11 महीने बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। रविवार दोपहर तीन बजे पुलिस ने गांव में दबिश देकर इरशाद पुत्र जमशेद को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ इसी मामले में अदालत से वारंट जारी हुआ था। पुलिस उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई कर रही है। मामला 7 दिसंबर 2025 की रात का है। दूधगढ़ निवासी कादिर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह अपने भाई शाहजाद के साथ लुधियाना में सिलाई का काम करता है। रात करीब तीन बजे गांव के शादाब ने फोन कर सूचना दी कि उसके घर में आग लग गई है। हादसे में उसके पिता और बहन शाहजहां गंभीर रूप से झुलस गए हैं। दोनों को उपचार के लिए पिलखनी स्थित पीजीआई में भर्ती कराया गया था। कादिर ने अपनी शिकायत में गांव के ही इरशाद पुत्र जमशेद और राशिद पुत्र इनाम पर घर में आग लगाने का शक जताया था। उसने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में पुलिस ने 8 दिसंबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया था। घटना के बाद से आरोपी पुलिस को चकमा दे रहा था। जिसके अदालत से वारंट जारी हुए थे। थाना प्रभारी अक्षय शर्मा के नेतृत्व में चिलकाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दूधगढ़ गांव में दबिश दी। यहां से इरशाद को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी मुकदमे में जारी वारंट के आधार पर की गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मुकदमे में बीएनएस की धारा 326(जी) लगाई गई है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसआई विमल कुमार सैनी, हेड कांस्टेबल मोहित शर्मा और कांस्टेबल गोपाल सोलंकी शामिल रहे।

1 hr ago
user_Tarik Siddiqui
Tarik Siddiqui
सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

सहारनपुर में घर में आग लगाने के मामले में 11 महीने बाद गिरफ्तारी, पिता-बेटी झुलसे थे; पीड़ित ने दो लोगों पर लगाया था आरोप सहारनपुर में चिलकाना क्षेत्र के दूधगढ़ गांव में घर में आग लगने से पिता-बेटी के झुलसने के मामले में पुलिस ने करीब 11 महीने बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। रविवार दोपहर तीन बजे पुलिस ने गांव में दबिश देकर इरशाद पुत्र जमशेद को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ इसी मामले में अदालत से वारंट जारी हुआ था। पुलिस उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई कर रही है। मामला 7 दिसंबर 2025 की रात का है। दूधगढ़ निवासी कादिर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह अपने भाई शाहजाद के साथ लुधियाना में सिलाई का काम करता है। रात करीब तीन बजे गांव के शादाब ने फोन कर सूचना दी कि उसके घर में आग लग गई है। हादसे में उसके पिता और बहन शाहजहां गंभीर रूप से झुलस गए हैं। दोनों को उपचार के लिए पिलखनी स्थित पीजीआई में भर्ती कराया गया था। कादिर ने अपनी शिकायत में गांव के ही इरशाद पुत्र जमशेद और राशिद पुत्र इनाम पर घर में आग लगाने का शक जताया था। उसने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में पुलिस ने 8 दिसंबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया था। घटना के बाद से आरोपी पुलिस को चकमा दे रहा था। जिसके अदालत से वारंट जारी हुए थे। थाना प्रभारी अक्षय शर्मा के नेतृत्व में चिलकाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दूधगढ़ गांव में दबिश दी। यहां से इरशाद को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी मुकदमे में जारी वारंट के आधार पर की गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मुकदमे में बीएनएस की धारा 326(जी) लगाई गई है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसआई विमल कुमार सैनी, हेड कांस्टेबल मोहित शर्मा और कांस्टेबल गोपाल सोलंकी शामिल रहे।

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  • सहारनपुर में रविदास मंदिर परिसर में खड़ी ज्वेलर्स की लग्जरी कार में लगी आग, पास खड़ी दूसरी कार भी चपेट में आई सहारनपुर के बेहट थाना क्षेत्र के मोहल्ला खालसा में रविवार दोपहर रविदास मंदिर परिसर में खड़ी एक ज्वेलर्स की लग्जरी कार में अचानक आग लग गई। आग ने पास खड़ी दूसरी कार को भी चपेट में ले लिया। हादसे में दोनों कारों को नुकसान पहुंचा और लाखों रुपये की क्षति हुई। दिल्ली रोड स्थित ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी सर्राफ रिशु गर्ग रोजाना की तरह अपनी कार से मंदिर परिसर पहुंचे थे। कार खड़ी करने के बाद वह दुकान पर चले गए। दोपहर करीब दो बजे अचानक कार से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। पास खड़ी सहसपुर, देहरादून निवासी तौहीद की कार भी आग की चपेट में आ गई। स्थानीय लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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    सहारनपुर में रविदास मंदिर परिसर में खड़ी ज्वेलर्स की लग्जरी कार में लगी आग, पास खड़ी दूसरी कार भी चपेट में आई
सहारनपुर के बेहट थाना क्षेत्र के मोहल्ला खालसा में रविवार दोपहर रविदास मंदिर परिसर में खड़ी एक ज्वेलर्स की लग्जरी कार में अचानक आग लग गई। आग ने पास खड़ी दूसरी कार को भी चपेट में ले लिया। हादसे में दोनों कारों को नुकसान पहुंचा और लाखों रुपये की क्षति हुई।
दिल्ली रोड स्थित ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी सर्राफ रिशु गर्ग रोजाना की तरह अपनी कार से मंदिर परिसर पहुंचे थे। कार खड़ी करने के बाद वह दुकान पर चले गए। दोपहर करीब दो बजे अचानक कार से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। पास खड़ी सहसपुर, देहरादून निवासी तौहीद की कार भी आग की चपेट में आ गई।
स्थानीय लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
    user_Haris shaikh
    Haris shaikh
    Photographer सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • सहारनपुर में घर में आग लगाने के मामले में 11 महीने बाद गिरफ्तारी, पिता-बेटी झुलसे थे; पीड़ित ने दो लोगों पर लगाया था आरोप सहारनपुर में चिलकाना क्षेत्र के दूधगढ़ गांव में घर में आग लगने से पिता-बेटी के झुलसने के मामले में पुलिस ने करीब 11 महीने बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। रविवार दोपहर तीन बजे पुलिस ने गांव में दबिश देकर इरशाद पुत्र जमशेद को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ इसी मामले में अदालत से वारंट जारी हुआ था। पुलिस उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई कर रही है। मामला 7 दिसंबर 2025 की रात का है। दूधगढ़ निवासी कादिर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह अपने भाई शाहजाद के साथ लुधियाना में सिलाई का काम करता है। रात करीब तीन बजे गांव के शादाब ने फोन कर सूचना दी कि उसके घर में आग लग गई है। हादसे में उसके पिता और बहन शाहजहां गंभीर रूप से झुलस गए हैं। दोनों को उपचार के लिए पिलखनी स्थित पीजीआई में भर्ती कराया गया था। कादिर ने अपनी शिकायत में गांव के ही इरशाद पुत्र जमशेद और राशिद पुत्र इनाम पर घर में आग लगाने का शक जताया था। उसने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में पुलिस ने 8 दिसंबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया था। घटना के बाद से आरोपी पुलिस को चकमा दे रहा था। जिसके अदालत से वारंट जारी हुए थे। थाना प्रभारी अक्षय शर्मा के नेतृत्व में चिलकाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दूधगढ़ गांव में दबिश दी। यहां से इरशाद को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी मुकदमे में जारी वारंट के आधार पर की गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मुकदमे में बीएनएस की धारा 326(जी) लगाई गई है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसआई विमल कुमार सैनी, हेड कांस्टेबल मोहित शर्मा और कांस्टेबल गोपाल सोलंकी शामिल रहे।
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    सहारनपुर में घर में आग लगाने के मामले में 11 महीने बाद गिरफ्तारी, पिता-बेटी झुलसे थे; पीड़ित ने दो लोगों पर लगाया था आरोप
सहारनपुर में चिलकाना क्षेत्र के दूधगढ़ गांव में घर में आग लगने से पिता-बेटी के झुलसने के मामले में पुलिस ने करीब 11 महीने बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। रविवार दोपहर तीन बजे पुलिस ने गांव में दबिश देकर इरशाद पुत्र जमशेद को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ इसी मामले में अदालत से वारंट जारी हुआ था। पुलिस उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई कर रही है।
मामला 7 दिसंबर 2025 की रात का है। दूधगढ़ निवासी कादिर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह अपने भाई शाहजाद के साथ लुधियाना में सिलाई का काम करता है। रात करीब तीन बजे गांव के शादाब ने फोन कर सूचना दी कि उसके घर में आग लग गई है। हादसे में उसके पिता और बहन शाहजहां गंभीर रूप से झुलस गए हैं। दोनों को उपचार के लिए पिलखनी स्थित पीजीआई में भर्ती कराया गया था।
कादिर ने अपनी शिकायत में गांव के ही इरशाद पुत्र जमशेद और राशिद पुत्र इनाम पर घर में आग लगाने का शक जताया था। उसने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में पुलिस ने 8 दिसंबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया था।
घटना के बाद से आरोपी पुलिस को चकमा दे रहा था। जिसके अदालत से वारंट जारी हुए थे। थाना प्रभारी अक्षय शर्मा के नेतृत्व में चिलकाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दूधगढ़ गांव में दबिश दी। यहां से इरशाद को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी की गिरफ्तारी मुकदमे में जारी वारंट के आधार पर की गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मुकदमे में बीएनएस की धारा 326(जी) लगाई गई है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसआई विमल कुमार सैनी, हेड कांस्टेबल मोहित शर्मा और कांस्टेबल गोपाल सोलंकी शामिल रहे।
    user_Tarik Siddiqui
    Tarik Siddiqui
    सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • 750 किलोमीटर दूर न्याय नहीं, पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करे सरकार: अधिवक्ता बेंच की मांग को लेकर दीवानी न्यायालय से मुख्यालय तक प्रदर्शन, सहारनपुर फीड जोगेंद्र कल्याण 750 किलोमीटर दूर न्याय नहीं, पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करे सरकार: अधिवक्ता बेंच की मांग को लेकर दीवानी न्यायालय से मुख्यालय तक प्रदर्शन, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन; 2 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में जुटेंगे अधिवक्ता 4 नवंबर को अधिवक्ता सहारनपुर मे निकलेगा न्याय यात्रा जनपद जनपद सहारनपुर से उत्तर प्रदेश में हर जगह निकलेगी अधिवक्ताओं की न्याय यात्रा हर वर्ग समाज के लोगों को जोड़ने का काम करेगी साथ ही किसान छात्र इस यात्रा में जोड़ा जाएगा उत्तर प्रदेश में यह यात्रा शुरू होगी और 2 दिसंबर को रामलीला मैदान में उत्तर प्रदेश का अधिवक्ता पहुंचेगा सहारनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। शनिवार को सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन (पंजी.) के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने दीवानी न्यायालय से लेकर जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश को ज्ञापन भेजा। इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए उनके मान-सम्मान की रक्षा की मांग भी उठाई गई। एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल त्यागी और महासचिव पालम राणा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के अधिवक्ता वर्ष 1981 से हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन पांच दशक के करीब समय बीतने के बावजूद उनकी मांग पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर से प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की दूरी करीब 750 किलोमीटर है। ऐसे में न्याय पाने के लिए आम जनता और अधिवक्ताओं को लंबी दूरी तय करने के साथ ही समय और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में हाईकोर्ट की दो से तीन बेंच स्थापित हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट की केवल लखनऊ में बेंच है, जिसका लाभ प्रदेश के 12 जिलों को मिलता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को आज भी न्याय के लिए प्रयागराज तक जाना पड़ता है। सरकार को आम जनता की परेशानी समझते हुए पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करनी चाहिए। महासचिव पालम राणा ने कहा कि अधिवक्ताओं का मान-सम्मान न्याय व्यवस्था की मजबूती का आधार है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित कुर्सी पर पुलिस अधिकारी के बैठने और विरोध करने पर अधिवक्ताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार किए जाने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिवक्ता समाज इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट बेंच की मांग को जन आंदोलन बनाने के लिए बुधवार को सहारनपुर में न्याय यात्रा निकाली जाएगी। इसमें व्यापारियों, किसानों, छात्रों और आम नागरिकों को भी शामिल किया जाएगा। आंदोलन का समापन चार 2 दिसंबर को अधिवक्ता दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा, जहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता बड़ी संख्या में एकत्र होकर अपनी मांग बुलंद करेंगे। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की गई कि आम जनमानस की भावनाओं का सम्मान करते हुए 'न्याय चला द्वार-द्वार' की भावना को साकार किया जाए और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित की जाए। इस दौरान पालम राणा, रूबी, मीनू चावला, विनोद कुमार, हंस राज, योगेश कुमार, सौरव कुमार, पंकज देशवाल, सुंदर पाल, अशोक कुमार कालरा, रेखा रानी, सुबोध कुमार, अशोक कुमार पुंडीर, जमाल साबरी, शाहनवाज, ईशान, चौधरी रणधीर, संदीप पवार, इशान सिद्दीकी, रुमन लांबा, संजय कुमार, सपन कुमार, कादिर राणा, गुरमीत पंवार, सोनू, मोहम्मद इरफान, रमन सिंह, काबू कुमार, सतीश कुमार सहजवा, अमित चौधरी, भीम खालिद और सजल वर्मा सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे
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    750 किलोमीटर दूर न्याय नहीं, पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करे सरकार: अधिवक्ता
बेंच की मांग को लेकर दीवानी न्यायालय से मुख्यालय तक प्रदर्शन,
सहारनपुर  फीड
जोगेंद्र कल्याण 
750 किलोमीटर दूर न्याय नहीं, पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करे सरकार: अधिवक्ता
बेंच की मांग को लेकर दीवानी न्यायालय से मुख्यालय तक प्रदर्शन, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन; 2 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में जुटेंगे अधिवक्ता
4 नवंबर को अधिवक्ता सहारनपुर मे निकलेगा न्याय यात्रा जनपद जनपद सहारनपुर से उत्तर प्रदेश में हर जगह निकलेगी अधिवक्ताओं की न्याय यात्रा  हर वर्ग समाज के लोगों को जोड़ने का काम करेगी साथ ही किसान छात्र इस यात्रा में जोड़ा जाएगा उत्तर प्रदेश में यह यात्रा शुरू होगी और 2 दिसंबर को रामलीला मैदान में उत्तर प्रदेश का अधिवक्ता पहुंचेगा 
सहारनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। शनिवार को सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन (पंजी.) के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने दीवानी न्यायालय से लेकर जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश को ज्ञापन भेजा। इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए उनके मान-सम्मान की रक्षा की मांग भी उठाई गई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल त्यागी और महासचिव पालम राणा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के अधिवक्ता वर्ष 1981 से हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन पांच दशक के करीब समय बीतने के बावजूद उनकी मांग पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर से प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की दूरी करीब 750 किलोमीटर है। ऐसे में न्याय पाने के लिए आम जनता और अधिवक्ताओं को लंबी दूरी तय करने के साथ ही समय और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में हाईकोर्ट की दो से तीन बेंच स्थापित हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट की केवल लखनऊ में बेंच है, जिसका लाभ प्रदेश के 12 जिलों को मिलता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को आज भी न्याय के लिए प्रयागराज तक जाना पड़ता है। सरकार को आम जनता की परेशानी समझते हुए पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करनी चाहिए।
महासचिव पालम राणा ने कहा कि अधिवक्ताओं का मान-सम्मान न्याय व्यवस्था की मजबूती का आधार है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित कुर्सी पर पुलिस अधिकारी के बैठने और विरोध करने पर अधिवक्ताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार किए जाने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिवक्ता समाज इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट बेंच की मांग को जन आंदोलन बनाने के लिए बुधवार को सहारनपुर में न्याय यात्रा निकाली जाएगी। इसमें व्यापारियों, किसानों, छात्रों और आम नागरिकों को भी शामिल किया जाएगा। आंदोलन का समापन चार 2 दिसंबर को  अधिवक्ता दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा, जहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता बड़ी संख्या में एकत्र होकर अपनी मांग बुलंद करेंगे।
ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की गई कि आम जनमानस की भावनाओं का सम्मान करते हुए 'न्याय चला द्वार-द्वार' की भावना को साकार किया जाए और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित की जाए।
इस दौरान पालम राणा, रूबी, मीनू चावला, विनोद कुमार, हंस राज, योगेश कुमार, सौरव कुमार, पंकज देशवाल, सुंदर पाल, अशोक कुमार कालरा, रेखा रानी, सुबोध कुमार, अशोक कुमार पुंडीर, जमाल साबरी, शाहनवाज, ईशान, चौधरी रणधीर, संदीप पवार, इशान सिद्दीकी, रुमन लांबा, संजय कुमार, सपन कुमार, कादिर राणा, गुरमीत पंवार, सोनू, मोहम्मद इरफान, रमन सिंह, काबू कुमार, सतीश कुमार सहजवा, अमित चौधरी, भीम खालिद और सजल वर्मा सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे
    user_जोगेन्द्र कल्याण
    जोगेन्द्र कल्याण
    Photographer सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • थाना छप्पर के नजदीक हुआ सड़क हादसा । वीडियो में दिख रहे अंजान व्यक्ति की पहचान के लिए मुलाना हस्पताल में सम्पर्क करे ।
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    थाना छप्पर के नजदीक हुआ सड़क हादसा । वीडियो में दिख रहे अंजान व्यक्ति की पहचान के लिए मुलाना हस्पताल में सम्पर्क करे ।
    user_HR02 City News
    HR02 City News
    News Anchor Jagadhri, Yamunanagar•
    10 hrs ago
  • कैनाल बाईपास पर एक गड्ढा बीच सड़क में, दूसरा किनारे; 4 से 5 फीट गहराई से हादसे का खतरा, पीडब्ल्यूडी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल विकासनगर में सड़क पर दो मौत के गड्ढे, देहरादून जिले के विकासनगर में कैनाल बाईपास रोड पर सड़क की बदहाली ने राहगीरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। त्यागी फार्म हाउस से करीब 500 मीटर आगे सड़क पर एक नहीं, बल्कि दो खतरनाक गड्ढे बन गए हैं। इनमें एक गड्ढा मुख्य सड़क के बीचोंबीच है, जबकि दूसरा सड़क के किनारे बना हुआ है। करीब चार से पांच फीट गहरे इन गड्ढों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सवाल यह है कि क्या लोक निर्माण विभाग किसी की जान जाने के बाद ही नींद से जागेगा? स्थानीय युवकों की सूचना पर क्राइम स्टोरी की टीम मौके पर पहुंची तो सड़क की स्थिति चिंताजनक दिखाई दी। मौके पर पड़ताल के दौरान सामने आया कि सड़क के नीचे पानी निकासी की पुलिया बनी हुई है। पुलिया के ऊपर बिछाई गई सड़क की निर्माण सामग्री धंसकर नीचे गिर चुकी है, जिससे सड़क पर दो अलग-अलग स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। एक तरफ बीच सड़क में गड्ढा वाहन चालकों के लिए खतरा बना हुआ है, तो दूसरी तरफ सड़क किनारे बना गड्ढा भी दुर्घटना को निमंत्रण दे रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि रात के अंधेरे में वाहन चालक को इन गड्ढों का समय रहते अंदाजा नहीं हुआ तो दुर्घटना जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक है। विभाग से पहले जागे स्थानीय युवक पहाड़ी गली निवासी मोहम्मद आमिर और मोहम्मद साकिब ने इस गंभीर खतरे को देखते हुए क्राइम स्टोरी की टीम को फोन कर मौके पर बुलाया। दोनों युवकों ने आसपास से सामग्री जुटाकर राहगीरों को खतरे से आगाह करने का प्रयास किया। स्थानीय युवकों की इस पहल ने सड़क सुरक्षा के प्रति उनकी जिम्मेदारी को सामने रखा है। पीडब्ल्यूडी की निगरानी व्यवस्था पर सवाल आखिर मुख्य सड़क पर दो-दो गहरे गड्ढे बनने की नौबत कैसे आ गई? क्या सड़क के नीचे बनी पुलिया की तकनीकी जांच कभी की गई? सड़क धंसने का वास्तविक कारण क्या है? यदि सड़क का शेष हिस्सा भी कमजोर हो चुका है तो क्या वहां से गुजरने वाले वाहन सुरक्षित हैं? ये ऐसे गंभीर सवाल हैं जिनका जवाब संबंधित विभाग को देना चाहिए। केवल गड्ढों में मिट्टी डालकर सड़क को ऊपर से समतल कर देना पर्याप्त नहीं होगा। पुलिया की मजबूती और सड़क के नीचे की स्थिति की तकनीकी जांच बेहद जरूरी है। डीएम तत्काल लें संज्ञान, हादसे से पहले हो मरम्मत जिलाधिकारी देहरादून को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेकर लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से रिपोर्ट तलब करनी चाहिए। दोनों गड्ढों के आसपास मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और रात में दिखाई देने वाले संकेतक लगाए जाने चाहिए। साथ ही तकनीकी टीम से जांच कराकर सड़क की स्थायी मरम्मत सुनिश्चित की जानी चाहिए। अब सवाल यह है कि जब मुख्य सड़क के बीच और किनारे दो-दो खतरनाक गड्ढे मौजूद हैं, तो जिम्मेदार विभाग कार्रवाई में देरी क्यों करे? यदि कोई वाहन चालक इन गड्ढों में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया या उसकी जान चली गई, तो आखिर जवाबदेही किसकी होगी? सड़क पर सुरक्षित सफर जनता का अधिकार है और उसे सुनिश्चित करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी।
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    कैनाल बाईपास पर एक गड्ढा बीच सड़क में, दूसरा किनारे; 4 से 5 फीट गहराई से हादसे का खतरा, पीडब्ल्यूडी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
विकासनगर में सड़क पर दो मौत के गड्ढे, देहरादून जिले के विकासनगर में कैनाल बाईपास रोड पर सड़क की बदहाली ने राहगीरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। त्यागी फार्म हाउस से करीब 500 मीटर आगे सड़क पर एक नहीं, बल्कि दो खतरनाक गड्ढे बन गए हैं। इनमें एक गड्ढा मुख्य सड़क के बीचोंबीच है, जबकि दूसरा सड़क के किनारे बना हुआ है। करीब चार से पांच फीट गहरे इन गड्ढों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सवाल यह है कि क्या लोक निर्माण विभाग किसी की जान जाने के बाद ही नींद से जागेगा?
स्थानीय युवकों की सूचना पर क्राइम स्टोरी की टीम मौके पर पहुंची तो सड़क की स्थिति चिंताजनक दिखाई दी। मौके पर पड़ताल के दौरान सामने आया कि सड़क के नीचे पानी निकासी की पुलिया बनी हुई है। पुलिया के ऊपर बिछाई गई सड़क की निर्माण सामग्री धंसकर नीचे गिर चुकी है, जिससे सड़क पर दो अलग-अलग स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। एक तरफ बीच सड़क में गड्ढा वाहन चालकों के लिए खतरा बना हुआ है, तो दूसरी तरफ सड़क किनारे बना गड्ढा भी दुर्घटना को निमंत्रण दे रहा है।
सबसे गंभीर बात यह है कि रात के अंधेरे में वाहन चालक को इन गड्ढों का समय रहते अंदाजा नहीं हुआ तो दुर्घटना जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक है।
विभाग से पहले जागे स्थानीय युवक
पहाड़ी गली निवासी मोहम्मद आमिर और मोहम्मद साकिब ने इस गंभीर खतरे को देखते हुए क्राइम स्टोरी की टीम को फोन कर मौके पर बुलाया। दोनों युवकों ने आसपास से सामग्री जुटाकर राहगीरों को खतरे से आगाह करने का प्रयास किया। स्थानीय युवकों की इस पहल ने सड़क सुरक्षा के प्रति उनकी जिम्मेदारी को सामने रखा है।
पीडब्ल्यूडी की निगरानी व्यवस्था पर सवाल
आखिर मुख्य सड़क पर दो-दो गहरे गड्ढे बनने की नौबत कैसे आ गई? क्या सड़क के नीचे बनी पुलिया की तकनीकी जांच कभी की गई? सड़क धंसने का वास्तविक कारण क्या है? यदि सड़क का शेष हिस्सा भी कमजोर हो चुका है तो क्या वहां से गुजरने वाले वाहन सुरक्षित हैं?
ये ऐसे गंभीर सवाल हैं जिनका जवाब संबंधित विभाग को देना चाहिए। केवल गड्ढों में मिट्टी डालकर सड़क को ऊपर से समतल कर देना पर्याप्त नहीं होगा। पुलिया की मजबूती और सड़क के नीचे की स्थिति की तकनीकी जांच बेहद जरूरी है।
डीएम तत्काल लें संज्ञान, हादसे से पहले हो मरम्मत
जिलाधिकारी देहरादून को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेकर लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से रिपोर्ट तलब करनी चाहिए। दोनों गड्ढों के आसपास मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और रात में दिखाई देने वाले संकेतक लगाए जाने चाहिए। साथ ही तकनीकी टीम से जांच कराकर सड़क की स्थायी मरम्मत सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अब सवाल यह है कि जब मुख्य सड़क के बीच और किनारे दो-दो खतरनाक गड्ढे मौजूद हैं, तो जिम्मेदार विभाग कार्रवाई में देरी क्यों करे? यदि कोई वाहन चालक इन गड्ढों में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया या उसकी जान चली गई, तो आखिर जवाबदेही किसकी होगी? सड़क पर सुरक्षित सफर जनता का अधिकार है और उसे सुनिश्चित करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी।
    user_Viral Zone
    Viral Zone
    Medical group विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    15 min ago
  • किसानों के सम्मान में मैदान में उतरे ओमप्रकाश जमदग्नि निकाली विशाल ट्रैक्टर रैली निरंजनपुर से फतवा तक किसानों के सम्मान में मैदान में उतरे ओमप्रकाश जमदग्नि निकाली विशाल ट्रैक्टर रैली लक्सर विधानसभा क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार के राज्य मंत्री ओम प्रकाशजमदग्नि के नेतृत्व में किसानों के सम्मान में विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली गई रैली में सैकड़ों की संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर लेकर शामिल हुए रैली के दौरान कई किलोमीटर तक ट्रैक्टर का लंबा काफिला देखने को मिला
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    किसानों के सम्मान में मैदान में उतरे ओमप्रकाश जमदग्नि निकाली विशाल ट्रैक्टर रैली निरंजनपुर से फतवा तक
किसानों के सम्मान में मैदान में उतरे ओमप्रकाश जमदग्नि निकाली विशाल ट्रैक्टर रैली लक्सर विधानसभा क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार के राज्य मंत्री ओम प्रकाशजमदग्नि के नेतृत्व में किसानों के सम्मान में विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली गई रैली में सैकड़ों की संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर लेकर शामिल हुए रैली के दौरान कई किलोमीटर तक ट्रैक्टर का लंबा काफिला देखने को मिला
    user_Pardhan TV News karnesh kumar
    Pardhan TV News karnesh kumar
    Social Media Manager हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    24 min ago
  • SK मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 44 वर्षीय राजेंद्र की मौत, परिजनों ने किया हंगामा। The Aman Times SK मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 44 वर्षीय राजेंद्र की मौत, परिजनों ने किया हंगामा। देहरादून। SK मेमोरियल हॉस्पिटल ईसी रोड करनपुर में इलाज के दौरान 44 वर्षीय राजेंद्र की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन देने के कारण मौत होने का आरोप लगाया है। मृतक राजेंद्र करनपुर बस्ती का निवासी बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर दून पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस मामले की जानकारी जुटाने के साथ ही स्थिति को संभालने में जुटी है।
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    SK मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 44 वर्षीय राजेंद्र की मौत, परिजनों ने किया हंगामा।
The Aman Times 
SK मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 44 वर्षीय राजेंद्र की मौत, परिजनों ने किया हंगामा।
देहरादून। 
SK मेमोरियल हॉस्पिटल ईसी रोड करनपुर में इलाज के दौरान 44 वर्षीय राजेंद्र की मौत हो गई। 
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। 
परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन देने के कारण मौत होने का आरोप लगाया है। 
मृतक राजेंद्र करनपुर बस्ती का निवासी बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर दून पुलिस मौके पर पहुंच गई। 
पुलिस मामले की जानकारी जुटाने के साथ ही स्थिति को संभालने में जुटी है।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    48 min ago
  • पंचकूला के सरकारी स्कूल में मासूम बच्ची के साथ हुई घटना के विरोध में यमुनानगर के जागरूक नागरिकों ने उठाई आवाज *यमुनानगर, 1 नवंबर 2026।** पंचकूला के सरकारी स्कूल में 8 वर्षीय छात्र द्वारा 6 वर्षीय मासूम छात्रा को ईंट से बेरहमी से पीटे जाने की सामने आई घटना के विरोध में आज यमुनानगर में जागरूक नागरिकों द्वारा विरोध दर्ज करवाया गया। इस दौरान उपस्थित नागरिकों ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की जवाबदेही, स्कूल प्रशासन की निगरानी और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। नागरिकों ने कहा कि स्कूल केवल बच्चों को पढ़ाने की जगह नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित भविष्य की नींव होते हैं। यदि स्कूल परिसर में ही छोटे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? आखिर स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कर रहे हैं? इस अवसर पर मांग उठाई गई कि सरकारी शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बच्चों की पढ़ाई भी सरकारी स्कूलों में अनिवार्य करने के लिए कानून बनाने पर विचार किया जाए। जब सरकारी कर्मचारी और अधिकारी स्वयं उसी शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनेंगे, तब सरकारी स्कूलों की शिक्षा, साफ-सफाई, रखरखाव, सुविधाओं और सुरक्षा को बेहतर बनाने की मांग और अधिक मजबूती से उठेगी। जागरूक नागरिकों ने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण पाने का पूरा अधिकार है। सरकार को सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ शिक्षकों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करनी चाहिए। **प्रमुख मांगें:** - सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों। - स्कूल प्रशासन और शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाए। - घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई हो। - सरकारी स्कूलों में शिक्षा, सफाई और रखरखाव की गुणवत्ता सुधारी जाए। - सभी बच्चों को समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार मिले। इस विरोध में मुख्य रूप से **संजीव नंदा, संजय राघव, अंकुश बख्शी, विकास चौधरी** सहित अन्य जागरूक नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। ### हमारा नारा **एक देश – एक किताब – एक समान फीस।** **शिक्षा में समानता, स्कूलों में सुरक्षा और व्यवस्था में जवाबदेही जरूरी है!**
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    पंचकूला के सरकारी स्कूल में मासूम बच्ची के साथ हुई घटना के विरोध में यमुनानगर के जागरूक नागरिकों ने उठाई आवाज
*यमुनानगर, 1 नवंबर 2026।**
पंचकूला के सरकारी स्कूल में 8 वर्षीय छात्र द्वारा 6 वर्षीय मासूम छात्रा को ईंट से बेरहमी से पीटे जाने की सामने आई घटना के विरोध में आज यमुनानगर में जागरूक नागरिकों द्वारा विरोध दर्ज करवाया गया।
इस दौरान उपस्थित नागरिकों ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की जवाबदेही, स्कूल प्रशासन की निगरानी और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए।
नागरिकों ने कहा कि स्कूल केवल बच्चों को पढ़ाने की जगह नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित भविष्य की नींव होते हैं। यदि स्कूल परिसर में ही छोटे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? आखिर स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कर रहे हैं?
इस अवसर पर मांग उठाई गई कि सरकारी शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बच्चों की पढ़ाई भी सरकारी स्कूलों में अनिवार्य करने के लिए कानून बनाने पर विचार किया जाए। जब सरकारी कर्मचारी और अधिकारी स्वयं उसी शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनेंगे, तब सरकारी स्कूलों की शिक्षा, साफ-सफाई, रखरखाव, सुविधाओं और सुरक्षा को बेहतर बनाने की मांग और अधिक मजबूती से उठेगी।
जागरूक नागरिकों ने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण पाने का पूरा अधिकार है। सरकार को सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ शिक्षकों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करनी चाहिए।
**प्रमुख मांगें:**
- सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों।
- स्कूल प्रशासन और शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाए।
- घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई हो।
- सरकारी स्कूलों में शिक्षा, सफाई और रखरखाव की गुणवत्ता सुधारी जाए।
- सभी बच्चों को समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार मिले।
इस विरोध में मुख्य रूप से **संजीव नंदा, संजय राघव, अंकुश बख्शी, विकास चौधरी** सहित अन्य जागरूक नागरिक मौजूद रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
### हमारा नारा
**एक देश – एक किताब – एक समान फीस।**
**शिक्षा में समानता, स्कूलों में सुरक्षा और व्यवस्था में जवाबदेही जरूरी है!**
    user_Gulshan Dhiman
    Gulshan Dhiman
    रादौर, यमुनानगर, हरियाणा•
    3 hrs ago
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