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सहारनपुर में रविदास मंदिर परिसर में खड़ी ज्वेलर्स की लग्जरी कार में लगी आग, पास खड़ी दूसरी कार भी चपेट में आई सहारनपुर के बेहट थाना क्षेत्र के मोहल्ला खालसा में रविवार दोपहर रविदास मंदिर परिसर में खड़ी एक ज्वेलर्स की लग्जरी कार में अचानक आग लग गई। आग ने पास खड़ी दूसरी कार को भी चपेट में ले लिया। हादसे में दोनों कारों को नुकसान पहुंचा और लाखों रुपये की क्षति हुई। दिल्ली रोड स्थित ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी सर्राफ रिशु गर्ग रोजाना की तरह अपनी कार से मंदिर परिसर पहुंचे थे। कार खड़ी करने के बाद वह दुकान पर चले गए। दोपहर करीब दो बजे अचानक कार से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। पास खड़ी सहसपुर, देहरादून निवासी तौहीद की कार भी आग की चपेट में आ गई। स्थानीय लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

53 min ago
user_Haris shaikh
Haris shaikh
Photographer सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
53 min ago

सहारनपुर में रविदास मंदिर परिसर में खड़ी ज्वेलर्स की लग्जरी कार में लगी आग, पास खड़ी दूसरी कार भी चपेट में आई सहारनपुर के बेहट थाना क्षेत्र के मोहल्ला खालसा में रविवार दोपहर रविदास मंदिर परिसर में खड़ी एक ज्वेलर्स की लग्जरी कार में अचानक आग लग गई। आग ने पास खड़ी दूसरी कार को भी चपेट में ले लिया। हादसे में दोनों कारों को नुकसान पहुंचा और लाखों रुपये की क्षति हुई। दिल्ली रोड स्थित ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी सर्राफ रिशु गर्ग रोजाना की तरह अपनी कार से मंदिर परिसर पहुंचे थे। कार खड़ी करने के बाद वह दुकान पर चले गए। दोपहर करीब दो बजे अचानक कार से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। पास खड़ी सहसपुर, देहरादून निवासी तौहीद की कार भी आग की चपेट में आ गई। स्थानीय लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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  • सहारनपुर में रविदास मंदिर परिसर में खड़ी ज्वेलर्स की लग्जरी कार में लगी आग, पास खड़ी दूसरी कार भी चपेट में आई सहारनपुर के बेहट थाना क्षेत्र के मोहल्ला खालसा में रविवार दोपहर रविदास मंदिर परिसर में खड़ी एक ज्वेलर्स की लग्जरी कार में अचानक आग लग गई। आग ने पास खड़ी दूसरी कार को भी चपेट में ले लिया। हादसे में दोनों कारों को नुकसान पहुंचा और लाखों रुपये की क्षति हुई। दिल्ली रोड स्थित ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी सर्राफ रिशु गर्ग रोजाना की तरह अपनी कार से मंदिर परिसर पहुंचे थे। कार खड़ी करने के बाद वह दुकान पर चले गए। दोपहर करीब दो बजे अचानक कार से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। पास खड़ी सहसपुर, देहरादून निवासी तौहीद की कार भी आग की चपेट में आ गई। स्थानीय लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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    सहारनपुर में रविदास मंदिर परिसर में खड़ी ज्वेलर्स की लग्जरी कार में लगी आग, पास खड़ी दूसरी कार भी चपेट में आई
सहारनपुर के बेहट थाना क्षेत्र के मोहल्ला खालसा में रविवार दोपहर रविदास मंदिर परिसर में खड़ी एक ज्वेलर्स की लग्जरी कार में अचानक आग लग गई। आग ने पास खड़ी दूसरी कार को भी चपेट में ले लिया। हादसे में दोनों कारों को नुकसान पहुंचा और लाखों रुपये की क्षति हुई।
दिल्ली रोड स्थित ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी सर्राफ रिशु गर्ग रोजाना की तरह अपनी कार से मंदिर परिसर पहुंचे थे। कार खड़ी करने के बाद वह दुकान पर चले गए। दोपहर करीब दो बजे अचानक कार से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। पास खड़ी सहसपुर, देहरादून निवासी तौहीद की कार भी आग की चपेट में आ गई।
स्थानीय लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
    user_Haris shaikh
    Haris shaikh
    Photographer सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    53 min ago
  • सहारनपुर में घर में आग लगाने के मामले में 11 महीने बाद गिरफ्तारी, पिता-बेटी झुलसे थे; पीड़ित ने दो लोगों पर लगाया था आरोप सहारनपुर में चिलकाना क्षेत्र के दूधगढ़ गांव में घर में आग लगने से पिता-बेटी के झुलसने के मामले में पुलिस ने करीब 11 महीने बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। रविवार दोपहर तीन बजे पुलिस ने गांव में दबिश देकर इरशाद पुत्र जमशेद को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ इसी मामले में अदालत से वारंट जारी हुआ था। पुलिस उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई कर रही है। मामला 7 दिसंबर 2025 की रात का है। दूधगढ़ निवासी कादिर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह अपने भाई शाहजाद के साथ लुधियाना में सिलाई का काम करता है। रात करीब तीन बजे गांव के शादाब ने फोन कर सूचना दी कि उसके घर में आग लग गई है। हादसे में उसके पिता और बहन शाहजहां गंभीर रूप से झुलस गए हैं। दोनों को उपचार के लिए पिलखनी स्थित पीजीआई में भर्ती कराया गया था। कादिर ने अपनी शिकायत में गांव के ही इरशाद पुत्र जमशेद और राशिद पुत्र इनाम पर घर में आग लगाने का शक जताया था। उसने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में पुलिस ने 8 दिसंबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया था। घटना के बाद से आरोपी पुलिस को चकमा दे रहा था। जिसके अदालत से वारंट जारी हुए थे। थाना प्रभारी अक्षय शर्मा के नेतृत्व में चिलकाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दूधगढ़ गांव में दबिश दी। यहां से इरशाद को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी मुकदमे में जारी वारंट के आधार पर की गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मुकदमे में बीएनएस की धारा 326(जी) लगाई गई है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसआई विमल कुमार सैनी, हेड कांस्टेबल मोहित शर्मा और कांस्टेबल गोपाल सोलंकी शामिल रहे।
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    सहारनपुर में घर में आग लगाने के मामले में 11 महीने बाद गिरफ्तारी, पिता-बेटी झुलसे थे; पीड़ित ने दो लोगों पर लगाया था आरोप
सहारनपुर में चिलकाना क्षेत्र के दूधगढ़ गांव में घर में आग लगने से पिता-बेटी के झुलसने के मामले में पुलिस ने करीब 11 महीने बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। रविवार दोपहर तीन बजे पुलिस ने गांव में दबिश देकर इरशाद पुत्र जमशेद को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ इसी मामले में अदालत से वारंट जारी हुआ था। पुलिस उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई कर रही है।
मामला 7 दिसंबर 2025 की रात का है। दूधगढ़ निवासी कादिर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह अपने भाई शाहजाद के साथ लुधियाना में सिलाई का काम करता है। रात करीब तीन बजे गांव के शादाब ने फोन कर सूचना दी कि उसके घर में आग लग गई है। हादसे में उसके पिता और बहन शाहजहां गंभीर रूप से झुलस गए हैं। दोनों को उपचार के लिए पिलखनी स्थित पीजीआई में भर्ती कराया गया था।
कादिर ने अपनी शिकायत में गांव के ही इरशाद पुत्र जमशेद और राशिद पुत्र इनाम पर घर में आग लगाने का शक जताया था। उसने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में पुलिस ने 8 दिसंबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया था।
घटना के बाद से आरोपी पुलिस को चकमा दे रहा था। जिसके अदालत से वारंट जारी हुए थे। थाना प्रभारी अक्षय शर्मा के नेतृत्व में चिलकाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दूधगढ़ गांव में दबिश दी। यहां से इरशाद को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी की गिरफ्तारी मुकदमे में जारी वारंट के आधार पर की गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मुकदमे में बीएनएस की धारा 326(जी) लगाई गई है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसआई विमल कुमार सैनी, हेड कांस्टेबल मोहित शर्मा और कांस्टेबल गोपाल सोलंकी शामिल रहे।
    user_Tarik Siddiqui
    Tarik Siddiqui
    सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • 750 किलोमीटर दूर न्याय नहीं, पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करे सरकार: अधिवक्ता बेंच की मांग को लेकर दीवानी न्यायालय से मुख्यालय तक प्रदर्शन, सहारनपुर फीड जोगेंद्र कल्याण 750 किलोमीटर दूर न्याय नहीं, पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करे सरकार: अधिवक्ता बेंच की मांग को लेकर दीवानी न्यायालय से मुख्यालय तक प्रदर्शन, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन; 2 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में जुटेंगे अधिवक्ता 4 नवंबर को अधिवक्ता सहारनपुर मे निकलेगा न्याय यात्रा जनपद जनपद सहारनपुर से उत्तर प्रदेश में हर जगह निकलेगी अधिवक्ताओं की न्याय यात्रा हर वर्ग समाज के लोगों को जोड़ने का काम करेगी साथ ही किसान छात्र इस यात्रा में जोड़ा जाएगा उत्तर प्रदेश में यह यात्रा शुरू होगी और 2 दिसंबर को रामलीला मैदान में उत्तर प्रदेश का अधिवक्ता पहुंचेगा सहारनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। शनिवार को सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन (पंजी.) के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने दीवानी न्यायालय से लेकर जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश को ज्ञापन भेजा। इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए उनके मान-सम्मान की रक्षा की मांग भी उठाई गई। एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल त्यागी और महासचिव पालम राणा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के अधिवक्ता वर्ष 1981 से हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन पांच दशक के करीब समय बीतने के बावजूद उनकी मांग पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर से प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की दूरी करीब 750 किलोमीटर है। ऐसे में न्याय पाने के लिए आम जनता और अधिवक्ताओं को लंबी दूरी तय करने के साथ ही समय और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में हाईकोर्ट की दो से तीन बेंच स्थापित हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट की केवल लखनऊ में बेंच है, जिसका लाभ प्रदेश के 12 जिलों को मिलता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को आज भी न्याय के लिए प्रयागराज तक जाना पड़ता है। सरकार को आम जनता की परेशानी समझते हुए पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करनी चाहिए। महासचिव पालम राणा ने कहा कि अधिवक्ताओं का मान-सम्मान न्याय व्यवस्था की मजबूती का आधार है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित कुर्सी पर पुलिस अधिकारी के बैठने और विरोध करने पर अधिवक्ताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार किए जाने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिवक्ता समाज इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट बेंच की मांग को जन आंदोलन बनाने के लिए बुधवार को सहारनपुर में न्याय यात्रा निकाली जाएगी। इसमें व्यापारियों, किसानों, छात्रों और आम नागरिकों को भी शामिल किया जाएगा। आंदोलन का समापन चार 2 दिसंबर को अधिवक्ता दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा, जहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता बड़ी संख्या में एकत्र होकर अपनी मांग बुलंद करेंगे। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की गई कि आम जनमानस की भावनाओं का सम्मान करते हुए 'न्याय चला द्वार-द्वार' की भावना को साकार किया जाए और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित की जाए। इस दौरान पालम राणा, रूबी, मीनू चावला, विनोद कुमार, हंस राज, योगेश कुमार, सौरव कुमार, पंकज देशवाल, सुंदर पाल, अशोक कुमार कालरा, रेखा रानी, सुबोध कुमार, अशोक कुमार पुंडीर, जमाल साबरी, शाहनवाज, ईशान, चौधरी रणधीर, संदीप पवार, इशान सिद्दीकी, रुमन लांबा, संजय कुमार, सपन कुमार, कादिर राणा, गुरमीत पंवार, सोनू, मोहम्मद इरफान, रमन सिंह, काबू कुमार, सतीश कुमार सहजवा, अमित चौधरी, भीम खालिद और सजल वर्मा सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे
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    750 किलोमीटर दूर न्याय नहीं, पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करे सरकार: अधिवक्ता
बेंच की मांग को लेकर दीवानी न्यायालय से मुख्यालय तक प्रदर्शन,
सहारनपुर  फीड
जोगेंद्र कल्याण 
750 किलोमीटर दूर न्याय नहीं, पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करे सरकार: अधिवक्ता
बेंच की मांग को लेकर दीवानी न्यायालय से मुख्यालय तक प्रदर्शन, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन; 2 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में जुटेंगे अधिवक्ता
4 नवंबर को अधिवक्ता सहारनपुर मे निकलेगा न्याय यात्रा जनपद जनपद सहारनपुर से उत्तर प्रदेश में हर जगह निकलेगी अधिवक्ताओं की न्याय यात्रा  हर वर्ग समाज के लोगों को जोड़ने का काम करेगी साथ ही किसान छात्र इस यात्रा में जोड़ा जाएगा उत्तर प्रदेश में यह यात्रा शुरू होगी और 2 दिसंबर को रामलीला मैदान में उत्तर प्रदेश का अधिवक्ता पहुंचेगा 
सहारनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। शनिवार को सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन (पंजी.) के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने दीवानी न्यायालय से लेकर जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश को ज्ञापन भेजा। इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए उनके मान-सम्मान की रक्षा की मांग भी उठाई गई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल त्यागी और महासचिव पालम राणा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के अधिवक्ता वर्ष 1981 से हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन पांच दशक के करीब समय बीतने के बावजूद उनकी मांग पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर से प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की दूरी करीब 750 किलोमीटर है। ऐसे में न्याय पाने के लिए आम जनता और अधिवक्ताओं को लंबी दूरी तय करने के साथ ही समय और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में हाईकोर्ट की दो से तीन बेंच स्थापित हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट की केवल लखनऊ में बेंच है, जिसका लाभ प्रदेश के 12 जिलों को मिलता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को आज भी न्याय के लिए प्रयागराज तक जाना पड़ता है। सरकार को आम जनता की परेशानी समझते हुए पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करनी चाहिए।
महासचिव पालम राणा ने कहा कि अधिवक्ताओं का मान-सम्मान न्याय व्यवस्था की मजबूती का आधार है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित कुर्सी पर पुलिस अधिकारी के बैठने और विरोध करने पर अधिवक्ताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार किए जाने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिवक्ता समाज इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट बेंच की मांग को जन आंदोलन बनाने के लिए बुधवार को सहारनपुर में न्याय यात्रा निकाली जाएगी। इसमें व्यापारियों, किसानों, छात्रों और आम नागरिकों को भी शामिल किया जाएगा। आंदोलन का समापन चार 2 दिसंबर को  अधिवक्ता दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा, जहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता बड़ी संख्या में एकत्र होकर अपनी मांग बुलंद करेंगे।
ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की गई कि आम जनमानस की भावनाओं का सम्मान करते हुए 'न्याय चला द्वार-द्वार' की भावना को साकार किया जाए और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित की जाए।
इस दौरान पालम राणा, रूबी, मीनू चावला, विनोद कुमार, हंस राज, योगेश कुमार, सौरव कुमार, पंकज देशवाल, सुंदर पाल, अशोक कुमार कालरा, रेखा रानी, सुबोध कुमार, अशोक कुमार पुंडीर, जमाल साबरी, शाहनवाज, ईशान, चौधरी रणधीर, संदीप पवार, इशान सिद्दीकी, रुमन लांबा, संजय कुमार, सपन कुमार, कादिर राणा, गुरमीत पंवार, सोनू, मोहम्मद इरफान, रमन सिंह, काबू कुमार, सतीश कुमार सहजवा, अमित चौधरी, भीम खालिद और सजल वर्मा सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे
    user_जोगेन्द्र कल्याण
    जोगेन्द्र कल्याण
    Photographer सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • थाना छप्पर के नजदीक हुआ सड़क हादसा । वीडियो में दिख रहे अंजान व्यक्ति की पहचान के लिए मुलाना हस्पताल में सम्पर्क करे ।
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    थाना छप्पर के नजदीक हुआ सड़क हादसा । वीडियो में दिख रहे अंजान व्यक्ति की पहचान के लिए मुलाना हस्पताल में सम्पर्क करे ।
    user_HR02 City News
    HR02 City News
    News Anchor Jagadhri, Yamunanagar•
    9 hrs ago
  • SK मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 44 वर्षीय राजेंद्र की मौत, परिजनों ने किया हंगामा। The Aman Times SK मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 44 वर्षीय राजेंद्र की मौत, परिजनों ने किया हंगामा। देहरादून। SK मेमोरियल हॉस्पिटल ईसी रोड करनपुर में इलाज के दौरान 44 वर्षीय राजेंद्र की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन देने के कारण मौत होने का आरोप लगाया है। मृतक राजेंद्र करनपुर बस्ती का निवासी बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर दून पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस मामले की जानकारी जुटाने के साथ ही स्थिति को संभालने में जुटी है।
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    SK मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 44 वर्षीय राजेंद्र की मौत, परिजनों ने किया हंगामा।
The Aman Times 
SK मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 44 वर्षीय राजेंद्र की मौत, परिजनों ने किया हंगामा।
देहरादून। 
SK मेमोरियल हॉस्पिटल ईसी रोड करनपुर में इलाज के दौरान 44 वर्षीय राजेंद्र की मौत हो गई। 
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। 
परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन देने के कारण मौत होने का आरोप लगाया है। 
मृतक राजेंद्र करनपुर बस्ती का निवासी बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर दून पुलिस मौके पर पहुंच गई। 
पुलिस मामले की जानकारी जुटाने के साथ ही स्थिति को संभालने में जुटी है।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    5 min ago
  • 👉प्रदेश में अति पिछड़ों की हत्याओं के विरोध में चौथा लट्ठ पूजन, मोहन प्रजापति ने सरकार पर लगाए भेदभाव के आरोप, बोले– अब अत्याचार बर्दाश्त नहीं होगा मुजफ्फरनगर में भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा ने अति पिछड़े और दलित समाज के लोगों पर कथित अत्याचार एवं हत्याओं के विरोध में चौथा लट्ठ पूजन कार्यक्रम आयोजित किया। टाउन हॉल स्थित कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति ने लट्ठों पर तिलक लगाकर पूजन किया और पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को हाथ में लट्ठ देकर शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में अति पिछड़े समाज के लोगों की हत्याओं और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। मोहन प्रजापति ने आरोप लगाया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में जाति देखकर भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज अब अत्याचार और शोषण बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही राजनीतिक दलों से अति पिछड़े समाज को संख्या के अनुपात में हिस्सेदारी देने की मांग भी की। दरअसल, रविवार को मुजफ्फरनगर के टाउन हॉल स्थित कार्यालय पर भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा की ओर से चौथा लट्ठ पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति ने लट्ठों पर कलावा बांधकर तिलक लगाया और पूजन किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं को हाथों में लट्ठ देकर शपथ दिलाई गई कि वे किसी पर अत्याचार नहीं करेंगे और न ही किसी के साथ होने वाले अत्याचार को बर्दाश्त करेंगे। बहन-बेटियों की रक्षा, संविधान की सुरक्षा और समाज के हक-अधिकारों के लिए आवाज उठाने का संकल्प भी दिलाया गया। इस दौरान मोहन प्रजापति ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अति पिछड़े और दलित समाज के लोगों की हत्याओं का मुद्दा उठाते हुए कई घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दबंगों द्वारा समाज के लोगों का शोषण किया जा रहा है और हत्याओं के मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। मोहन प्रजापति ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब अपराधी अति पिछड़े, दलित या मुस्लिम समाज से होता है तो बुलडोजर और एनकाउंटर जैसी कार्रवाई की जाती है, लेकिन जब आरोपी किसी दबंग वर्ग से होता है तो कार्रवाई के नाम पर लीपापोती का आरोप सामने आता है। उन्होंने कहा कि अति पिछड़े समाज ने भाजपा को सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन आज समाज के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वहीं राजनीतिक हिस्सेदारी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वे किसी राजनीतिक दल से बंधे नहीं हैं और समाज के अधिकारों के लिए किसी भी पार्टी के नेतृत्व से मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल दलित और पिछड़े समाज को संख्या के हिसाब से टिकट और हिस्सेदारी देगा, संगठन का झुकाव उसी तरफ रहेगा। BYTE – मोहन प्रजापति, राष्ट्रीय अध्यक्ष
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    👉प्रदेश में अति पिछड़ों की हत्याओं के विरोध में चौथा लट्ठ पूजन, मोहन प्रजापति ने सरकार पर लगाए भेदभाव के आरोप, बोले– अब अत्याचार बर्दाश्त नहीं होगा
मुजफ्फरनगर में भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा ने अति पिछड़े और दलित समाज के लोगों पर कथित अत्याचार एवं हत्याओं के विरोध में चौथा लट्ठ पूजन कार्यक्रम आयोजित किया। टाउन हॉल स्थित कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति ने लट्ठों पर तिलक लगाकर पूजन किया और पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को हाथ में लट्ठ देकर शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में अति पिछड़े समाज के लोगों की हत्याओं और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। मोहन प्रजापति ने आरोप लगाया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में जाति देखकर भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज अब अत्याचार और शोषण बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही राजनीतिक दलों से अति पिछड़े समाज को संख्या के अनुपात में हिस्सेदारी देने की मांग भी की।
दरअसल, रविवार को मुजफ्फरनगर के टाउन हॉल स्थित कार्यालय पर भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा की ओर से चौथा लट्ठ पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति ने लट्ठों पर कलावा बांधकर तिलक लगाया और पूजन किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं को हाथों में लट्ठ देकर शपथ दिलाई गई कि वे किसी पर अत्याचार नहीं करेंगे और न ही किसी के साथ होने वाले अत्याचार को बर्दाश्त करेंगे। बहन-बेटियों की रक्षा, संविधान की सुरक्षा और समाज के हक-अधिकारों के लिए आवाज उठाने का संकल्प भी दिलाया गया।
इस दौरान मोहन प्रजापति ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अति पिछड़े और दलित समाज के लोगों की हत्याओं का मुद्दा उठाते हुए कई घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दबंगों द्वारा समाज के लोगों का शोषण किया जा रहा है और हत्याओं के मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।
मोहन प्रजापति ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब अपराधी अति पिछड़े, दलित या मुस्लिम समाज से होता है तो बुलडोजर और एनकाउंटर जैसी कार्रवाई की जाती है, लेकिन जब आरोपी किसी दबंग वर्ग से होता है तो कार्रवाई के नाम पर लीपापोती का आरोप सामने आता है। उन्होंने कहा कि अति पिछड़े समाज ने भाजपा को सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन आज समाज के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
वहीं राजनीतिक हिस्सेदारी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वे किसी राजनीतिक दल से बंधे नहीं हैं और समाज के अधिकारों के लिए किसी भी पार्टी के नेतृत्व से मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल दलित और पिछड़े समाज को संख्या के हिसाब से टिकट और हिस्सेदारी देगा, संगठन का झुकाव उसी तरफ रहेगा।
BYTE – मोहन प्रजापति, राष्ट्रीय अध्यक्ष
    user_Shivam Chaudhary
    Shivam Chaudhary
    Fitness Trainer मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • थाना शाहपुर क्षेत्रान्तर्गत पुलिस बल के साथ पैदल गश्त कर आमजन को कराया गया सुरक्षा का एहसास, दिए गये आवश्यक दिशा-निर्देश। मुज़फ्फरनगर जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ रखने तथा आमजन में सुरक्षा की भावना बनाए रखने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,सूरज कुमार राय के निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक द्वारा पुलिस बल के साथ ग्रामीण क्षेत्र के थाना शाहपुर क्षेत्रान्तर्गत पैदल गश्त आमजन को सुरक्षा का एहसास कराया गया। पैदल गश्त के दौरान मुख्य बाजारों, भीड़-भाड़ वाले स्थानों, संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों, चौराहों, शराब के ठेकों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया तथा संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की सघन चेकिंग की गयी। इस दौरान महोदय द्वारा आमजन से संवाद स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा संबंधित पुलिस बल को ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्कता एवं मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने, संदिग्ध व्यक्ति एवं वस्तुओं पर विशेष निगरानी रखने, अराजक एवं असामाजिक तत्वों पर सतत दृष्टि बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।
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    थाना शाहपुर क्षेत्रान्तर्गत पुलिस बल के साथ पैदल गश्त कर आमजन को कराया गया सुरक्षा का एहसास, दिए गये आवश्यक दिशा-निर्देश।
मुज़फ्फरनगर जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ रखने तथा आमजन में सुरक्षा की भावना बनाए रखने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,सूरज कुमार राय के निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक द्वारा पुलिस बल के साथ ग्रामीण क्षेत्र के थाना शाहपुर क्षेत्रान्तर्गत पैदल गश्त आमजन को सुरक्षा का एहसास कराया गया। पैदल गश्त के दौरान मुख्य बाजारों, भीड़-भाड़ वाले स्थानों, संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों, चौराहों, शराब के ठेकों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया तथा संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की सघन चेकिंग की गयी। इस दौरान महोदय द्वारा आमजन से संवाद स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा संबंधित पुलिस बल को ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्कता एवं मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने, संदिग्ध व्यक्ति एवं वस्तुओं पर विशेष निगरानी रखने, अराजक एवं असामाजिक तत्वों पर सतत दृष्टि बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।
    user_Ankit Kumar
    Ankit Kumar
    पत्रकार मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • पंचकूला के सरकारी स्कूल में मासूम बच्ची के साथ हुई घटना के विरोध में यमुनानगर के जागरूक नागरिकों ने उठाई आवाज *यमुनानगर, 1 नवंबर 2026।** पंचकूला के सरकारी स्कूल में 8 वर्षीय छात्र द्वारा 6 वर्षीय मासूम छात्रा को ईंट से बेरहमी से पीटे जाने की सामने आई घटना के विरोध में आज यमुनानगर में जागरूक नागरिकों द्वारा विरोध दर्ज करवाया गया। इस दौरान उपस्थित नागरिकों ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की जवाबदेही, स्कूल प्रशासन की निगरानी और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। नागरिकों ने कहा कि स्कूल केवल बच्चों को पढ़ाने की जगह नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित भविष्य की नींव होते हैं। यदि स्कूल परिसर में ही छोटे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? आखिर स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कर रहे हैं? इस अवसर पर मांग उठाई गई कि सरकारी शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बच्चों की पढ़ाई भी सरकारी स्कूलों में अनिवार्य करने के लिए कानून बनाने पर विचार किया जाए। जब सरकारी कर्मचारी और अधिकारी स्वयं उसी शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनेंगे, तब सरकारी स्कूलों की शिक्षा, साफ-सफाई, रखरखाव, सुविधाओं और सुरक्षा को बेहतर बनाने की मांग और अधिक मजबूती से उठेगी। जागरूक नागरिकों ने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण पाने का पूरा अधिकार है। सरकार को सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ शिक्षकों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करनी चाहिए। **प्रमुख मांगें:** - सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों। - स्कूल प्रशासन और शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाए। - घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई हो। - सरकारी स्कूलों में शिक्षा, सफाई और रखरखाव की गुणवत्ता सुधारी जाए। - सभी बच्चों को समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार मिले। इस विरोध में मुख्य रूप से **संजीव नंदा, संजय राघव, अंकुश बख्शी, विकास चौधरी** सहित अन्य जागरूक नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। ### हमारा नारा **एक देश – एक किताब – एक समान फीस।** **शिक्षा में समानता, स्कूलों में सुरक्षा और व्यवस्था में जवाबदेही जरूरी है!**
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    पंचकूला के सरकारी स्कूल में मासूम बच्ची के साथ हुई घटना के विरोध में यमुनानगर के जागरूक नागरिकों ने उठाई आवाज
*यमुनानगर, 1 नवंबर 2026।**
पंचकूला के सरकारी स्कूल में 8 वर्षीय छात्र द्वारा 6 वर्षीय मासूम छात्रा को ईंट से बेरहमी से पीटे जाने की सामने आई घटना के विरोध में आज यमुनानगर में जागरूक नागरिकों द्वारा विरोध दर्ज करवाया गया।
इस दौरान उपस्थित नागरिकों ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की जवाबदेही, स्कूल प्रशासन की निगरानी और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए।
नागरिकों ने कहा कि स्कूल केवल बच्चों को पढ़ाने की जगह नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित भविष्य की नींव होते हैं। यदि स्कूल परिसर में ही छोटे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? आखिर स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कर रहे हैं?
इस अवसर पर मांग उठाई गई कि सरकारी शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बच्चों की पढ़ाई भी सरकारी स्कूलों में अनिवार्य करने के लिए कानून बनाने पर विचार किया जाए। जब सरकारी कर्मचारी और अधिकारी स्वयं उसी शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनेंगे, तब सरकारी स्कूलों की शिक्षा, साफ-सफाई, रखरखाव, सुविधाओं और सुरक्षा को बेहतर बनाने की मांग और अधिक मजबूती से उठेगी।
जागरूक नागरिकों ने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण पाने का पूरा अधिकार है। सरकार को सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ शिक्षकों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करनी चाहिए।
**प्रमुख मांगें:**
- सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों।
- स्कूल प्रशासन और शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाए।
- घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई हो।
- सरकारी स्कूलों में शिक्षा, सफाई और रखरखाव की गुणवत्ता सुधारी जाए।
- सभी बच्चों को समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार मिले।
इस विरोध में मुख्य रूप से **संजीव नंदा, संजय राघव, अंकुश बख्शी, विकास चौधरी** सहित अन्य जागरूक नागरिक मौजूद रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
### हमारा नारा
**एक देश – एक किताब – एक समान फीस।**
**शिक्षा में समानता, स्कूलों में सुरक्षा और व्यवस्था में जवाबदेही जरूरी है!**
    user_Gulshan Dhiman
    Gulshan Dhiman
    रादौर, यमुनानगर, हरियाणा•
    3 hrs ago
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