उनियारा, पलाई में शमशान भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के कारण सड़क पर रखना पड़ा शव उनियारा. उपखंड क्षेत्र के पलाई कस्बे से मानवता को झकझोर देने वाली एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहां एक महिला के निधन के बाद परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। श्मशान भूमि पर अतिक्रमण होने के कारण शव को जलाने तक की पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं थी, जिसके चलते कुछ समय तक शव को सड़क पर ही रखना पड़ा। जानकारी के अनुसार, नगर फोर्ट रोड स्थित श्मशान भूमि पर लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। इसके साथ ही विद्युत विभाग द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए श्मशान परिसर में जबरन ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है, जिससे उपलब्ध स्थान और भी सीमित हो गया है तथा आमजन की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है। स्थिति इतनी विकट हो गई कि मृतका के परिजनों और ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए पहले जेसीबी मंगवानी पड़ी। अतिक्रमण हटाकर जैसे-तैसे स्थान तैयार किया गया, तब जाकर महिला का अंतिम संस्कार किया जा सका। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण आज ऐसी अमानवीय स्थिति उत्पन्न हुई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग से मांग की है कि श्मशान भूमि से तुरंत अतिक्रमण हटाया जाए, ट्रांसफार्मर को नियमानुसार अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए तथा भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्थायी समाधान किया जाए। यह घटना प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है और जनहित से जुड़े मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करती है। मृतक परिवार के लोगों ने जिला कलेक्टर टीना डाबी से मांग की है कि ऐसी अव्यवस्थाओं पर तुरंत कार्रवाई कर शीघ्र निस्तारण करें।
उनियारा, पलाई में शमशान भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के कारण सड़क पर रखना पड़ा शव उनियारा. उपखंड क्षेत्र के पलाई कस्बे से मानवता को झकझोर देने वाली एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहां एक महिला के निधन के बाद परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। श्मशान भूमि पर अतिक्रमण होने के कारण शव को जलाने तक की पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं थी, जिसके चलते कुछ समय तक शव को सड़क
पर ही रखना पड़ा। जानकारी के अनुसार, नगर फोर्ट रोड स्थित श्मशान भूमि पर लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। इसके साथ ही विद्युत विभाग द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए श्मशान परिसर में जबरन ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है, जिससे उपलब्ध स्थान और भी सीमित हो गया है तथा आमजन की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है। स्थिति इतनी विकट हो गई कि मृतका के परिजनों और ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए
पहले जेसीबी मंगवानी पड़ी। अतिक्रमण हटाकर जैसे-तैसे स्थान तैयार किया गया, तब जाकर महिला का अंतिम संस्कार किया जा सका। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण आज ऐसी अमानवीय स्थिति उत्पन्न हुई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग से मांग
की है कि श्मशान भूमि से तुरंत अतिक्रमण हटाया जाए, ट्रांसफार्मर को नियमानुसार अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए तथा भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्थायी समाधान किया जाए। यह घटना प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है और जनहित से जुड़े मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करती है। मृतक परिवार के लोगों ने जिला कलेक्टर टीना डाबी से मांग की है कि ऐसी अव्यवस्थाओं पर तुरंत कार्रवाई कर शीघ्र निस्तारण करें।
- Post by जनहित आवाज1
- दिलीप राणावत आपनेता ने कहा देश में झूठ ना फैलाये, सच बताये भाजपा सरकार, हिम्मत है⁉️1
- मलारना डूंगर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मलारना चौड़ को ट्रॉमा सेंटर भवन में शिफ्ट करने की प्रस्तावित योजना को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस निर्णय से न केवल वर्तमान चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि ट्रॉमा सेंटर की मूल उपयोगिता भी खत्म हो जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि लंबे संघर्ष के बाद स्वीकृत ट्रॉमा सेंटर अब शुरू होने से पहले ही अपने उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। वर्तमान में संचालित सीएचसी लालसोट-कोटा मेगा हाईवे पर स्थित है, जहां से आसपास के तारनपुर, श्रीपुरा, रामड़ी, अनियाला, डीडवाना, किरतपुरा, चैनपुरा, बाढ़ बरियारा, बाढ़ शाहपुरा, बरियारा और लाडोता सहित करीब 20 हजार आबादी को सीधी स्वास्थ्य सुविधा मिलती है। वहीं प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर भवन मुख्य सड़क से लगभग 500 मीटर अंदर स्थित है, जहां तक पहुंच मार्ग भी सुगम नहीं है। बरसात के दौरान यहां 1 से 1.5 फीट तक जलभराव की स्थिति बन जाती है। इसके अलावा परिसर कच्चा है, बाउंड्री वॉल नहीं है, सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है और स्टाफ आवास की भी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे स्थान पर सीएचसी को शिफ्ट करना अव्यवहारिक निर्णय है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बनास नदी पुल से मोरेल नदी पुल तक लगभग 16 किलोमीटर का हाईवे क्षेत्र दुर्घटना की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। ऐसे में इस क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर की विशेष आवश्यकता है, ताकि सड़क हादसों में घायल लोगों को त्वरित उपचार मिल सके। स्थानीय निवासी रामराज खाती ने कहा कि “सीएचसी को ट्रॉमा भवन में शिफ्ट करना गलत निर्णय है, इससे चिकित्सा व्यवस्था बिगड़ जाएगी। इसके बजाय नए भवन के लिए अलग से बजट स्वीकृत कराया जाना चाहिए।” वहीं भाजपा मंडल महामंत्री बनवारी लाल मीणा ने भी कहा कि “ट्रॉमा भवन जलभराव क्षेत्र में है और असुरक्षित भी है। वहां सीएचसी शिफ्ट करने से दोनों सुविधाएं प्रभावित होंगी।” मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि सीएचसी को ट्रॉमा सेंटर भवन में शिफ्ट करने के निर्देश जिला कलेक्टर द्वारा दिए गए हैं। हालांकि उन्होंने सड़क, सुरक्षा, स्टाफ आवास और जलभराव जैसी समस्याओं पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया। ग्रामीणों की प्रमुख मांगें: सीएचसी को वर्तमान स्थान पर ही संचालित रखा जाए ट्रॉमा भवन में ट्रॉमा सेंटर ही शुरू किया जाए नए सीएचसी भवन के लिए अलग से बजट स्वीकृत किया जाए ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि वे इस मुद्दे को क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के समक्ष उठाएंगे और शीघ्र समाधान की मांग करेंगे।3
- लाखेरी में ईओ ने अन्नपूर्णा रसोई का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा, दिए आवश्यक दिशा निर्देश।41
- Post by Noshad ahmad qureshi1
- लालसोट विधानसभा क्षेत्र के रामगढ़ पचवारा/डिडवाना समीप सुबह स्टेट हाईवे-24 पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी अचानक आग का गोला बन गई। घटना डिडवाना गांव के पास की है, जहां रामगढ़ पचवारा से लालसोट की ओर जा रहे स्कूटी सवार ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते अपनी जान बचा ली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चलते-चलते स्कूटी से अचानक धुआं उठने लगा। खतरा भांपते हुए चालक ने तुरंत वाहन को सड़क किनारे रोक दिया और दूर हट गया। देखते ही देखते स्कूटी ने भीषण आग पकड़ ली और कुछ ही पलों में धू-धू कर जलने लगी। हाईवे पर यह नजारा देख मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्कूटी चालक लोकेश सैनी ने बताया कि उन्होंने करीब दो महीने पहले ही नई इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदी थी। वह रामगढ़ पचवारा से लालसोट सामान लेने जा रहे थे, तभी रास्ते में अचानक स्कूटी से धुआं निकलने लगा। उन्होंने तुरंत स्कूटी रोकी, लेकिन कुछ ही क्षणों में उसमें आग लग गई और पूरी स्कूटी जलकर राख हो गई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।2
- अंता में सट्टा माफिया हावी, सरकार और सिस्टम पर गंभीर सवाल,#rajasthan #baran #antanews #latestupdates1
- अडिला के पास असन्तुलित होकर ट्रैक्टर पलटने से एक बच्चे सहित दो हुए घायल, प्राथमिक उपचार के बाद किया कोटा रैफर।41
- Post by Noshad ahmad qureshi1