डिंडौरी जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा बीएमओ बजाग को सौंपे गए एक ज्ञापन में बताया गया है कि प्रदेश भर के लगभग 32 हजार संविदा कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण, स्वास्थ्य बीमा, वार्षिक वेतनवृद्धि, महंगाई भत्ता और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। संघ का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है। इसी के चलते कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया है। ज्ञापन के अनुसार, 25 से 27 मई तक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद, 29 और 30 मई को कलेक्टर, सीएमएचओ और बीएमओ को ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं, जबकि 31 मई और 1 जून को जनप्रतिनिधियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो 2 जून 2026 से जिले के सभी एनएचएम संविदा कर्मचारी ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इसके अलावा, 8 जून को भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास के घेराव की भी चेतावनी दी गई है। संघ ने कहा है कि यदि समय रहते मांगों का निराकरण नहीं होता है, तो स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
डिंडौरी जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा बीएमओ बजाग को सौंपे गए एक ज्ञापन में बताया गया है कि प्रदेश भर के लगभग 32 हजार संविदा कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण, स्वास्थ्य बीमा, वार्षिक वेतनवृद्धि, महंगाई भत्ता और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। संघ का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है। इसी के चलते कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया है। ज्ञापन के अनुसार, 25 से 27 मई तक कर्मचारियों ने काली
पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद, 29 और 30 मई को कलेक्टर, सीएमएचओ और बीएमओ को ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं, जबकि 31 मई और 1 जून को जनप्रतिनिधियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो 2 जून 2026 से जिले के सभी एनएचएम संविदा कर्मचारी ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इसके अलावा, 8 जून को भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास के घेराव की भी चेतावनी दी गई है। संघ ने कहा है कि यदि समय रहते मांगों का निराकरण नहीं होता है, तो स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
- डिंडौरी जिले के ग्राम घुसिया के ढीमर टोला में लंबे समय से व्याप्त पेयजल संकट का समाधान होने के बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे ग्रामीण कुएं में उतरकर कटोरी से पानी निकालने को मजबूर थे, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। यह मामला सामने आने के बाद कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया तुरंत गांव पहुंचीं और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्या को गहराई से समझा। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि गांव की नल-जल योजना लंबे समय से बंद पड़ी थी, जिसके चलते गर्मियों में पीने के पानी की बेहद किल्लत बनी हुई थी। इस संबंध में जनसुनवाई में भी आवेदन दिया गया था। कलेक्टर के तत्काल निर्देशों पर बंद पड़ी बोरिंग में नई मोटर लगाई गई और उसे दोबारा चालू कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप ढीमर टोला में पानी की आपूर्ति फिर से शुरू हो गई। पानी की व्यवस्था बहाल होने के बाद कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने मौके पर ही पानी की उपलब्धता का निरीक्षण किया और ग्रामीण बच्चों को अपने हाथों से पानी पिलाकर उन्हें स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता का संदेश दिया। पानी मिलने से ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने जिला प्रशासन के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने संतोष जताते हुए कहा कि अब उन्हें पानी के लिए कुएं में उतरने की मजबूरी नहीं होगी। उन्होंने कलेक्टर की त्वरित और प्रभावी पहल की सराहना करते हुए जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया।1
- एक बिजली के खंभे का तार नीचे झूल रहा है, जिसके कारण उसके सुधार कार्य की आवश्यकता है।1
- उमरिया जिले के अन्तिम छोर पर, अनुपपुर की सीमा से सटे तिवनी गांव के पास अमौदा बिजौरा में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए राहत और उपचार कार्यों की कमान संभाल ली है। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर राखी सहाय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली पहुंचकर घायल मरीजों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को सभी घायलों को गुणवत्तापूर्ण और समुचित उपचार प्रदान करने, साथ ही गंभीर रूप से घायल मरीजों की विशेष निगरानी रखने तथा उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी। कलेक्टर ने पीड़ित परिवारों को हर संभव प्रशासनिक सहायता का भी भरोसा दिलाया। दूसरी ओर, पाली एसडीएम मीनाक्षी बंजारे ने दुर्घटना से प्रभावित सभी व्यक्तियों का सत्यापित और लिखित विवरण तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा है। प्रशासनिक पुष्टि के अनुसार, इस हादसे में पड़मनिया निवासी भूपत सिंह (50 वर्ष), गिजरी निवासी बीर सिंह (60 वर्ष), पड़मनिया निवासी घनश्याम सिंह (45 वर्ष) और गिजरी निवासी सहबल बैगा (55 वर्ष) की दुखद मृत्यु हो गई है। वहीं, सूत्रों से यह सूचना भी मिली है कि मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दो अन्य घायलों का निधन हो गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस हृदयविदारक दुर्घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और राहत दल लगातार प्रभावित परिवारों की सहायता में जुटे हुए हैं, और पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक व संवेदना का वातावरण व्याप्त है।1
- शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 350.500 किलोग्राम गांजा, दो चार पहिया वाहन और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 20 वर्षीय राहुल कुमार चर्मकार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जनकपुर रोड बाईपास मार्ग पर की गई नाकाबंदी के दौरान हुई। पुलिस ने एक स्विफ्ट कार और एक इनोवा वाहन की तलाशी ली, जिसमें से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 35.05 लाख रुपये बताई गई है, और जब्त की गई कुल संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 61.12 लाख रुपये है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- डिंडोरी जिले की ग्राम पंचायत छांटा के बैगान टोला निवासी ग्रामीण डिंडोरी कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया से वन अधिकार पट्टा प्रदान करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि वे 1992 से वन विभाग की शासकीय जमीन पर रहते हुए खेती-बाड़ी कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार की योजना के तहत उन्हें वन अधिकार पट्टा दिए जाने का अनुरोध किया। कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वे एक विशेष जाति से आते हैं और उन्होंने मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार से सभी बैगा परिवारों को वन अधिकार पट्टा दिए जाने की अपील की।1
- डिंडौरी जिले के शहपुरा विकासखंड के अंतर्गत ढोंढ़ा स्थित जैव आदान संसाधन केंद्र (BRC) में अब गोबर गैस यानी बायोगैस का उपयोग भोजन पकाने के लिए किया जाने लगा है। इस पहल से एलपीजी गैस की खपत कम होगी और किसानों को कम लागत में ऊर्जा का एक विकल्प मिलेगा, जिससे यह केंद्र जैविक खेती के नवाचार का एक मॉडल बन गया है। जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित नर्मदांचल गौ सेवा समिति कई वर्षों से प्राकृतिक और जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय है। साहू ने अब तक लगभग 20 हजार विद्यार्थियों और 80 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया है। केंद्र में स्थापित बायोगैस संयंत्र पशुओं के गोबर से चलता है, जिससे तैयार होने वाली गैस का इस्तेमाल भोजन बनाने में होता है। साथ ही, संयंत्र से निकलने वाली स्लरी का उपयोग उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किया जाता है, जिससे ऊर्जा और जैविक खाद दोनों का उत्पादन हो रहा है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और आत्मा परियोजना के तहत जिले में ऐसे 33 जैव आदान संसाधन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो किसानों को प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रशिक्षण, जैविक उत्पाद और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराते हैं। इस अवसर पर आयुष साहू और प्रगति साहू सहित अन्य लोग उपस्थित थे। बिहारी लाल साहू ने बताया कि गौवंश आधारित जैविक खेती से भूमि की उर्वरता बढ़ती है, पर्यावरण संरक्षित होता है और मानव स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि जैविक खेती किसानों की लागत कम करती है और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन भी सुनिश्चित करती है। साहू ने आत्मा परियोजना के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।1
- उमरिया, मध्य प्रदेश में कलेक्टर राखी सहाय ने सड़क हादसे में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।1
- डिंडोरी जिले के शहपुरा थाना क्षेत्र में स्थित जबलपुर-अमरकंटक मार्ग पर, कृष्णा पेट्रोल पंप के पास आज एक भीषण सड़क हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, एक तेज रफ्तार कार ने पहले दूसरी कार को टक्कर मारी और फिर अनियंत्रित होकर सामने खड़े एक ट्रक में जा घुसी। इस जोरदार टक्कर के परिणामस्वरूप, कार में सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग मदद के लिए जमा हो गए। उन्होंने तुरंत घायलों को शहपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही शहपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और उनका कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।4