कुशलगढ़ के पोटलिया गाँव में एचके मेमोरियल आर्चरी एकेडमी ने तीरंदाजी ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर 2026 का भव्य शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में विधायक रमिला हुरतिंग खड़िया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि कालूसिंह गरासिया और कैलाश पटेल विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। मुख्य अतिथि रमिला खड़िया ने छोटे बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेल को भी जीवन का अभिन्न अंग बनाने और इसके माध्यम से आगे बढ़ने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि कालूसिंह गरासिया और कैलाश पटेल ने भी बच्चों को प्रेरित करने वाले आशीर्वचन दिए। शिविर प्रभारी राकेश चंद्र कटारा ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर 8 जून तक चलेगा, जिसके लिए 50 से अधिक बच्चों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। शिविर के उद्घाटन अवसर पर धीरज डामोर और कई अभिभावक भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन भानुप्रताप मईडा ने किया, जबकि कोच जयसिंह मछार ने सभी का आभार व्यक्त किया।
कुशलगढ़ के पोटलिया गाँव में एचके मेमोरियल आर्चरी एकेडमी ने तीरंदाजी ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर 2026 का भव्य शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में विधायक रमिला हुरतिंग खड़िया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि कालूसिंह गरासिया और कैलाश पटेल विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। मुख्य अतिथि रमिला खड़िया ने छोटे बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेल को भी जीवन का अभिन्न अंग बनाने और इसके माध्यम से आगे बढ़ने का आह्वान
किया। विशिष्ट अतिथि कालूसिंह गरासिया और कैलाश पटेल ने भी बच्चों को प्रेरित करने वाले आशीर्वचन दिए। शिविर प्रभारी राकेश चंद्र कटारा ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर 8 जून तक चलेगा, जिसके लिए 50 से अधिक बच्चों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। शिविर के उद्घाटन अवसर पर धीरज डामोर और कई अभिभावक भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन भानुप्रताप मईडा ने किया, जबकि कोच जयसिंह मछार ने सभी का आभार व्यक्त किया।
- कुशलगढ़ के पोटलिया गाँव में एचके मेमोरियल आर्चरी एकेडमी ने तीरंदाजी ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर 2026 का भव्य शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में विधायक रमिला हुरतिंग खड़िया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि कालूसिंह गरासिया और कैलाश पटेल विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। मुख्य अतिथि रमिला खड़िया ने छोटे बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेल को भी जीवन का अभिन्न अंग बनाने और इसके माध्यम से आगे बढ़ने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि कालूसिंह गरासिया और कैलाश पटेल ने भी बच्चों को प्रेरित करने वाले आशीर्वचन दिए। शिविर प्रभारी राकेश चंद्र कटारा ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर 8 जून तक चलेगा, जिसके लिए 50 से अधिक बच्चों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। शिविर के उद्घाटन अवसर पर धीरज डामोर और कई अभिभावक भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन भानुप्रताप मईडा ने किया, जबकि कोच जयसिंह मछार ने सभी का आभार व्यक्त किया।2
- Post by Bapulal Ahari1
- राजस्थान के हिंडौन क्षेत्र में एक दुःखद घटना सामने आई है, जहाँ एक नंदी की 50 फीट गहरे कुएं में गिरने से मौत हो गई। यह बताया गया है कि नंदी ने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और अंततः उसकी जान चली गई।1
- आदिम जाति आदिवासी बिरसा गुरु दादा विलेश जी खराड़ी को जेल से रिहाई मिल गई है। इस अवसर पर भारत सरकार का भी उल्लेख किया गया है।1
- नरेश खाटं को हैंडपंप और सड़क की तत्काल आवश्यकता है। उनका कहना है कि कोई भी सीधे तौर पर यह नहीं कह रहा है कि वे ये सुविधाएँ नहीं देंगे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें ये चीज़ें उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में केवल झूठे वादे ही किए जा रहे हैं।2
- धम्बोला कस्बे में अधिक मास के पावन अवसर पर श्री गोवर्धननाथजी हवेली मंदिर में मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ माखन चोरी लीला एवं भजन-कीर्तन महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रभु की बाल लीलाओं का स्मरण कर पूरा हवेली परिसर भक्तिरस में डूब गया, वहीं अष्टछाप कवियों के पदों की मधुर स्वर लहरियों ने वातावरण को अलौकिक बना दिया। ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष दिनेश पंड्या ने बताया कि विशेष मनोरथ के अंतर्गत ठाकुर श्री गोवर्धननाथजी को माखन चोरी लीला स्वरूप में मनोहारी श्रृंगार धारण कराया गया था। प्रभु के इस अद्भुत स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में वैष्णवजन और श्रद्धालु हवेली मंदिर पहुंचे, जिनके मुख से जयघोष गूंज उठे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से भर गया। महोत्सव में अष्टछाप कवियों द्वारा रचित माखन चोरी लीला से जुड़े पदों का भावपूर्ण गायन किया गया, जिसमें नीलकंठ पंड्या और प्रत्यक्ष पंड्या ने अपनी सुमधुर वाणी से उपस्थित श्रद्धालुओं को कृष्ण की बाल लीलाओं के दिव्य भावों में डुबो दिया। पदों के गायन के साथ ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं नंदलाल गोकुल की गलियों में माखन चुराते हुए अपनी मनमोहक छवि का दर्शन करा रहे हों। इसी क्रम में अरुण कुमार पंड्या ने भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को और अधिक भक्तिमय बनाया, जिसके दौरान श्रद्धालु प्रभु के गुणगान में भावविभोर होकर झूम उठे। हवेली में उपस्थित वैष्णवजन ताली, मृदंग और झांझ की मधुर ध्वनि के साथ भक्ति रस में डूबे दिखाई दिए। अधिक मास में आयोजित इस विशेष मनोरथ में पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुरूप सेवा, श्रृंगार, संगीत और उत्सव का सुंदर समन्वय देखने को मिला। ठाकुर श्री गोवर्धननाथजी ने विशेष स्वरूप में समस्त वैष्णव सृष्टि को दर्शन प्रदान कर भक्तों को आनंदित किया, जिन्होंने प्रभु के दर्शन कर सुख, शांति और मंगलमय जीवन की कामना की। महोत्सव के समापन तक हवेली मंदिर जय श्रीकृष्ण के उद्घोष, अष्टछाप पदों और भक्ति गीतों से गुंजायमान रहा, जिसने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद एवं ब्रजभाव की दिव्य अनुभूति कराई।1
- राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में आगामी त्योहारों को देखते हुए पुलिस विभाग ने अपनी जागरूकता बढ़ा दी है।1
- राजकीय होम्योपैथिक औषधालय कुशलगढ़ के तत्वावधान में ग्राम पंचायत बड़वास बड़ी में आयोजित दो दिवसीय होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस शिविर में कुल 259 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें निःशुल्क दवाइयों के साथ-साथ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया गया। राजकीय होम्योपैथिक औषधालय कुशलगढ़ के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सिद्धार्थ पांचाल ने अपनी टीम के साथ मरीजों का गहन परीक्षण कर महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। डॉक्टर पांचाल ने बताया कि शिविर में मौसमी बीमारियां, त्वचा रोग, पेट संबंधी समस्याएं, जोड़ों का दर्द, एलर्जी और पुरानी बीमारियों से पीड़ित बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे, जिन्हें होम्योपैथिक पद्धति से उपचार और परामर्श दिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे शिविरों का आयोजन करने का मुख्य उद्देश्य लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और होम्योपैथिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही, डॉक्टर पांचाल ने ग्रामीणों को संतुलित आहार, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। इस चिकित्सा शिविर के सफल संचालन में ग्राम पंचायत बड़वास बड़ी के ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत लिपिक, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गांव के वरिष्ठ नागरिकों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। ग्रामीणों ने चिकित्सा विभाग और डॉक्टर सिद्धार्थ पांचाल की सेवाओं की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग रखी। यह शिविर ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और आमजन तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में एक प्रेरणादायक और सराहनीय पहल साबित हुआ है।1