विकासखंड क्षेत्र के ग्राम राजंदाजपुर में एसडीएम के नेतृत्व में 22 लाख कीमत की जमीन को कराया गया कब्जा मुक्त औरैया जनपद में प्रशासन द्वारा अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी सदर अजय आनन्द वर्मा के नेतृत्व में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। यह अभियान सदर तहसील के ग्राम राजंदाजपुर में चलाया गया, जहां सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाया गया। प्रशासनिक टीम ने थाना औरैया के पुलिस बल की मौजूदगी में खसरा संख्या 325, जो कि तालाब की भूमि है और जिसका क्षेत्रफल 0.0610 हेक्टेअर है, तथा खसरा संख्या 327, जो बंजर भूमि है और जिसका क्षेत्रफल 0.0400 हेक्टेअर है, को कब्जामुक्त कराया। इस दौरान जेसीबी मशीन की मदद से अवैध रूप से निर्मित बाउंड्रीवाल को ध्वस्त किया गया। जानकारी के अनुसार सर्वेश नामक व्यक्ति द्वारा इन दोनों भूखंडों पर बाउंड्रीवाल बनाकर कब्जा कर लिया गया था। प्रशासन को शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर कार्रवाई की गई। मौके पर राजस्व विभाग की टीम भी उपस्थित रही, जिसने भूमि की पैमाइश कर कब्जे की पुष्टि की। इस कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार के विरोध की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन द्वारा मुक्त कराई गई इस सरकारी भूमि की अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपये बताई जा रही है। और जिलाधिकारी सदर अजय आनंद वर्मा ने शुक्रवार की सुबह 10 बजे जानकारी देते हुए बताया कि आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे ताकि सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सके और उनका सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।
विकासखंड क्षेत्र के ग्राम राजंदाजपुर में एसडीएम के नेतृत्व में 22 लाख कीमत की जमीन को कराया गया कब्जा मुक्त औरैया जनपद में प्रशासन द्वारा अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी सदर अजय आनन्द वर्मा के नेतृत्व में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। यह अभियान सदर तहसील के ग्राम राजंदाजपुर में चलाया गया, जहां सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाया गया। प्रशासनिक टीम ने थाना औरैया के पुलिस बल की मौजूदगी में खसरा संख्या 325, जो कि तालाब की भूमि है और जिसका क्षेत्रफल 0.0610 हेक्टेअर है, तथा खसरा संख्या 327, जो बंजर भूमि है और जिसका क्षेत्रफल 0.0400 हेक्टेअर है, को कब्जामुक्त कराया। इस दौरान जेसीबी मशीन की मदद से अवैध रूप से निर्मित बाउंड्रीवाल को ध्वस्त किया गया। जानकारी के अनुसार सर्वेश नामक व्यक्ति द्वारा इन दोनों भूखंडों पर बाउंड्रीवाल बनाकर कब्जा कर लिया गया था। प्रशासन को शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर कार्रवाई की गई। मौके पर राजस्व विभाग की टीम भी उपस्थित रही, जिसने भूमि की पैमाइश कर कब्जे की पुष्टि की। इस कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार के विरोध की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन द्वारा मुक्त कराई गई इस सरकारी भूमि की अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपये बताई जा रही है। और जिलाधिकारी सदर अजय आनंद वर्मा ने शुक्रवार की सुबह 10 बजे जानकारी देते हुए बताया कि आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे ताकि सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सके और उनका सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।
- Post by कुमार सुनील1
- Post by Ramadhar Kumar2
- जमुनापारी बकरी मेले में रिश्वत आरोप, किसानों में भारी आक्रोश। औरैया जिले के विकासखंड अजीतमल में आयोजित एक दिवसीय जमुनापारी बकरी नस्ल सुधार मेले को लेकर विवाद गहरा गया है। बकरी पालक किसानों ने पशु विभाग से जुड़े कर्मचारियों के एजेंटों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उनकी बकरियां मेले में नहीं भेजी गईं और इसके बदले उनसे रिश्वत की मांग की गई। पीड़ित किसानों के अनुसार मेले में करीब आधा सैकड़ा से अधिक निम्न ग्रेड की बकरियां खरीदी गईं, लेकिन पात्र किसानों को इसका लाभ नहीं मिल सका। आरोप है कि संबंधित एजेंटों द्वारा प्रति बकरी 20 से 25 हजार रुपये तक की मांग की गई, जो न देने पर चयनित बकरियों को भी बाहर कर दिया गया। इस मामले में बकरी पालक किसान श्री कृष्ण, ऊदल, जगपाल सिंह और जयवीर सिंह ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। बताया है कि शिकायत के माध्यम से उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों तक मामला ले जाएंगे और आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- ये साधारण महिला नहीं, बल्कि वही कर्मी हैं जो CM Helpline 1076 में काम करती हैं । वही व्यवस्था, जो पूरे प्रदेश के लोगों की शिकायतें सुनती है।लेकिन विडंबना देखिए…जो महिलाएं हर दिन दूसरों की परेशानियां सुनती हैं,उनकी अपनी आवाज़ अनसुनी रह गई है। जो लोग दिनभर दूसरों की समस्याओं का हल निकालते हैं, उन्हें अपनी ही बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।आज जब ये महिलाएं अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठा रही थीं, तब उनके साथ हुआ व्यवहार गंभीर सवाल खड़े करता है। इनकी मांग बस ये है कि ₹15,000 की सैलरी और काम के दौरान 50 मिनट का ब्रेक मिले जिसके अपराधियों जैसा रवैया इनके साथ हो रहा है! #protest #lucknow #viralvideos #uttarpradesh #photojournalism1
- Post by पत्रकार विकास दीक्षित1
- औरैया में पति पत्नी की हाई बोल्टेज ड्रामा1
- Post by Rohit Awsthi1
- Post by Ramadhar Kumar1
- Post by कुमार सुनील1