बरोठा थाना क्षेत्र के ग्राम रेवाड़ी में खेत के पानी की निकासी को लेकर विवाद हुआ था। आरोपियों धर्मेंद्र पटेल, संदीप पटेल, कमल पटेल, भूरी बाई और रीना बाई ने फरियादी के पति और पुत्र के साथ गाली-गलौज करते हुए धारदार हथियारों से हमला किया था। बीच-बचाव करने पर फरियादी के साथ भी मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी गई थी। देवास पुलिस के “ऑपरेशन संकल्प” के तहत मारपीट के 5 आरोपियों को न्यायालय ने 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 6-6 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया । खेत के पानी की निकासी को लेकर मारपीट, 5 आरोपियों को 3 साल की सजा देवास। “ऑपरेशन संकल्प” के तहत देवास पुलिस की पेशेवर एवं वैज्ञानिक विवेचना के चलते मारपीट के एक मामले में न्यायालय ने 5 आरोपियों को 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 6-6 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है मामला 10 अगस्त 2022 का है। बरोठा थाना क्षेत्र के ग्राम रेवाड़ी में खेत के पानी की निकासी को लेकर विवाद हुआ था। आरोपियों धर्मेंद्र पटेल, संदीप पटेल, कमल पटेल, भूरी बाई और रीना बाई ने फरियादी के पति और पुत्र के साथ गाली-गलौज करते हुए धारदार हथियारों से हमला किया था। बीच-बचाव करने पर फरियादी के साथ भी मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी गई थी। मामले में बरोठा थाने पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना की गई और 16 सितंबर 2022 को चालान न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान समस्त आदेशिकाओं की समय पर तामीली कराई गई। अपर लोक अभियोजक जयंती पौराणिक की प्रभावी पैरवी और विवेचक उप निरीक्षक धर्मेंद्र नागर की उत्कृष्ट विवेचना के आधार पर पंचम अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक गौड़, देवास ने पांचों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 6-6 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक देवास पुलिस हत्या, हत्या के प्रयास, बलात्कार, छेड़खानी, लूट, चोरी, मारपीट, जिलाबदर उल्लंघन, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न मामलों में न्यायालय से कठोर दंड के कई फैसले प्राप्त कर चुकी है। पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई में शामिल टीम की सराहना की है।
बरोठा थाना क्षेत्र के ग्राम रेवाड़ी में खेत के पानी की निकासी को लेकर विवाद हुआ था। आरोपियों धर्मेंद्र पटेल, संदीप पटेल, कमल पटेल, भूरी बाई और रीना बाई ने फरियादी के पति और पुत्र के साथ गाली-गलौज करते हुए धारदार हथियारों से हमला किया था। बीच-बचाव करने पर फरियादी के साथ भी मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी गई थी। देवास पुलिस के “ऑपरेशन संकल्प” के तहत मारपीट के 5 आरोपियों को न्यायालय ने 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 6-6 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया । खेत के पानी की निकासी को लेकर मारपीट, 5 आरोपियों को 3 साल की सजा देवास। “ऑपरेशन संकल्प” के तहत देवास पुलिस की पेशेवर एवं वैज्ञानिक विवेचना के चलते मारपीट के एक मामले में न्यायालय ने 5 आरोपियों को 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 6-6 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है मामला 10 अगस्त 2022 का है। बरोठा थाना क्षेत्र के ग्राम रेवाड़ी में खेत के पानी की निकासी को लेकर विवाद हुआ था। आरोपियों धर्मेंद्र पटेल, संदीप पटेल, कमल पटेल, भूरी बाई और रीना बाई ने फरियादी के पति और पुत्र के साथ गाली-गलौज करते हुए धारदार हथियारों से हमला किया था। बीच-बचाव करने पर फरियादी के साथ भी मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी गई थी। मामले में बरोठा थाने पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना की गई और 16 सितंबर 2022 को चालान न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान समस्त आदेशिकाओं की समय पर तामीली कराई गई। अपर लोक अभियोजक जयंती पौराणिक की प्रभावी पैरवी और विवेचक उप निरीक्षक धर्मेंद्र नागर की उत्कृष्ट विवेचना के आधार पर पंचम अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक गौड़, देवास ने पांचों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 6-6 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक देवास पुलिस हत्या, हत्या के प्रयास, बलात्कार, छेड़खानी, लूट, चोरी, मारपीट, जिलाबदर उल्लंघन, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न मामलों में न्यायालय से कठोर दंड के कई फैसले प्राप्त कर चुकी है। पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई में शामिल टीम की सराहना की है।
- किसानों की विभिन्न समस्याओं और सोयाबीन की फसल में फैल रहे पीला मोजेक रोग एवं अल्पवृष्टि से हो रहे नुकसान को लेकर भारतीय किसान संघ (भाकिसं) कन्नौद तहसील इकाई ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को मंगलवार दोपहर 2 बजे ज्ञापन सौंपा। किसान संघ ने मांग की कि खराब हो रही सोयाबीन फसल का तत्काल सर्वे करवाकर किसानों को उचित राहत एवं मुआवजा दिया जाए। पीला मोजेक से सोयाबीन फसल बर्बाद, तत्काल सर्वे की मांग भारतीय किसान संघ ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, किसानों की समस्याओं पर उठाई आवाज कन्नौद। किसानों की विभिन्न समस्याओं और सोयाबीन की फसल में फैल रहे पीला मोजेक रोग एवं अल्पवृष्टि से हो रहे नुकसान को लेकर भारतीय किसान संघ (भाकिसं) कन्नौद तहसील इकाई ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को मंगलवार दोपहर 2 बजे ज्ञापन सौंपा। किसान संघ ने मांग की कि खराब हो रही सोयाबीन फसल का तत्काल सर्वे करवाकर किसानों को उचित राहत एवं मुआवजा दिया जाए। ज्ञापन में किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य दिलाने, समर्थन मूल्य पर सोयाबीन एवं मक्का की खरीदी सुनिश्चित करने तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार की मांग की गई। संघ ने सैटेलाइट पद्धति को हटाकर क्रॉप कटिंग के आधार पर फसल नुकसान का मूल्यांकन करने की मांग भी रखी। किसान सम्मान निधि को 6 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने तथा आयात-निर्यात नीति में सुधार की मांग करते हुए कहा गया कि जब किसानों की फसल खलिहान में आने वाली हो, उस समय आयात नहीं किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। जंगली जानवरों से फसल बचाने की मांग किसानों ने रोजड़े, हिरण, जंगली सूअर, बंदर सहित अन्य जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान पर भी चिंता जताई। संघ ने इनके नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की, ताकि किसानों की मेहनत से तैयार फसल बर्बाद न हो। बिजली व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी ज्ञापन में नामांतरण एवं बंटवारे के प्रकरण समय-सीमा में निराकृत करने, बंदोबस्त की त्रुटियों को दूर करने तथा नक्शे एवं खसरा की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर आयोजित करने की मांग की गई। किसानों ने बिजली व्यवस्था को लेकर भी अपनी समस्याएं रखीं। ओवरलोड ट्रांसफार्मर बदलने, जले हुए ट्रांसफार्मर 72 घंटे के भीतर बदलने, खराब केबल, झुके हुए विद्युत पोल एवं तारों को दुरुस्त करने की मांग की गई। अब सवाल यह है कि जब खेत में खड़ी सोयाबीन की फसल पीला मोजेक और अल्पवृष्टि से खराब हो रही है, तो किसानों को राहत देने के लिए सर्वे कब शुरू होगा? किसान संघ ने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांत प्रचार प्रमुख गोवर्धन पाटीदार, जिला सदस्य रामनिवास परमार, भीम सिंह सेंधव, तहसील अध्यक्ष हरिओम मंडलोई, मंत्री मुकेश लोवंशी सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।3
- जानलेवा सफर प्रशासन क्यों बेखबर।ड्रम वाली नांव पर रस्सी से बांध कर नदी का करना पड़ रहा जानलेवा सफर ड्रम के जुगाड़ वाली नाव, जोखिम वाला सफर। जान जोखिम में डालकर नदी पार करते ग्रामीण। मंदसौर से करीब 17 किलोमीटर दूर स्थित ,दमदम गांव में आज भी ग्रामीण, मूलभूत सुविधा के अभाव में ,अपनी जान जोखिम में डालकर सोमली नदी पार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने नदी पार करने के लिए चार ड्रम ,और लकड़ी की मदद से एक जुगाड़ वाली नाव, तैयार कर रखी है। इसी नाव के सहारे दमदम, आक्या सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण, रोजाना नदी पार कर अपने खेतों तक पहुंचते हैं। किसी भी दिन बड़ी घटना होने की संभावना बनी रहती है।हालात का तत्काल प्रभाव से जायजा लेते हुए जिला प्रशासन को समय रहते ध्यान देना चाहिए ।अब देखना यह है कि, आखिर ग्रामिणो को जोखिम भरे नाव के सफ़र से छुटकारा कब मिलेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। जानलेवा सफर क्या बड़ी घटना का है इंतजार, प्रशासन सुस्त1
- *छिपानेर घाट पर रेड, अवैध रेत उत्खनन में प्रयुक्त पनडुब्बी पकड़ी गई* *खनिज विभाग विभाग की मिलीभगत से बगैर रायल्टी चोरी हो रही है नर्मदा नदी से उत्खनन कर रेत चोरी। तीन साल से बंद है खदान *नर्मदा नदी में अवैध रेत उत्खनन पर पुलिस का शिकंजा* *छिपानेर घाट पर रेड, अवैध रेत उत्खनन में प्रयुक्त पनडुब्बी पकड़ी गई* हरदा/करताना- पुलिस अधीक्षक जिला हरदा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला हरदा के मार्गदर्शन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), टिमरनी के मार्गदर्शन में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना टिमरनी एवं पुलिस चौकी करताना द्वारा छिपानेर घाट, नर्मदा नदी पर कार्रवाई करते हुए अवैध रेत उत्खनन में प्रयुक्त एक पनडुब्बी पकड़ी गई। *छिपानेर घाट पर पुलिस की रेड कार्रवाई* थाना प्रभारी टिमरनी निरीक्षक मुकेश गौड के नेतृत्व में पुलिस चौकी करताना की टीम के साथ छिपानेर घाट, नर्मदा नदी क्षेत्र में कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान नदी में अवैध रेत उत्खनन के लिए प्रयुक्त एक पनडुब्बी पुलिस के हाथ लगी। पुलिस टीम द्वारा मौके पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए उक्त पनडुब्बी को जप्त किया कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई । *अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी* नर्मदा नदी में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन करने वालों के विरुद्ध पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों एवं उनके संसाधनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।4
- मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से रिपोर्टर देवेंद्र सिंह मीना1
- सीहोर मे भारतीय किसान संघ, मध्य भारत प्रान्त किसानों ने सीहोर कलेक्टर को सौपा ज्ञापन। *लोकेशन सीहोर* हेमन्त त्रिपाठी *भारतीय किसान संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, किसानों के धरने की बात के बाद मिले कलेक्टर* सीहोर में भारतीय किसान संघ (मध्यभारत प्रांत) ने किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर कलेक्टर कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया।अनोखे अंदाज गायन के माध्यम से राखी किसानों ने समस्या शुरुआत में जब अन्य विभागीय अधिकारियों ने ज्ञापन लेने का प्रयास किया, तो किसान असंतुष्ट होकर कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरने पर बैठ गए। किसानों की स्पष्ट मांग थी कि वे अपना ज्ञापन केवल कलेक्टर को ही सौंपेंगे। काफी बहस के बाद, किसानों की अटूट एकजुटता के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा। आखिरकार, सीहोर कलेक्टर बालगुरु के. खुद किसानों से मिले किसान प्रतिनिधियों ने कलेक्टर के समक्ष ही ज्ञापन का वाचन किया। कलेक्टर बालगुरु के. ने किसानों की सभी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनकी मांगों का जल्द से जल्द समाधान करने का ठोस आश्वासन दिया। इस दौरान संभाग उपाध्यक्ष सहित जिला व तहसील कार्यकारिणी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।2
- दो दुनिया, एक देश! 🇮🇳 क्या यही है शिक्षा का अधिकार? #shorts #education इस वीडियो में हमने भारत की शिक्षा व्यवस्था की कड़वी सच्चाई को दिखाया है, जहाँ एक तरफ प्राइवेट स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं (Labs, Playgrounds) हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों के गरीब बच्चे बदहाल कमरों और पानी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। क्या यह सच में "शिक्षा का अधिकार" है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं! Private school vs government school, Indian education system reality, Right to education India, Government school condition, Private school luxury, RTE Act India, Emotional education shorts, Legal Baba shorts, Two worlds one country education, Govt school vs private school comparison, Shiksha ka adhikar, Sarkari school vs private school, Trending shorts India, Social issue shorts1
- बापचा से खोकरा मार्ग जो जोड़ता हे जनपद से कहीं आश्वासन के बाद भी रोड में कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई1
- सीहोर क़े गणेश मंदिर मे उमड़ा जन सैलाब बारिश भी आस्था को नही डिगा पाई। लोकेशन सीहोर हेमन्त त्रिपाठी सिद्धपुर गणेशोत्सव अपार श्रद्धा और अनोखी परंपरा, विक्रमादित्य कलीम मंदिर में लोगो की अटूट श्रद्धा सिद्धपुर (सीहोर) में प्रथम पूज्य भगवान गणेश के 10 दिवसीय गणेश उत्सव का भव्य शुभारंभ हो चुका है। भारी बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा सकी और मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। विक्रमादित्य कालीन इस अति प्राचीन मंदिर में इस खास अवसर पर भगवान गणेश का आकर्षक रजत (चांदी) श्रृंगार किया गया है। श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के इस केंद्र में मंदिर की दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाकर मनोकामना मांगने की अनोखी परंपरा है, जहाँ हर भक्त अपनी मन्नत लेकर पहुँचता है।2