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उत्तराखंड के गैरसैंण में AIIMS की स्थापना की मांग जोर पकड़ रही है, जिसके चलते सरकार को तीन महीने का स्पष्ट अल्टीमेटम दिया गया है। यह मांग केवल एक परियोजना की नहीं, बल्कि #पहाड़_का_अधिकार और #जनता_की_आवाज के रूप में उठाई जा रही है, जो क्षेत्रीय आकांक्षाओं और अधिकारों पर मुखरता से जोर देती है। इस आंदोलन के पीछे यह चेतावनी भी निहित है कि यदि मांग पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका सीधा असर #2027_परिवर्तन के रूप में राजनीतिक परिदृश्य पर पड़ सकता है।
पवन नेगी
उत्तराखंड के गैरसैंण में AIIMS की स्थापना की मांग जोर पकड़ रही है, जिसके चलते सरकार को तीन महीने का स्पष्ट अल्टीमेटम दिया गया है। यह मांग केवल एक परियोजना की नहीं, बल्कि #पहाड़_का_अधिकार और #जनता_की_आवाज के रूप में उठाई जा रही है, जो क्षेत्रीय आकांक्षाओं और अधिकारों पर मुखरता से जोर देती है। इस आंदोलन के पीछे यह चेतावनी भी निहित है कि यदि मांग पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका सीधा असर #2027_परिवर्तन के रूप में राजनीतिक परिदृश्य पर पड़ सकता है।
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- उत्तराखंड के कपकोट में फुलवाड़ी-थल्लीधार-खालीधार सड़क निर्माण संघर्ष समिति ने शासन-प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि अगले 20 दिनों के भीतर सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ, तो एक सशक्त आंदोलन छेड़ा जाएगा। समिति का कहना है कि ग्रामीण वर्ष 2007 से लगभग 10 किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग की लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं और वास्तविक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने इस बात पर जोर दिया है कि सड़क के अभाव में आज भी बुजुर्गों और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए डोली का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उनके जीवन को गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ता है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो वे सड़क जाम करने, भूख हड़ताल पर बैठने और जनप्रतिनिधियों का घेराव करने जैसे कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे।1
- उत्तर प्रदेश के शामली निवासी पर्यटक अभिषेक चौहान के पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर लापता होने के बाद, बागेश्वर पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य रेस्क्यू टीमें लगातार उनकी खोज में जुटी हुई हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, खराब मौसम और संचार संबंधी कठिनाइयों के बावजूद, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा के निर्देशन में गठित सात विशेष रेस्क्यू टीमें यह अभियान पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ चला रही हैं। ये टीमें लगातार संभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रही हैं, जिसमें पिंडर नदी के किनारे और आसपास के दुर्गम इलाकों को आधुनिक ड्रोन कैमरों, दूरबीनों और मैन्युअल खोज के माध्यम से बारीकी से खंगाला जा रहा है। रेस्क्यू टीमों ने प्राकृतिक गुफाओं, संवेदनशील स्थानों और वाछम पुल से सोराग पुल के बीच नदी मार्ग पर भी गहन तलाशी अभियान चलाया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार खराब मौसम के बावजूद, पुलिस और रेस्क्यू कर्मी बिना रुके अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों से भी लगातार जानकारी जुटाई जा रही है ताकि खोज अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके। बागेश्वर पुलिस की यह कार्यशैली उनकी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और मानवता को दर्शाती है, यह साबित करती है कि वे किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा और खोजबीन के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करते हैं। पूरे क्षेत्र के लोग इस सघन रेस्क्यू अभियान की सराहना कर रहे हैं और लापता पर्यटक की सकुशल बरामदगी की कामना कर रहे हैं। यह सघन रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है और उम्मीद की जा रही है कि खोज टीमों के अथक प्रयास जल्द ही सकारात्मक परिणाम लेकर आएंगे।1
- नैनीताल पुलिस ने आगामी 'श्री कैंची धाम स्थापना दिवस मेला-2026' को सकुशल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है। इस दिशा में, 12 जून 2026 को मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में कुमाऊँ परिक्षेत्र, नैनीताल की पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती निवेदिता कुकरेती कुमार की अध्यक्षता तथा नैनीताल के जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रायल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस बैठक में मेले की ड्यूटी पर तैनात सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर कड़े व विस्तृत निर्देश दिए गए। ब्रीफिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिसमें मंदिर परिसर, प्रवेश द्वार, पार्किंग स्थलों, बैरियरों और प्रमुख मार्गों पर बीडीएस (Bomb Detection Squad) द्वारा नियमित चेकिंग और एंटी-सबोटाज जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। स्थानीय अभिसूचना इकाई की टीमों को भी सक्रिय रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए। डॉ. जगदीश चंद्र पुलिस अधीक्षक नैनीताल/यातायात द्वारा विस्तृत यातायात और डायवर्जन प्लान की जानकारी दी गई, जिसमें किसी भी पुल, सकरे या संवेदनशील स्थान पर भारी वाहनों के खड़े होने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने को कहा गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, खोया-पाया केंद्र, मीडिया पास और शटल सेवा की विस्तृत रूपरेखा साझा की गई, साथ ही प्रसाद वितरण के लिए संचालित होने वाले 04 विशेष वाहनों के आवागमन हेतु भी दिशानिर्देश जारी किए गए। पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार कत्याल ने मेले के समग्र संचालन और सुरक्षा रोडमैप की विस्तृत जानकारी दी, जबकि श्री रेवाधर मठपाल एसपी संचार ने सभी प्रकार के स्टिकर, पास और संचार व्यवस्था पर प्रकाश डाला। नैनीताल या कैंची के होटलों में वैध बुकिंग और पार्किंग सुविधा वाले वाहनों के लिए विशेष स्टीकर लगाने की व्यवस्था की गई है, और अपर उपनिरीक्षक (ASI) एवं उनसे उच्च पद के सभी कार्मिकों के पास संचार हेतु हैंडसेट रखने के निर्देश दिए गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक अभिसूचना श्री नरेन्द्र ने अभिसूचना और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट्स साझा किए। मेले की व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए 04 सुपर जोन बनाए गए हैं, जिन्हें आगे 14 जोन में विभाजित किया गया है। सुरक्षा बल में 03 SSP/SP, 08 Add SP, 14 COs, 26 Insp/SO, 04 TI, 11 TSI, 146 SI/Add SI, 475 HC/Const., 31 HC/Const. TP, 455 Recruit Const., PAC की 2 कंपनी 2 प्लाटून, और CAPF की 2 कंपनी के अतिरिक्त SDRF, Fire, और BDS की टीमें भी तैनात की गई हैं। सभी सुपर और जोनल पुलिस अधिकारियों को हर ड्यूटी प्वाइंट की व्यक्तिगत रूप से जांच करने और तैनात पुलिस कर्मियों को उनकी जिम्मेदारी के बारे में ब्रीफ करने के निर्देश दिए गए हैं। ब्रीफिंग के दौरान श्री चंद्रशेखर घोडके वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा, श्री अक्षय कौंडे पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़, श्री जितेंद्र मेहरा पुलिस अधीक्षक बागेश्वर समेत कई अन्य पुलिस अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे। नैनीताल पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता से अपील की है कि मेले के दौरान यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।1
- उत्तराखंड में यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। मसूरी बैंड के पास हुए भूस्खलन के बाद, यात्रा मार्ग को अब पूरी तरह से सुचारू कर दिया गया है। इससे तीर्थयात्रियों और यात्रियों के लिए आवागमन में सुविधा बहाल हो गई है।1
- लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र (कटरा बिजन बेग चौकी, तकिया पीर ज्ञान मोहल्ला) में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ शराब के नशे में धुत एक बेटे द्वारा अपने पिता की पिटाई के दौरान बीच-बचाव करने आईं 60 वर्षीय जीनत उर्फ मरजाना की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद, गुस्साए स्थानीय लोगों ने आरोपी बेटे को एक हैंडपंप से बांध दिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस हिरासत में आरोपी बेटे ने अपनी माँ को एक बार देखने की गुहार लगाते हुए कहा, "एक बार अम्मा का मुंह दिखा दो।"1
- उत्तराखंड की पर्यटन नगरी नैनीताल से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहाँ शहर में एक बड़ा हादसा हुआ है। इस हादसे के बाद अब स्थानीय लोगों और पर्यटकों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। आए दिन हो रहे इन हादसों से जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। प्रशासन पर सीधा सवाल उठाया गया है कि आखिर पुलिस और जिला प्रशासन को और कितने बड़े हादसों का इंतजार है। आरोप है कि सड़कों की बदहाली और लचर व्यवस्था के कारण आम इंसान की जान दांव पर लगी है। यह पोस्ट लोगों से उनकी राय कमेंट में बताने और इस आवाज़ को बुलंद करने के लिए साझा करने की अपील करती है।1