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Durgesh Ashirwar
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- निजी जमीन पर भवन विभाग के कब्जे का आरोप, किसानों ने कलेक्टर से की शिकायत निजी जमीन पर वन विभाग के कब्जे का आरोप! किसानों ने कलेक्टर से की शिकायत मध्य प्रदेश उमरिया के बांधवगढ़ तहसील के ग्राम मझमानीकला में निजी जमीन पर वन विभाग की कथित कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन पर मुनारे बनाकर कब्जे की कोशिश की जा रही है और खड़ी फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ग्रामीणों ने कलेक्टर उमरिया से शिकायत कर हस्तक्षेप की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।3
- *बचरवार में रात के अंधेरे में पशु तस्करी, जैतपुर पुलिस बेखबर!* *जैतपुर: थाना क्षेत्र के ग्राम बचरवार में खुलेआम पशु तस्करी का बेखौफ खेल चल रहा है। लिप्टिस के पास नरेंद्र के ठिकाने से 'बल्लू' नाम के व्यक्ति द्वारा रात के सन्नाटे में पिकअप वाहनों में मवेशियों को ठूंस-ठूंसकर भेजा जा रहा है।* *👉ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी रोक-टोक और प्रशासनिक खौफ के यह अवैध धंधा सरेआम जारी है। जैतपुर पुलिस की गश्त पर सवाल उठाते हुए क्षेत्रवासियों ने तस्करों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।* *बचरवार में रात के अंधेरे में पशु तस्करी, जैतपुर पुलिस बेखबर!* *जैतपुर: थाना क्षेत्र के ग्राम बचरवार में खुलेआम पशु तस्करी का बेखौफ खेल चल रहा है। लिप्टिस के पास नरेंद्र के ठिकाने से 'बल्लू' नाम के व्यक्ति द्वारा रात के सन्नाटे में पिकअप वाहनों में मवेशियों को ठूंस-ठूंसकर भेजा जा रहा है।* *👉ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी रोक-टोक और प्रशासनिक खौफ के यह अवैध धंधा सरेआम जारी है। जैतपुर पुलिस की गश्त पर सवाल उठाते हुए क्षेत्रवासियों ने तस्करों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।*1
- दिव्यांग बेटे की पढ़ाई के लिए मां का अद्भुत समर्पण, दिनभर स्कूल में रहकर करती है देखभाल; इलेक्ट्रिक साइकिल की मांग1
- शहडोल जिले के 5 थानों में साइबर डेस्क का शुभारंभ, अब स्थानीय थाने में ही मिलेगी साइबर ठगी से मदद शहडोल। बढ़ते साइबर अपराध और डिजिटल फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए शहडोल पुलिस ने बड़ी पहल की है। पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल द्वारा आज थाना बुढार में साइबर डेस्क का शुभारंभ किया गया। जिले के 05 प्रमुख थानों - कोतवाली, सोहागपुर, ब्यौहारी, जयसिंहनगर एवं बुढार में साइबर डेस्क की स्थापना की गई है। इस सुविधा के शुरू होने से अब साइबर अपराध के पीड़ितों को हर छोटे-बड़े मामले के लिए जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा। उन्हें अपने निकटतम थाने में ही त्वरित सहायता मिल सकेगी। साइबर डेस्क पर मिलेंगी ये सुविधाएं: साइबर अपराध संबंधी शिकायतों को प्राथमिकता से सुना जाएगा और पीड़ित को तत्काल मार्गदर्शन दिया जाएगा। वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में हेल्पलाइन नंबर 1930 और NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने में पुलिस द्वारा सहयोग किया जाएगा। पीड़ित की राशि को बचाने के लिए संबंधित बैंक और वित्तीय संस्थाओं से समन्वय कर राशि को होल्ड/फ्रीज कराने की त्वरित कार्रवाई की जाएगी। फर्जी बैंक खाते, म्यूल अकाउंट, फर्जी सिम, सोशल मीडिया अपराध, फिशिंग, OTP/UPI फ्रॉड जैसे मामलों में प्रारंभिक कार्रवाई और तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गंभीर एवं जटिल मामलों में साइबर डेस्क द्वारा जिला साइबर सेल, साइबर थाना एवं राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय से समन्वय स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही साइबर डेस्क के माध्यम से आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।4
- तालाबों के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्यों में जल प्रवाह एवं आवक-निकासी का रखें विशेष ध्यान - कलेक्टर निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों का रखें विशेष ध्यान - कलेक्टर अनूपपुर - कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में कलेक्टर श्री रत्नाकर झा ने जिले के समस्त नगरीय निकायों में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने निकायवार कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माणाधीन कार्यों में तेजी लाकर उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता, समय-सीमा एवं निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने नगरीय क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले तालाबों के सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य इस प्रकार कराने के निर्देश दिए कि तालाब में पानी की आवक एवं निकासी की व्यवस्था किसी भी तरह प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि तालाब में प्राकृतिक रूप से आने वाले पानी के प्रवाह के साथ-साथ अन्य माध्यमों से तालाब में पानी पहुंचाने के लिए निर्धारित इंटक मार्ग भी सुचारू एवं सुरक्षित रहें। सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्यों से तालाब के जल प्रवाह में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न नहीं होना चाहिए। तालाब की जलधारण क्षमता एवं उपयोगिता को बनाए रखते हुए जल की आवक एवं निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही सौंदर्यीकरण, जीर्णोद्धार एवं आसपास स्वच्छता से संबंधित विकास कार्य कराए जाएं। बैठक में अमरकंटक के धार्मिक एवं पर्यावरणीय महत्व को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने वहां संचालित एमआरएफ (मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने हेतु मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमरकंटक को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही निर्माणाधीन सीसी सड़कों के कार्यों में प्रॉपर लेवलिंग का विशेष ध्यान रखने और निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। खेल प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए निर्माणाधीन स्टेडियम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने इसे जिले के लिए एक महत्वपूर्ण खेल परिसर बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेडियम का निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ किया जाए तथा वर्षा जल के जमाव को रोकने के लिए मैदान में व्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाए, जिससे जलभराव की स्थिति निर्मित न हो और खिलाड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कलेक्टर ने जिले में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाओं के विस्तार एवं नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़े एवं सुव्यवस्थित मार्केटिंग परिसर के विकास के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों से कहा कि जिले के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करें। साथ ही नियमित मैदानी निरीक्षण करते हुए विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं उपयोगिता सुनिश्चित करें। बैठक में अपर कलेक्टर बालवीर रमन सहित विभिन्न नगरीय निकायों के अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।1
- चार करोड़ की बाईपास सड़क पर 300 मीटर का संकट विशालकाय गड्ढे में फंसा ट्रक, दो जेसीबी भी नहीं निकाल सकीं; शाम से ठप यातायात, मुख्य बाजार पर बढ़ा दबाव चार करोड़ की बाईपास सड़क पर 300 मीटर का संकट विशालकाय गड्ढे में फंसा ट्रक, दो जेसीबी भी नहीं निकाल सकीं; शाम से ठप यातायात, मुख्य बाजार पर बढ़ा दबाव मानपुर। नगर परिषद मानपुर में नवनिर्मित बाईपास सड़क का अधूरा 300 मीटर हिस्सा अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। सोमवार शाम विशालकाय गड्ढे में एक ट्रक फंस गया। उसे निकालने के लिए दो जेसीबी मशीनें लगाई गईं, लेकिन सुबह तक ट्रक बाहर नहीं निकल सका। शाम करीब 7 बजे से बाईपास मार्ग पर यातायात बाधित है और बड़े वाहनों को मुख्य बाजार से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे बाजार में यातायात का दबाव भी बढ़ गया है। *अब नाली क्रॉसिंग के नाम पर सड़क तोड़ने का मामला* मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि मानपुर-व्यौहारी रोड से जहां बाईपास सड़क शुरू होती है, उसी स्थान पर नाली क्रॉस करने के लिए नगर परिषद के ठेकेदार द्वारा सड़क का हिस्सा तोड़े जाने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब चार करोड़ रुपये की लागत से बनी नवनिर्मित सड़क को कथित तौर पर बिना अनुमति तोड़ा गया, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग को शिकायत भी की गई है, लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक न तो क्षतिग्रस्त सड़क को दुरुस्त कराया गया और न ही संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध किसी कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सरकारी राशि से बनी सड़क को क्षतिग्रस्त करने के मामले में जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई कब होगी? *एक तरफ 300 मीटर अधूरा, दूसरी तरफ बनी सड़क भी क्षतिग्रस्त* बाईपास का करीब 300 मीटर हिस्सा भूमि विवाद एवं न्यायालयीन प्रकरण के कारण अधूरा बताया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर सड़क के प्रारंभिक हिस्से में नाली क्रॉसिंग के लिए सड़क तोड़े जाने की शिकायत ने निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क को अंधे मोड़ से मुक्त कर सीधा करने के उद्देश्य से ठेकेदार द्वारा सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए बेस तैयार किया गया था। लेकिन विवादित हिस्से में निर्माण रुकने के बाद यहां बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश में स्थिति और खराब हो जाती है तथा वाहन चालकों के साथ बच्चों और बुजुर्गों को भी जोखिम उठाकर गुजरना पड़ता है। *हाईकोर्ट प्रकरण के बीच प्रशासनिक भूमिका पर सवाल* स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क को सीधा करने और अंधे मोड़ को समाप्त करने को लेकर भूमि संबंधी विवाद का मामला माननीय उच्च न्यायालय तक पहुंचा था। न्यायालयीन प्रक्रिया के कारण निर्माण प्रभावित होने की बात सामने आई है। ऐसे में लोगों का कहना है कि स्थायी निर्माण में यदि कानूनी बाधा है तो प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था कर मार्ग को सुरक्षित रखना चाहिए। *रहवासियों की मांग—पहले रास्ता सुरक्षित करें, फिर विवाद का समाधान* स्थानीय रहवासियों ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और नगर परिषद से मांग की है कि बाईपास मार्ग के विशालकाय गड्ढों को तत्काल गिट्टी-मुरम से भरकर आवागमन योग्य बनाया जाए। साथ ही नाली क्रॉसिंग के लिए जहां सड़क तोड़ी गई है, वहां भी सड़क को तत्काल दुरुस्त कराया जाए। लोगों का सीधा सवाल है—चार करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क की निगरानी कौन कर रहा है? यदि सड़क तोड़ने की अनुमति नहीं थी तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी और कार्रवाई कब होगी? और यदि 300 मीटर हिस्से में न्यायालयीन विवाद के कारण निर्माण संभव नहीं है, तो तब तक सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कौन करेगा? अब देखना यह है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करता है या बाईपास की इस बदहाल स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेकर रास्ता दुरुस्त कराता है।1
- धुरवार टोल प्लाजा शहडोल-शहडोल मे ट्रक ड्राइवर क़ो गाड़ी मे घुस कर टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने मार मार कर अधमरा कर दिया। बात केवल इतनी थी की गाड़ी का टैग नहीं लिया टोल प्लाजा के कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन होना चाहिए और टोल के कर्मचारियों कों नेम प्लेट के साथ ड्रेस मे होना चाहिए।* धुरवार टोल प्लाजा शहडोल-शहडोल मे ट्रक ड्राइवर क़ो गाड़ी मे घुस कर टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने मार मार कर अधमरा कर दिया। बात केवल इतनी थी की गाड़ी का टैग नहीं लिया टोल प्लाजा के कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन होना चाहिए और टोल के कर्मचारियों कों नेम प्लेट के साथ ड्रेस मे होना चाहिए।*1
- कलेक्टर ने जिला स्तरीय जनसुनवाई में 63 आवेदनों पर की सुनवाई अनूपपुर - कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में आज जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आवेदकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में प्राप्त 63 आवेदनों की सुनवाई करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने भी आवेदकों की समस्याएं सुनीं तथा प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही की। जनसुनवाई में वार्ड क्रमांक 2 अनूपपुर निवासी श्रीमती जुगून्ती बाई ने बैटरी चालित साइकिल (मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल) उपलब्ध कराए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। ग्राम सुलखारी, तहसील जैतहरी निवासी सोनशाह राठौर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि का लाभ दिलाए जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं ग्राम कैल्हौरी, तहसील अनूपपुर निवासी पुष्पराज ढीमर ने गरीबी रेखा श्रेणी के राशन कार्ड में नाम जोड़े जाने के संबंध में आवेदन दिया। इसी प्रकार ग्राम पंचायत दुलहरा निवासी रूपलाल कोरी ने विद्युत पोल स्थापित किए जाने तथा ग्राम करपा, तहसील पुष्पराजगढ़ निवासी जीवन नायक ने कृषि विभाग के माध्यम से रीपर मशीन उपलब्ध कराने हेतु अनुदान राशि का लाभ दिलाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। ग्राम बकही, तहसील अनूपपुर निवासी श्रीमती ललिया बाई ने भूमि के एवज में एसईसीएल से मुआवजा राशि दिलाए जाने तथा ग्राम पड़री, तहसील अनूपपुर निवासी गुड्डा सिंह ने नया विद्युत ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए जाने के संबंध में आवेदन दिया। वार्ड क्रमांक 10 कोतमा निवासी लक्ष्मण सोनी ने स्वेच्छानुदान मद से सहायता राशि प्रदान किए जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलबीर रमन, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर सुश्री प्राशी अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- सोधनिया के शक में महिला को बनाया बंधक,गर्म चिमटे से उंगलियां भी दागी _अंधविश्वास की आड़ में इंसानियत को शर्मसार करने वाला सनसनीखेज मामला सोधनिया के शक में महिला को बनाया बंधक,गर्म चिमटे से उंगलियां भी दागी _अंधविश्वास की आड़ में इंसानियत को शर्मसार करने वाला सनसनीखेज मामला कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम रोहनिया से सामने आया है।पीड़िता सरोज बाई बैगा ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसे ‘सोधनिया’ यानी कथित डायन होने के शक में जबरन घर में घुसाकर बंधक बना लिया गया।इसके बाद उसके बाल पकड़कर घसीटा गया,बेरहमी से मारपीट की गई और गर्म चिमटे से उंगलियां दागने का आरोप है।इतना ही नहीं,महिला और उसके पति मुकेश बैगा को कथित तौर पर पिकअप वाहन में बैठाकर नयागांव स्थित पंडा के पास ले जाया गया।पीड़िता के मुताबिक 30 अगस्त की शाम करीब 5 बजे वह घर के पास रास्ते में थी।इसी दौरान कौशिल्या बाई उसे काम के बहाने अपने घर के भीतर ले गई।शिकायत के अनुसार वहां निरंजन सिंह,बिहारी सिंह, वीरेन्द्र सिंह,राजेन्द्र सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे।आरोप है कि अंदर पहुंचते ही उसे पकड़ लिया गया और बाल खींचकर जमीन पर घसीटते हुए मारपीट की गई।इसके बाद गर्म चिमटे से उसकी उंगलियां छुआकर दागी गईं और ‘सोधनिया’ होने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज की गई।शिकायत में बताया गया है कि कथित बंधक बनाए जाने के बाद उसके पति मुकेश बैगा को भी वहां बुलाया गया। दोनों को पिकअप में बैठाकर नयागांव के एक पंडा के पास ले जाया गया।पीड़िता का दावा है कि पंडा ने उसे ‘सोधनिया’ नहीं बताया, जिसके बाद दोनों को वापस लाया गया।रास्ते में पति का मोबाइल भी कथित तौर पर छीन लिया गया,ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके।महिला का आरोप है कि घटना उजागर करने या पुलिस में शिकायत करने पर उसे और उसके पति को जान से खत्म करने की धमकी दी गई तथा मामला दबाने के लिए पैसों का लालच भी दिया गया।पीड़िता के अनुसार उसने उमरिया थाने में लिखित शिकायत दी,लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अब उसने एसपी से निष्पक्ष जांच,आरोपियों पर कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।_3