सदर अस्पताल के प्रबंधक की तत्परता से शव के पोस्टमार्टम के बाद मोक्ष वाहन से पहुंचाया घर रूपेश कुमार लातेहार : सदर थाना क्षेत्र के बानपुर में मंगलवार को महिला लालमणि देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन की तत्परता से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मोक्ष वाहन की व्यवस्था कर शव को उसके घर तक पहुंचाया। इससे स्वजनों को शव ले जाने में होने वाली परेशानी से राहत मिली। जानकारी के अनुसार, कर्मदेव सिंह करमा पर्व को लेकर करमदाही लेने जंगल गए थे। वापस लौटने पर उन्होंने पत्नी लालमणि देवी को घर में फंदे से लटका पाया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। अस्पताल प्रबंधक की तत्परता से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया समय पर पूरी कराई गई। इसके बाद मोक्ष वाहन से शव को बानपुर स्थित घर पहुंचाया गया। घटना को लेकर स्वजनों में शोक का माहौल है।
सदर अस्पताल के प्रबंधक की तत्परता से शव के पोस्टमार्टम के बाद मोक्ष वाहन से पहुंचाया घर रूपेश कुमार लातेहार : सदर थाना क्षेत्र के बानपुर में मंगलवार को महिला लालमणि देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन की तत्परता से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मोक्ष वाहन की व्यवस्था कर शव को उसके घर तक पहुंचाया। इससे स्वजनों को शव ले जाने में होने वाली परेशानी से राहत मिली। जानकारी के अनुसार, कर्मदेव सिंह करमा पर्व को लेकर करमदाही लेने जंगल गए थे। वापस लौटने पर उन्होंने पत्नी लालमणि देवी को घर में फंदे से लटका पाया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। अस्पताल प्रबंधक की तत्परता से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया समय पर पूरी कराई गई। इसके बाद मोक्ष वाहन से शव को बानपुर स्थित घर पहुंचाया गया। घटना को लेकर स्वजनों में शोक का माहौल है।
- भोखाखाड़ गांव में नियमित विद्यालय नहीं जाती शिक्षिका, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रूपेश कुमार, लातेहार : सदर प्रखंड के तरवाडीह पंचायत के भोखाखाड़ गांव स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के नियमित नहीं आने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में पदस्थापित शिक्षिका महीने में महज तीन से चार दिन ही विद्यालय आती हैं। इससे बच्चों की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मंगलवार को गांव से नीचे उतरी युवती सुशील आईंद ने बताया कि शिक्षिका के नियमित विद्यालय नहीं आने से बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। ग्रामीणों ने इस मामले में विभागीय अधिकारियों से जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया की भोखाखाड़ गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई वर्षों से डीसी, एसडीओ, विधायक, बीडीओ और मुखिया को आवेदन दिया जा चुका है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आज भी बीमार लोगों को डोली-खटोली के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। गांव में शादी होने पर दूल्हा-दुल्हन को भी डोली-खटोली से मुख्य सड़क तक लाना-ले जाना पड़ता है। अधिकारी नहीं पहुंचते गांव : ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी गांव का नियमित भ्रमण करें तो यहां की समस्याओं की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। गांव में बिजली, पानी, शिक्षा और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- सदर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती एक बच्ची की मौत मंगलवार की दोपहर 12 से 1:00 बजे के करीब में हो गई है। मृतक बच्ची लातेहार जिला के चंदवा प्रखंड अंतर्गत चाटूआग ग्राम के रहने वाले रामजु भगत की पुत्री सोनी कुमारी है। परिजनों के अनुसार सोने के शरीर में सूजन हो गया था ।जिसके लिए उसे सदर अस्पताल इलाज के लिए लाया गया। जहां डॉक्टर नौशाद आलम ने प्राथमिक इलाज के बाद बच्ची को आईसीयू में भर्ती कर दिया था ।जहां बच्ची की मौत अचानक हो गई ।जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया।1
- लातेहार स्टेशन नवरंग चौक फुटबॉल टूर्नामेंट 25 सितम्बर से शुरू होगी।।2
- बालूमाथ में एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक, कोयला परिवहन और स्थानीय विकास को लेकर ग्रामीणों ने उठाये सवाल। बालूमाथ में एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक, कोयला परिवहन और स्थानीय विकास को लेकर ग्रामीणों ने उठाये सवाल। जोहार झारखंड//सतीश कुमार बालूमाथ। कोयला वाहनों से उड़ती धूल, सड़क जाम, स्थानीय सुविधाओं की कमी और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार को बालूमाथ प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सभागार में एसडीएम दिनेश कुमार की अध्यक्षता में ग्रामीणों, व्यवसायियों एवं जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक लातेहार उपायुक्त संदीप कुमार के निर्देश पर आयोजित की गई। बैठक में व्यवसायिक संघ एवं ग्रामीणों ने मुख्य बाजार में सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक कोयला वाहनों की नो-एंट्री लागू करने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना था कि कोयला परियोजनाओं के संचालन के कारण क्षेत्र की सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ गया है, जिससे धूल, जाम और सड़क दुर्घटना जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। CSR को लेकर कंपनी से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांगा जवाब बैठक के दौरान सीएसआर (CSR) फंड से क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों को लेकर भी कंपनी के प्रतिनिधियों से सवाल किए गए। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि परियोजना क्षेत्र के आसपास के गांवों में कंपनी की ओर से सामाजिक विकास के लिए कार्य किए जाने की अपेक्षा है। बैठक में यह सवाल प्रमुखता से उठाया गया कि परियोजना के आसपास लगभग 12 किलोमीटर के दायरे में CSR के माध्यम से स्थानीय विकास कार्य किए जाने की बात कही जाती है, तो अब तक बालूमाथ क्षेत्र में कंपनी ने कौन-कौन से ठोस और स्थायी कार्य किए हैं, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कंपनी से पूछा कि यदि CSR के तहत कार्य किए गए हैं तो कार्य का नाम, स्थान, राशि और लाभुक क्षेत्र की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। बैठक में मौजूद लोगों के अनुसार, कंपनी की ओर से इस सवाल पर ऐसा कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। वहीं, आधिकारिक परियोजना दस्तावेजों में भी क्षेत्र में CSR तथा अन्य मदों के माध्यम से आसपास के गांवों में सामुदायिक विकास गतिविधियां किए जाने का उल्लेख मिलता है। बाइपास सड़क और ग्रामीण सड़कों का भी उठा मुद्दा ग्रामीणों ने कहा कि तुबेद कोल माइंस शुरू होने के समय अलग ट्रांसपोर्टिंग सड़क बनाने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक ग्रामीण सड़कों से ही कोयला परिवहन किया जा रहा है। कंपनी की ओर से बाइपास सड़क की योजना की जानकारी दी गई, लेकिन रैयतों से अब तक बातचीत नहीं होने पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए। ग्रामीणों ने बालूमाथ में डीएवी स्कूल, अस्पताल, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। एसडीएम ने ग्रामीणों की मांगों को वरीय अधिकारियों तक पहुंचाने तथा सब्जी दुकानों को बाजार शेड में शिफ्ट कराने और सड़क चौड़ीकरण के लिए सर्वे कराने की बात कही। डीटीओ उमेश मंडल ने सड़क किनारे खड़े वाहनों पर कार्रवाई तथा हाईवे से संबंधित कागजात और चालकों के लाइसेंस की जांच की बात कही। व्यवसायिक संघ की ओर से कहा गया कि यदि 23 सितंबर तक ठोस जवाब नहीं मिला, तो 24 सितंबर से सड़क जाम किया जाएगा। ग्रामीणों का सवाल—क्षेत्र को आखिर क्या मिला? बैठक में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बालूमाथ से बड़ी मात्रा में कोयला परिवहन होने के बावजूद स्थानीय क्षेत्र में इसका प्रत्यक्ष लाभ दिखाई देना चाहिए। लोगों ने कंपनी से केवल आश्वासन नहीं, बल्कि CSR कार्यों की स्पष्ट सूची, राशि और कार्यस्थल की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। बैठक में दिनेश कुमार, संदीप कुमार, निजामुद्दीन कुरैशी, प्रेम प्रसाद गुप्ता, मोनू गुप्ता, मो. तौफीक, विधायक प्रतिनिधि संजय यादव, पिंटू नायक, मुखिया नरेश लोहरा, जिप उपाध्यक्ष अनिता देवी, ईश्वरी पासवान, डीटीओ उमेश मंडल, नदीम सफी, थाना प्रभारी अनुभव सिन्हा, सीओ बालेश्वर राम, बीडीओ सोमा उरांव, तेतरियाखाड़ परियोजना पदाधिकारी जेपी रावत सहित कंपनी एवं क्षेत्र के अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।1
- प्रकृति पर्व करमा पूर्व संध्या पूजा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया *प्रकृति पर्व करमा पूर्व संध्या पूजा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया* *नगाड़ा, घंट और मांदर की थाप पर झूम उठे हजारों लोग, 30 से अधिक नृत्य मंडलियों ने लिया हिस्सा* जोहार झारखण्ड/आरपी सिंह लातेहार। नव निर्मित सरयू प्रखंड मुख्यालय स्थित एएसएम मेमोरियल एकेडमी पब्लिक स्कूल के मैदान में प्रकृति पर्व करमा पूजा महोत्सव धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हुए। बताया गया कि सरहुल के बाद करमा पूजा झारखंड के प्रमुख प्रकृति पर्वों में से एक है। भादो माह की एकादशी को मनाए जाने वाले इस पर्व में प्रकृति, पेड़-पौधे, जंगल, नदी, झरना और पहाड़ के प्रति आदिवासी समाज की आस्था और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। करमा पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना से भी जुड़ा हुआ पर्व है। महोत्सव के दौरान लगभग 35 से अधिक नृत्य मंडलियों ने पारंपरिक वेशभूषा में हिस्सा लिया। नगाड़ा, घंट और मांदर की थाप पर लोगों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में शामिल सभी नृत्य मंडलियों को पुरस्कार देकर सम्मानित एवं उत्साहित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नरेंद्र उरांव ने की। वहीं कार्यक्रम के संरक्षक सह जिला परिषद सदस्य बुद्धेश्वर उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज का प्रकृति के साथ सदियों पुराना जुड़ाव है। पेड़-पौधे, जंगल-झाड़, नदी, झरना और पहाड़ प्रकृति के अभिन्न अंग हैं और इनकी पूजा करना आदिवासी संस्कृति की पहचान है। उन्होंने कहा कि करमा पर्व हमें आपसी प्रेम, भाईचारा और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने का संदेश देता है। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी प्रेम एवं भाईचारे के साथ रहने तथा अपनी संस्कृति और परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की अपील की। मौके पर सरयू प्रखंड प्रमुख अनिता देवी, गणेशपुर मुखिया राजेश सिंह, चोरहा मुखिया अंकिता देवी, पंचायत समिति सदस्य प्रमिला देवी, उपाध्यक्ष रामेश्वर उरांव, विलासी देवी, घासीटोला मुखिया प्रमिला देवी, पाहन सुनील उरांव सहित समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग मौजूद रहे।3
- लोहरदगा जिले के भंडरा प्रखंड अंतर्गत भौरो पंचायत की हकीकत1
- करोड़ों की जमीन हड़पने के लिए अपहरण करवाने का आरोप पीड़ित परिवार ने खोला राज! #india #jharkhand #panchayat #mukhiya #jameen #lohardaga #ranchi #adiwasi #viwad #news1
- सदर अस्पताल परिसर में कचरे का लगा अंबार, मरीजों को हो रही परेशानी रूपेश कुमार, लातेहार : सदर अस्पताल लातेहार परिसर में मंगलवार को अस्पताल गेट के समीप कचरा जमा होने से मरीजों और उनके स्वजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के ओटी में चल रहे कार्य के कारण निकले कचरे को परिसर में ही एक स्थान पर जमा कर दिया गया है। अस्पताल परिसर में कई दिनों से कचरा पड़े रहने के कारण अब उसका अंबार लग गया है। अस्पताल आने वाले मरीजों और स्वजनों का कहना है कि परिसर में कचरा जमा रहने से गंदगी का माहौल बना हुआ है। हवा चलने पर कचरा इधर-उधर फैल रहा है। इससे अस्पताल परिसर में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं, अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह कचरा जमा रहने से संक्रमण और दुर्गंध की आशंका भी बनी रहती है। मरीजों के स्वजनों ने अस्पताल प्रबंधन से जल्द से जल्द कचरे का उठाव कराने और परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है। मरीज प्रियंका कुमारी ,आरती कुमारी, सोनी देवी ने कहा की अस्पताल परिसर को स्वच्छ रखना जरूरी है, ताकि मरीजों को इलाज के साथ स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण भी मिल सके।1