ब्राह्मण समाज ने धूमधाम से मनाई परशुराम जयंती चतरा जिले के गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय स्थित गिद्धौर मिलन चौक के समीप रविवार को ब्राह्मण समाज द्वारा भगवान परशुराम जयंती श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी रही। कार्यक्रम की शुरुआत स्वस्ति वाचन, गणेश वंदना, दीप प्रज्वलन एवं शंखनाद के साथ हुई। आयोजन की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष संजय पांडे ने की, जबकि संचालन झारखंड ब्राह्मण समाज के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य यदुनंदन पांडे ने किया। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों एवं समाज के प्रति योगदान पर प्रकाश डाला। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य यदुनंदन पांडे ने कहा कि भगवान परशुराम सत्य, साहस, धर्म और न्याय के प्रतीक हैं। उनका जीवन समाज को अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने तथा सदैव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भगवान परशुराम के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। साथ ही समाज की एकता, शिक्षा और संगठन को मजबूत करने पर भी बल दिया गया। मौके पर बैजनाथ पांडे, बनवारी पांडे, रामजतन पांडे, मुनि पांडे, नैतिक कुमार पांडे, महावीर पांडे, टिकम पांडे, सुधीर पांडे, निलेश पांडेय, चंदन पांडे, संदीप पांडे सहित ब्राह्मण समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
ब्राह्मण समाज ने धूमधाम से मनाई परशुराम जयंती चतरा जिले के गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय स्थित गिद्धौर मिलन चौक के समीप रविवार को ब्राह्मण समाज द्वारा भगवान परशुराम जयंती श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी रही। कार्यक्रम की शुरुआत स्वस्ति वाचन, गणेश वंदना, दीप प्रज्वलन एवं शंखनाद के साथ हुई। आयोजन की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष संजय पांडे ने की, जबकि संचालन झारखंड ब्राह्मण समाज के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य यदुनंदन पांडे ने किया। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों एवं समाज के प्रति योगदान पर प्रकाश डाला। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य यदुनंदन पांडे ने कहा कि भगवान परशुराम सत्य, साहस, धर्म और न्याय के प्रतीक हैं। उनका जीवन समाज को अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने तथा सदैव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भगवान परशुराम के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। साथ ही समाज की एकता, शिक्षा और संगठन को मजबूत करने पर भी बल दिया गया। मौके पर बैजनाथ पांडे, बनवारी पांडे, रामजतन पांडे, मुनि पांडे, नैतिक कुमार पांडे, महावीर पांडे, टिकम पांडे, सुधीर पांडे, निलेश पांडेय, चंदन पांडे, संदीप पांडे सहित ब्राह्मण समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
- ब्राह्मण समाज ने धूमधाम से मनाई परशुराम जयंती चतरा जिले के गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय स्थित गिद्धौर मिलन चौक के समीप रविवार को ब्राह्मण समाज द्वारा भगवान परशुराम जयंती श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी रही। कार्यक्रम की शुरुआत स्वस्ति वाचन, गणेश वंदना, दीप प्रज्वलन एवं शंखनाद के साथ हुई। आयोजन की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष संजय पांडे ने की, जबकि संचालन झारखंड ब्राह्मण समाज के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य यदुनंदन पांडे ने किया। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों एवं समाज के प्रति योगदान पर प्रकाश डाला। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य यदुनंदन पांडे ने कहा कि भगवान परशुराम सत्य, साहस, धर्म और न्याय के प्रतीक हैं। उनका जीवन समाज को अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने तथा सदैव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भगवान परशुराम के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। साथ ही समाज की एकता, शिक्षा और संगठन को मजबूत करने पर भी बल दिया गया। मौके पर बैजनाथ पांडे, बनवारी पांडे, रामजतन पांडे, मुनि पांडे, नैतिक कुमार पांडे, महावीर पांडे, टिकम पांडे, सुधीर पांडे, निलेश पांडेय, चंदन पांडे, संदीप पांडे सहित ब्राह्मण समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।1
- सदर प्रखंड के भोज्या गांव में आज उस वक्त मातम पसर गया, जब 'बड़का आहार' तालाब में डूबने से एक ही परिवार की तीन जिंदगियां खत्म हो गई। मृतकों में खीरू यादव की पत्नी परवा देवी (30) और उनकी दो मासूम बेटियाँ, गीता कुमारी (8) और मालती कुमारी (6) शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, परवा देवी अपनी दोनों बेटियों के साथ तालाब पर कपड़े धोने गई थीं। इसी दौरान छोटी बेटी मालती का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में समाने लगी। अपनी बच्ची को बचाने के लिए मां ने तालाब में छलांग लगा दी, जिसे देख बड़ी बेटी भी उन्हें बचाने के प्रयास में पानी में उतर गई। तालाब की गहराई और फिसलन के कारण तीनों की डूबने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों शवों को बाहर निकाला। घटना की सूचना के बावजूद पुलिस और प्रशासन के समय पर न पहुंचने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। फिलहाल पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- चतरा: सदर प्रखंड के भोज्या गांव स्थित बड़का आहार में रविवार को दर्दनाक हादसा हुआ, जहां तालाब में डूबने से मां और उसकी दो बेटियों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी में खीरू यादव की पत्नी परवा देवी अपनी बेटियों गीता कुमारी (8) और मालती कुमारी (6) के साथ कपड़ा धोने तालाब गई थीं। इसी दौरान एक बच्ची फिसलकर गहरे पानी में चली गई। उसे बचाने के प्रयास में मां और दूसरी बेटी भी तालाब में उतर गईं, लेकिन गहराई और फिसलन के कारण तीनों डूब गईं। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने बचाव कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद तीनों के शव बाहर निकाले। पुलिस व प्रशासन को जानकारी देने के बावजूद नही पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश है।1
- विभिन्न मांगों को लेकर पारा शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना जारी1
- -- -- विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने दी सेवाएं, दवाइयों का भी किया गया निःशुल्क वितरण -- हमारा उद्देश्य केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों एवं उनके परिवारों के समग्र स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना है: प्राचार्या -- ऐसे आयोजन स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में सहायक होते हैं: डॉ निलेश रंजन -- निःशुल्क चिकित्सा शिविर समाज के वंचित वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है: डॉ जी.सी. वर्मा -- शिविर में कई मरीजों को उचित सलाह और दवाइयां दी गई हैं, जिससे उन्हें राहत मिलेगी: डॉ आमिर अफजल -- हजारीबाग। हजारीबाग जिले के कटकमदाग प्रखंड अंतर्गत ढेंगुरा पंचायत के सुदूरवर्ती ग्राम मटुकद्वार स्थित बॉन सेकर्स (BON SECOURS School) में निशुल्क मेडिकल चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में स्कूल के लगभग 500 छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर के दौरान मरीजों की विभिन्न बीमारियों की जांच कर आवश्यक परामर्श दिया गया तथा संबंधित दवाइयों का निःशुल्क वितरण भी किया गया। चिकित्सा शिविर में डॉ. निलेश रंजन (एमबीबीएस, जनरल फिजिशियन), डॉ. आमिर अफजल (ऑर्थोपेडिक सर्जन) एवं डॉ. जी.सी. वर्मा (जनरल फिजिशियन) ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कीं। इस अवसर पर सहयोगी के रूप में सिस्टर आमला (खगड़िया, बिहार), सिस्टर विमिला (नालंदा बिहार), सिस्टर डेलसी (केनेरी, हजारीबाग) एवं सिस्टर जोशफिन (पटना, बिहार) ने सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं, स्कूल की प्राचार्या सिस्टर जॉर्ज एलिस राहिसिनी के नेतृत्व में शिविर का सफल संचालन किया गया। प्राचार्या सिस्टर जॉर्ज एलिस राहिसिनी ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों एवं उनके परिवारों के समग्र स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना है। सुदूरवर्ती क्षेत्र में इस प्रकार का निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित कर हम समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। आगे भी इस तरह की पहल जारी रहेगी। डॉ. निलेश रंजन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है। इस शिविर के माध्यम से हमने कई सामान्य एवं गंभीर बीमारियों की पहचान कर मरीजों को उचित परामर्श दिया है। ऐसे आयोजन स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में सहायक होते हैं। डॉ. आमिर अफजल ने बताया कि हड्डी एवं जोड़ों से संबंधित समस्याएं ग्रामीण क्षेत्रों में आम हैं, लेकिन लोग समय पर इलाज नहीं कराते। इस शिविर में कई मरीजों को उचित सलाह और दवाइयां दी गई हैं, जिससे उन्हें राहत मिलेगी। डॉ. जी.सी. वर्मा ने कहा, निःशुल्क चिकित्सा शिविर समाज के वंचित वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। इस तरह के प्रयास से लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है और समय रहते बीमारियों का इलाज संभव हो पाता है। सुदूरवर्ती क्षेत्र में आयोजित इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा गया। क्षेत्रवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।1
- हजारीबाग में पहली बार दिखेगी शाही शादी की भव्यता, ऋषभ-निधि के विवाह की देशभर में चर्चा बिहार-झारखंड में इन दिनों एक भव्य और हाई-प्रोफाइल वेडिंग सेरेमनी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। पटना के कंकड़बाग में जन्मे प्रसिद्ध सुरक्षा उद्यमी नवल किशोर सिंह अपने पुत्र ऋषभ सिंह की शादी को यादगार बनाने के लिए हर संभव भव्यता का प्रदर्शन कर रहे हैं। ऋषभ सिंह का विवाह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी देवेंद्र पाल सिंह की पुत्री निधि सिंह के साथ हो रहा है। 16 अप्रैल से शुरू हुआ यह पांच दिवसीय समारोह झारखंड के हजारीबाग शहर में आयोजित किया जा रहा है, जिससे पूरा शहर उत्सवमय माहौल में डूबा हुआ है। 19 अप्रैल को आयोजित संगीत समारोह इस शादी का सबसे खास आकर्षण बन गया है। इस भव्य संध्या में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता गोविंदा और भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अदाकारा अक्षरा सिंह सहित कई चर्चित हस्तियां अपनी प्रस्तुति देंगी। भव्य मंच, आकर्षक लाइटिंग और हाई-टेक साउंड सिस्टम इस शाम को और भी खास बना रहे हैं। 20 अप्रैल को पारंपरिक सनातन रीति-रिवाजों के साथ शाही विवाह समारोह आयोजित होगा। इसी के साथ पांच दिनों से चल रहा यह भव्य आयोजन संपन्न हो जाएगा। उद्योग और प्रतिष्ठा का बड़ा नाम—नवल किशोर सिंह ऋषभ सिंह के पिता नवल किशोर सिंह जाने-माने सुरक्षा सेवा प्रदाता हैं। वर्ष 2007 में स्थापित उनकी कंपनी कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स आज एक बड़े ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुकी है। कई राज्यों में फैली इस कंपनी के पास लगभग 15,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी हैं, जो विभिन्न बड़े संस्थानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। परिवार में उनकी बेटी मोनिका सिंह कंपनी की सीईओ हैं, जबकि दामाद निर्भय प्रताप सिंह सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय हैं और जमुई में अपनी पहचान बना चुके हैं। राजस्थानी महलों और दक्षिण भारतीय मंदिरों की झलक इस शादी की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हजारीबाग में राजस्थान के ऐतिहासिक महलों की तर्ज पर भव्य सेट तैयार किए गए हैं। साथ ही दक्षिण भारत के प्रसिद्ध मंदिरों जैसी सजावट और प्रवेश द्वार तैयार किए गए हैं, जिससे मेहमानों को अद्भुत सांस्कृतिक अनुभव मिल रहा है। अंबानी परिवार के समारोह में प्रस्तुति दे चुका इंटरनेशनल बैंड भी इस शादी में परफॉर्म करेगा। इसके अलावा आईपीएल मैचों को ड्रोन से कवर करने वाली प्रोफेशनल टीम भी इस आयोजन को कैद करने पहुंच रही है। परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम भव्यता के साथ-साथ इस विवाह में सनातन परंपराओं का विशेष ध्यान रखा गया है। खान-पान के लिए देशभर के नामी शेफ और खानसामों को आमंत्रित किया गया है, जिससे मेहमानों को लजीज व्यंजनों का स्वाद मिल सके। हजारीबाग के लिए ऐतिहासिक क्षण नवल किशोर सिंह का हजारीबाग से गहरा जुड़ाव है और यहां उनकी कंपनी का बड़ा संचालन भी होता है। ऐसे में इस स्तर का भव्य विवाह समारोह हजारीबाग में पहली बार आयोजित हो रहा है, जो शहर के लिए गौरव और चर्चा का विषय बन गया है। यह शादी केवल एक पारिवारिक आयोजन नहीं, बल्कि वैभव, संस्कृति, तकनीक और परंपरा का अनोखा संगम बनकर पूरे बिहार-झारखंड में सुर्खियां बटोर रही है।1
- अपराधियों के लिए खतरे की घंटी या सिस्टम की नई परीक्षा?हजारीबाग में नए एसपी अमन कुमार की एंट्री से बढ़ी उम्मीदें खबर मन्त्र संवाददाता हजारीबाग: हजारीबाग में पुलिस महकमे में एक बड़ा बदलाव हुआ है, और इसके साथ ही जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर नई उम्मीदों का दौर शुरू हो गया है। अमन कुमार ने जिले के नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में कमान संभालते ही साफ संकेत दे दिया है कि अब अपराधियों के लिए आसान दिन नहीं रहने वाले।1
- चतरा जिले में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन हो रहे सड़क हादसों से जिले की सड़कों पर 'जिंदगियां नीलाम' हो रही हैं। ताजा मामला चतरा-डोभी मुख्य मार्ग की खतरनाक संघरी घाटी से सामने आया है, जहां एक अनियंत्रित ट्रक ने पिकअप वैन को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण हादसे में एक ही परिवार के पांच लोग लहूलुहान हो गए हैं। घटना आज रविवार सुबह करीब 8 बजे की है। जानकारी के अनुसार, पलामू जिले के लेस्लीगंज स्थित राजगढ़ी गांव का रहने वाला एक परिवार बालूमाथ से अपने घर लौट रहा था। जैसे ही उनकी पिकअप वैन संघरी घाटी के पास पहुँची, एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। हादसे में कमलेश तिवारी, अंशु देवी, रणवीर तिवारी और महज 5 महीने की मासूम आंशिक कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुँची सदर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी को PCR वैन से सदर अस्पताल पहुँचाया। अस्पताल के डॉ. रमेश ने बताया कि घायलों का प्राथमिक उपचार जारी है, लेकिन चालक संतोष कुमार की नाजुक हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चतरा की घाटियों में भारी वाहनों की लापरवाही अब आम लोगों के लिए काल बन गई है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।1