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मुहर्रम पर्व के मद्देनजर, जयनगर थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान एसडीओ दीपक कुमार और एसडीपीओ सदानंद कुमार ने सभी उपस्थित लोगों से शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की हार्दिक अपील की। प्रशासन ने पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इनमें डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है। साथ ही, मुहर्रम के जुलूसों के लिए निर्धारित रूट और समय-सारिणी का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की कड़ी चेतावनी भी दी है।
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मुहर्रम पर्व के मद्देनजर, जयनगर थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान एसडीओ दीपक कुमार और एसडीपीओ सदानंद कुमार ने सभी उपस्थित लोगों से शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की हार्दिक अपील की। प्रशासन ने पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इनमें डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है। साथ ही, मुहर्रम के जुलूसों के लिए निर्धारित रूट और समय-सारिणी का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की कड़ी चेतावनी भी दी है।
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- मधुबनी जिला के जयनगर थाना परिसर में मुहर्रम पर्व की तैयारियों और विधि-व्यवस्था को लेकर शनिवार को अनुमंडल प्रशासन द्वारा एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता एसडीएम दीपक कुमार ने की, जिसमें विभिन्न अखाड़ा कमेटियों के सदस्यों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। प्रशासन ने मुहर्रम मनाने से संबंधित विस्तृत जानकारी ली और कई अहम निर्णय लेते हुए अखाड़ा कमेटियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपस्थित लोगों ने बताया कि मुहर्रम का त्योहार दो दिवसीय होगा, जो 25 और 26 जून को मनाया जाएगा। 25 जून को विभिन्न अखाड़ों की कमेटियां शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में झांकियों के साथ जुलूस निकालेगी, जो अपने अखाड़ों से शुरू होकर बाजार क्षेत्र का भ्रमण कर वापस लौटेंगे। इस दौरान जुलूस के रूट और इसमें शामिल लोगों की संख्या की जानकारी दी गई। पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार, 26 जून को विभिन्न अखाड़ों पर कमेटियों द्वारा सजाए गए ताजिया के साथ मेले का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष ‘पहलाम ताजिया मिलन’ नहीं होगा; ताजिया अखाड़ों पर ही रखकर लोग विभिन्न प्रकार के खेल और करतब का प्रदर्शन करेंगे। बैठक में जुलूस और अखाड़ों पर पुलिस बल की तैनाती और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की गई। एसडीएम दीपक कुमार ने सभी से आपसी प्रेम, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण माहौल में शांतिपूर्वक भाईचारे के साथ मुहर्रम मनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जुलूस निकालने और मुहर्रम मनाने के लिए सभी अखाड़ा कमेटियों को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा, जिसके लिए थाना में विस्तृत जानकारी के साथ आवेदन जमा करने होंगे। प्रशासन ने मुहर्रम जुलूस के लिए क्षेत्र में समय और मार्ग निर्धारित किए हैं, तथा दोनों दिन सभी अखाड़ों और जुलूस में पर्याप्त सुरक्षा हेतु मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात रहेंगे। पुलिस प्रशासन की टीम लगातार गश्त पर रहेगी, और कमेटियों को निर्धारित समय व मार्ग पर ही जुलूस निकालने तथा अपने-अपने अखाड़ों पर ही मेला व खेल करतब प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएसपी सदानंद कुमार ने बताया कि जुलूस में डीजे बजाना पूर्णतः प्रतिबंधित है और किसी भी प्रकार का विवादित, भड़काऊ स्लोगन या आपत्तिजनक झांकियां नहीं निकाली जाएंगी, न ही ऐसे नारे लगाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व की भांति ताजिया मिलन समारोह कार्यक्रम नहीं होंगे और अखाड़ों पर मेला एवं खेल प्रदर्शन निर्धारित समय से रात्रि एक बजे तक होगा। प्रशासन की टीम सादे लिबास में भी मौजूद रहेगी और पुलिस बल की तैनाती के साथ गश्त जारी रहेगी। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाएगी, जुलूसों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी और ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। हुड़दंग करने वालों, अफवाह फैलाने वालों और विधि-व्यवस्था भंग करने वालों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की पैनी नजर है और आपत्तिजनक भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई होगी। क्षेत्र के चौकीदारों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। डीएसपी सदानंद कुमार ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सभी से सहयोग की अपील की। बैठक में एसडीएम दीपक कुमार, डीएसपी सदानंद कुमार, डीसीएलआर प्रवीण कुमार पांडेय, सीओ अखिलेश चौधरी, थानाध्यक्ष रमन कुमार, मुख्य पार्षद कैलाश पासवान सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और विभिन्न कमेटियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।1
- मधुबनी पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने नीट परीक्षा को लेकर पुलिस पदाधिकारियों को तैनात किया है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं कि किसी भी स्थिति में कदाचार न हो। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि नीट परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम कर लिए गए हैं।1
- मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड की परसौनी दक्षिणी पंचायत के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर एक बड़ी सौगात मिली है। पंचायत में अब एम्बुलेंस सेवा विधिवत शुरू कर दी गई है, साथ ही एक नए स्वास्थ्य उपकेंद्र का भी उद्घाटन किया गया है। मुखिया प्रतिनिधि शाहिद हुसैन की पहल से यह संभव हो पाया है, जिससे अब स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं अपने ही पंचायत क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेंगी। इस महत्वपूर्ण पहल के कारण मरीजों को इलाज के लिए अब दूर-दराज के अस्पतालों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, आपातकालीन स्थितियों में एम्बुलेंस सेवा भी तत्काल मुहैया होगी, जिससे लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल पाएगी। इस कदम को ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है, जो क्षेत्र के विकास में भी सहायक होगा।1
- दरभंगा जिले के बहुअरवा में एक सड़क दुर्घटना के पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी स्थिति का जायजा लिया गया। बातचीत के दौरान यह सामने आया कि घायल के इलाज के लिए परिवार अब तक ₹30,000 से अधिक का कर्ज ले चुका है, जबकि इलाज अभी भी जारी है। इस हादसे के कारण, संबंधित चाची शारीरिक, आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में हैं। इस घटना के बाद एक बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि आखिर इस विकट स्थिति का जिम्मेदार कौन है। वर्षों से खराब सड़कों, लगातार हो रहे हादसों और प्रशासन की घोर अनदेखी का खामियाजा आम जनता कब तक भुगतेगी, यह तीखा प्रश्न उठाया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि यदि समय रहते सड़क की समस्या का समाधान कर दिया गया होता, तो शायद यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा होता ही नहीं। यह भी माँग की गई है कि जब सड़कों का निर्माण करवाना सरकार और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है, तो हादसों के बाद पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता मिलनी चाहिए। सभी से अनुरोध किया गया है कि इस चाची और ऐसे सभी सड़क हादसा पीड़ित परिवारों के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करें, ताकि गरीब और आम लोग व्यवस्था की इस लापरवाही का शिकार बनते न रहें और उन्हें न्याय मिल सके।1
- दरभंगा में शोरूम मैनेजर फैज की हत्या के संबंध में उनकी मां ने एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने पुलिस से सीधे तौर पर पूछा है कि उनके बेटे फैज की हत्या क्यों हुई और इस घटना के पीछे का असली कारण पुलिस को सामने लाना चाहिए। फैज की मां ने जोर देकर कहा है कि यह हत्या किसी भी प्रकार के लेनदेन के चलते नहीं हुई है।1
- मुहर्रम पर्व के मद्देनजर, जयनगर थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान एसडीओ दीपक कुमार और एसडीपीओ सदानंद कुमार ने सभी उपस्थित लोगों से शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की हार्दिक अपील की। प्रशासन ने पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इनमें डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है। साथ ही, मुहर्रम के जुलूसों के लिए निर्धारित रूट और समय-सारिणी का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की कड़ी चेतावनी भी दी है।1
- आज मधुबनी जिला अतिथि गृह में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव, बिहार विधानसभा में दल नेता और शून्य काल समिति के सभापति व मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक माधव आनंद ने विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जनहित से जुड़े विषयों, समस्याओं और सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना, जहाँ बड़ी संख्या में माताओं-बहनों, बुजुर्गों, युवाओं और जरूरतमंद लोगों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। विधायक माधव आनंद ने इस अवसर पर कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है और जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है कि वह जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने का निरंतर प्रयास करे। उन्होंने जनता के विश्वास, स्नेह और आशीर्वाद को अपनी जनसेवा की निरंतर प्रेरणा बताया। प्राप्त आवेदनों और जनसमस्याओं के समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों से आवश्यक संवाद और पहल की जा रही है, जिनमें से तत्काल समाधान संभव होने वाली समस्याओं के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अन्य विषयों पर भी लगातार प्रयास जारी रहेंगे। माधव आनंद ने दोहराया कि उनके लिए राजनीति केवल सार्वजनिक जीवन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की सेवा का संकल्प है। उन्होंने जनता-जनार्दन के विश्वास को अपनी सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ जनसेवा के पथ पर अग्रसर रहेंगे। उन्होंने मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव उपलब्ध रहने तथा जनता के विश्वास पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करने की प्रतिबद्धता भी जताई।3
- ब्रह्मर्षि विकास सेवा संस्थान की एक सराहनीय पहल के तहत, इस वर्ष 61 बालकों का सामूहिक उपनयन संस्कार और 2 जोड़े वर-वधू का सामूहिक विवाह वैदिक मंत्रोच्चार तथा विधि-विधान के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन को संस्कार, संस्कृति और सामाजिक समरसता का एक अद्भुत संगम बताया गया है। संस्थान पिछले 8 वर्षों से लगातार इस पुनीत कार्य को कर रहा है, जिसके माध्यम से यह सामाजिक समरसता, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और जनसेवा का प्रेरणादायक संदेश समाज को दे रहा है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने के साथ-साथ समाज को एकजुट करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इस सफल आयोजन के लिए संस्थान के सभी पदाधिकारियों और सहयोगियों को हार्दिक बधाई दी गई है।1
- दरभंगा में मदरसा से चार नाबालिग छात्रों को बरामद किया गया है, जिसके बाद मदरसा के मौलवी मोहम्मद कादिर के खिलाफ अशोक पेपर मिल थाना में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई बहादुरपुर थाना के दारोगा अबुजर हुसैन अंसारी के आवेदन पर की गई। दारोगा ने बताया कि एपीएम थाना क्षेत्र के बलुआहा गांव के मदरसा में इन चारों नाबालिग छात्रों के पैरों में लोहे की जंजीरें ताला लगाकर बांधी गई थीं। ये छात्र मौका पाकर मदरसा से भाग निकले और बहादुरपुर थाना क्षेत्र के सिनुआड़ा गांव पहुंच गए, जहाँ स्थानीय लोगों ने उन्हें देखकर बहादुरपुर थाना को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची, बच्चों को अपने कब्जे में लिया, उनके पैरों से ताले और जंजीरें खोलीं, और फिर उन्हें बाल सुधार गृह में भेज दिया। बच्चों ने पूछताछ में बताया कि मदरसा के मौलवी मोहम्मद कादिर उन्हें बुरी तरह पीटते थे और तरह-तरह की यातनाएं देते थे। उनसे शौचालय सहित मदरसा के भवन की भी सफाई करवाई जाती थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन सभी को प्रताड़ित भी किया जा रहा था, और उनके बाल मुड़वा दिए गए थे। बच्चों ने यह भी बताया कि उन्हें उनकी मर्जी के खिलाफ बंधक बनाकर रखा गया था। ये सभी बच्चे मधुबनी जिला के अररिया संग्राम के रहने वाले हैं। फिलहाल, बच्चों को सिमरी थाना क्षेत्र के भराठी गांव में स्थित बाल सुधार गृह में रखा गया है। बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार ने इस पूरी जानकारी की पुष्टि की है।1