सीधी जिले के जनपद पंचायत कुसमी के ग्राम टमसार में कुसमी-महखोर मार्ग पर सड़क किनारे खोदी गई एक नाली को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने इस निर्माण के लिए वन विभाग पर मनमानी का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि यह नाली राजनीतिक षड्यंत्र के तहत, चौराहे क्षेत्र में व्यापारियों और गुमटी संचालकों को जानबूझकर परेशान करने की नीयत से खोदी गई है। इस नाली के कारण आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और दुर्घटनाओं की आशंका काफी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के कथित तानाशाही रवैये के चलते क्षेत्र में अक्सर दुर्घटनाओं जैसी स्थितियां बनती रहती हैं। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि बरसात के मौसम में यह नाली और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की जान को खतरा उत्पन्न होने की आशंका है। इस संबंध में स्थानीय व्यापारियों और गुमटी संचालकों ने ग्राम पंचायत के सरपंच मकरंद सिंह के समक्ष भी शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जानकारी मिलने पर तहसीलदार कुसमी नारायण सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थल का निरीक्षण कर नाप-जोख कराई। बताया गया है कि तहसीलदार ने ग्रामीणों को सूचित किया कि संबंधित भूमि के रिकॉर्ड और सीमांकन के अनुसार, उक्त क्षेत्र में खोदी गई नाली अवैध है और पचासा क्षेत्र में स्थित है। बावजूद इसके, ग्रामीणों और व्यापारियों ने मांग की है कि यदि नाली आवश्यक है तो उसकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिसमें ढक्कन लगाना और चेतावनी संकेत स्थापित करना शामिल हो, ताकि कोई दुर्घटना न हो। अब यह बड़ा सवाल बन गया है कि यदि बरसात के दौरान इस अवैध नाली के कारण कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जनहित में उचित निर्णय लेने का आग्रह किया है।
सीधी जिले के जनपद पंचायत कुसमी के ग्राम टमसार में कुसमी-महखोर मार्ग पर सड़क किनारे खोदी गई एक नाली को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने इस निर्माण के लिए वन विभाग पर मनमानी का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि यह नाली राजनीतिक षड्यंत्र के तहत, चौराहे क्षेत्र में व्यापारियों और गुमटी संचालकों को जानबूझकर परेशान करने की नीयत से खोदी गई है। इस नाली के कारण आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और दुर्घटनाओं की आशंका काफी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि
वन विभाग के कथित तानाशाही रवैये के चलते क्षेत्र में अक्सर दुर्घटनाओं जैसी स्थितियां बनती रहती हैं। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि बरसात के मौसम में यह नाली और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की जान को खतरा उत्पन्न होने की आशंका है। इस संबंध में स्थानीय व्यापारियों और गुमटी संचालकों ने ग्राम पंचायत के सरपंच मकरंद सिंह के समक्ष भी शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जानकारी मिलने पर तहसीलदार कुसमी नारायण सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थल का निरीक्षण कर नाप-जोख कराई। बताया गया है कि तहसीलदार ने ग्रामीणों को सूचित
किया कि संबंधित भूमि के रिकॉर्ड और सीमांकन के अनुसार, उक्त क्षेत्र में खोदी गई नाली अवैध है और पचासा क्षेत्र में स्थित है। बावजूद इसके, ग्रामीणों और व्यापारियों ने मांग की है कि यदि नाली आवश्यक है तो उसकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिसमें ढक्कन लगाना और चेतावनी संकेत स्थापित करना शामिल हो, ताकि कोई दुर्घटना न हो। अब यह बड़ा सवाल बन गया है कि यदि बरसात के दौरान इस अवैध नाली के कारण कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जनहित में उचित निर्णय लेने का आग्रह किया है।
- मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी भोपाल के निर्देशानुसार, युवा कांग्रेस कमेटी विधानसभा ब्यौहारी और ब्लॉक युवा कांग्रेस कमेटी ब्यौहारी ने 15 जून 2026 को शाम 5:00 बजे ब्यौहारी के बनसुकली चौराहा पर 'बिके हुए चुनाव आयुक्त' का पुतला दहन किया। यह विरोध प्रदर्शन राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी, प्रखर वक्ता एवं पूर्व सांसद सुश्री मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र को अत्यंत दुर्भावनापूर्ण और राजनीति से प्रेरित होकर निरस्त किए जाने के खिलाफ था। इस कार्यक्रम में जिला संगठन महासचिव श्री विनोद ताम्रकार, श्री हरिशंकर कोरी, पार्षद श्रीमती गीता कोल, श्रीमती लैला खान, श्री प्रियदर्शी तिवारी, श्री रवेंद्र बैंस, श्री विक्रम सिंह, श्री मुकेश तिवारी, जिला पंचायत सदस्य पुष्पेन्द्र पटेल, श्री पप्पू साकेत, श्री पंकज चतुर्वेदी, ओमप्रकाश साकेत, विनय द्विवेदी, दशरथ सिंह, अरुस्तम पटेल, कमला कोरी, विकास बंसल, सनोज कोल, मनोज कोल, प्रीतम कोल, राम राज कोल, दशरथ कोल और सुजीत कुशवाहा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- मध्य प्रदेश के सीधी जिले में सोन नदी में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां नहाने गईं तीन लड़कियों को बचाने के प्रयास में एक लड़के सहित कुल चार लोगों की डूबने से मौत हो गई।1
- शहडोल की नंदिनी गुप्ता को पीएमईजीपी योजना का लाभ प्राप्त हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप वह आत्मनिर्भर बन गई हैं। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के गोहपारू क्षेत्र में ग्राम पंचायत बरकोड़ा में नकली डीएपी खाद के अवैध भंडारण का बड़ा मामला सामने आया है। सहायक संचालक कृषि विभाग की एक टीम ने दीनबंधु नापित के घर पर दोपहर लगभग 2 बजे छापामार कार्रवाई करते हुए करीब 100 बोरी डीएपी खाद जब्त की है। बताया गया है कि यह खाद गैरकानूनी तरीके से संग्रहित की गई थी और ईपको कंपनी के नाम व रैपर का इस्तेमाल कर किसानों को गुमराह किए जाने की आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि यह नकली या डुप्लीकेट डीएपी खाद छत्तीसगढ़ से लाकर शहडोल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को बेची जा रही थी। इस कार्रवाई के बाद, कृषि विभाग ने मामले को लेकर मीडिया से दूरी बनाए रखी है, जिससे पूरे मामले को दबाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, किसानों में इस घटना को लेकर गहरा रोष देखा जा रहा है। अब यह सवाल उठ रहा है कि किसानों की मेहनत और उनकी फसल के साथ खिलवाड़ करने वाले इस नेटवर्क पर प्रशासन कितनी सख्त कार्रवाई करेगा। फिलहाल, कृषि विभाग द्वारा मामले की जांच जारी है।1
- फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी मुलाकात का एक विशेष वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है, जो कूटनीतिक गलियारों से लेकर विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर' का सुपरहिट रीमेक गाना 'आरी-आरी' (यारी यारी यारी) बैकग्राउंड में बज रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान फ्रांस के नीस शहर पहुंचे थे, जहाँ राष्ट्रपति मैक्रों ने उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। वायरल वीडियो में दोनों वैश्विक नेता एक-दूसरे को गले लगाते, हाथ मिलाते और मुस्कुराते हुए साथ चलते नजर आ रहे हैं। रविवार को हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत और फ्रांस के बीच कुल 13 अहम मुद्दों पर सहमति बनी है। इन मुद्दों में रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ ही, दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।1
- अनूपपुर जिले के कोतमा स्थित जमुना क्षेत्र के भालूमाडा वार्ड नंबर 15 में एक घर से एक सर्प को सफलतापूर्वक पकड़ा गया है। बताया गया है कि यह कार्य 'C.G सर्प' नामक इकाई द्वारा किया जाता है, जो घरों से सर्पों को पकड़ने में विशेषज्ञ है।1
- शहडोल में नंदिनी गुप्ता को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) योजना का लाभ मिला है, जिसके परिणामस्वरूप वह आत्मनिर्भर बनी हैं। उन्होंने इस योजना के माध्यम से मिली सहायता के लिए प्रधानमंत्री जी के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है, जो सशक्त मध्य वर्ग और सेवा के महत्व को रेखांकित करता है।1
- सीधी जिले के जनपद पंचायत कुसमी के ग्राम टमसार में कुसमी-महखोर मार्ग पर सड़क किनारे खोदी गई एक नाली को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने इस निर्माण के लिए वन विभाग पर मनमानी का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि यह नाली राजनीतिक षड्यंत्र के तहत, चौराहे क्षेत्र में व्यापारियों और गुमटी संचालकों को जानबूझकर परेशान करने की नीयत से खोदी गई है। इस नाली के कारण आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और दुर्घटनाओं की आशंका काफी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के कथित तानाशाही रवैये के चलते क्षेत्र में अक्सर दुर्घटनाओं जैसी स्थितियां बनती रहती हैं। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि बरसात के मौसम में यह नाली और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की जान को खतरा उत्पन्न होने की आशंका है। इस संबंध में स्थानीय व्यापारियों और गुमटी संचालकों ने ग्राम पंचायत के सरपंच मकरंद सिंह के समक्ष भी शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जानकारी मिलने पर तहसीलदार कुसमी नारायण सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थल का निरीक्षण कर नाप-जोख कराई। बताया गया है कि तहसीलदार ने ग्रामीणों को सूचित किया कि संबंधित भूमि के रिकॉर्ड और सीमांकन के अनुसार, उक्त क्षेत्र में खोदी गई नाली अवैध है और पचासा क्षेत्र में स्थित है। बावजूद इसके, ग्रामीणों और व्यापारियों ने मांग की है कि यदि नाली आवश्यक है तो उसकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिसमें ढक्कन लगाना और चेतावनी संकेत स्थापित करना शामिल हो, ताकि कोई दुर्घटना न हो। अब यह बड़ा सवाल बन गया है कि यदि बरसात के दौरान इस अवैध नाली के कारण कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जनहित में उचित निर्णय लेने का आग्रह किया है।3