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पाखंड अंधविश्वास को दूर करो मनुवादी पाखंडी लोग मच्छर मधुमक्खी कीतरह चूसते हैं कम बुद्धि बालों को सत्य बचन कहा

15 hrs ago
user_मानवाधिकार  भारतीय
मानवाधिकार भारतीय
Lawyer Rithi, Katni•
15 hrs ago

पाखंड अंधविश्वास को दूर करो मनुवादी पाखंडी लोग मच्छर मधुमक्खी कीतरह चूसते हैं कम बुद्धि बालों को सत्य बचन कहा

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  • 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां तेज बच्चों में काफी उत्साह 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां तेज बच्चों में काफी उत्साह
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    15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां तेज बच्चों में काफी उत्साह
15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां तेज बच्चों में काफी उत्साह
    user_Lakhan Sahu
    Lakhan Sahu
    Farmer रायपुर, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • जबलपुर हाईकोर्ट के छात्रसंघ चुनाव संबंधी निर्णय का NSUI ने किया स्वागत, प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की मांग 💥👉Jyoti Tiwari 👈 💥 एनएसयूआई की लड़ाई 70% से ज्यादा विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में बैठे उन शिक्षकों एवं प्राध्यापकों से है, जो एबीवीपी और आरएसएस के पदाधिकारी अथवा उनकी विचारधारा के अनुरूप कार्य कर रहे हैं — अपेक्षा सूर्यवंशी छिंदवाड़ा। जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा मध्यप्रदेश शासन को सितंबर के प्रथम सप्ताह तक छात्रसंघ चुनाव कराने के संबंध में दिए गए निर्देश का भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने स्वागत किया है। इस संबंध में आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI छिंदवाड़ा जिलाध्यक्ष अपेक्षा सूर्यवंशी ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं की लोकतांत्रिक आवाज़ की जीत है। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश NSUI द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को छात्रसंघ चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला छात्रहित और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने वाला है। अपेक्षा सूर्यवंशी ने मांग की कि छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली (Direct/Presidential System) से कराए जाएं, ताकि प्रत्येक छात्र-छात्रा अपने अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों का चुनाव स्वयं कर सके। अप्रत्यक्ष प्रणाली खरीद-फरोख्त और बंद कमरों की राजनीति को बढ़ावा देती है, जबकि प्रत्यक्ष चुनाव छात्रों को वास्तविक लोकतांत्रिक अधिकार प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रणाली के बीच का अंतर समझना भी आवश्यक है। प्रत्यक्ष (Direct/Presidential) प्रणाली में प्रत्येक नियमित विद्यार्थी अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए सीधे छात्रसंघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव एवं सहसचिव का चुनाव करता है। इससे प्रत्येक छात्र-छात्रा को अपने प्रतिनिधि चुनने का समान लोकतांत्रिक अधिकार प्राप्त होता है। इसके विपरीत, अप्रत्यक्ष (Indirect) प्रणाली में विद्यार्थी केवल कक्षा प्रतिनिधि (CR) का चुनाव करते हैं, जिसके बाद वही निर्वाचित प्रतिनिधि आपस में मतदान कर छात्रसंघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव एवं सहसचिव का चुनाव करते हैं। इस व्यवस्था में सभी विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष रूप से अपने छात्रसंघ नेतृत्व को चुनने का अवसर नहीं मिलता, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी सीमित हो जाती है। इसलिए NSUI का स्पष्ट मत है कि मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव केवल प्रत्यक्ष प्रणाली से ही कराए जाएं, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी का वोट सीधे उसके छात्र नेतृत्व के चयन में प्रभावी हो सके। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 10 वर्षों से मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बंद रहे, जिससे छात्र राजनीति को गंभीर नुकसान पहुंचा है। छात्रसंघ लोकतंत्र की पहली पाठशाला है। प्रदेश और देश को अनेक बड़े नेता छात्र राजनीति से ही मिले हैं। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने छात्र राजनीति से निकलकर प्रदेश और देश में अपनी पहचान बनाई। चुनाव बंद होने से योग्य, शिक्षित और नेतृत्व क्षमता रखने वाले युवाओं को अवसर नहीं मिल पा रहा था। NSUI जिलाध्यक्ष ने सभी छात्र नेताओं और छात्र-छात्राओं को इस ऐतिहासिक निर्णय की बधाई देते हुए कहा कि यह निर्णय छात्र शक्ति की जीत है। उन्होंने सभी छात्र नेताओं से आह्वान किया कि यदि राज्य सरकार हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए चुनाव कराती है तो सभी छात्र पूरी तैयारी के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कभी छात्रसंघ चुनाव कराने के पक्ष में नहीं रही है। वर्तमान परिस्थितियों में भी छात्र-युवा विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार से नाराज़ हैं। हाल के छात्र आंदोलनों, विशेषकर नीट परीक्षा से जुड़े घटनाक्रमों तथा दतिया उपचुनाव के परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छात्र और युवा बदलाव चाहते हैं। अब प्रदेश सरकार को न्यायालय के निर्देशों का सम्मान करते हुए छात्रसंघ चुनाव समय पर कराना चाहिए। अपेक्षा सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया कि NSUI की लड़ाई किसी छात्र संगठन के सामान्य कार्यकर्ताओं या छात्र नेताओं से नहीं, बल्कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की अव्यवस्थाओं, छात्रों के अधिकारों की अनदेखी करने वाले तंत्र तथा छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता समर्थित छात्र संगठन एबीवीपी को संस्थागत संरक्षण प्राप्त होता है और कई विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में कुलपति, प्राचार्य तथा एबीवीपी अथवा आरएसएस की विचारधारा से जुड़े पदों पर कार्य करने वाले कुछ प्राध्यापकों एवं शिक्षकों का प्रभाव भी छात्र राजनीति को प्रभावित करता है। उनके अनुसार NSUI को केवल एक छात्र संगठन से नहीं, बल्कि पूरे उस तंत्र से संघर्ष करना पड़ता है, जो छात्र हितों की आवाज़ को दबाने का प्रयास करता है। उन्होंने आगे कहा कि NSUI के सामने चुनौती केवल परिसर स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे प्रदेश एवं केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों के विरुद्ध भी छात्र हितों की लड़ाई लड़नी पड़ती है। इसके बावजूद NSUI हर चुनौती का लोकतांत्रिक तरीके से सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से घोषणा की कि आज से NSUI छिंदवाड़ा द्वारा सदस्यता अभियान भी प्रारंभ किया जा रहा है। संगठन के कार्यकर्ता महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में पहुंचकर छात्रों से संवाद करेंगे, उनकी समस्याओं को सुनेंगे तथा उन्हें छात्र अधिकारों और छात्रसंघ चुनाव के महत्व से अवगत कराएंगे। अंत में NSUI ने राज्य सरकार से मांग की कि हाईकोर्ट के निर्देशों का सम्मान करते हुए सितंबर के प्रथम सप्ताह में प्रत्यक्ष प्रणाली से निष्पक्ष एवं पारदर्शी छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं, ताकि प्रदेश के छात्रों को अपना लोकतांत्रिक नेतृत्व चुनने का अधिकार मिल सके। धन्यवाद अपेक्षा सूर्यवंशी जिलाध्यक्ष NSUI
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    जबलपुर हाईकोर्ट के छात्रसंघ चुनाव संबंधी निर्णय का NSUI ने किया स्वागत, प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की मांग
💥👉Jyoti Tiwari 👈 💥
एनएसयूआई की लड़ाई 70% से ज्यादा विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में बैठे उन शिक्षकों एवं प्राध्यापकों से है, जो एबीवीपी और आरएसएस के पदाधिकारी अथवा उनकी विचारधारा के अनुरूप कार्य कर रहे हैं — अपेक्षा सूर्यवंशी
छिंदवाड़ा। जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा मध्यप्रदेश शासन को सितंबर के प्रथम सप्ताह तक छात्रसंघ चुनाव कराने के संबंध में दिए गए निर्देश का भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने स्वागत किया है। इस संबंध में आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI छिंदवाड़ा जिलाध्यक्ष अपेक्षा सूर्यवंशी ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं की लोकतांत्रिक आवाज़ की जीत है।
उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश NSUI द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को छात्रसंघ चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला छात्रहित और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने वाला है।
अपेक्षा सूर्यवंशी ने मांग की कि छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली (Direct/Presidential System) से कराए जाएं, ताकि प्रत्येक छात्र-छात्रा अपने अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों का चुनाव स्वयं कर सके। अप्रत्यक्ष प्रणाली खरीद-फरोख्त और बंद कमरों की राजनीति को बढ़ावा देती है, जबकि प्रत्यक्ष चुनाव छात्रों को वास्तविक लोकतांत्रिक अधिकार प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रणाली के बीच का अंतर समझना भी आवश्यक है। प्रत्यक्ष (Direct/Presidential) प्रणाली में प्रत्येक नियमित विद्यार्थी अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए सीधे छात्रसंघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव एवं सहसचिव का चुनाव करता है। इससे प्रत्येक छात्र-छात्रा को अपने प्रतिनिधि चुनने का समान लोकतांत्रिक अधिकार प्राप्त होता है।
इसके विपरीत, अप्रत्यक्ष (Indirect) प्रणाली में विद्यार्थी केवल कक्षा प्रतिनिधि (CR) का चुनाव करते हैं, जिसके बाद वही निर्वाचित प्रतिनिधि आपस में मतदान कर छात्रसंघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव एवं सहसचिव का चुनाव करते हैं। इस व्यवस्था में सभी विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष रूप से अपने छात्रसंघ नेतृत्व को चुनने का अवसर नहीं मिलता, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी सीमित हो जाती है। इसलिए NSUI का स्पष्ट मत है कि मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव केवल प्रत्यक्ष प्रणाली से ही कराए जाएं, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी का वोट सीधे उसके छात्र नेतृत्व के चयन में प्रभावी हो सके।
उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 10 वर्षों से मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बंद रहे, जिससे छात्र राजनीति को गंभीर नुकसान पहुंचा है। छात्रसंघ लोकतंत्र की पहली पाठशाला है। प्रदेश और देश को अनेक बड़े नेता छात्र राजनीति से ही मिले हैं। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने छात्र राजनीति से निकलकर प्रदेश और देश में अपनी पहचान बनाई। चुनाव बंद होने से योग्य, शिक्षित और नेतृत्व क्षमता रखने वाले युवाओं को अवसर नहीं मिल पा रहा था।
NSUI जिलाध्यक्ष ने सभी छात्र नेताओं और छात्र-छात्राओं को इस ऐतिहासिक निर्णय की बधाई देते हुए कहा कि यह निर्णय छात्र शक्ति की जीत है। उन्होंने सभी छात्र नेताओं से आह्वान किया कि यदि राज्य सरकार हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए चुनाव कराती है तो सभी छात्र पूरी तैयारी के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लें।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कभी छात्रसंघ चुनाव कराने के पक्ष में नहीं रही है। वर्तमान परिस्थितियों में भी छात्र-युवा विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार से नाराज़ हैं। हाल के छात्र आंदोलनों, विशेषकर नीट परीक्षा से जुड़े घटनाक्रमों तथा दतिया उपचुनाव के परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छात्र और युवा बदलाव चाहते हैं। अब प्रदेश सरकार को न्यायालय के निर्देशों का सम्मान करते हुए छात्रसंघ चुनाव समय पर कराना चाहिए।
अपेक्षा सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया कि NSUI की लड़ाई किसी छात्र संगठन के सामान्य कार्यकर्ताओं या छात्र नेताओं से नहीं, बल्कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की अव्यवस्थाओं, छात्रों के अधिकारों की अनदेखी करने वाले तंत्र तथा छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता समर्थित छात्र संगठन एबीवीपी को संस्थागत संरक्षण प्राप्त होता है और कई विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में कुलपति, प्राचार्य तथा एबीवीपी अथवा आरएसएस की विचारधारा से जुड़े पदों पर कार्य करने वाले कुछ प्राध्यापकों एवं शिक्षकों का प्रभाव भी छात्र राजनीति को प्रभावित करता है। उनके अनुसार NSUI को केवल एक छात्र संगठन से नहीं, बल्कि पूरे उस तंत्र से संघर्ष करना पड़ता है, जो छात्र हितों की आवाज़ को दबाने का प्रयास करता है।
उन्होंने आगे कहा कि NSUI के सामने चुनौती केवल परिसर स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे प्रदेश एवं केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों के विरुद्ध भी छात्र हितों की लड़ाई लड़नी पड़ती है। इसके बावजूद NSUI हर चुनौती का लोकतांत्रिक तरीके से सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से घोषणा की कि आज से NSUI छिंदवाड़ा द्वारा सदस्यता अभियान भी प्रारंभ किया जा रहा है। संगठन के कार्यकर्ता महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में पहुंचकर छात्रों से संवाद करेंगे, उनकी समस्याओं को सुनेंगे तथा उन्हें छात्र अधिकारों और छात्रसंघ चुनाव के महत्व से अवगत कराएंगे।
अंत में NSUI ने राज्य सरकार से मांग की कि हाईकोर्ट के निर्देशों का सम्मान करते हुए सितंबर के प्रथम सप्ताह में प्रत्यक्ष प्रणाली से निष्पक्ष एवं पारदर्शी छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं, ताकि प्रदेश के छात्रों को अपना लोकतांत्रिक नेतृत्व चुनने का अधिकार मिल सके।
धन्यवाद
अपेक्षा सूर्यवंशी
जिलाध्यक्ष
NSUI
    user_ज्योति तिवारी मीडिया
    ज्योति तिवारी मीडिया
    कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • तारादेही में व्यारमा नदी उफान पर, पुल डूबा तेंदूखेड़ा–महाराजपुर मार्ग हुआ बंद, पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद तारादेही। लगातार बारिश के चलते व्यारमा नदी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है, जिसके चलते तेंदूखेड़ा–महाराजपुर मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है। पुल के ऊपर से पानी तेज बहाव के साथ गुजर रहा है। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद है और मार्ग से गुजरने वाले लोगों को रोककर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। पुल पर पानी होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों से सावधानी बरतने तथा किसी भी स्थिति में पानी के तेज बहाव के बीच पुल पार नहीं करने की अपील की जा रही है। व्यारमा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में भी चिंता का माहौल है। प्रशासन एवं पुलिस द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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    तारादेही में व्यारमा नदी उफान पर, पुल डूबा

तेंदूखेड़ा–महाराजपुर मार्ग हुआ बंद, पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद

तारादेही। लगातार बारिश के चलते व्यारमा नदी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है, जिसके चलते तेंदूखेड़ा–महाराजपुर मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है।

पुल के ऊपर से पानी तेज बहाव के साथ गुजर रहा है। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद है और मार्ग से गुजरने वाले लोगों को रोककर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

पुल पर पानी होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों से सावधानी बरतने तथा किसी भी स्थिति में पानी के तेज बहाव के बीच पुल पार नहीं करने की अपील की जा रही है।

व्यारमा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में भी चिंता का माहौल है। प्रशासन एवं पुलिस द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
    user_भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    Photographer जबेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • श्री शिव हनुमान मंदिर से श्री बागेश्वरधाम शिष्य मंडल ने किया डांक कांवड़ यात्रा का शुभारंभ, बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल दमोह। श्री बागेश्वरधाम शिष्य मंडल एवं सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी डांक कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। आज रविवार सुबह 8 बजे जिला जेल स्थित श्री शिव-हनुमान मंदिर में पूजन-अर्चन के बाद यात्रा का विधि-विधान से शुभारंभ हुआ। आयोजक मनोज देवलिया ने बताया कि शिष्य मंडल के सदस्य दमोह से जबलपुर के भेड़ाघाट पहुंचेंगे। यहां मां नर्मदा का जल लेकर करीब 121 किलोमीटर की दूरी पैदल दौड़ते हुए तय करेंगे। यात्रा भेड़ाघाट से पाटन, तेंदूखेड़ा, अभाना, जबलपुर नाका और घंटाघर होते हुए बांदकपुर पहुंचेगी। आयोजकों के अनुसार, यात्रा के शाम करीब 5 बजे देव श्री जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर पहुंचने का कार्यक्रम है। यहां मां नर्मदा के जल से भगवान जागेश्वरनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है।
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    श्री शिव हनुमान मंदिर से श्री बागेश्वरधाम शिष्य मंडल ने किया डांक कांवड़ यात्रा का शुभारंभ, बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल
दमोह। श्री बागेश्वरधाम शिष्य मंडल एवं सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी डांक कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। आज रविवार सुबह 8 बजे जिला जेल स्थित श्री शिव-हनुमान मंदिर में पूजन-अर्चन के बाद यात्रा का विधि-विधान से शुभारंभ हुआ।
आयोजक मनोज देवलिया ने बताया कि शिष्य मंडल के सदस्य दमोह से जबलपुर के भेड़ाघाट पहुंचेंगे। यहां मां नर्मदा का जल लेकर करीब 121 किलोमीटर की दूरी पैदल दौड़ते हुए तय करेंगे। यात्रा भेड़ाघाट से पाटन, तेंदूखेड़ा, अभाना, जबलपुर नाका और घंटाघर होते हुए बांदकपुर पहुंचेगी।
आयोजकों के अनुसार, यात्रा के शाम करीब 5 बजे देव श्री जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर पहुंचने का कार्यक्रम है। यहां मां नर्मदा के जल से भगवान जागेश्वरनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है।
    user_Narendra Ahirwar
    Narendra Ahirwar
    संपर्क करें. 8839675073 दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • गुफाओं में श्रद्धालुओं से अवैध चढ़ोत्तरी के खिलाफ श्रद्धालु आक्रोशित, आस्था के साथ किया जा रहा खिलवाड़
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    गुफाओं में श्रद्धालुओं से अवैध चढ़ोत्तरी के खिलाफ श्रद्धालु आक्रोशित, आस्था के साथ किया जा रहा खिलवाड़
    user_खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पाखंड अंधविश्वास को दूर करो मनुवादी पाखंडी लोग मच्छर मधुमक्खी कीतरह चूसते हैं कम बुद्धि बालों को सत्य बचन कहा
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    पाखंड अंधविश्वास को दूर करो मनुवादी पाखंडी लोग मच्छर मधुमक्खी कीतरह चूसते हैं कम बुद्धि बालों को सत्य बचन कहा
    user_मानवाधिकार  भारतीय
    मानवाधिकार भारतीय
    Lawyer Rithi, Katni•
    15 hrs ago
  • अंतिम संस्कार की सूचना समय पर नहीं देने का आरोप, पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग Jyoti Tiwari कटनी। कुठला थाना क्षेत्र में करीब 22 वर्षीय युवक विवेक यादव की फांसी लगाकर हुई मौत को लेकर अब सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक की मां सुशीला यादव ने पुलिस को आवेदन देकर बेटे की मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष एवं सूक्ष्म जांच की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई है कि विवेक की हत्या करने के बाद शव को फांसी पर लटकाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया हो सकता है। हालांकि, हत्या की आशंका से जुड़े इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। मृतक की मां के अनुसार विवेक यादव, पिता पन्नालाल यादव, उम्र करीब 22 वर्ष, बचपन में उनके साथ रीवा में रहता था। करीब 12-13 वर्ष की उम्र के बाद उसके पिता उसे कटनी ले आए थे, जहां वह अपनी दादी मुन्नी यादव एवं अन्य परिजनों के साथ रहकर आटा चक्की चलाने का काम करता था। उसके पिता पन्नालाल यादव पुरैनी स्थित मैदा फैक्टरी में कार्यरत हैं और कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए क्वार्टर में रहते हैं। परिवार को समय पर सूचना नहीं मिलने का आरोप सुशीला यादव ने आवेदन में बताया कि 3 अगस्त 2026 को उन्हें बेटे
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    अंतिम संस्कार की सूचना समय पर नहीं देने का आरोप, पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग
Jyoti Tiwari 
कटनी। कुठला थाना क्षेत्र में करीब 22 वर्षीय युवक विवेक यादव की फांसी लगाकर हुई मौत को लेकर अब सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक की मां सुशीला यादव ने पुलिस को आवेदन देकर बेटे की मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष एवं सूक्ष्म जांच की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई है कि विवेक की हत्या करने के बाद शव को फांसी पर लटकाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया हो सकता है। हालांकि, हत्या की आशंका से जुड़े इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
मृतक की मां के अनुसार विवेक यादव, पिता पन्नालाल यादव, उम्र करीब 22 वर्ष, बचपन में उनके साथ रीवा में रहता था। करीब 12-13 वर्ष की उम्र के बाद उसके पिता उसे कटनी ले आए थे, जहां वह अपनी दादी मुन्नी यादव एवं अन्य परिजनों के साथ रहकर आटा चक्की चलाने का काम करता था। उसके पिता पन्नालाल यादव पुरैनी स्थित मैदा फैक्टरी में कार्यरत हैं और कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए क्वार्टर में रहते हैं।
परिवार को समय पर सूचना नहीं मिलने का आरोप
सुशीला यादव ने आवेदन में बताया कि 3 अगस्त 2026 को उन्हें बेटे
    user_ज्योति तिवारी मीडिया
    ज्योति तिवारी मीडिया
    कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • रजपुरा गांव में शेर की दहशत, ग्रामीणों ने वन विभाग को सौंपा ज्ञापन मवेशियों के शिकार का आरोप, खेती और रोजमर्रा के काम प्रभावित; टाइगर रिजर्व में सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग हट्टा/दमोह। तहसील हट्टा के ग्राम रजपुरा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शेर के लगातार आवागमन से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने जन-धन की सुरक्षा को लेकर वन विभाग के वन परिक्षेत्र रजपुरा के सहायक अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शेर को पकड़कर सुरक्षित स्थान अथवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में विस्थापित करने की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि पिछले कुछ समय से ग्राम रजपुरा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में एक शेर का लगातार आवागमन बना हुआ है। इसके चलते ग्रामीणों में भय व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त शेर द्वारा गाय, भैंस, बकरी सहित पालतू मवेशियों का शिकार किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खेती और मजदूरी पर भी पड़ा असर ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य है और अधिकांश लोग खेती, मजदूरी तथा जंगल से जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर हैं। शेर की मौजूदगी और उसके भय के कारण ग्रामीणों का खेतों में काम करने जाना, मजदूरी करना, लकड़ी चुनना तथा आवश्यक कार्यों के लिए घर से बाहर निकलना जोखिमभरा हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार भय के कारण उनकी आजीविका भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग ज्ञापन में ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि शेर को तत्काल पकड़कर किसी सुरक्षित स्थान अथवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में छोड़ा जाए, ताकि ग्रामीण भयमुक्त होकर अपना जीवन-यापन और रोजमर्रा के कार्य कर सकें। ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले में तत्काल कार्रवाई कर जन-धन एवं मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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    रजपुरा गांव में शेर की दहशत, ग्रामीणों ने वन विभाग को सौंपा ज्ञापन
मवेशियों के शिकार का आरोप, खेती और रोजमर्रा के काम प्रभावित; टाइगर रिजर्व में सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग
हट्टा/दमोह। तहसील हट्टा के ग्राम रजपुरा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शेर के लगातार आवागमन से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने जन-धन की सुरक्षा को लेकर वन विभाग के वन परिक्षेत्र रजपुरा के सहायक अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शेर को पकड़कर सुरक्षित स्थान अथवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में विस्थापित करने की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि पिछले कुछ समय से ग्राम रजपुरा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में एक शेर का लगातार आवागमन बना हुआ है। इसके चलते ग्रामीणों में भय व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त शेर द्वारा गाय, भैंस, बकरी सहित पालतू मवेशियों का शिकार किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
खेती और मजदूरी पर भी पड़ा असर
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य है और अधिकांश लोग खेती, मजदूरी तथा जंगल से जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर हैं। शेर की मौजूदगी और उसके भय के कारण ग्रामीणों का खेतों में काम करने जाना, मजदूरी करना, लकड़ी चुनना तथा आवश्यक कार्यों के लिए घर से बाहर निकलना जोखिमभरा हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार भय के कारण उनकी आजीविका भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांग
ज्ञापन में ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि शेर को तत्काल पकड़कर किसी सुरक्षित स्थान अथवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में छोड़ा जाए, ताकि ग्रामीण भयमुक्त होकर अपना जीवन-यापन और रोजमर्रा के कार्य कर सकें।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले में तत्काल कार्रवाई कर जन-धन एवं मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
    user_भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    Photographer जबेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • जौनपुर नाली निर्माण को लेकर बवाल, दो पक्षो में जमकर मारपीट मारपीट की पूरी घटना कैमरे में कैद, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल खुटहन थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का पूरा जौनपुर नाली निर्माण को लेकर बवाल, दो पक्षो में जमकर मारपीट मारपीट की पूरी घटना कैमरे में कैद, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल खुटहन थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का पूरा
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    जौनपुर नाली निर्माण को लेकर बवाल, दो पक्षो में जमकर मारपीट

मारपीट की पूरी घटना कैमरे में कैद, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
खुटहन थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का पूरा
जौनपुर नाली निर्माण को लेकर बवाल, दो पक्षो में जमकर मारपीट
मारपीट की पूरी घटना कैमरे में कैद, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
खुटहन थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का पूरा
    user_Arun Lodhi
    Arun Lodhi
    Media and information sciences faculty अमनगंज, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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