कबीरधाम जिले में आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत 29,186 मीट्रिक टन से अधिक खाद का भंडारण किया जा चुका है। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक सहकारी समितियों के माध्यम से 16,188 मीट्रिक टन खाद किसानों को वितरित की गई है, जबकि निजी क्षेत्र में भी 6,522 मीट्रिक टन खाद का वितरण हुआ है। खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए कुल 128 विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जिसमें अनियमितताएं पाए जाने पर 2 केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए और 31 कृषि केंद्रों को नोटिस जारी किए गए। बीज वितरण के मोर्चे पर, 6,811 क्विंटल के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 3,100 क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है। किसानों द्वारा इसमें से 350 क्विंटल बीज का उठाव भी किया जा चुका है। प्रशासन ने किसानों के लिए खाद और बीज की सुचारु उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
कबीरधाम जिले में आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत 29,186 मीट्रिक टन से अधिक खाद का भंडारण किया जा चुका है। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक सहकारी समितियों के माध्यम से 16,188 मीट्रिक टन खाद किसानों को वितरित की गई है, जबकि निजी क्षेत्र में भी 6,522 मीट्रिक टन खाद का वितरण हुआ है। खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए कुल 128 विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जिसमें अनियमितताएं पाए जाने पर 2 केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए और 31 कृषि केंद्रों को नोटिस जारी किए गए। बीज वितरण के मोर्चे पर, 6,811 क्विंटल के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 3,100 क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है। किसानों द्वारा इसमें से 350 क्विंटल बीज का उठाव भी किया जा चुका है। प्रशासन ने किसानों के लिए खाद और बीज की सुचारु उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
- कवर्धा में सुशासन तिहार के तहत उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्राम जेवड़नखुर्द और मिनमीनिया का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और कई मामलों का मौके पर ही निराकरण भी करवाया। शिविर में दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल वितरित की गईं, वहीं पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास की चाबियाँ सौंपी गईं। साथ ही, विभिन्न अन्य योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया। उपमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सड़क, सिंचाई, स्मार्ट क्लास, अटल डिजिटल सेवा केंद्र और महतारी सदन जैसी विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि इन योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुँच सके।4
- छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सुशासन तिहार अब गांवों तक पहुंच गया है। इस पहल के अंतर्गत, 13 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।1
- हमारे नौवरंगपुर गांव से एक बड़ी खबर आ रही है, जहां 'नोडी' के टॉप मार्केट का जोरदार स्वागत किया जा रहा है। लोगों को इस बाजार में आने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसका गुरुवर (गुरुवार) को खास स्वागत हो रहा है। बताया गया है कि नौवरंगपुर का यह बाजार अपने आप में अलग और अनूठा रहता है।1
- तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के ग्राम अल्दा में एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। जल, जंगल, जमीन और बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण के गंभीर मुद्दों को लेकर आयोजित इस महापंचायत में हजारों किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया। यह महापंचायत कुम्हारी-मानपुर जलाशय बचाओ एवं प्रदूषणकारी उद्योग भगाओ संघर्ष मंच के तत्वावधान में आयोजित की गई थी, जहां क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण से खेती, जल स्रोतों और जनस्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को उठाया गया। किसानों ने खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने, कृषि कार्य में उपयोग होने वाले डीजल पर राहत देने तथा धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि करने की मांग की। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा को लेकर भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। महापंचायत को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके मुद्दों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने किसानों के हितों तथा क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन से कार्यक्रम में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों और क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की तथा शासन-प्रशासन से समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। यह महापंचायत शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसने क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति किसानों की एकजुटता को प्रदर्शित किया।4
- मुंगेली पुलिस ने लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम नवलपुर स्थित महामाया गुड़ फैक्ट्री में हुई चोरी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (IPS) के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन बाज' के तहत कार्रवाई करते हुए लोरमी पुलिस ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से चोरी का कुल ₹4,88,000 मूल्य का मशरूका बरामद किया है, जिसमें चोरी का सामान, एक मोटरसाइकिल, एक लूना और एक पिकअप वाहन शामिल हैं। इस मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।1
- खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गंडई तहसील के वार्ड क्रमांक 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार पर छापेमार कार्रवाई की है। यह कार्रवाई 30 मई शनिवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के बाद की गई, जो विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान का हिस्सा थी। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि यह प्रतिष्ठान बिना खाद्य पंजीयन के संचालित था और फलों को हानिकारक रसायनों का उपयोग करके पकाया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों ने एथिलीन रिपनर सहित अन्य रसायनों के साथ-साथ कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इसके अतिरिक्त, दुकान पर अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई गई है। तीन दिवसीय इस विशेष अभियान के दौरान, छुईखदान और गंडई क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में सड़े-गले फलों को नष्ट कराया गया और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने इस बात पर जोर दिया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड के सेंदरी गाँव में कृषि विभाग ने अवैध रूप से भंडारित 368 बोरी उर्वरक जब्त कर एक बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट निर्देशों के तहत की गई, जिनका उद्देश्य किसानों को खाद-बीज की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करना और कालाबाजारी, जमाखोरी तथा अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने कृषि आदानों की उपलब्धता में बाधा डालने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर, उप संचालक कृषि पी.डी. हथेश्वर के मार्गदर्शन में, कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम जिलेभर में सघन निरीक्षण अभियान चला रही है, जिसके तहत अब तक 91 से अधिक निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। ग्राम सेंदरी में उर्वरक के अवैध भंडारण की सूचना मिलने पर, टीम ने मेसर्स बंसल फर्टिलाइजर के सेंदरी और लोफंदी स्थित प्रतिष्ठान तथा गोदामों पर छापा मारा। जांच के दौरान, 368 बोरी उर्वरक ऐसे स्थान पर मिला जो संस्था के लाइसेंस में दर्ज अधिकृत गोदामों में शामिल नहीं था। संस्था द्वारा बिना वैधानिक अनुमति के अतिरिक्त किराये के स्थल पर उर्वरक का भंडारण करना पाया गया। अधिकारियों द्वारा मौके पर दस्तावेजों एवं लाइसेंस संबंधी अभिलेखों की जांच की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित उर्वरक को अवैध भंडारण मानते हुए जब्त कर सीलबंद कर दिया गया। जब्त उर्वरक को संबंधित संस्था की अभिरक्षा में सौंपा गया है। प्रारंभिक जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा-7 के उल्लंघन का मामला पाए जाने पर, उर्वरक निरीक्षक एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री आर.एस. गौतम ने संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री शशांक शिंदे, उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम, कृषि विकास अधिकारी श्री डी.पी. दिवाकर, शाखा प्रभारी श्री उमेश कश्यप और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और खरीदारी के समय अनिवार्य रूप से पक्की रसीद प्राप्त करें। विभाग ने किसानों को खाद की बोरी पर निर्माण तिथि, बैच नंबर, कंपनी का नाम और गुणवत्ता संबंधी विवरण की जांच करने की सलाह दी है। साथ ही, खुले अथवा बिना पैकेजिंग वाले उर्वरक खरीदने से बचने और किसी भी संदिग्ध खाद, बीज या कीटनाशक की सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को देने का आग्रह किया गया है।1
- दुर्ग के सुशासन तिहार शिविर में 29 मई 2026 को उस समय बवाल मच गया, जब दुर्ग ग्रामीण के विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में ही जनपद सीईओ ने एक भाजपा कार्यकर्ता को सरेआम धमका दिया। इस घटना से शिविर में मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई। पूरा मामला दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इस सुशासन शिविर से जुड़ा है, जहाँ ग्रामीण अपनी शिकायतें लेकर पहुँचे थे। इसी दौरान, एक भाजपा कार्यकर्ता ने जनपद पंचायत के कामकाज और भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए। आरोप है कि कार्यकर्ता के सवाल सुनते ही जनपद सीईओ भड़क गए और उन्हें धौंस दिखाते हुए कहा, "तेरे को जो करना है कर लें... देखता हूं तू क्या कर लेगा।" घटना के समय विधायक ललित चंद्राकर भी वहीं खड़े थे। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। "Bhilai Times" द्वारा जारी किए गए वीडियो में साफ दिख रहा है कि सीईओ कार्यकर्ता को उंगली दिखाकर धमका रहे हैं, जिसके साथ कैप्शन में लिखा है कि "दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित खड़े रहें और CEO ने लगा दी BJP कार्यकर्ता की क्लास..." भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जब विधायक के सामने ही अधिकारियों का यह हाल है, तो आम जनता की शिकायतों पर कौन ध्यान देगा। उनका कहना है कि सुशासन तिहार में शिकायत करने आए लोगों को ही धमकाया जा रहा है। घटना के बाद, भाजपा कार्यकर्ताओं ने जनपद सीईओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और माफी माँगने की पुरजोर माँग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी जनप्रतिनिधि के सामने अधिकारी की ऐसी दबंगई को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1