भाजपा-कांग्रेस के बीच वोट का फासला 1% से भी कम, 5 नगर निगम समेत 145 निकायों में बहुमत का पेंच जयपुर। राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के चुनाव परिणामों ने भाजपा और कांग्रेस दोनों की चिंता बढ़ा दी है। 'एक राज्य-एक चुनाव' की दिशा में हुए इन चुनावों को 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले शहरों के राजनीतिक मिजाज की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा था। नतीजों में भाजपा सबसे आगे रही, लेकिन कांग्रेस से उसका वोट प्रतिशत का अंतर महज 0.94% रहा। निकाय चुनाव में भाजपा को 35.30 फीसदी वोट मिले, जबकि कांग्रेस का वोट शेयर 34.36% रहा। दोनों दलों के बीच अंतर सिर्फ 0.94% है। निर्दलीयों को 27.47% वोट मिले। क्षेत्रीय और छोटे दलों में आरएलपी को 0.95, आप को 0.47, माकपा को 0.32, बसपा को 0.29 और आदिवासी पार्टी 'बाप' को 0.13 फीसदी वोट मिले। इस भाजपा का 85 निकायों में बहुमत, कांग्रेस 45 में भाजपा ने 85 और कांग्रेस ने 45 निकायों में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। निर्दलीय व अन्य दलों ने 34 निकायों में बहुमत का आंकड़ा पार किया। इस तरह 164 निकायों में तस्वीर साफ है, जबकि शेष 145 निकायों में बोर्ड गठन के लिए जोड़-तोड़ का दौर शुरू हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इन निकायों में अपने-अपने प्रत्याशियों के साथ-साथ मजबूत निर्दलीयों से संपर्क तेज कर दिया है। लिहाज से भाजपा की बढ़त सीटों में ज्यादा है, लेकिन वोट प्रतिशत में कांग्रेस उसके बेहद करीब रही। सबसे बड़ा राजनीतिक पेंच यह है कि 309 में 145 नगरीय निकायों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशी बोर्ड बनाने के लिए दोनों प्रमुख दलों के लिए निर्णायक हो गए हैं। बोर्ड बनाने के लिए दूसरों के भरोसे 10 नगर निगमों में भाजपा ने जयपुर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा में स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि बीकानेर में कांग्रेस बहुमत में रही। शेष पांच निगम भरतपुर, पाली, अलवर, अजमेर और जोधपुर में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। जोधपुर में भाजपा और कांग्रेस दोनों के 44-44 पार्षद हैं, ऐसे में निर्दलीयों की भूमिका निर्णायक है। भरतपुर में भी निर्दलीय महत्वपूर्ण स्थिति में हैं। अलवर मे भाजपा आगे है, लेकिन बहुमत से दूर है। अजमेर और पाली में कांग्रेस आगे रहने के बावजूद बोड बनाने के लिए उसे समर्थन जुटाना होगा। 18 परिषद-122 पालिकाओं में अड़चन नगर निगमों के अलावा 18 नगर परिषद और 122 नगर पालिकाएं ऐसी हैं, जहां भाजपा या कांग्रेस बहुमत से दूर हैं। यानी सत्ता की चाबी केवल बड़े शहरों में ही निर्दलीयों के हाथ नहीं है, बल्कि छोटे और मध्यम शहरों में भी बोर्ड गठन का फैसला समर्थन जुटाने पर निर्भर करेगा। यही स्थिति दोनों दलों के लिए निकाय परिणामों को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना रही है। 2028 से पहले यह भी देखना होगा कि निर्दलीयों को साधने में कौन सा दल कितना सफल रहता है।
भाजपा-कांग्रेस के बीच वोट का फासला 1% से भी कम, 5 नगर निगम समेत 145 निकायों में बहुमत का पेंच जयपुर। राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के चुनाव परिणामों ने भाजपा और कांग्रेस दोनों की चिंता बढ़ा दी है। 'एक राज्य-एक चुनाव' की दिशा में हुए इन चुनावों को 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले शहरों के राजनीतिक मिजाज की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा था। नतीजों में भाजपा सबसे आगे रही, लेकिन कांग्रेस से उसका वोट प्रतिशत का अंतर महज 0.94% रहा। निकाय चुनाव में भाजपा को 35.30 फीसदी वोट मिले, जबकि कांग्रेस का वोट शेयर 34.36% रहा। दोनों दलों के बीच अंतर सिर्फ 0.94% है। निर्दलीयों को 27.47% वोट मिले। क्षेत्रीय और छोटे दलों में आरएलपी को 0.95, आप को 0.47, माकपा को 0.32, बसपा को 0.29 और आदिवासी पार्टी 'बाप' को 0.13 फीसदी वोट मिले। इस भाजपा का 85 निकायों में बहुमत, कांग्रेस 45 में भाजपा ने 85 और कांग्रेस ने 45 निकायों में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। निर्दलीय व अन्य दलों ने 34 निकायों में बहुमत का आंकड़ा पार किया। इस तरह 164 निकायों में तस्वीर साफ है, जबकि शेष 145 निकायों में बोर्ड गठन के लिए जोड़-तोड़ का दौर शुरू हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इन निकायों में अपने-अपने प्रत्याशियों के साथ-साथ मजबूत निर्दलीयों से संपर्क तेज कर दिया है। लिहाज से भाजपा की बढ़त सीटों में ज्यादा है, लेकिन वोट प्रतिशत में कांग्रेस उसके बेहद करीब रही। सबसे बड़ा राजनीतिक पेंच यह है कि 309 में 145 नगरीय निकायों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशी बोर्ड बनाने के लिए दोनों प्रमुख दलों के लिए निर्णायक हो गए हैं। बोर्ड बनाने के लिए दूसरों के भरोसे 10 नगर निगमों में भाजपा ने जयपुर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा में स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि बीकानेर में कांग्रेस बहुमत में रही। शेष पांच निगम भरतपुर, पाली, अलवर, अजमेर और जोधपुर में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। जोधपुर में भाजपा और कांग्रेस दोनों के 44-44 पार्षद हैं, ऐसे में निर्दलीयों की भूमिका निर्णायक है। भरतपुर में भी निर्दलीय महत्वपूर्ण स्थिति में हैं। अलवर मे भाजपा आगे है, लेकिन बहुमत से दूर है। अजमेर और पाली में कांग्रेस आगे रहने के बावजूद बोड बनाने के लिए उसे समर्थन जुटाना होगा। 18 परिषद-122 पालिकाओं में अड़चन नगर निगमों के अलावा 18 नगर परिषद और 122 नगर पालिकाएं ऐसी हैं, जहां भाजपा या कांग्रेस बहुमत से दूर हैं। यानी सत्ता की चाबी केवल बड़े शहरों में ही निर्दलीयों के हाथ नहीं है, बल्कि छोटे और मध्यम शहरों में भी बोर्ड गठन का फैसला समर्थन जुटाने पर निर्भर करेगा। यही स्थिति दोनों दलों के लिए निकाय परिणामों को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना रही है। 2028 से पहले यह भी देखना होगा कि निर्दलीयों को साधने में कौन सा दल कितना सफल रहता है।
- सनवाड़ में डकैती व हत्या का खुलासा, 21 दिन तक ग्रामीण भेष में जंगलों में घूमी पुलिस, 2 शातिर बदमाश गिरफ्तार उदयपुर जिले के फ़तेहनगर थाना क्षेत्र के सनवाड़ गाँव में गत 3 अगस्त की रात हुई डकैती और वृद्ध की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो वारदात के बाद पकड़े जाने के डर से जंगलों व पहाड़ियों में छिपे हुए थे। पीड़ित शिवलाल भील द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार, 3 अगस्त की मध्यरात्रि के आसपास 3-4 अज्ञात बदमाश घर में घुसे थे। बदमाशों ने परिजनों के साथ मारपीट की। उन्हें बंधक बनाया और महिलाओं के सोने-चांदी के जेवरात व नकदी लूट लिए।1
- मुरली वाले सांवरिया सेठ दर्शन रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया न्यू द्वारकेश न्यूज़चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा जनहित में प्रसारित2
- विघ्नहर्ता मंगल करता लंबोदर गणराज आगमन हुआ धरती पर भक्तों के कष्ट हरो गजानंद गणराज गणपति जी पधारे हैं। धरती पर भक्तों के संकट हरने। विघ्न को दूर करने भक्तो को भक्ति में आनंद विभोर करने शिवनंदन गौरी नंदन आपका इस धरती पर है अभिनंदन है अभिनंदन 🙏🚩💐🎈🎉1
- एसपी धर्मेंद्र सिंह की टीम अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर! यातायात नियमों का पालन करें 🔥 बड़ा सब्जेक्ट चित्तौड़गढ़ में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट! एसपी धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम की चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर, अभय कमांड से भी प्रमुख स्थानों की निगरानी—आमजन से यातायात नियमों की पालना की अपील1
- सुभाष चौक पर मनाया गया ‘ड्राइवर सम्मान दिवस’ चालकों को यातायात नियमों की पालना की दिलाई शपथ। दैनिक वीरधरा राजस्थान। चित्तौड़गढ़। सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सुभाष चौक, चित्तौड़गढ़ पर ‘ड्राइवर सम्मान दिवस’ मनाया गया। इस दौरान यातायात पुलिस द्वारा वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए यातायात नियमों की पालना के लिए प्रेरित किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि यातायात पुलिस द्वारा चालकों को दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने तथा अन्य यातायात नियमों की पालना करने के संबंध में समझाइश की गई। यातायात प्रभारी पुलिस निरीक्षक मोतीराम ने चालकों को बताया कि सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी, संयम एवं यातायात नियमों की पालना स्वयं की तथा अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। चालकों से शराब अथवा अन्य नशीले पदार्थों का सेवन कर वाहन नहीं चलाने तथा यातायात संकेतों का पालन करने की भी अपील की गई। इस अवसर पर उपस्थित वाहन चालकों एवं अन्य लोगों को हेलमेट का नियमित उपयोग करने तथा यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई। साथ ही सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए चालकों को जिम्मेदारीपूर्वक वाहन चलाने के लिए प्रेरित किया गया।1
- क्षमा याचना पर्व पर सेवा का संदेश, 200 जरूरतमंदों को भोजन और कंबल श्री महावीर इंटरनेशनल समिति डूंगला के तत्वावधान में आयोजन, मेहता परिवार ने किया सेवा कार्य पवन अग्रवाल, चिकारड़ा डूंगला। क्षमा याचना पर्व के अवसर पर बुधवार को श्री महावीर इंटरनेशनल समिति डूंगला के तत्वावधान में सेवा एवं कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मेहता परिवार डूंगला की ओर से निर्धन एवं असहाय लोगों को भोजन कराया गया तथा जरूरतमंदों को निशुल्क कंबल वितरित किए गए। जरूरतमंदों की सेवा को बनाया पर्व का माध्यम 16 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम में श्री अमृतलाल, कनक मल एवं वीरेंद्र कुमार मेहता, निवासी डूंगला, के सहयोग से यह सेवा कार्य किया गया। कार्यक्रम के दौरान करीब 200 जरूरतमंद व्यक्ति लाभान्वित हुए। भोजन एवं कंबल मिलने से लाभार्थियों ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद कार्यक्रम में श्री महावीर इंटरनेशनल समिति डूंगला के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार मेहता, उपाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, सिद्धार्थ, सचिव उत्सव कुमार, कोषाध्यक्ष दुर्गा शंकर शर्मा सहित अजीत कुमार, कनक मल मेहता, मनीष मेहता एवं कुंदन मोगरा उपस्थित रहे। मेहता परिवार के अन्य सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। सहयोग से सफल हुआ सेवा आयोजन कार्यक्रम को सफल बनाने में पत्रकार विमल नलवाया , राजेंद्र कुमार मोगरा का विशेष सहयोग रहा। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि पर्व का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रहकर जरूरतमंदों की सेवा और समाज में परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत करना भी है।2
- नाराज फूफाओं... UPI पर झूठ फैलाने से पहले सच भी जान लो !😂 UPI को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम का सच साफ है: आम यूजर पर कोई अलग ट्रांजैक्शन फीस नहीं P2P UPI भुगतान पूरी तरह मुफ्त कांग्रेस के झूठ का फिर पर्दाफाश हो गया है!1
- जलझूलनी एकादशी पर किशन करेरी में दो दिवसीय मेले को लेकर भटेवर के साथ आस पास के गावों में दिया निमंत्रण क्षेत्र के उभरते सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर राधे का किया स्वागत, मेले में भाग लेने के लिए किया आमंत्रित जलझूलनी एकादशी के अवसर पर किशन करेरी स्थित द्वारिका धाम में आयोजित होने वाले दो दिवसीय मेले एवं धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर किशन करेरी के ग्रामीणों द्वारा भटेवर क्षेत्र में पहुंचकर लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। ग्रामीणों ने भटेवर सहित आसपास के गांवों में पहुंचकर लोगो से संपर्क करके निमंत्रण पत्र वितरित कर अधिक से अधिक संख्या में किशन करेरी पहुंचने का आग्रह किया।1