चेचनहा विद्यालय में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित *चेचनहा विद्यालय में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित* नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आधार है और इसके संरक्षण के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना आवश्यक है। साथ ही वर्षा जल संचयन, जल के सदुपयोग एवं अनावश्यक बर्बादी रोकने के उपायों की जानकारी दी गई। इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जल संकट के प्रति सचेत करना एवं भविष्य के लिए जल संरक्षण के प्रति प्रेरित करना रहा।
चेचनहा विद्यालय में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित *चेचनहा विद्यालय में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित* नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आधार है और इसके संरक्षण के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना आवश्यक है। साथ ही वर्षा जल संचयन, जल के सदुपयोग एवं अनावश्यक बर्बादी रोकने के उपायों की जानकारी दी गई। इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जल संकट के प्रति सचेत करना एवं भविष्य के लिए जल संरक्षण के प्रति प्रेरित करना रहा।
- छिपादोहर,लातेहार: आज दिनांक 27 मार्च को पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव छिपा दोर थाने पहुंचे जहां आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के परिजनों के साथ एक अहम बैठक की जहां एसपी कुमार गौरव ने आत्मसमर्पण पॉलिसी के तहत आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के परिजनों को दी जाने वाली सुविधा के बारे में जानकारी तथा उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने पर नक्सलियों को 5 लाख का बीमा, घर बनाने के लिए जमीन और आवास, आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के बच्चों की शिक्षा के लिए₹40000 सालाना तथा आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी जाती है जबकि अन्य सभी सुविधाओं के बारे में बताया| तथा सभी इनामी नक्सलियों को आत्म समर्पण कर मुख्य धारा में लौटने की अपील की, इस दौरान वीडियो रेशमा रेखा मिंज, जिला डीएसपी संजीव कुमार मिश्रा, बरवाडीह एसडीपीओ भारत राम, थाना प्रभारी यकीन अंसारी, ASI इंद्रजीत तिवारी, सच्चिदानंद कुमार, भोला कुमार तथा कई अन्य लोग उपस्थित थे1
- कुंदा(चतरा): प्रखंड के कुंदा पंचायत अंतर्गत टीकूलिया गांव में स्वास्थ्य व्यवस्था की लचर स्थिति सामने आई है। यहां प्रसव पीड़ित महिला संजू देवी को न तो ममता वाहन मिला और न ही 108 एंबुलेंस, जिसके कारण परिजनों को मजबूरन बाइक से निजी अस्पताल ले जाना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि देर रात महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने सहिया से संपर्क किया। सहिया पति बिनोद पासवान ने बताया कि ममता वाहन संचालक निजी कार्य से बाहर थे, वहीं 108 एंबुलेंस का घंटों इंतजार के बाद भी कोई वाहन नहीं पहुंचा। हालत बिगड़ती देख परिजनों ने जोखिम उठाकर बाइक से ही महिला को निजी अस्पताल पहुंचाया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सरकार संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए ममता वाहन और मुफ्त एंबुलेंस सेवा चला रही है, लेकिन आपात स्थिति में भी समय पर सुविधा नहीं मिल पा रही है।1
- चिनिया से हेमंत कुमार कीरिपोर्ट चिनिया थाना पुलिस का अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को थाना क्षेत्र के डोल गांव में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर जोरदार छापेमारी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 50 किलो जावा महुआ बरामद किया, जिसे वहीं पर नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया, ताकि दोबारा इस अवैध धंधे को शुरू न किया जा सके। बताया जा रहा है कि पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग मौके से फरार होने में सफल रहे, हालांकि पुलिस उनकी पहचान कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। थाना प्रभारी बीकू कुमाररजक ने साफ शब्दों में कहा कि क्षेत्र में अवैध महुआ शराब का निर्माण और बिक्री किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे कार्यों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। तो वही पुलिस की इस सक्रियता से जहां अवैध कारोबारियों में डर का माहौल है, वहीं आम जनता ने राहत की सांस ली है और इस कार्रवाई की सराहना की है।1
- Post by गौतम चंद्रवंशी जी1
- महुआडांड़ क्षेत्र के जेएसएलपीएस में धान खरीद प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि जहां धान की खरीद सीधे किसानों से की जानी थी, वहीं नियमों को दरकिनार करते हुए बाजार से खरीद की गई।सूत्रों के अनुसार, जिला से करीब 700 टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन वास्तविकता में केवल 50 से 55 टन धान ही खरीदा गया। इतना ही नहीं, इस सीमित खरीद को भी किसानों के बजाय बाजार से किया गया, जो सरकारी नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि खरीद की वास्तविक मात्रा कम होने के बावजूद रजिस्टर में आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर दर्ज किया गया। इससे पूरे मामले में हेराफेरी और भ्रष्टाचार की आशंका गहरा गई है।इस मामले को लेकर स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि किसानों से सीधे खरीद नहीं की गई, तो यह उनकी मेहनत के साथ अन्याय है। साथ ही, उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल, संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाए।1
- गढ़वा: खरौंधी में अवैध महुआ शराब पर पुलिस का शिकंजा,300 किलो जावा महुआ व उपकरण मौके पर नष्ट,थाना प्रभारी के नेतृत्व में चली बड़ी छापेमारी,अवैध कारोबारियों में मचा हड़कंप, अभियान जारी1
- Post by Shamsher Alam1
- कान्हाचट्टी(चतरा): कान्हाचट्टी से ढेबरो होते पांडेमहुआ जाने वाली सड़क पर कान्हाचट्टी बाजार से आधे किलोमीटर दूर बड़की नदी पुल की स्थिति जर्जर हो गई है। पुल का एप्रोच पथ पिछले वर्षात में भारी बारिश की भेंट चढ़ गया था, जिसकी अब तक मरम्मत नहीं हुई। क्षतिग्रस्त एप्रोच पथ के सहारे ही छोटी-बड़ी गाड़ियों का आवागमन जारी है। पुल के निचले हिस्से में दो पिलर के बगल में गहरी खाई बन गई है, जिससे पिलर का अस्तित्व खतरे में है। पुल से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षात के समय आरईओ विभाग ने हल्की मरम्मत कर पैदल चलने लायक बनाया था, लेकिन आठ माह बीतने के बाद भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। दो पिलरों के बीच बड़े गड्ढे बन गए हैं। पुल के बीच में बांस का बड़ा बखार भी फंसा है, जिससे बाकी हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो सकता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो आगामी वर्षात में पुल पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा। ग्रामीणों ने उपायुक्त से पुल की मरम्मत की मांग की है।1
- लातेहार। जिले के बसिया पंचायत अंतर्गत तेतरिया खाड़ गांव में संचालित सीसीएल परियोजना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। पीएनएम कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि बीते करीब पांच वर्षों से कंपनी द्वारा ओवरबर्डन (ओबी) हटाने और कोयला निकासी का कार्य किया जा रहा है, लेकिन इस दौरान कोयले की गुणवत्ता बेहद खराब रही है। कोयले में मिट्टी और पत्थर मिलाकर निकासी किए जाने से न केवल इसकी कीमत प्रभावित हो रही है, बल्कि करीब 700 ट्रकों की आजीविका पर भी संकट गहरा गया है। इससे सैकड़ों परिवारों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने कंपनी की नीयत पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जानबूझकर कम दर पर लंबी अवधि का टेंडर लेकर स्थानीय ट्रक मालिकों को कमजोर किया जा रहा है, ताकि उन्हें कारोबार से बाहर कर कंपनी अपने निजी डंपरों का संचालन कर सके। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सीसीएल पिछले 35 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्यरत है, बावजूद इसके अब तक कंपनी का खुद का सड़क मार्ग नहीं है और वह ग्रामीणों के सहयोग से ही संचालित होती रही है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि कंपनी द्वारा कोयले में आग लगाकर इसका दोष ग्रामीणों पर मढ़ने और झूठे मुकदमे दर्ज कराने की साजिश की जा सकती है। साथ ही एससी/एसटी कानून के नाम पर डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे और लोगों की आजीविका सुरक्षित रह सके।1