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मिर्जापुर यूपी एमपी बाडर पर स्थितअवैध रूप से सैकड़ों लीटर गैलन व ड्रमों में भरकर रखा गया डीजल वीडियो हुआ प्रसारित अवैध रूप से सैकड़ों लीटर गैलेन व ड्रमों भरकर रखा गया डीजल, वीडियो हो रहा वायरल यूपी एमपी बार्डर के भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में हाइवे किनारे स्टोर कर रखा गया चोरी से खरीदा गया अवैध डीजल ड्रमंडगंज। यूपी एमपी बार्डर पर स्थित भैसोड़ बलाय पहाड़ व लहुरियादह गांव में इन दिनों ट्रकों तथा अन्य मालवाहक वाहनों से चोरी से डीजल खरीदकर अवैध रूप से बिक्री की जा रही है।भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में हाइवे किनारे मालवाहक वाहनों से खरीदा गया सैकड़ों लीटर डीजल गैलेन व ड्रमों में भरकर रखा गया है।जिसका वीडियो बनाकर किसी ने मंगलवार शाम को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद डीजल खरीदने अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। नेशनल हाईवे से गुजरने वाले ट्रकों के चालक रूपए के लालच में लहुरियादह व भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में हाइवे किनारे ट्रकों को खड़ा कर चोरी से डीजल बेंच देते हैं। अवैध रूप से डीजल बेचने का धंधा करने वाले चोरी से खरीदे गए डीजल को गैलेन व ड्रमों में बेचने के लिए भरकर रख लेते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रक चालकों से चोरी से खरीदा गया डीजल स्थानीय पेट्रोल पंपों से कम दामों पर बिक्री किए जाने से चोरी का डीजल खरीदने के लिए सीमावर्ती राज्य मध्यप्रदेश से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग आते हैं। क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बड़े पैमाने पर हो रहे डीजल चोरी का धंधा पुलिस के मिलीभगत से संभव नही है। लोगों ने आरोप लगाया शिकायत के बाद पुलिस डीजल चोरी का अवैध धंधा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है।इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि वायरल हो रहे वीडियो की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

1 hr ago
user_Abhinesh Pratap singh
Abhinesh Pratap singh
Farmer लालगंज, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

मिर्जापुर यूपी एमपी बाडर पर स्थितअवैध रूप से सैकड़ों लीटर गैलन व ड्रमों में भरकर रखा गया डीजल वीडियो हुआ प्रसारित अवैध रूप से सैकड़ों लीटर गैलेन व ड्रमों भरकर रखा गया डीजल, वीडियो हो रहा वायरल यूपी एमपी बार्डर के भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में हाइवे किनारे स्टोर कर रखा गया चोरी से खरीदा गया अवैध डीजल ड्रमंडगंज। यूपी एमपी बार्डर पर स्थित भैसोड़ बलाय पहाड़ व लहुरियादह गांव में इन दिनों ट्रकों तथा अन्य मालवाहक वाहनों से चोरी से डीजल खरीदकर अवैध रूप से बिक्री की जा रही है।भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में हाइवे किनारे मालवाहक वाहनों से खरीदा गया सैकड़ों लीटर डीजल गैलेन व ड्रमों में भरकर रखा गया है।जिसका वीडियो बनाकर किसी ने मंगलवार शाम को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद डीजल खरीदने अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। नेशनल हाईवे से गुजरने वाले ट्रकों के चालक रूपए के लालच में लहुरियादह व भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में हाइवे किनारे ट्रकों को खड़ा कर चोरी से डीजल बेंच देते हैं। अवैध रूप से डीजल बेचने का धंधा करने वाले चोरी से खरीदे गए डीजल को गैलेन व ड्रमों में बेचने के लिए भरकर रख लेते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रक चालकों से चोरी से खरीदा गया डीजल स्थानीय पेट्रोल पंपों से कम दामों पर बिक्री किए जाने से चोरी का डीजल खरीदने के लिए सीमावर्ती राज्य मध्यप्रदेश से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग आते हैं। क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बड़े पैमाने पर हो रहे डीजल चोरी का धंधा पुलिस के मिलीभगत से संभव नही है। लोगों ने आरोप लगाया शिकायत के बाद पुलिस डीजल चोरी का अवैध धंधा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है।इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि वायरल हो रहे वीडियो की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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  • मिर्जापुर यूपी एमपी बाडर पर स्थितअवैध रूप से सैकड़ों लीटर गैलन व ड्रमों में भरकर रखा गया डीजल वीडियो हुआ प्रसारित अवैध रूप से सैकड़ों लीटर गैलेन व ड्रमों भरकर रखा गया डीजल, वीडियो हो रहा वायरल यूपी एमपी बार्डर के भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में हाइवे किनारे स्टोर कर रखा गया चोरी से खरीदा गया अवैध डीजल ड्रमंडगंज। यूपी एमपी बार्डर पर स्थित भैसोड़ बलाय पहाड़ व लहुरियादह गांव में इन दिनों ट्रकों तथा अन्य मालवाहक वाहनों से चोरी से डीजल खरीदकर अवैध रूप से बिक्री की जा रही है।भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में हाइवे किनारे मालवाहक वाहनों से खरीदा गया सैकड़ों लीटर डीजल गैलेन व ड्रमों में भरकर रखा गया है।जिसका वीडियो बनाकर किसी ने मंगलवार शाम को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद डीजल खरीदने अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। नेशनल हाईवे से गुजरने वाले ट्रकों के चालक रूपए के लालच में लहुरियादह व भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में हाइवे किनारे ट्रकों को खड़ा कर चोरी से डीजल बेंच देते हैं। अवैध रूप से डीजल बेचने का धंधा करने वाले चोरी से खरीदे गए डीजल को गैलेन व ड्रमों में बेचने के लिए भरकर रख लेते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रक चालकों से चोरी से खरीदा गया डीजल स्थानीय पेट्रोल पंपों से कम दामों पर बिक्री किए जाने से चोरी का डीजल खरीदने के लिए सीमावर्ती राज्य मध्यप्रदेश से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग आते हैं। क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बड़े पैमाने पर हो रहे डीजल चोरी का धंधा पुलिस के मिलीभगत से संभव नही है। लोगों ने आरोप लगाया शिकायत के बाद पुलिस डीजल चोरी का अवैध धंधा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है।इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि वायरल हो रहे वीडियो की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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    मिर्जापुर यूपी एमपी बाडर पर स्थितअवैध रूप से सैकड़ों लीटर गैलन व ड्रमों में भरकर  रखा गया डीजल वीडियो हुआ प्रसारित
अवैध रूप से सैकड़ों लीटर गैलेन व ड्रमों भरकर रखा गया डीजल, वीडियो हो रहा वायरल 
यूपी एमपी बार्डर के भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में हाइवे किनारे स्टोर कर रखा गया चोरी से खरीदा गया अवैध डीजल 
ड्रमंडगंज।
यूपी एमपी बार्डर पर स्थित भैसोड़ बलाय पहाड़ व लहुरियादह गांव में इन दिनों ट्रकों तथा अन्य मालवाहक वाहनों से चोरी से डीजल खरीदकर अवैध रूप से बिक्री की जा रही है।भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में हाइवे किनारे मालवाहक वाहनों से खरीदा गया सैकड़ों लीटर डीजल गैलेन व ड्रमों में भरकर रखा गया है।जिसका वीडियो बनाकर किसी ने मंगलवार शाम को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद डीजल खरीदने अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। नेशनल हाईवे से गुजरने वाले ट्रकों के चालक रूपए के लालच में लहुरियादह व भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में हाइवे किनारे ट्रकों को खड़ा कर चोरी से डीजल बेंच देते हैं। अवैध रूप से डीजल बेचने का धंधा करने वाले चोरी से खरीदे गए डीजल को गैलेन व ड्रमों में बेचने के लिए भरकर रख लेते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रक चालकों से चोरी से खरीदा गया डीजल स्थानीय पेट्रोल पंपों से कम दामों पर बिक्री किए जाने से चोरी का डीजल खरीदने के लिए सीमावर्ती राज्य मध्यप्रदेश से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग आते हैं। क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बड़े पैमाने पर हो रहे डीजल चोरी का धंधा पुलिस के मिलीभगत से संभव नही है। लोगों ने आरोप लगाया शिकायत के बाद पुलिस डीजल चोरी का अवैध धंधा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है।इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि वायरल हो रहे वीडियो की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
    user_Abhinesh Pratap singh
    Abhinesh Pratap singh
    Farmer लालगंज, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • *गौहनिया के होटल में संदिग्ध गतिविधियों का आरोप,* *पुलिस पहुंचने से पहले कई लोग फरार* *गौहनिया के होटल में संदिग्ध गतिविधियों का आरोप,* *पुलिस पहुंचने से पहले कई लोग फरार* *वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की मांग,* *पुलिस की कार्यशैली पर भी उठे सवाल* प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र के गौहनिया के बुदावां गांव स्थित एक होटल परिसर में कथित रूप से देह व्यापार जैसी गतिविधियां संचालित होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों तथा वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर मामले की जांच की मांग की जा रही है। बताया जा रहा है कि बुदावां गांव में स्थित 'इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप' के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की सूचना स्थानीय लोगों को मिली थी। इसके बाद बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने इसकी सूचना पुलिस को दी और मौके पर पहुंचे। इसी दौरान होटल परिसर से कई लोगों के बाहर निकलने और भागने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से जल्दबाजी में बाहर निकलती दिखाई दे रही हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान भी स्पष्ट नहीं है। मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि पुलिस को पहले ही सूचना दे दी गई थी, तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर में मौजूद लोग वहां से कैसे निकल गए। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा सकती थी और पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सकती थी। स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि होटल में लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां संचालित हो रही थीं, तो संबंधित क्षेत्र की पुलिस और बीट स्तर के कर्मचारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, होटल परिसर की गतिविधियों की जांच करने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के शांत वातावरण में इस प्रकार की गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो जनसंगठनों और ग्रामीणों की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है। मामले में घूरपुर पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकेगी। फिलहाल वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों के आरोपों के आधार पर मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है।
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    *गौहनिया के होटल में संदिग्ध गतिविधियों का आरोप,*

*पुलिस पहुंचने से पहले कई लोग फरार*

*गौहनिया के होटल में संदिग्ध गतिविधियों का आरोप,*
*पुलिस पहुंचने से पहले कई लोग फरार*
*वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की मांग,* 
*पुलिस की कार्यशैली पर भी उठे सवाल*
प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र के गौहनिया के बुदावां गांव स्थित एक होटल परिसर में कथित रूप से देह व्यापार जैसी गतिविधियां संचालित होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों तथा वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर मामले की जांच की मांग की जा रही है।
बताया जा रहा है कि बुदावां गांव में स्थित 'इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप' के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की सूचना स्थानीय लोगों को मिली थी। इसके बाद बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने इसकी सूचना पुलिस को दी और मौके पर पहुंचे। इसी दौरान होटल परिसर से कई लोगों के बाहर निकलने और भागने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से जल्दबाजी में बाहर निकलती दिखाई दे रही हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान भी स्पष्ट नहीं है।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि पुलिस को पहले ही सूचना दे दी गई थी, तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर में मौजूद लोग वहां से कैसे निकल गए। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा सकती थी और पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सकती थी।
स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि होटल में लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां संचालित हो रही थीं, तो संबंधित क्षेत्र की पुलिस और बीट स्तर के कर्मचारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, होटल परिसर की गतिविधियों की जांच करने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के शांत वातावरण में इस प्रकार की गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो जनसंगठनों और ग्रामीणों की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है।
मामले में घूरपुर पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकेगी। फिलहाल वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों के आरोपों के आधार पर मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है।
    user_Mohd Kamar
    Mohd Kamar
    Financial Advisor बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    15 min ago
  • -वैश्य को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की -वैश्य को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की मांग--- सरकार को दिया अल्टीमेटम-- बुंदेलखंड की धरती बांदा के ऐतिहासिक अशोक लाट से आज एक बड़े आंदोलन की चिंगारी सुलगी। अयोध्या वासी वैश्य समाज के सैकड़ों लोगों ने सफेद टोपी पर अयोध्या वासी वैश्य आरक्षण लिखकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।आंदोलन का नेतृत्व कर रहे समाज के पदाधिकारियों ने कहा - "हमारी लड़ाई आज की नहीं, पिछले 20 सालों से हमारे पूर्वजों ने यह लड़ाई शुरू की थी। जो धार कमजोर पड़ गई थी, आज उसे फिर से तेज करने के लिए पूरा समाज यहां इकट्ठा हुआ है।"समाज के लोगों का कहना है कि बगल के मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में अयोध्या वासी वैश्य समाज पिछड़ा वर्ग में शामिल है, लेकिन उत्तर प्रदेश में आज भी उन्हें सामान्य वर्ग में रखा गया है, जो उनके साथ सरासर अन्याय है।प्रदर्शन के बाद समाज के लोगों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजा है। एक वक्ता ने साफ कहा जब तक भारतीय जनता पार्टी की सरकार और पूज्य योगी जी हमारी मांग पूरी नहीं कर देते, तब तक यह ज्वाला बुझने नहीं देंगे। अशोक लाट से जो चिंगारी उठी है, इसे हम पूरे प्रदेश में आंदोलन की ज्वाला बनाएंगे।समाज ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी मांग को उचित फोरम पर नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सरकार को दिया अल्टीमेटम-- *एंकर* बुंदेलखंड की धरती बांदा के ऐतिहासिक अशोक लाट से आज एक बड़े आंदोलन की चिंगारी सुलगी। अयोध्या वासी वैश्य समाज के सैकड़ों लोगों ने सफेद टोपी पर अयोध्या वासी वैश्य आरक्षण लिखकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।आंदोलन का नेतृत्व कर रहे समाज के पदाधिकारियों ने कहा - "हमारी लड़ाई आज की नहीं, पिछले 20 सालों से हमारे पूर्वजों ने यह लड़ाई शुरू की थी। जो धार कमजोर पड़ गई थी, आज उसे फिर से तेज करने के लिए पूरा समाज यहां इकट्ठा हुआ है।"समाज के लोगों का कहना है कि बगल के मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में अयोध्या वासी वैश्य समाज पिछड़ा वर्ग में शामिल है, लेकिन उत्तर प्रदेश में आज भी उन्हें सामान्य वर्ग में रखा गया है, जो उनके साथ सरासर अन्याय है।प्रदर्शन के बाद समाज के लोगों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजा है। एक वक्ता ने साफ कहा जब तक भारतीय जनता पार्टी की सरकार और पूज्य योगी जी हमारी मांग पूरी नहीं कर देते, तब तक यह ज्वाला बुझने नहीं देंगे। अशोक लाट से जो चिंगारी उठी है, इसे हम पूरे प्रदेश में आंदोलन की ज्वाला बनाएंगे।समाज ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी मांग को उचित फोरम पर नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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    -वैश्य को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की

-वैश्य को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की मांग---

सरकार को दिया अल्टीमेटम--

बुंदेलखंड की धरती बांदा के ऐतिहासिक अशोक लाट से आज एक बड़े आंदोलन की चिंगारी सुलगी। अयोध्या वासी वैश्य समाज के सैकड़ों लोगों ने सफेद टोपी पर अयोध्या वासी वैश्य आरक्षण लिखकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।आंदोलन का नेतृत्व कर रहे समाज के पदाधिकारियों ने कहा - "हमारी लड़ाई आज की नहीं, पिछले 20 सालों से हमारे पूर्वजों ने यह लड़ाई शुरू की थी। जो धार कमजोर पड़ गई थी, आज उसे फिर से तेज करने के लिए पूरा समाज यहां इकट्ठा हुआ है।"समाज के लोगों का कहना है कि बगल के मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में अयोध्या वासी वैश्य समाज पिछड़ा वर्ग में शामिल है, लेकिन उत्तर प्रदेश में आज भी उन्हें सामान्य वर्ग में रखा गया है, जो उनके साथ सरासर अन्याय है।प्रदर्शन के बाद समाज के लोगों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजा है। एक वक्ता ने साफ कहा जब तक भारतीय जनता पार्टी की सरकार और पूज्य योगी जी हमारी मांग पूरी नहीं कर देते, तब तक यह ज्वाला बुझने नहीं देंगे। अशोक लाट से जो चिंगारी उठी है, इसे हम पूरे प्रदेश में आंदोलन की ज्वाला बनाएंगे।समाज ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी मांग को उचित फोरम पर नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

सरकार को दिया अल्टीमेटम--

*एंकर* बुंदेलखंड की धरती बांदा के ऐतिहासिक अशोक लाट से आज एक बड़े आंदोलन की चिंगारी सुलगी। अयोध्या वासी वैश्य समाज के सैकड़ों लोगों ने सफेद टोपी पर अयोध्या वासी वैश्य आरक्षण लिखकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।आंदोलन का नेतृत्व कर रहे समाज के पदाधिकारियों ने कहा - "हमारी लड़ाई आज की नहीं, पिछले 20 सालों से हमारे पूर्वजों ने यह लड़ाई शुरू की थी। जो धार कमजोर पड़ गई थी, आज उसे फिर से तेज करने के लिए पूरा समाज यहां इकट्ठा हुआ है।"समाज के लोगों का कहना है कि बगल के मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में अयोध्या वासी वैश्य समाज पिछड़ा वर्ग में शामिल है, लेकिन उत्तर प्रदेश में आज भी उन्हें सामान्य वर्ग में रखा गया है, जो उनके साथ सरासर अन्याय है।प्रदर्शन के बाद समाज के लोगों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजा है। एक वक्ता ने साफ कहा जब तक भारतीय जनता पार्टी की सरकार और पूज्य योगी जी हमारी मांग पूरी नहीं कर देते, तब तक यह ज्वाला बुझने नहीं देंगे। अशोक लाट से जो चिंगारी उठी है, इसे हम पूरे प्रदेश में आंदोलन की ज्वाला बनाएंगे।समाज ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी मांग को उचित फोरम पर नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
    user_Journalist S N Yadav
    Journalist S N Yadav
    Local News Reporter मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    39 min ago
  • *दिनांक 22.09.2026 को थाना करछना क्षेत्रांतर्गत ग्राम कैथी में एक पिता द्वारा अपने पुत्र की हत्या किए जाने की घटना एवं पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त करछना द्वारा दी गई बाइट-* *दिनांक 22.09.2026 को थाना करछना क्षेत्रांतर्गत ग्राम कैथी में एक पिता द्वारा अपने पुत्र की हत्या किए जाने की घटना एवं पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त करछना द्वारा दी गई बाइट-*
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    *दिनांक 22.09.2026 को थाना करछना क्षेत्रांतर्गत ग्राम कैथी में एक पिता द्वारा अपने पुत्र की हत्या किए जाने की घटना एवं पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त करछना द्वारा दी गई बाइट-*
*दिनांक 22.09.2026 को थाना करछना क्षेत्रांतर्गत ग्राम कैथी में एक पिता द्वारा अपने पुत्र की हत्या किए जाने की घटना एवं पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त करछना द्वारा दी गई बाइट-*
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मेजा क्षेत्र में बहुत तेज आंधी बारिश होने से किसानों के चेहरे खिले। क्यों कि धान की खेती को पानी की जरूरत थी। मेजा क्षेत्र में बहुत तेज आंधी बारिश होने से किसानों के चेहरे खिले। क्यों कि धान की खेती को पानी की जरूरत थी।
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    मेजा क्षेत्र में बहुत तेज आंधी बारिश होने से किसानों के चेहरे खिले। क्यों कि धान की खेती को पानी की जरूरत थी।
मेजा क्षेत्र में बहुत तेज आंधी बारिश होने से किसानों के चेहरे खिले। क्यों कि धान की खेती को पानी की जरूरत थी।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • TGT-PGT की पुरानी नियमावली पर मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद छात्रों ने समाप्त किया धरना रिपोर्ट अजय द्विवेदी प्रयागराज Slug:TGT-PGT की पुरानी नियमावली पर मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद छात्रों ने समाप्त किया धरना डीएम-पुलिस कमिश्नर ने जूस पिलाकर कराया आंदोलन समाप्त Anchor:प्रयागराज में शिक्षक भर्ती में पुराने नियमावली को लेकर शिक्षा निदेशालय में चल रहा छात्रों का आंदोलन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद खत्म हो गया है। बात दे प्रयागराज में TGT-PGT की पुरानी नियमावली बहाल करने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे चार अभ्यर्थियों का बुधवार को अनशन खत्म हो गया। प्रयागराज डीएम मनीष वर्मा और पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। पांच सितंबर से शिमला पटेल, रोशन सरोज, प्रवीण यादव और मीना सरोज भूख हड़ताल पर बैठे थे। अभ्यर्थियों की मांग थी कि TGT-PGT भर्ती परीक्षा पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर कराई जाए। मंगलवार रात करीब दो घंटे तक प्रशासन ने आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। बुधवार सुबह डीएम मनीष वर्मा और पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया फिर अनशन स्थल पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म कराई। अभ्यर्थियों का कहना था कि जब तक लिखित नोटिस नहीं मिलेगा, तब तक वे अनशन नहीं तोड़ेंगे। 31 अगस्त से चल रहा था धरना, सोमवार को 300 छात्रों ने घेरा शिक्षा निदेशालय अभ्यर्थियों का 31 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन चल रहा था। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे से करीब 300 छात्रों ने शिक्षा निदेशालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इससे पहले, सीएम ने लखनऊ में मंगलवार को धरना दे रहे TGT-PGT अभ्यर्थियों के मुद्दे का संज्ञान लिया। उन्होंने कहा- प्रयागराज में कुछ युवा धरने पर बैठे हैं। मैंने आज माध्यमिक शिक्षा मंत्री से कहा है कि वे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को पत्र लिखें। एक बार के लिए उन बच्चों को रिलैक्स (छूट) किया जाए। उनको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए या कोई ऐसी व्यवस्था बना दो कि एक समय के बाद वे बच्चे उसमें अपीयर (शामिल) हो सकें। कोई एक सिस्टम तो तैयार किया जाना चाहिए।
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    TGT-PGT की पुरानी नियमावली पर मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद छात्रों ने समाप्त किया धरना
रिपोर्ट अजय द्विवेदी प्रयागराज 
Slug:TGT-PGT की पुरानी नियमावली पर मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद छात्रों ने समाप्त किया धरना
डीएम-पुलिस कमिश्नर ने जूस पिलाकर कराया आंदोलन समाप्त
Anchor:प्रयागराज में शिक्षक भर्ती में पुराने नियमावली को लेकर शिक्षा निदेशालय में चल रहा छात्रों का आंदोलन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद खत्म हो गया है।
बात दे प्रयागराज में TGT-PGT की पुरानी नियमावली बहाल करने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे चार अभ्यर्थियों का बुधवार को अनशन खत्म हो गया। प्रयागराज डीएम मनीष वर्मा और पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
पांच सितंबर से शिमला पटेल, रोशन सरोज, प्रवीण यादव और मीना सरोज भूख हड़ताल पर बैठे थे। अभ्यर्थियों की मांग थी कि TGT-PGT भर्ती परीक्षा पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर कराई जाए।
मंगलवार रात करीब दो घंटे तक प्रशासन ने आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। बुधवार सुबह डीएम मनीष वर्मा और पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया फिर अनशन स्थल पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म कराई।
अभ्यर्थियों का कहना था कि जब तक लिखित नोटिस नहीं मिलेगा, तब तक वे अनशन नहीं तोड़ेंगे।
31 अगस्त से चल रहा था धरना, सोमवार को 300 छात्रों ने घेरा शिक्षा निदेशालय
अभ्यर्थियों का 31 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन चल रहा था। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे से करीब 300 छात्रों ने शिक्षा निदेशालय का घेराव कर प्रदर्शन किया।
इससे पहले, सीएम ने लखनऊ में मंगलवार को धरना दे रहे TGT-PGT अभ्यर्थियों के मुद्दे का संज्ञान लिया। उन्होंने कहा- प्रयागराज में कुछ युवा धरने पर बैठे हैं। मैंने आज माध्यमिक शिक्षा मंत्री से कहा है कि वे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को पत्र लिखें।
एक बार के लिए उन बच्चों को रिलैक्स (छूट) किया जाए। उनको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए या कोई ऐसी व्यवस्था बना दो कि एक समय के बाद वे बच्चे उसमें अपीयर (शामिल) हो सकें। कोई एक सिस्टम तो तैयार किया जाना चाहिए।
    user_अजय द्विवेदी
    अजय द्विवेदी
    बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *गौहनिया के होटल में कथित देह व्यापार का खुला खेल! पुलिस पहुंचने से पहले खाली हुआ परिसर, घूरपुर पुलिस की निगरानी पर सवाल* *वायरल वीडियो और खबर से मचा हाहाकार, चारों तरफ एक ही सवाल—इतने दिनों से कथित गतिविधियां पुलिस की निगाहों से कैसे बची रहीं?* घूरपुर, प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है। *गौहनिया के होटल में कथित देह व्यापार का खुला खेल! पुलिस पहुंचने से पहले खाली हुआ परिसर, घूरपुर पुलिस की निगरानी पर सवाल* *वायरल वीडियो और खबर से मचा हाहाकार, चारों तरफ एक ही सवाल—इतने दिनों से कथित गतिविधियां पुलिस की निगाहों से कैसे बची रहीं?* घूरपुर, प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है।
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    *गौहनिया के होटल में कथित देह व्यापार का खुला खेल! पुलिस पहुंचने से पहले खाली हुआ परिसर, घूरपुर पुलिस की निगरानी पर सवाल*

*वायरल वीडियो और खबर से मचा हाहाकार, चारों तरफ एक ही सवाल—इतने दिनों से कथित गतिविधियां पुलिस की निगाहों से कैसे बची रहीं?*

घूरपुर, प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है।
*गौहनिया के होटल में कथित देह व्यापार का खुला खेल! पुलिस पहुंचने से पहले खाली हुआ परिसर, घूरपुर पुलिस की निगरानी पर सवाल*
*वायरल वीडियो और खबर से मचा हाहाकार, चारों तरफ एक ही सवाल—इतने दिनों से कथित गतिविधियां पुलिस की निगाहों से कैसे बची रहीं?*
घूरपुर, प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है।
    user_Manoj kumar Bind pratahkal express Jamuna paar prabhariprayagraj
    Manoj kumar Bind pratahkal express Jamuna paar prabhariprayagraj
    Bara, Prayagraj•
    5 hrs ago
  • प्रयागराज मे चोरी के अभियोग से सम्बन्धित 01 अभियुक्त थाना कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार व उसके कब्जे से 01 सफेद धातु का कुण्डल व 230 रुपये नकद बरामदगी के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली द्वारा दी गई बाइट। प्रयागराज मे चोरी के अभियोग से सम्बन्धित 01 अभियुक्त थाना कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार व उसके कब्जे से 01 सफेद धातु का कुण्डल व 230 रुपये नकद बरामदगी के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली द्वारा दी गई बाइट।
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    प्रयागराज मे चोरी के अभियोग से सम्बन्धित 01 अभियुक्त थाना कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार व उसके कब्जे से 01 सफेद धातु का कुण्डल व 230 रुपये नकद बरामदगी के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली द्वारा दी गई बाइट।
प्रयागराज मे चोरी के अभियोग से सम्बन्धित 01 अभियुक्त थाना कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार व उसके कब्जे से 01 सफेद धातु का कुण्डल व 230 रुपये नकद बरामदगी के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली द्वारा दी गई बाइट।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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