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अब तक हमने नेताओं और दलों को मजबूत किया, लेकिन बदले में हमारे गैरसैंण पहाड़ को क्या मिला? अब वक्त है सोच बदलने का… अब वोट किसी चेहरे को नहीं, मुद्दे को मिलेगा! 🏔️ हमारी एक ही मांग — गैरसैंण में AIIMS बने! तभी रुकेगी इलाज के लिए मैदानों की दौड़, तभी मजबूत होगा हमारा पहाड़, हमारा भविष्य। 👉 जो गैरसैंण में AIIMS की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, वही पाएगा हमारा समर्थन और हमारा वोट! #गैरसैंण #कर्णप्रयाग #गैरसैंण_AIIMS #viralpost #postoftheday #GenZ
पवन नेगी
अब तक हमने नेताओं और दलों को मजबूत किया, लेकिन बदले में हमारे गैरसैंण पहाड़ को क्या मिला? अब वक्त है सोच बदलने का… अब वोट किसी चेहरे को नहीं, मुद्दे को मिलेगा! 🏔️ हमारी एक ही मांग — गैरसैंण में AIIMS बने! तभी रुकेगी इलाज के लिए मैदानों की दौड़, तभी मजबूत होगा हमारा पहाड़, हमारा भविष्य। 👉 जो गैरसैंण में AIIMS की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, वही पाएगा हमारा समर्थन और हमारा वोट! #गैरसैंण #कर्णप्रयाग #गैरसैंण_AIIMS #viralpost #postoftheday #GenZ
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- समस्याओं को लेकर गरजे प्रधान, विकास भवन में किया धरना-प्रदर्शन अल्मोड़ा। ग्राम प्रधानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर जिलेभर के ग्राम प्रधान मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। इससे पूर्व ग्राम प्रधानों ने विकास भवन तिराहे से विकास भवन तक रैली निकाली। प्रधानों ने विकास भवन का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से समस्याओं के समाधान की मांग किए जाने के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। ग्राम प्रधानों ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में ग्राम प्रधान गांवों के विकास की धुरी हैं। वे ग्रामीणों के सुख-दुख में 24 घंटे साथ खड़े रहते हैं और गांवों के विकास से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। प्रधानों ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर लंबे समय से शासन-प्रशासन से वार्ता और पत्राचार के माध्यम से समाधान की मांग की जाती रही है। अगस्त माह में मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन दिया गया था कि अगस्त के अंत तक अधिकांश मांगों पर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन आज तक प्रधानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण प्रदेशभर के प्रधान धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर हुए हैं। प्रधानों ने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। उन्होंने ग्राम प्रधानों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करने, वार्ड सदस्यों को बैठक भत्ता देने तथा मानदेय के लिए पृथक फंड की व्यवस्था करने की मांग की। इसके अलावा ग्राम पंचायतों को मिलने वाले राज्य एवं केंद्रीय वित्त आयोग के अनुदान में वृद्धि, 73वें संविधान संशोधन के अनुरूप ग्राम पंचायतों को 29 विभागों का हस्तांतरण और विधायक-सांसद निधि की तर्ज पर पंचायत निधि गठित करने की मांग उठाई गई। प्रधानों ने 10 लाख रुपये तक के निर्माण कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों को कार्यदायी संस्था बनाए जाने, सभी ग्राम प्रधानों का स्वास्थ्य बीमा कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वेक्षण में छूटे पात्र परिवारों के नाम ग्राम पंचायतों की आम बैठकों के माध्यम से जोड़ने का अधिकार देने की मांग भी की। ग्राम प्रधानों ने कहा कि पंचायतों को पर्याप्त अधिकार और संसाधन उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने सरकार से पंचायत प्रतिनिधियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर समस्याओं का समाधान करने की मांग की। धरने के बाद सीडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। यहाँ धरना प्रदर्शन में सुनील जोशी, देवेंद्र सिंह नयाल, सुनील बाराकोटी, उमेश मेहरा, दीपक सिंह, प्रीति पंत, सुरेश भट्ट, भूपाल बोरा, इन्दर सिंह मनराल, विनोद जोशी, देवेन्द्र मेहरा, चंद्रिका तिवारी, नंदन सिंह फर्त्याल, नवीन भट्ट, बची बोरा, टीका सिंह, मदन सिंह बिष्ट, प्रिया भोज, पंकज रौतेला सहित बड़ी संख्या में प्रधान विभिन्न विकासखण्डों से मौजूद रहे।1
- आशा कार्यकर्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी, कर्मचारी दर्जे और पेंशन की मांग उत्तराखंड के नैनीताल में आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है। यूनियन ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।आशा कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगों में न्यूनतम वेतन निर्धारित करना, निश्चित मानदेय देना, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन की व्यवस्था और राज्य कर्मचारी का दर्जा शामिल है। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में रीढ़ की हड्डी की तरह काम कर रही हैं, लेकिन सरकार उनकी आर्थिक सुरक्षा की अनदेखी कर रही है। यदि सरकार ने इन मांगों को जल्द पूरा नहीं किया, तो कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगी।1
- नैनीताल पुलिस की नई पहल नंदा देवी महोत्सव में जनता को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा एवं डायल-112 के प्रति किया जागरूक नंदा देवी महोत्सव के दौरान नैनीताल पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं एवं आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक विशेष *जनजागरूकता पहल शुरू* की गई। मेला परिसर में स्टॉल लगाकर जनता को *साइबर अपराध से बचाव, महिला सुरक्षा, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग एवं डायल-112 इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम* के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। *एसपी संचार नैनीताल श्री रेवाधर मठपाल* के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा स्टॉल के माध्यम से आमजन को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने, महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन एवं पुलिस सेवाओं तथा आपात स्थिति में *डायल-112* के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान पुलिस टीम द्वारा जागरूकता संबंधी *पंपलेट भी वितरित* किए गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सुरक्षा एवं पुलिस सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाई जा सके। कार्यक्रम के दौरान *श्री राजकुमार बिष्ट, निरीक्षक पुलिस दूरसंचार, श्रीमती नीशू गौतम, प्रभारी साइबर सेल, श्री रमेश चंद्र पाठक, प्रभारी डायल-112,कानि0 गोविंद सिंह मेहरा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल* सहित पुलिस टीम मौजूद रही।1
- “बदलाव तो सृष्टि का नियम है… पूर्व कनिष्ठ प्रमुख साहब सिंह कुमाईं जी ने बदलाव को लेकर क्या कहा? सुनिए उनका पूरा बयान।”1
- जनपद टिहरी के 2017 आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया जाएगा "आंगन का मिलन कार्यक्रम सेवा सप्ताह माह के अंतर्गत मनाए जाने वाले "आंगन का मिलन", कार्यक्रम के सफल संपादन कों लेकर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय अधिकारियो और पार्टी पदाधिकारीयों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक से पूर्व मंत्री ने गार्ड ऑफ़ ऑनर की सलामी ली। समीक्षा बैठक में 25 सितंबर से 7अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव द्वारा जानकारी दी गई की जनपद में कुल 2017 आंगनबाड़ी केंद्र है जिनमे से 2012 केंद्र सक्रिय हैं। कार्यक्रम जनपद के सभी ब्लॉक स्तर पर आयोजित होंगे। जिनमे प्रतिभाग करने वाले लाभार्थियों कों जहाँ केंद्र और राज्य पोषित योजनाओं की जानकारी दी जाएगी वहीं गर्भवती व गर्भधात्री महिलाओं कों विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने बैठक में निर्देश दिए कि जिन भी ब्लॉकों और आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम आयोजित होंगे वहाँ पर बच्चों के लिए रचनात्मक गतिविधिया संचालित की जाए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, नंदा गौरा योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना, पोषण माह, टेक होम राशन आदि योजनाओं की विस्तृत जानकारी और लाभार्थियों कों लाभान्वित किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए की कार्यक्रम को आंगनबाड़ी केंद्रों में समय अवधि में ही पूर्ण किया जाए जिससे बच्चों, माताओ और अभिवावकों कों किसी प्रकार की परेशानी ना उठानी पड़े। समीक्षा बैठक में आयोजन कों सफल बनाएं जाने को लेकर समस्त व्यवस्थाएं समय से पूर्व पूर्ण करने की निर्देश भी दिए गए। साथ ही लाभार्थियों द्वारा उनके अनुभव साझा किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि समस्त कार्यक्रम की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने के भी निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी बहनों,सहायिकाओं और आशा कार्यकर्तीयों कों सम्मानित किया जाएगा। समीक्षा बैठक में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने अपने मानदेय के विषय को भी विभागीय मंत्री के समक्ष रखा, जिस पर मंत्री रेखा आर्य ने सभी को आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी मानदेय बढ़ोतरी की मांग को पूरा किया जाएगा। जिसे कैबिनेट में लाया जाएगा। मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि आप सभी आंगनबाड़ी बहने विभाग की मजबूत कड़ी हैं। आप सभी विषम भौगोलिक परिस्थितियों में अपने दायित्वों का निर्वहन करती हैं ऐसे में एक महिला होने के नाते मैं आपकी परेशानियों से भलीभांति अवगत हूं। इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, बीजेपी जिलाध्यक्ष उदय रावत जी, चंबा ब्लॉक प्रमुख सुमन सजवाण, डीडीओ मो असलम, जिला प्रोबेशन अधिकारी ज्योति पटवाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष इन्दु डंगवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद रतूड़ी जी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गोविन्द रावत जी सहित जनपद स्तरीय अधिकारीगण और पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।1
- पहाड़ के सपूतों पर टिप्पणी करना कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक प्रवृत्ति: श्री गणेश जोशी श्री अजीत डोभाल पर राहुल गांधी का बयान देश की सुरक्षा के प्रति उनकी सोच दिखाता है: श्री गणेश जोशी श्री अजीत डोभाल पर टिप्पणी के लिए राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए: श्री गणेश जोशी श्री अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी उत्तराखंड के गौरव और स्वाभिमान पर हमला: श्री गणेश जोशी पहाड़ के सपूतों का अपमान कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा बन गया है: श्री गणेश जोशी देहरादून, 22 सितंबर 2026। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उत्तराखंड के वीर सपूत एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल को लेकर की गई टिप्पणी पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि श्री अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी केवल एक व्यक्ति पर राजनीतिक हमला नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की वीरभूमि, उसके गौरव और स्वाभिमान पर भी सीधा आघात है। देश की सुरक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले व्यक्ति के लिए इस तरह की भाषा कांग्रेस की गिरती राजनीतिक मर्यादा को दर्शाती है। श्री जोशी ने कहा कि श्री अजीत डोभाल की पहचान किसी राजनीतिक पद से नहीं, बल्कि उनकी दशकों लंबी राष्ट्रसेवा से बनी है। उन्होंने देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। ऐसे व्यक्तित्व पर राजनीतिक टिप्पणी करने से पहले राहुल गांधी को सोचना चाहिए कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े लोगों के सम्मान के प्रति कांग्रेस की नीति और सोच आखिर क्या है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें उत्तराखंड के इस वीर सपूत से इतनी राजनीतिक बेचैनी क्यों है। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन देश की सुरक्षा के लिए जीवन समर्पित करने वाले व्यक्तित्वों के प्रति भाषा और मर्यादा की एक सीमा होनी चाहिए। उत्तराखंड की जनता अपने वीर सपूतों के अपमान को केवल राजनीतिक बयान मानकर नजरअंदाज नहीं करेगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेताओं की भाषा उत्तराखंड के गौरव और देश की सुरक्षा से जुड़े व्यक्तित्वों को लेकर विवादों में रही है। वर्ष 2017 में भी कांग्रेस के एक नेता ने तत्कालीन सेना प्रमुख एवं उत्तराखंड के वीर सपूत स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत के लिए “सड़क का गुंडा” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। श्री जोशी ने कहा कि स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत और श्री अजीत डोभाल दोनों उत्तराखंड की धरती के गौरव हैं। एक ने भारतीय सेना का नेतृत्व किया और दूसरे ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा में दशकों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि एक ओर कांग्रेस के नेताओं द्वारा पूर्व में जनरल बिपिन रावत जैसे वीर सपूत के लिए अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया और अब राहुल गांधी श्री अजीत डोभाल को निशाना बना रहे हैं। कांग्रेस को बताना चाहिए कि पहाड़ के इन सपूतों से उसे आखिर इतनी परेशानी क्यों है। श्री जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। देश की सीमाओं की सुरक्षा हो या आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, सरकार ने सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के वीर सपूत श्री अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और उत्तराखंड के सपूतों की भूमिका को सम्मान दे रही है, वहीं कांग्रेस के शीर्ष नेता उन्हीं सपूतों पर राजनीतिक टिप्पणियां कर रहे हैं। कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर उसे उत्तराखंड के इन वीर सपूतों से इतनी परेशानी क्यों है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले व्यक्तित्वों के सम्मान की मर्यादा सभी राजनीतिक दलों को बनाए रखनी चाहिए। उत्तराखंड ने देश को जनरल बिपिन रावत और श्री अजीत डोभाल जैसे सपूत दिए हैं और इन महान व्यक्तित्वों पर टिप्पणी करते समय कांग्रेस को देवभूमि की भावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति करने के बजाय अपने गिरेबान में झांककर यह देखना चाहिए कि उसके नेताओं की भाषा और आचरण ने देश के सुरक्षा बलों तथा उत्तराखंड के वीर सपूतों के प्रति क्या संदेश दिया है।1
- नैनीताल में आयोजित माँ नंदा देवी महोत्सव में शामिल हुए सीएम धामी माँ नंदा की पूजा-अर्चना कर समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना धर्मरक्षक धामी के नेतृत्व में हो रहा प्रदेश की संस्कृति का संरक्षण और विकास प्रदेश के मेले और त्योहारों को मिल रही है नई पहचान4
- देवीधुरा में बारिश के साथ जमके गिरे ओले देवीधुरा/पाटी। सितंबर माह के अंतिम दिनों में भी पहाड़ी इलाकों में बारिश का दौर जारी है मंगलवार को मां बाराही धाम देवीधुरा में बारिश के साथ जमकर ओले गिरे, देवीधुरा/पाटी। सितंबर माह के अंतिम दिनों में भी पहाड़ी इलाकों में बारिश का दौर जारी है मंगलवार को मां बाराही धाम देवीधुरा में बारिश के साथ जमकर ओले गिरे, करीब 1घंटे तक बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश व ओलावृष्टि ने सितंबर माह के अंतिम दिनों में ठंड का एहसास करा दिया।1
- किच्छा में शांतिपूर्वक जारी है नगर निकाय चुनाव का मतदान, जोश और उत्साह के साथ हो रहा है मतदान किच्छा में शांतिपूर्वक जारी है नगर निकाय चुनाव का मतदान किच्छा, 22 सितंबर। किच्छा में नगर निकाय चुनाव के लिए मंगलवार सुबह से मतदान शांतिपूर्वक जारी है। विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाता उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। पंत कॉलोनी और उतरांचल कॉलोनी स्थित बूथ संख्या 67 पर मतदाता कतार में खड़े होकर मतदान करते नजर आए। कार्यालय वरिष्ठ विपणन अधिकारी स्थित बूथ संख्या 22 एवं 23 तथा सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड स्थित बूथ संख्या 14, 15, 16 और 17 पर भी शांतिपूर्ण ढंग से मतदान जारी है। मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से निगरानी की जा रही है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने नवीन फल मंडी स्थित मतदान केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मतदान प्रक्रिया और केंद्र पर उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिले में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो रही है।1