जिला चंबा के उपमंडल भरमौर की अति दुर्गम पंचायत के गांव गिरड़ में स्थित ऐतिहासिक गिरड़ माता मंदिर आग लगने से पूरी तरह जलकर राख हो गया। यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता था। प्राप्त जानकारी के अनुसार अचानक लगी आग ने देखते ही देखते मंदिर को अपनी चपेट में ले लिया। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण राहत एवं बचाव कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आग की इस घटना में मंदिर की ऐतिहासिक संरचना के साथ-साथ वहां रखा बहुमूल्य सामान भी जलकर नष्ट हो गया। घटना से पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए जल्द से जल्द सहायता प्रदान की जाए तथा आग लगने के कारणों की गहन जांच करवाई जाए। एडीएम चंबा अमित मेहरा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी तथा प्रभावित क्षेत्र को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। यह हादसा न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर के लिए भी बड़ी क्षति माना जा रहा है। बाइट अमित मेहरा एडीएम चंबा।
जिला चंबा के उपमंडल भरमौर की अति दुर्गम पंचायत के गांव गिरड़ में स्थित ऐतिहासिक गिरड़ माता मंदिर आग लगने से पूरी तरह जलकर राख हो गया। यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता था। प्राप्त जानकारी के अनुसार अचानक लगी आग ने देखते ही देखते मंदिर को अपनी चपेट में ले लिया। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण राहत एवं बचाव कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आग की इस घटना में मंदिर की ऐतिहासिक संरचना के साथ-साथ वहां रखा बहुमूल्य सामान भी जलकर नष्ट हो गया। घटना से पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए जल्द से जल्द सहायता प्रदान की जाए तथा आग लगने के कारणों की गहन जांच करवाई जाए। एडीएम चंबा अमित मेहरा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी तथा प्रभावित क्षेत्र को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। यह हादसा न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर के लिए भी बड़ी क्षति माना जा रहा है। बाइट अमित मेहरा एडीएम चंबा।
- Post by Shivinder singh Bhadwal3
- आज सुबह होते ही लोक निर्माण विभाग द्वारा किलाड़–प्रेघां संपर्क मार्ग बहाल छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया है।1
- जोगिंदर नगर में कार्यकर्ताओं से बोले जयराम ठाकुर- "सुबह-सुबह उठने की आदत डाल दो, चुनाव कभी भी हो सकते हैं।"1
- हमीरपुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार जानबूझकर पंचायत चुनावों को टालकर लोकतंत्र के मूल ढांचे को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के बीच जाने से घबरा रही है, इसलिए पहले हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रही है। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि पंचायती राज लोकतंत्र की नींव है, लेकिन सुक्खू सरकार इस नींव को ही हिलाने में लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव कराने की बजाय सरकार कानूनी पैंतरेबाजी कर रही है, जिससे स्पष्ट है कि कांग्रेस सरकार को अपनी जनविरोधी नीतियों का डर सता रहा है। उन्होंने कहा कि तीन साल के शासनकाल में सरकार ने हर वर्ग—किसान, कर्मचारी, युवा, महिलाएं और व्यापारी—सभी को केवल झूठी गारंटियों और खोखले वादों का झुनझुना पकड़ा दिया। सत्ता में आने के बाद एक भी बड़ी गारंटी धरातल पर उतरती दिखाई नहीं दी। राणा ने डिजास्टर एक्ट का हवाला देकर चुनाव टालने को केवल बहाना करार देते हुए सवाल उठाया कि ट्राइबल क्षेत्रों को छोड़कर प्रदेश के अन्य हिस्सों में कहां ऐसी आपदा है, जहां सड़कें बंद हों या सामान्य जनजीवन ठप हो। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में वास्तव में आपदा की स्थिति है तो मुख्यमंत्री राहत कार्यों में नजर क्यों नहीं आते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार दिल्ली के दौरे और फाइव स्टार होटलों में ठहरने में व्यस्त हैं, जो आपदा का रोना रोने वाली सरकार के दावों पर सवाल खड़ा करता है। जनता मुश्किल में है और सरकार आराम फरमा रही है। राणा ने कहा कि पंचायत चुनावों से बचना इस बात का प्रमाण है कि सरकार को अपनी हार साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देगी और समय पर चुनाव करवाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि जनता अब जवाब मांग रही है और कांग्रेस सरकार को अपने वादाखिलाफी का हिसाब देना ही होगा।1
- UGC का यह गैर-जिम्मेदाराना बिल सिर्फ सामान्य वर्ग पर हमला नहीं है, यह पूरे सनातन समाज और भारत की सामाजिक एकता पर सीधा प्रहार है। मोदी जी—आज आप अविश्वास के प्रतीक बन चुके हैं। अटल बिहारी वाजपेयी, आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी से लेकर आज के सामान्य वर्ग तक— सबको एक-एक कर धोखा दिया गया। बीजेपी का यह घातक और विनाशकारी फैसला UGC के नाम पर थोपा गया, जिसने न केवल सामान्य वर्ग को गहरी चोट पहुंचाई, बल्कि देशभर में वैमनस्य, सामाजिक असंतुलन और जातीय ज़हर घोल दिया। जाति के नाम पर समाज को तोड़ना किसी भी राष्ट्र के हित में नहीं हो सकता। जब समाज ही बिखरा होगा, तो विकास और सुरक्षा सिर्फ नारे बनकर रह जाएंगे। अगर आज भी जनता नहीं जागी, तो यह विभाजनकारी सोच भारत को पतन की ओर धकेल देगी। अब चुप्पी नहीं—जवाब चाहिए। जय हिंद 🇮🇳 जय भारत जय भवानी 🚩 जय श्री कृष्ण जय श्री राम — ब्यास ठाकुर देवभूमि क्षत्रिय संगठन एवं सवर्ण मोर्चा हिमाचल प्रदेश तीसरा विकल्प: राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी1
- ज़हर युक्त खेती छोड़ प्राकृतिक खेती और बढ़ रहे किसान1
- डलहौजी विधानसभा क्षेत्र में मौजूद ग्रामीण पर्यटन स्थलों को विकसित करने की दिशा में सरकार और प्रशासन को गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता है। यह प्रतिक्रिया समाजसेवी अंजू धीमान ने मीडिया से बातचीत के दौरान व्यक्त की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर कई ग्रामीण पर्यटन स्थल मौजूद हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ये स्थान अभी तक पूरी तरह पर्यटन मानचित्र पर नहीं आ पाए हैं। यदि इन स्थलों को सड़क, ठहरने की व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं के साथ विकसित किया जाए तो इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। अंजू धीमान ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय लोगों की आर्थिकी मजबूत होगी और क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सकेगा। इस अवसर पर स्थानीय निवासी आसिफ बट्ट ने भी कहा कि सरकार को ग्रामीण पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार और सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान देना चाहिए, ताकि पर्यटकों की संख्या बढ़े और स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हों। उन्होंने मांग की कि प्रशासन शीघ्र इस दिशा में ठोस कदम उठाए, ताकि डलहौजी विधानसभा क्षेत्र पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना सके। बाइट अंजू धीमान समाज सेवी। बाइट आसिफ बट्ट स्थानीय निवासी।1
- पांगी घाटी में हाल ही में हुई भारी बर्फबारी के बाद जनजीवन को सामान्य करने की दिशा में लोक निर्माण विभाग ने राहत भरा कदम उठाया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा सैचु से उदीन संपर्क मार्ग को आज बहाल कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रवि शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते दो दिनों से जेसीबी मशीनों की सहायता से लगातार बर्फ हटाने का कार्य किया जा रहा था। कड़ी मेहनत और प्रतिकूल मौसम के बावजूद विभागीय टीम ने आज देर शाम तक मार्ग से बर्फ हटाकर इसे छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया है। उन्होंने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण कई संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए थे, जिससे ग्रामीणों को दैनिक आवश्यकताओं, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन स्थिति में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में सैचु–उदीन मार्ग की बहाली स्थानीय लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई है। अधिशासी अभियंता रवि शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि लोक निर्माण विभाग दिन-रात युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है और घाटी के अन्य बंद पड़े संपर्क मार्गों को भी जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास जारी हैं। विभाग की प्राथमिकता है कि लोगों को सुरक्षित और सुचारू आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। स्थानीय लोगों ने संपर्क मार्ग बहाल होने पर लोक निर्माण विभाग के प्रयासों की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि शेष मार्गों को भी शीघ्र बहाल किया जाएगा।1
- हिमाचल में जल्द कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनरों की पेंशन भी हो जाएगी बंद - जयराम ठाकुर।1