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UPI पेमेंट मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट: ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट पेमेंट पर 0.40% MDR के फैसले को चुनौती (स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें केंद्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी गई है जिसमें ₹2,000 से अधिक के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेनदेन पर 0.40% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाया जा रहा है। क्या है नया फैसला? 14 सितंबर 2026 को वित्त मंत्रालय ने Payment and Settlement Systems Act, 2007 (संशोधित) की धारा 10A के तहत गजट नोटिफिकेशन जारी किया। 15 सितंबर 2026 को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने विस्तृत MDR फ्रेमवर्क जारी किया। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होनी है। मुख्य प्रावधान: पर्सन-टू-पर्सन (P2P) लेनदेन: पूरी तरह मुफ्त (किसी भी राशि पर)। P2M लेनदेन ₹2,000 तक: मुफ्त। सामान्य P2M लेनदेन ₹2,000 से ऊपर: 0.40% MDR। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर अधिकतम कैप ₹300। आवश्यक/थिन-मार्जिन सेक्टर (रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल, कृषि इनपुट आदि): ₹2,000 से ऊपर फ्लैट ₹5 MDR। कैपिटल मार्केट (म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज आदि): 0.02% MDR, अधिकतम ₹300 कैप। छोटे मर्चेंट जो महीने में ₹1 लाख तक UPI QR से पेमेंट लेते हैं: छूट। सरकार का कहना है कि 95-96% P2M लेनदेन ₹2,000 से कम के हैं, इसलिए ज्यादातर रोजमर्रा के पेमेंट प्रभावित नहीं होंगे। MDR मर्चेंट द्वारा चुकाया जाएगा, ग्राहक से सीधे नहीं लिया जा सकेगा। बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि मर्चेंट इसे ग्राहक पर न थोपें। याचिका में क्या मांग? याचिका एडवोकेट अंजन दत्ता (Anjan Datta) ने दायर की है (केस: Anjan Datta vs Union of India & Ors, Diary No. 57387/2026)। प्रतिवादी में केंद्र सरकार, RBI, NPCI और UPI संबंधित समितियां शामिल हैं। मुख्य तर्क: बिना पर्याप्त कानूनी प्रक्रिया, जनपरमर्श और पारदर्शिता के फैसला थोपा गया। संशोधित धारा 10A को असंवैधानिक बताया गया है, क्योंकि यह कार्यपालिका को बिना दिशा-निर्देशों के अत्यधिक विवेकाधीन शक्ति देती है। आर्टिकल 14 (समानता) और 19(1)(g) (व्यापार का अधिकार) का उल्लंघन। RuPay डेबिट कार्ड पर बिना किसी सीमा के जीरो-चार्ज सुरक्षा बनी हुई है, जबकि UPI पर ₹2,000 की सीमा लगाई गई है — यह भेदभावपूर्ण है। थ्रेशहोल्ड (₹2,000 और ₹1 लाख मासिक) बिना अनुभवजन्य डेटा और प्रभाव आकलन के तय किए गए। छोटे/मध्यम मर्चेंट्स पर बोझ पड़ेगा, जो अंततः ग्राहकों तक पहुंच सकता है। मांगी गई राहत: 14 और 15 सितंबर के नोटिफिकेशन/फ्रेमवर्क को रद्द या स्थगित किया जाए। वैकल्पिक रूप से, अनुभवजन्य डेटा, प्रभाव आकलन और स्वतंत्र RBI समीक्षा के साथ नए सिरे से परामर्श किया जाए। सरकार का रुख सरकार ने साफ कहा है कि फैसला किसी विदेशी दबाव में नहीं लिया गया। यह UPI इकोसिस्टम की दीर्घकालिक स्थिरता, इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार के लिए जरूरी है। राजस्व से छोटे मर्चेंट्स को सपोर्ट और सिस्टम सुधार में मदद मिलेगी। अभी तक कोई रोलबैक का संकेत नहीं है। अद्यतन स्थिति (17 सितंबर 2026 तक): याचिका दाखिल हो चुकी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अभी इस पर कोई सुनवाई या आदेश नहीं दिया है। फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर से लागू होने वाला है, जब तक अदालत कोई अंतरिम राहत न दे। यह विकास डिजिटल पेमेंट्स की स्थिरता और आम उपयोगकर्ताओं/मर्चेंट्स की सुविधा के बीच संतुलन पर महत्वपूर्ण चर्चा छेड़ रहा है। और अपडेट आने पर जानकारी अपडेट की जाएगी। स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH

2 hrs ago
user_SWATANTRA NEW'S CHHATTISGARH
SWATANTRA NEW'S CHHATTISGARH
दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

UPI पेमेंट मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट: ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट पेमेंट पर 0.40% MDR के फैसले को चुनौती (स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें केंद्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी गई है जिसमें ₹2,000 से अधिक के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेनदेन पर 0.40% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाया जा रहा है। क्या है नया फैसला? 14 सितंबर 2026 को वित्त मंत्रालय ने Payment and Settlement Systems Act, 2007 (संशोधित) की धारा 10A के तहत गजट नोटिफिकेशन जारी किया। 15 सितंबर 2026 को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने विस्तृत MDR फ्रेमवर्क जारी किया। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होनी है। मुख्य प्रावधान: पर्सन-टू-पर्सन (P2P) लेनदेन: पूरी तरह मुफ्त (किसी भी राशि पर)। P2M लेनदेन ₹2,000 तक: मुफ्त। सामान्य P2M लेनदेन ₹2,000 से ऊपर: 0.40% MDR। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर अधिकतम कैप ₹300। आवश्यक/थिन-मार्जिन सेक्टर (रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल, कृषि इनपुट आदि): ₹2,000 से ऊपर फ्लैट ₹5 MDR। कैपिटल मार्केट (म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज आदि): 0.02% MDR, अधिकतम ₹300 कैप। छोटे मर्चेंट जो महीने में ₹1 लाख तक UPI QR से पेमेंट लेते हैं: छूट। सरकार का कहना है कि 95-96% P2M लेनदेन ₹2,000 से कम के हैं, इसलिए ज्यादातर रोजमर्रा के पेमेंट प्रभावित नहीं होंगे। MDR मर्चेंट द्वारा चुकाया जाएगा, ग्राहक से सीधे नहीं लिया जा सकेगा। बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि मर्चेंट इसे ग्राहक पर न थोपें। याचिका में क्या मांग? याचिका एडवोकेट अंजन दत्ता (Anjan Datta) ने दायर की है (केस: Anjan Datta vs Union of India & Ors, Diary No. 57387/2026)। प्रतिवादी में केंद्र सरकार, RBI, NPCI और UPI संबंधित समितियां शामिल हैं। मुख्य तर्क: बिना पर्याप्त कानूनी प्रक्रिया, जनपरमर्श और पारदर्शिता के फैसला थोपा गया। संशोधित धारा 10A को असंवैधानिक बताया गया है, क्योंकि यह कार्यपालिका को बिना दिशा-निर्देशों के अत्यधिक विवेकाधीन शक्ति देती है। आर्टिकल 14 (समानता) और 19(1)(g) (व्यापार का अधिकार) का उल्लंघन। RuPay डेबिट कार्ड पर बिना किसी सीमा के जीरो-चार्ज सुरक्षा बनी हुई है, जबकि UPI पर ₹2,000 की सीमा लगाई गई है — यह भेदभावपूर्ण है। थ्रेशहोल्ड (₹2,000 और ₹1 लाख मासिक) बिना अनुभवजन्य डेटा और प्रभाव आकलन के तय किए गए। छोटे/मध्यम मर्चेंट्स पर बोझ पड़ेगा, जो अंततः ग्राहकों तक पहुंच सकता है। मांगी गई राहत: 14 और 15 सितंबर के नोटिफिकेशन/फ्रेमवर्क को रद्द या स्थगित किया जाए। वैकल्पिक रूप से, अनुभवजन्य डेटा, प्रभाव आकलन और स्वतंत्र RBI समीक्षा के साथ नए सिरे से परामर्श किया जाए। सरकार का रुख सरकार ने साफ कहा है कि फैसला किसी विदेशी दबाव में नहीं लिया गया। यह UPI इकोसिस्टम की दीर्घकालिक स्थिरता, इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार के लिए जरूरी है। राजस्व से छोटे मर्चेंट्स को सपोर्ट और सिस्टम सुधार में मदद मिलेगी। अभी तक कोई रोलबैक का संकेत नहीं है। अद्यतन स्थिति (17 सितंबर 2026 तक): याचिका दाखिल हो चुकी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अभी इस पर कोई सुनवाई या आदेश नहीं दिया है। फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर से लागू होने वाला है, जब तक अदालत कोई अंतरिम राहत न दे। यह विकास डिजिटल पेमेंट्स की स्थिरता और आम उपयोगकर्ताओं/मर्चेंट्स की सुविधा के बीच संतुलन पर महत्वपूर्ण चर्चा छेड़ रहा है। और अपडेट आने पर जानकारी अपडेट की जाएगी। स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH

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  • हाई टेक हॉस्पिटल चोरी और गबन किये और फिर सुरु हुआ,,, साथ ही पूछ ताच होगा रहा है... हाई टेक हॉस्पिटल में गबन हूँ लाखों जिसके आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार क़र पूछ ताच क़र रही है ----
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    हाई टेक हॉस्पिटल  चोरी और गबन किये और फिर सुरु हुआ,,, साथ ही पूछ ताच होगा रहा है...
हाई टेक हॉस्पिटल में गबन हूँ लाखों जिसके आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार क़र पूछ ताच क़र रही है ----
    user_Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
    Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
    Voice of people दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ में आवास योजना के आंकड़ों को लेकर बड़ी बहस भूपेश बनाम विजय
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    छत्तीसगढ़ में आवास योजना के आंकड़ों को लेकर बड़ी बहस भूपेश बनाम विजय
    user_सत्य के अंजोर न्यूज
    सत्य के अंजोर न्यूज
    TV News Anchor औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • गुरुर के पावर हाउस में लगी भीषण आग, @ मौके पर पहुंची 2 अग्नि शमन वाहन 220/132 केवी सब स्टेशन के 160 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर मे भीषण आग लग गई। ट्रांसफार्मर से आग और धुए का भारी गुबार दूर से देखा गया,जिससे परिसर मे अफरा तफरी मच गई। आग की वजह से गुरुर, बालोद, धमतरी, कांकेर, चारामा, अर्जुंदा कुरूद, गुंडरदेही सहित आसपास दर्जनो क्षेत्र मे लगभग 4 घंटे से अधिक समय तक बिजली की आपूर्ति बाधित रही। पूरा मामला गुरूर तहसील के ग्राम बोहारडीह मे स्थित 220/132 केवी सब स्टेशन की है। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के प्रशासनिक अधिकारी सहित विद्युत विभाग के उच्च स्तर के अधिकारी कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे, साथ ही दो अलग अलग अग्नि शमन वाहन की भी टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया,तत्पश्चात ही व्यवस्था मे सुधार के बाद विद्युत की सप्लाई को सुचारू रूप से शुरू की गई। विद्युत ट्रांसफार्मर मे आखिर आग कैसे लगी है, यह अभी तक स्पष्ट नही हो पाया है।
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    गुरुर के पावर हाउस में लगी भीषण आग, @ मौके पर पहुंची 2 अग्नि शमन वाहन 
220/132 केवी सब स्टेशन के 160 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर मे भीषण आग लग गई। ट्रांसफार्मर से आग और धुए का भारी गुबार दूर से देखा गया,जिससे परिसर मे अफरा तफरी मच गई। आग की वजह से गुरुर, बालोद, धमतरी, कांकेर, चारामा, अर्जुंदा कुरूद, गुंडरदेही सहित आसपास दर्जनो क्षेत्र मे लगभग 4 घंटे से अधिक समय तक बिजली की आपूर्ति बाधित रही। पूरा मामला गुरूर तहसील के ग्राम बोहारडीह मे स्थित 220/132 केवी सब स्टेशन की है। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के प्रशासनिक अधिकारी सहित विद्युत विभाग के उच्च स्तर के अधिकारी कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे, साथ ही दो अलग अलग अग्नि शमन वाहन की भी टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया,तत्पश्चात ही व्यवस्था मे सुधार के बाद विद्युत की सप्लाई को सुचारू रूप से शुरू की गई। विद्युत ट्रांसफार्मर मे आखिर आग कैसे लगी है, यह अभी तक स्पष्ट नही हो पाया है।
    user_खोमेश्वर गुरुपंच
    खोमेश्वर गुरुपंच
    Voice of people गुरुर, बालोद, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध भूतेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध भूतेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे पूर्व मंत्री एवं रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सर्वप्रथम भूतेश्वरनाथ महादेव की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद मंदिर परिसर में आयोजित दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में शामिल हुए।सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में 25 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए, जिससे पूरा भूतेश्वरनाथ धाम दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने सहभागिता निभाई। दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से सेवा, समर्पण, आभार और जनभागीदारी का संदेश दिया गया इस दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख करते हुए 2047 तक विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प दोहराया। साथ ही स्थानीय स्तर पर दीप निर्माण और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने के जरिए ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को प्रोत्साहित करने की बात कही।
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    गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध भूतेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध भूतेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे पूर्व मंत्री एवं रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सर्वप्रथम भूतेश्वरनाथ महादेव की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद मंदिर परिसर में आयोजित दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में शामिल हुए।सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में 25 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए, जिससे पूरा भूतेश्वरनाथ धाम दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने सहभागिता निभाई। दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से सेवा, समर्पण, आभार और जनभागीदारी का संदेश दिया गया इस दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख करते हुए 2047 तक विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प दोहराया। साथ ही स्थानीय स्तर पर दीप निर्माण और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने के जरिए ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को प्रोत्साहित करने की बात कही।
    user_नागेन्द्र निषाद
    नागेन्द्र निषाद
    राजिम, गरियाबंद, छत्तीसगढ़•
    57 min ago
  • पूर्व विधायक शैलेस पांडे ने उठाए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर स्कूली बच्चों से दीप जलवाने के निर्देश पर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने उठाए सवाल शाम 7 बजे दीप प्रज्वलन के लिए स्कूली बच्चों को बुलाए जाने पर सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जताई चिंता तिल्दा-रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने के कार्यक्रम को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने स्कूली बच्चों को शाम के समय स्कूल बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में शामिल कराने के निर्देश को लेकर सवाल उठाए हैं। उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर की शाम 7 बजे दीप जलाने की अपील की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रदेशवासियों से अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का आह्वान किया है। इसी कार्यक्रम को लेकर शैलेश पांडे ने कथित तौर पर यह सवाल उठाया है कि यदि स्कूली बच्चों को भी शाम लगभग 7 बजे विद्यालय बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम कराया जाता है, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी। उनका कहना है कि स्कूली बच्चों को सामान्यतः दिन के समय विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बुलाया जाता है, ऐसे में शाम के समय बच्चों को स्कूल बुलाने की व्यवस्था को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट जानकारी तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाया मुद्दा पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने इस पूरे मामले को बच्चों की सुरक्षा से जोड़ते हुए सवाल उठाया है। उनका तर्क बताया जा रहा है कि कार्यक्रम यदि विद्यालय परिसर अथवा किसी सार्वजनिक स्थल पर शाम के समय आयोजित किया जाता है, तो बच्चों के आने-जाने, प्रकाश व्यवस्था, यातायात, शिक्षकों की मौजूदगी और अभिभावकों की सहमति जैसे पहलुओं पर स्पष्ट व्यवस्था होना आवश्यक है। यह सवाल इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दीप प्रज्वलन का निर्धारित समय शाम 7 बजे बताया गया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। क्या स्कूली बच्चों को राजनीतिक आयोजनों से जोड़ना उचित? शैलेश पांडे ने कथित रूप से यह भी सवाल उठाया है कि स्कूलों और विद्यार्थियों को किसी सक्रिय राजनीतिक व्यक्ति के जन्मदिवस से जुड़े कार्यक्रम में किस सीमा तक शामिल किया जाना चाहिए। उनके सवाल का केंद्र विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वतंत्र वातावरण और संस्थागत भूमिका से जुड़ा बताया जा रहा है। इस तरह के मुद्दे को लेकर अन्य राज्यों में भी बहस सामने आई है। राजस्थान में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी संबंधी निर्देशों को लेकर सामाजिक संगठनों और विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। कार्यक्रम को लेकर सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दृष्टिकोण सरकार और भाजपा की ओर से दीप प्रज्वलन कार्यक्रम को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस तथा उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जोड़कर ‘जनभागीदारी’, सेवा और शुभकामना के कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दीप प्रज्वलन की तैयारियों की भी रिपोर्ट सामने आई है। वहीं, विपक्ष की ओर से मुख्य सवाल यह उठाया जा रहा है कि सरकारी तंत्र, शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों की भागीदारी ऐसे आयोजनों में किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही है और इसके लिए जारी निर्देशों की प्रकृति क्या है। अब स्पष्टता का इंतजार मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या स्कूली बच्चों को वास्तव में शाम 7 बजे विद्यालय में उपस्थित होकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बाध्य किया गया है, या उनसे केवल कार्यक्रम में स्वैच्छिक सहभागिता की अपेक्षा की गई है। इस संबंध में संबंधित शिक्षा विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन के लिखित निर्देश सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर दीप प्रज्वलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। पूर्व विधायक शैलेश पांडे द्वारा उठाए गए सुरक्षा और विद्यार्थियों की भूमिका से जुड़े सवालों ने इस कार्यक्रम के आयोजन और उसमें बच्चों की भागीदारी को लेकर एक नया विमर्श जरूर खड़ा किया है।
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    पूर्व विधायक शैलेस पांडे ने उठाए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल 
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर स्कूली बच्चों से दीप जलवाने के निर्देश पर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने उठाए सवाल
शाम 7 बजे दीप प्रज्वलन के लिए स्कूली बच्चों को बुलाए जाने पर सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जताई चिंता
तिल्दा-रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने के कार्यक्रम को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने स्कूली बच्चों को शाम के समय स्कूल बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में शामिल कराने के निर्देश को लेकर सवाल उठाए हैं।
उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर की शाम 7 बजे दीप जलाने की अपील की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रदेशवासियों से अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का आह्वान किया है।
इसी कार्यक्रम को लेकर शैलेश पांडे ने कथित तौर पर यह सवाल उठाया है कि यदि स्कूली बच्चों को भी शाम लगभग 7 बजे विद्यालय बुलाकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम कराया जाता है, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी। उनका कहना है कि स्कूली बच्चों को सामान्यतः दिन के समय विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बुलाया जाता है, ऐसे में शाम के समय बच्चों को स्कूल बुलाने की व्यवस्था को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट जानकारी तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाया मुद्दा
पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने इस पूरे मामले को बच्चों की सुरक्षा से जोड़ते हुए सवाल उठाया है। उनका तर्क बताया जा रहा है कि कार्यक्रम यदि विद्यालय परिसर अथवा किसी सार्वजनिक स्थल पर शाम के समय आयोजित किया जाता है, तो बच्चों के आने-जाने, प्रकाश व्यवस्था, यातायात, शिक्षकों की मौजूदगी और अभिभावकों की सहमति जैसे पहलुओं पर स्पष्ट व्यवस्था होना आवश्यक है।
यह सवाल इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दीप प्रज्वलन का निर्धारित समय शाम 7 बजे बताया गया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
क्या स्कूली बच्चों को राजनीतिक आयोजनों से जोड़ना उचित?
शैलेश पांडे ने कथित रूप से यह भी सवाल उठाया है कि स्कूलों और विद्यार्थियों को किसी सक्रिय राजनीतिक व्यक्ति के जन्मदिवस से जुड़े कार्यक्रम में किस सीमा तक शामिल किया जाना चाहिए। उनके सवाल का केंद्र विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वतंत्र वातावरण और संस्थागत भूमिका से जुड़ा बताया जा रहा है।
इस तरह के मुद्दे को लेकर अन्य राज्यों में भी बहस सामने आई है। राजस्थान में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी संबंधी निर्देशों को लेकर सामाजिक संगठनों और विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।
कार्यक्रम को लेकर सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दृष्टिकोण
सरकार और भाजपा की ओर से दीप प्रज्वलन कार्यक्रम को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस तथा उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जोड़कर ‘जनभागीदारी’, सेवा और शुभकामना के कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दीप प्रज्वलन की तैयारियों की भी रिपोर्ट सामने आई है।
वहीं, विपक्ष की ओर से मुख्य सवाल यह उठाया जा रहा है कि सरकारी तंत्र, शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों की भागीदारी ऐसे आयोजनों में किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही है और इसके लिए जारी निर्देशों की प्रकृति क्या है।
अब स्पष्टता का इंतजार
मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या स्कूली बच्चों को वास्तव में शाम 7 बजे विद्यालय में उपस्थित होकर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बाध्य किया गया है, या उनसे केवल कार्यक्रम में स्वैच्छिक सहभागिता की अपेक्षा की गई है। इस संबंध में संबंधित शिक्षा विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन के लिखित निर्देश सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर दीप प्रज्वलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। पूर्व विधायक शैलेश पांडे द्वारा उठाए गए सुरक्षा और विद्यार्थियों की भूमिका से जुड़े सवालों ने इस कार्यक्रम के आयोजन और उसमें बच्चों की भागीदारी को लेकर एक नया विमर्श जरूर खड़ा किया है।
    user_Anil Bhatt
    Anil Bhatt
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ पुतिन ने पीएम मोदी को 76वें जन्मदिन पर भेजा खास संदेश, भारत-रूस दोस्ती की तारीफ की स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़/नई दिल्ली / मास्को | 17 सितंबर 2026 रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन पर बधाई संदेश भेजा है। पुतिन ने पीएम मोदी के वैश्विक कद और भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनके व्यक्तिगत योगदान की खास तारीफ की है। रूसी दूतावास भारत और क्रेमलिन की ओर से जारी आधिकारिक संदेश में पुतिन ने लिखा: “आपको अपने देशवासियों का गहरा सम्मान और वैश्विक मंच पर बड़ा रुतबा हासिल है और यह सही भी है। भारत और रूस के बीच खास और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में आपके व्यक्तिगत योगदान को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।” पुतिन ने आगे कहा कि पिछले हफ्ते नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान उन्हें और रूसी प्रतिनिधिमंडल को दिए गए गर्मजोशी भरे स्वागत और आतिथ्य के लिए वे आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने दोनों नेताओं की मुलाकात को “सारगर्भित, खुलकर और उत्पादक” बताया और पीएम मोदी की राजनीतिक समझ व दूरदर्शिता की सराहना की। पुतिन ने यह भी कहा कि दोनों देश द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर रचनात्मक सहयोग जारी रखेंगे। पीएम मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। आज वे अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। पुतिन की यह बधाई उनके हालिया भारत दौरे (11-13 सितंबर) के कुछ ही दिनों बाद आई है। स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ आपके साथ। #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
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पुतिन ने पीएम मोदी को 76वें जन्मदिन पर भेजा खास संदेश, भारत-रूस दोस्ती की तारीफ की
स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़/नई दिल्ली / मास्को | 17 सितंबर 2026
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन पर बधाई संदेश भेजा है। पुतिन ने पीएम मोदी के वैश्विक कद और भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनके व्यक्तिगत योगदान की खास तारीफ की है।
रूसी दूतावास भारत और क्रेमलिन की ओर से जारी आधिकारिक संदेश में पुतिन ने लिखा:
“आपको अपने देशवासियों का गहरा सम्मान और वैश्विक मंच पर बड़ा रुतबा हासिल है और यह सही भी है। भारत और रूस के बीच खास और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में आपके व्यक्तिगत योगदान को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।”
पुतिन ने आगे कहा कि पिछले हफ्ते नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान उन्हें और रूसी प्रतिनिधिमंडल को दिए गए गर्मजोशी भरे स्वागत और आतिथ्य के लिए वे आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने दोनों नेताओं की मुलाकात को “सारगर्भित, खुलकर और उत्पादक” बताया और पीएम मोदी की राजनीतिक समझ व दूरदर्शिता की सराहना की।
पुतिन ने यह भी कहा कि दोनों देश द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर रचनात्मक सहयोग जारी रखेंगे।
पीएम मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। आज वे अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। पुतिन की यह बधाई उनके हालिया भारत दौरे (11-13 सितंबर) के कुछ ही दिनों बाद आई है।
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  • मणिपुर राहत शिविरों में हो रही मौतों और यौन उत्पीड़न के मामलों पर CJI सूर्यकांत भड़के, राज्य सरकार को सख्त फटकार स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़/नई दिल्ली, 17 सितंबर 2026: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मणिपुर के राहत शिविरों में Internally Displaced Persons (IDPs) की असामान्य/संदिग्ध मौतों और यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों पर गहरी नाराजगी जताई। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय बेंच (जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल थे) ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई और मुख्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। CJI का सख्त रुख CJI सूर्यकांत ने मणिपुर के एडवोकेट जनरल से सीधे कहा: “अपने मुख्य सचिव से कहें कि अदालत को सख्त आदेश पारित करने के लिए मजबूर न करें। हमें बताएं कि अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।” (“Tell your Chief Secretary not to invite orders. Tell us what measures you have taken.”) बेंच ने जस्टिस (रिटायर्ड) गीता मित्तल की अध्यक्षता वाली कोर्ट-नियुक्त कमेटी और एक IAS अधिकारी की रिपोर्ट का संज्ञान लिया। रिपोर्ट में कहा गया कि 2023 की जातीय हिंसा के बाद स्थापित राहत शिविरों में: आठ जिलों में कुल 640 मौतें दर्ज हुईं। इनमें 34 असामान्य (unnatural) मौतें थीं। इनमें से 25 मामलों में आपराधिक मामले दर्ज हुए। सिर्फ 20 मामलों में ही पोस्टमार्टम कराया गया। एक मामले में मौत कथित यौन उत्पीड़न/सेक्सुअल असॉल्ट के बाद हुई (चुराचंदपुर डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी की रिपोर्ट के अनुसार)। पीड़ित परिवारों को मात्र ₹20,000 से ₹30,000 का मुआवजा दिया गया (जबकि अन्य मामलों में ₹5 लाख से ₹10 लाख का प्रावधान है)। कमेटी ने 4 जुलाई 2026 को ही मुख्य सचिव से इन 25 असामान्य मौतों की पूरी जानकारी मांगी थी, लेकिन अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कोर्ट के आदेश मणिपुर के मुख्य सचिव को विस्तृत एफिडेविट दाखिल करना होगा, जिसमें: सभी 25 असामान्य मौतों का पूरा ब्यौरा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौत का कारण बताने वाले दस्तावेज। अब तक उठाए गए निवारक (preventive) कदम। राहत शिविरों में IDPs की सुरक्षा, गरिमा, चिकित्सा सुविधाएं और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए क्या उपाय किए गए। मणिपुर स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (MSLSA) को अलग से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश। सभी असामान्य मौतों में FIR दर्ज कर त्वरित जांच सुनिश्चित करने को कहा गया। बेंच ने राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा कि: 34 असामान्य मौतों में सिर्फ 20 में ही पोस्टमार्टम क्यों हुआ? इतना कम मुआवजा क्यों दिया गया? पृष्ठभूमि यह सुनवाई 2023 की मणिपुर जातीय हिंसा से जुड़े यौन हिंसा के मामलों, जांच और पुनर्वास से संबंधित याचिकाओं पर हुई। कोर्ट ने पहले भी जस्टिस गीता मित्तल कमेटी को राहत-पुनर्वास की निगरानी का जिम्मा सौंपा है। ASG ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि 8 जिलों में 42 स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीमें (SITs) गठित की गई हैं, 3,020 मामलों में से 302 में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। कोर्ट ने इन मामलों को अलग से निपटाने का फैसला लिया और अगली सुनवाई के लिए राज्य सरकार को पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया। स्रोत: सुप्रीम कोर्ट की आज की कार्यवाही (टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव लॉ, बार एंड बेंच, हिंदुस्तान टाइम्स, द स्टेट्समैन आदि)। स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
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    मणिपुर राहत शिविरों में हो रही मौतों और यौन उत्पीड़न के मामलों पर CJI सूर्यकांत भड़के, राज्य सरकार को सख्त फटकार
स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़/नई दिल्ली, 17 सितंबर 2026: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मणिपुर के राहत शिविरों में Internally Displaced Persons (IDPs) की असामान्य/संदिग्ध मौतों और यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों पर गहरी नाराजगी जताई। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय बेंच (जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल थे) ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई और मुख्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
CJI का सख्त रुख
CJI सूर्यकांत ने मणिपुर के एडवोकेट जनरल से सीधे कहा:
“अपने मुख्य सचिव से कहें कि अदालत को सख्त आदेश पारित करने के लिए मजबूर न करें। हमें बताएं कि अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।”
(“Tell your Chief Secretary not to invite orders. Tell us what measures you have taken.”)
बेंच ने जस्टिस (रिटायर्ड) गीता मित्तल की अध्यक्षता वाली कोर्ट-नियुक्त कमेटी और एक IAS अधिकारी की रिपोर्ट का संज्ञान लिया। रिपोर्ट में कहा गया कि 2023 की जातीय हिंसा के बाद स्थापित राहत शिविरों में:
आठ जिलों में कुल 640 मौतें दर्ज हुईं।
इनमें 34 असामान्य (unnatural) मौतें थीं।
इनमें से 25 मामलों में आपराधिक मामले दर्ज हुए।
सिर्फ 20 मामलों में ही पोस्टमार्टम कराया गया।
एक मामले में मौत कथित यौन उत्पीड़न/सेक्सुअल असॉल्ट के बाद हुई (चुराचंदपुर डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी की रिपोर्ट के अनुसार)।
पीड़ित परिवारों को मात्र ₹20,000 से ₹30,000 का मुआवजा दिया गया (जबकि अन्य मामलों में ₹5 लाख से ₹10 लाख का प्रावधान है)।
कमेटी ने 4 जुलाई 2026 को ही मुख्य सचिव से इन 25 असामान्य मौतों की पूरी जानकारी मांगी थी, लेकिन अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
कोर्ट के आदेश
मणिपुर के मुख्य सचिव को विस्तृत एफिडेविट दाखिल करना होगा, जिसमें:
सभी 25 असामान्य मौतों का पूरा ब्यौरा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौत का कारण बताने वाले दस्तावेज।
अब तक उठाए गए निवारक (preventive) कदम।
राहत शिविरों में IDPs की सुरक्षा, गरिमा, चिकित्सा सुविधाएं और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए क्या उपाय किए गए।
मणिपुर स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (MSLSA) को अलग से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश। सभी असामान्य मौतों में FIR दर्ज कर त्वरित जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
बेंच ने राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा कि:
34 असामान्य मौतों में सिर्फ 20 में ही पोस्टमार्टम क्यों हुआ?
इतना कम मुआवजा क्यों दिया गया?
पृष्ठभूमि
यह सुनवाई 2023 की मणिपुर जातीय हिंसा से जुड़े यौन हिंसा के मामलों, जांच और पुनर्वास से संबंधित याचिकाओं पर हुई। कोर्ट ने पहले भी जस्टिस गीता मित्तल कमेटी को राहत-पुनर्वास की निगरानी का जिम्मा सौंपा है। ASG ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि 8 जिलों में 42 स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीमें (SITs) गठित की गई हैं, 3,020 मामलों में से 302 में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
कोर्ट ने इन मामलों को अलग से निपटाने का फैसला लिया और अगली सुनवाई के लिए राज्य सरकार को पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया।
स्रोत: सुप्रीम कोर्ट की आज की कार्यवाही (टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव लॉ, बार एंड बेंच, हिंदुस्तान टाइम्स, द स्टेट्समैन आदि)।
स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ 
मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ
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    दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
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  • धमधा-बेमेतरा मार्ग पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक को मारी टक्कर, एक युवक की मौत, एक गंभीर धमधा-बेमेतरा मार्ग पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक को मारी टक्कर, एक युवक की मौत, एक गंभीर* *धमधा, दुर्ग।* धमधा से बेमेतरा मुख्य मार्ग पर ग्राम देवरी के समीप बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार मौहभाठा निवासी ब्लॉक साजा बाइक क्रमांक CG 07 AK 8673 में सवार अश्वनी साहू (उम्र 16 वर्ष) और पूरब साहू (उम्र 19 वर्ष) धमधा की ओर आ रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही स्कॉर्पियो क्रमांक *CG 08 K 1921* ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सड़क किनारे खेत में जा गिरी। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने 112 को सूचना दी। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धमधा लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल दुर्ग रेफर किया गया। इलाज के दौरान पूरब साहू को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, वहीं गंभीर रूप से घायल अश्वनी साहू का इलाज स्पर्श हॉस्पिटल भिलाई में जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार स्कॉर्पियो वाहन की तलाश शुरू कर दी है। मृतक के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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    धमधा-बेमेतरा मार्ग पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक को मारी टक्कर, एक युवक की मौत, एक गंभीर
धमधा-बेमेतरा मार्ग पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक को मारी टक्कर, एक युवक की मौत, एक गंभीर*
*धमधा, दुर्ग।* धमधा से बेमेतरा मुख्य मार्ग पर ग्राम देवरी के समीप बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार मौहभाठा निवासी ब्लॉक साजा बाइक क्रमांक CG 07 AK 8673 में सवार अश्वनी साहू (उम्र 16 वर्ष) और पूरब साहू (उम्र 19 वर्ष) धमधा की ओर आ रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही स्कॉर्पियो क्रमांक *CG 08 K 1921* ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सड़क किनारे खेत में जा गिरी।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने 112 को सूचना दी। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धमधा लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल दुर्ग रेफर किया गया। इलाज के दौरान पूरब साहू को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, वहीं गंभीर रूप से घायल अश्वनी साहू का इलाज स्पर्श हॉस्पिटल भिलाई में जारी है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार स्कॉर्पियो वाहन की तलाश शुरू कर दी है। मृतक के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
    user_हेमंत उमरे ,7509375525
    हेमंत उमरे ,7509375525
    दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
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