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मौसम का यू-टर्न,'फूले कास अब छोड़ो वर्षा की आस'... कहावत पर पानी फेरती हरदोई की बारिश....बदला मौसम का मिजाज समय से पहले खिले कास के फूल, फिर भी बरस रहे बदरा,कास' ने दी विदाई की गवाही, पर मानसून ने हरदोई में मचाई तबाही....... रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा था—'फूले कास सकल महि छाई, जनु बरसा कृत प्रकट बुढ़ाई'। यानी जब खेतों और मैदानों में सफेद कास के फूल खिल जाएं, तो मान लीजिए कि मानसून बूढ़ा हो गया है और बारिश विदा होने वाली है। यूपी के ग्रामीण इलाकों में भी कहावत मशहूर है—'फूले कास अब छोड़ो वर्षा की आस'।लेकिन साल 2026 के इस मौसम ने सदियों पुरानी इस लोकोक्ति को सीधी चुनौती दे दी है! उत्तर प्रदेश के हरदोई में सफेद चांदी जैसे कास के फूल तो पूरी तरह खिल चुके हैं, लेकिन बारिश थमने का नाम नहीं ले रही। आसमान में काले बादल अभी भी डेरा जमाए हुए हैं और आने वाले दिनों में और भारी बारिश का अलर्ट है। क्या प्रकृति का चक्र बदल रहा है, या फिर इस बार कास वक्त से पहले ही बूढ़ा हो गया? देखिए हरदोई से हमारी यह खास ग्राउंड रिपोर्ट प्रकृति के नियम बदल रहे हैं या फिर मौसम का मिजाज? यह सवाल इस वक्त हरदोई के किसानों और बुजुर्गों के जेहन में घूम रहा है। जिस कास के फूल को देखकर लोग मान लेते थे कि अब छाता घर में रखने का वक्त आ गया है, वही कास आज खुद पानी-पानी हो रहा है। हरदोई के खेतों, रास्तों और नदियों के किनारे सफेद कास की चादर बिछ चुकी है, जो अमूमन मानसून के आखिरी दिनों का संकेत होती है। लेकिन आसमान का हाल देखिए, बादल गरज रहे हैं, नदियां उफान पर हैं और मौसम विभाग की मानें तो अभी राहत की कोई उम्मीद नहीं है।कहावत कहती है कि कास फूलने के बाद बारिश की आस छोड़ देनी चाहिए, लेकिन इस बार शायद कास वक्त से पहले ही खिल गया या फिर बादलों ने विदाई की इस चेतावनी को मानने से साफ इनकार कर दिया है। लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश ने इस पुरानी लोकोक्ति पर पानी फेर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो क्लाइमेट चेंज की वजह से मानसून का पैटर्न पूरी तरह बदल चुका है, यही वजह है कि पारंपरिक संकेत भी अब बेअसर साबित हो रहे हैं।हरदोई में आने वाले दिनों के लिए भी मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यानी सफेद कास अब सिर्फ शरद ऋतु के आगमन का दिखावा बनकर रह गया है, क्योंकि जमीन पर अभी भी सावन-भादों जैसा सैलाब उमड़ रहा है। प्रकृति की इस लुकाछिपी ने इंसान ही नहीं, बल्कि सदियों पुराने अनुभवों को भी हैरत में डाल दिया है।साफ है कि बदलते दौर में अब प्रकृति के पुराने पैमाने भी बदल रहे हैं। हरदोई के ये सफेद कास इस बात का सबूत हैं कि ग्लोबल वार्मिंग और मौसम के बदलते मिजाज ने अब हमारी लोकोक्तियों और परंपराओं को भी पीछे छोड़ दिया है। हरदोई से हमारी इस रिपोर्ट में फिलहाल इतना ही,हरदोई की बाकी खबरों के लिए बने रहिए.. मेरे यानी मनोज तिवारी के साथ #Hardoi #HardoiNews #UPWeather #WeatherUpdate #Monsoon2026 #HeavyRain #UttarPradeshNews #ClimateChange #GlobalWarming #RainAlert #मौसम #यूपी_मौसम #हरदोई #BreakingNews

21 hrs ago
user_मनोज तिवारी
मनोज तिवारी
संडीला, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
21 hrs ago

मौसम का यू-टर्न,'फूले कास अब छोड़ो वर्षा की आस'... कहावत पर पानी फेरती हरदोई की बारिश....बदला मौसम का मिजाज समय से पहले खिले कास के फूल, फिर भी बरस रहे बदरा,कास' ने दी विदाई की गवाही, पर मानसून ने हरदोई में मचाई तबाही....... रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा था—'फूले कास सकल महि छाई, जनु बरसा कृत प्रकट बुढ़ाई'। यानी जब खेतों और मैदानों में सफेद कास के फूल खिल जाएं, तो मान लीजिए कि मानसून बूढ़ा हो गया है और बारिश विदा होने वाली है। यूपी के ग्रामीण इलाकों में भी कहावत मशहूर है—'फूले कास अब छोड़ो वर्षा की आस'।लेकिन साल 2026 के इस मौसम ने सदियों पुरानी इस लोकोक्ति को सीधी चुनौती दे दी है! उत्तर प्रदेश के हरदोई में सफेद चांदी जैसे कास के फूल तो पूरी तरह खिल चुके हैं, लेकिन बारिश थमने का नाम नहीं ले रही। आसमान में काले बादल अभी भी डेरा जमाए हुए हैं और आने वाले दिनों में और भारी बारिश का अलर्ट है। क्या प्रकृति का चक्र बदल रहा है, या फिर इस बार कास वक्त से पहले ही बूढ़ा हो गया? देखिए हरदोई से हमारी यह खास ग्राउंड रिपोर्ट प्रकृति के नियम बदल रहे हैं या फिर मौसम का मिजाज? यह सवाल इस वक्त हरदोई के किसानों और बुजुर्गों के जेहन में घूम रहा है। जिस कास के फूल को देखकर लोग मान लेते थे कि अब छाता घर में रखने का वक्त आ गया है, वही कास आज खुद पानी-पानी हो रहा है। हरदोई के खेतों, रास्तों और नदियों के किनारे सफेद कास की चादर बिछ चुकी है, जो अमूमन मानसून के आखिरी दिनों का संकेत होती है। लेकिन आसमान का हाल देखिए, बादल गरज रहे हैं, नदियां उफान पर हैं और मौसम विभाग की मानें तो अभी राहत की कोई उम्मीद नहीं है।कहावत कहती है कि कास फूलने के बाद बारिश की आस छोड़ देनी चाहिए, लेकिन इस बार शायद कास वक्त से पहले ही खिल गया या फिर बादलों ने विदाई की इस चेतावनी को मानने से साफ इनकार कर दिया है। लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश ने इस पुरानी लोकोक्ति पर पानी फेर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो क्लाइमेट चेंज की वजह से मानसून का पैटर्न पूरी तरह बदल चुका है, यही वजह है कि पारंपरिक संकेत भी अब बेअसर साबित हो रहे हैं।हरदोई में आने वाले दिनों के लिए भी मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यानी सफेद कास अब सिर्फ शरद ऋतु के आगमन का दिखावा बनकर रह गया है, क्योंकि जमीन पर अभी भी सावन-भादों जैसा सैलाब उमड़ रहा है। प्रकृति की इस लुकाछिपी ने इंसान ही नहीं, बल्कि सदियों पुराने अनुभवों को भी हैरत में डाल दिया है।साफ है कि बदलते दौर में अब प्रकृति के पुराने पैमाने भी बदल रहे हैं। हरदोई के ये सफेद कास इस बात का सबूत हैं कि ग्लोबल वार्मिंग और मौसम के बदलते मिजाज ने अब हमारी लोकोक्तियों और परंपराओं को भी पीछे छोड़ दिया है। हरदोई से हमारी इस रिपोर्ट में फिलहाल इतना ही,हरदोई की बाकी खबरों के लिए बने रहिए.. मेरे यानी मनोज तिवारी के साथ #Hardoi #HardoiNews #UPWeather #WeatherUpdate #Monsoon2026 #HeavyRain #UttarPradeshNews #ClimateChange #GlobalWarming #RainAlert #मौसम #यूपी_मौसम #हरदोई #BreakingNews

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  • पुलिस से ही दबंगई! ट्रक चालक-मालिक ने बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिसकर्मियों को कुचलने का किया प्रयास बलिया। नरही थाना क्षेत्र के भरौली गोलंबर के पास पुलिसकर्मियों के साथ दबंगई का मामला सामने आया है। आरोप है कि नो-एंट्री एवं प्रतिबंधित क्षेत्र में जबरन प्रवेश करने का प्रयास कर रहे ट्रक चालक और मालिक ने पुलिसकर्मियों से अभद्रता की और बैरिकेडिंग तोड़ दी। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों ने ट्रक को प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक और मालिक कथित तौर पर पुलिस की बात मानने के बजाय विवाद पर उतर आए। आरोप है कि उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ते हुए पुलिसकर्मियों को ट्रक से कुचलने का प्रयास किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। भरौली गोलंबर पर हुई इस घटना को लेकर पुलिस द्वारा आरोपी ट्रक चालक और मालिक के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिसकर्मियों के साथ इस तरह की अभद्रता और बैरिकेडिंग तोड़कर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश का प्रयास सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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    पुलिस से ही दबंगई! ट्रक चालक-मालिक ने बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिसकर्मियों को कुचलने का किया प्रयास
बलिया। नरही थाना क्षेत्र के भरौली गोलंबर के पास पुलिसकर्मियों के साथ दबंगई का मामला सामने आया है। आरोप है कि नो-एंट्री एवं प्रतिबंधित क्षेत्र में जबरन प्रवेश करने का प्रयास कर रहे ट्रक चालक और मालिक ने पुलिसकर्मियों से अभद्रता की और बैरिकेडिंग तोड़ दी।
बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों ने ट्रक को प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक और मालिक कथित तौर पर पुलिस की बात मानने के बजाय विवाद पर उतर आए। आरोप है कि उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ते हुए पुलिसकर्मियों को ट्रक से कुचलने का प्रयास किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। भरौली गोलंबर पर हुई इस घटना को लेकर पुलिस द्वारा आरोपी ट्रक चालक और मालिक के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिसकर्मियों के साथ इस तरह की अभद्रता और बैरिकेडिंग तोड़कर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश का प्रयास सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
    user_शशिकान्त मौर्या पत्रकार
    शशिकान्त मौर्या पत्रकार
    Journalist Sandila, Hardoi•
    3 hrs ago
  • मौसम का यू-टर्न,'फूले कास अब छोड़ो वर्षा की आस'... कहावत पर पानी फेरती हरदोई की बारिश....बदला मौसम का मिजाज समय से पहले खिले कास के फूल, फिर भी बरस रहे बदरा,कास' ने दी विदाई की गवाही, पर मानसून ने हरदोई में मचाई तबाही....... रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा था—'फूले कास सकल महि छाई, जनु बरसा कृत प्रकट बुढ़ाई'। यानी जब खेतों और मैदानों में सफेद कास के फूल खिल जाएं, तो मान लीजिए कि मानसून बूढ़ा हो गया है और बारिश विदा होने वाली है। यूपी के ग्रामीण इलाकों में भी कहावत मशहूर है—'फूले कास अब छोड़ो वर्षा की आस'।लेकिन साल 2026 के इस मौसम ने सदियों पुरानी इस लोकोक्ति को सीधी चुनौती दे दी है! उत्तर प्रदेश के हरदोई में सफेद चांदी जैसे कास के फूल तो पूरी तरह खिल चुके हैं, लेकिन बारिश थमने का नाम नहीं ले रही। आसमान में काले बादल अभी भी डेरा जमाए हुए हैं और आने वाले दिनों में और भारी बारिश का अलर्ट है। क्या प्रकृति का चक्र बदल रहा है, या फिर इस बार कास वक्त से पहले ही बूढ़ा हो गया? देखिए हरदोई से हमारी यह खास ग्राउंड रिपोर्ट प्रकृति के नियम बदल रहे हैं या फिर मौसम का मिजाज? यह सवाल इस वक्त हरदोई के किसानों और बुजुर्गों के जेहन में घूम रहा है। जिस कास के फूल को देखकर लोग मान लेते थे कि अब छाता घर में रखने का वक्त आ गया है, वही कास आज खुद पानी-पानी हो रहा है। हरदोई के खेतों, रास्तों और नदियों के किनारे सफेद कास की चादर बिछ चुकी है, जो अमूमन मानसून के आखिरी दिनों का संकेत होती है। लेकिन आसमान का हाल देखिए, बादल गरज रहे हैं, नदियां उफान पर हैं और मौसम विभाग की मानें तो अभी राहत की कोई उम्मीद नहीं है।कहावत कहती है कि कास फूलने के बाद बारिश की आस छोड़ देनी चाहिए, लेकिन इस बार शायद कास वक्त से पहले ही खिल गया या फिर बादलों ने विदाई की इस चेतावनी को मानने से साफ इनकार कर दिया है। लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश ने इस पुरानी लोकोक्ति पर पानी फेर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो क्लाइमेट चेंज की वजह से मानसून का पैटर्न पूरी तरह बदल चुका है, यही वजह है कि पारंपरिक संकेत भी अब बेअसर साबित हो रहे हैं।हरदोई में आने वाले दिनों के लिए भी मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यानी सफेद कास अब सिर्फ शरद ऋतु के आगमन का दिखावा बनकर रह गया है, क्योंकि जमीन पर अभी भी सावन-भादों जैसा सैलाब उमड़ रहा है। प्रकृति की इस लुकाछिपी ने इंसान ही नहीं, बल्कि सदियों पुराने अनुभवों को भी हैरत में डाल दिया है।साफ है कि बदलते दौर में अब प्रकृति के पुराने पैमाने भी बदल रहे हैं। हरदोई के ये सफेद कास इस बात का सबूत हैं कि ग्लोबल वार्मिंग और मौसम के बदलते मिजाज ने अब हमारी लोकोक्तियों और परंपराओं को भी पीछे छोड़ दिया है। हरदोई से हमारी इस रिपोर्ट में फिलहाल इतना ही,हरदोई की बाकी खबरों के लिए बने रहिए.. मेरे यानी मनोज तिवारी के साथ #Hardoi #HardoiNews #UPWeather #WeatherUpdate #Monsoon2026 #HeavyRain #UttarPradeshNews #ClimateChange #GlobalWarming #RainAlert #मौसम #यूपी_मौसम #हरदोई #BreakingNews
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    मौसम का यू-टर्न,'फूले कास अब छोड़ो वर्षा की आस'... कहावत पर पानी फेरती हरदोई की बारिश....बदला मौसम का मिजाज समय से पहले खिले कास के फूल, फिर भी बरस रहे बदरा,कास' ने दी विदाई की गवाही, पर मानसून ने हरदोई में मचाई तबाही.......

रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा था—'फूले कास सकल महि छाई, जनु बरसा कृत प्रकट बुढ़ाई'। यानी जब खेतों और मैदानों में सफेद कास के फूल खिल जाएं, तो मान लीजिए कि मानसून बूढ़ा हो गया है और बारिश विदा होने वाली है। यूपी के ग्रामीण इलाकों में भी कहावत मशहूर है—'फूले कास अब छोड़ो वर्षा की आस'।लेकिन साल 2026 के इस मौसम ने सदियों पुरानी इस लोकोक्ति को सीधी चुनौती दे दी है! उत्तर प्रदेश के हरदोई में सफेद चांदी जैसे कास के फूल तो पूरी तरह खिल चुके हैं, लेकिन बारिश थमने का नाम नहीं ले रही। आसमान में काले बादल अभी भी डेरा जमाए हुए हैं और आने वाले दिनों में और भारी बारिश का अलर्ट है। क्या प्रकृति का चक्र बदल रहा है, या फिर इस बार कास वक्त से पहले ही बूढ़ा हो गया? देखिए हरदोई से हमारी यह खास ग्राउंड रिपोर्ट
प्रकृति के नियम बदल रहे हैं या फिर मौसम का मिजाज? यह सवाल इस वक्त हरदोई के किसानों और बुजुर्गों के जेहन में घूम रहा है। जिस कास के फूल को देखकर लोग मान लेते थे कि अब छाता घर में रखने का वक्त आ गया है, वही कास आज खुद पानी-पानी हो रहा है। हरदोई के खेतों, रास्तों और नदियों के किनारे सफेद कास की चादर बिछ चुकी है, जो अमूमन मानसून के आखिरी दिनों का संकेत होती है। लेकिन आसमान का हाल देखिए, बादल गरज रहे हैं, नदियां उफान पर हैं और मौसम विभाग की मानें तो अभी राहत की कोई उम्मीद नहीं है।कहावत कहती है कि कास फूलने के बाद बारिश की आस छोड़ देनी चाहिए, लेकिन इस बार शायद कास वक्त से पहले ही खिल गया या फिर बादलों ने विदाई की इस चेतावनी को मानने से साफ इनकार कर दिया है। लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश ने इस पुरानी लोकोक्ति पर पानी फेर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो क्लाइमेट चेंज की वजह से मानसून का पैटर्न पूरी तरह बदल चुका है, यही वजह है कि पारंपरिक संकेत भी अब बेअसर साबित हो रहे हैं।हरदोई में आने वाले दिनों के लिए भी मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यानी सफेद कास अब सिर्फ शरद ऋतु के आगमन का दिखावा बनकर रह गया है, क्योंकि जमीन पर अभी भी सावन-भादों जैसा सैलाब उमड़ रहा है। प्रकृति की इस लुकाछिपी ने इंसान ही नहीं, बल्कि सदियों पुराने अनुभवों को भी हैरत में डाल दिया है।साफ है कि बदलते दौर में अब प्रकृति के पुराने पैमाने भी बदल रहे हैं। हरदोई के ये सफेद कास इस बात का सबूत हैं कि ग्लोबल वार्मिंग और मौसम के बदलते मिजाज ने अब हमारी लोकोक्तियों और परंपराओं को भी पीछे छोड़ दिया है। हरदोई से हमारी इस रिपोर्ट में फिलहाल इतना ही,हरदोई की बाकी खबरों के लिए बने रहिए.. मेरे यानी मनोज तिवारी के साथ
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    user_मनोज तिवारी
    मनोज तिवारी
    संडीला, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • पर्वतपुर चौराहे पर जच्चा-बच्चा की मौत से मचा हड़कंप, शव रखकर ग्रामीणों ने लगाया जाम पर्वतपुर चौराहे पर जच्चा-बच्चा की मौत से मचा हड़कंप, शव रखकर ग्रामीणों ने लगाया जाम मेडिकल स्टोर पर प्रसव कराने और इलाज में लापरवाही का आरोप, कार्रवाई की मांग पर सड़क पर उतरे परिजन संवाददाता ,नरेश गुप्ता सीतापुर। पर्वतपुर चौराहे पर जच्चा-बच्चा की मौत के बाद शुक्रवार को गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने चौराहे स्थित एक मेडिकल स्टोर संचालक पर प्रसव और इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। जाम के चलते चौराहे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सूचना पर पुलिस बल और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि बसावनपुर निवासी सावित्री (पत्नी अशोक कुमार) 3 सितंबर को प्रसव के लिए पर्वतपुर चौराहे स्थित एक मेडिकल स्टोर पर पहुंची थीं। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल स्टोर के पीछे बने एक कमरे में प्रसव और इलाज किया जा रहा था। गर्भ में बच्चे की मौत के बाद भी इलाज जारी रखने का आरोप परिजनों के मुताबिक, प्रसव के दौरान गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बावजूद महिला का इलाज वहीं जारी रखा गया। परिजनों का कहना है कि उन्हें महिला के ठीक होने का भरोसा दिलाया जाता रहा। बाद में सावित्री की हालत लगातार बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर उसे महमूदाबाद ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार, लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही सावित्री की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही सड़क पर उतरे ग्रामीण सावित्री की मौत की सूचना के बाद शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण पर्वतपुर चौराहे पर पहुंच गए। उन्होंने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के कारण चौराहे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर पहुंची पुलिस और विभागीय अधिकारियों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया। अधिकारी ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत कर जाम खुलवाने की कोशिश में जुटे रहे। दो मासूम बेटियों के सिर से उठा मां का साया सावित्री अपने पीछे पांच और तीन वर्ष की दो बेटियां अंजलि और मुस्कान छोड़ गई हैं। मां की मौत के बाद दोनों मासूम बेटियों के सिर से मां का साया उठ गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मेडिकल स्टोर पर डिलीवरी कराने के भी आरोप परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संबंधित मेडिकल स्टोर पर जच्चा-बच्चा की डिलीवरी का काम भी किया जाता है। आरोप है कि स्टोर संचालक के परिवार की महिलाएं ही प्रसव कराती हैं। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर मेडिकल स्टोर की गतिविधियों और वहां प्रसव कराए जाने की व्यवस्था की भी जांच कराने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं।
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    पर्वतपुर चौराहे पर जच्चा-बच्चा की मौत से मचा हड़कंप, शव रखकर ग्रामीणों ने लगाया जाम
पर्वतपुर चौराहे पर जच्चा-बच्चा की मौत से मचा हड़कंप, शव रखकर ग्रामीणों ने लगाया जाम
मेडिकल स्टोर पर प्रसव कराने और इलाज में लापरवाही का आरोप, कार्रवाई की मांग पर सड़क पर उतरे परिजन
संवाददाता ,नरेश गुप्ता 
सीतापुर। पर्वतपुर चौराहे पर जच्चा-बच्चा की मौत के बाद शुक्रवार को गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने चौराहे स्थित एक मेडिकल स्टोर संचालक पर प्रसव और इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। जाम के चलते चौराहे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सूचना पर पुलिस बल और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
बताया जा रहा है कि बसावनपुर निवासी सावित्री (पत्नी अशोक कुमार) 3 सितंबर को प्रसव के लिए पर्वतपुर चौराहे स्थित एक मेडिकल स्टोर पर पहुंची थीं। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल स्टोर के पीछे बने एक कमरे में प्रसव और इलाज किया जा रहा था।
गर्भ में बच्चे की मौत के बाद भी इलाज जारी रखने का आरोप
परिजनों के मुताबिक, प्रसव के दौरान गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बावजूद महिला का इलाज वहीं जारी रखा गया। परिजनों का कहना है कि उन्हें महिला के ठीक होने का भरोसा दिलाया जाता रहा। बाद में सावित्री की हालत लगातार बिगड़ने लगी।
हालत गंभीर होने पर उसे महमूदाबाद ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार, लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही सावित्री की मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही सड़क पर उतरे ग्रामीण
सावित्री की मौत की सूचना के बाद शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण पर्वतपुर चौराहे पर पहुंच गए। उन्होंने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के कारण चौराहे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
मौके पर पहुंची पुलिस और विभागीय अधिकारियों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया। अधिकारी ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत कर जाम खुलवाने की कोशिश में जुटे रहे।
दो मासूम बेटियों के सिर से उठा मां का साया
सावित्री अपने पीछे पांच और तीन वर्ष की दो बेटियां अंजलि और मुस्कान छोड़ गई हैं। मां की मौत के बाद दोनों मासूम बेटियों के सिर से मां का साया उठ गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
मेडिकल स्टोर पर डिलीवरी कराने के भी आरोप
परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संबंधित मेडिकल स्टोर पर जच्चा-बच्चा की डिलीवरी का काम भी किया जाता है। आरोप है कि स्टोर संचालक के परिवार की महिलाएं ही प्रसव कराती हैं। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर मेडिकल स्टोर की गतिविधियों और वहां प्रसव कराए जाने की व्यवस्था की भी जांच कराने की मांग की है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं।
    user_Naresh Gupta Reporter
    Naresh Gupta Reporter
    सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    27 min ago
  • सीतापुर मिर्जापुर के चुनार में बाढ़ का पानी सड़क तक पहुंचा, दरोगा और एक सिपाही स्थानीय ठेला पर बाइक पार कर रहे हैँ बाढ़ का पानी क्रॉस करने का गजब तरीका निकाल लिया। सीतापुर मिर्जापुर के चुनार में बाढ़ का पानी सड़क तक पहुंचा, दरोगा और एक सिपाही स्थानीय ठेला पर बाइक पार कर रहे हैँ बाढ़ का पानी क्रॉस करने का गजब तरीका निकाल लिया।
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    सीतापुर मिर्जापुर के चुनार में बाढ़ का पानी सड़क तक पहुंचा, दरोगा और एक सिपाही स्थानीय ठेला पर बाइक पार कर रहे हैँ बाढ़ का पानी क्रॉस करने का गजब तरीका निकाल लिया।
सीतापुर मिर्जापुर के चुनार में बाढ़ का पानी सड़क तक पहुंचा, दरोगा और एक सिपाही स्थानीय ठेला पर बाइक पार कर रहे हैँ बाढ़ का पानी क्रॉस करने का गजब तरीका निकाल लिया।
    user_Akhil Maurya Press
    Akhil Maurya Press
    Video Creator मिस्रिख, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • *उन्नाव झांकियों व घुड़सवारों के साथ निकाली गयी भव्य श्री कृष्ण भगवान की शोभा यात्रा* शोभायात्रा पटेल पार्क आवास विकास कालोनी में विधि विधान से पूजा अर्चना आरती करने के बाद निकालीं गई शोभा यात्रा आयोजक सुशील यादव संरक्षक शिक्षा मुकेश कुमार यादव एडवोकेट राम बोध शुक्ला समाज सेवी अनिल सिंह डा मनीष शेगर सभासद सतीश यादव अमित धर द्विवेदी ने आये हुए सभी श्रद्धालुओ को पगड़ी पहनाकर अंग वस्त्र धारण कराकर स्वागत किया यात्रा आवास विकास कालोनी से चलकर हरदोई पुल बड़ा चौराहा छोटा चौराहा गांधी नगर चौराहा होते हुए लक्ष्मी टाकीज़ के पास यात्रा का समापन किया गया श्री कृष्ण भगवान के भक्तों ने ‌जगह जगह प्रसाद वितरण किया गया श्री कृष्णा भगवान की यात्रा में सदर विधायक पंकज गुप्ता पूर्व विधायक उदय राज यादव हिन्दू जागरण मंच के प्रांतीय मंत्री विमल इस सभासद मुन्ना सिंह सभासद आरिफ सभासद गुडडा तिवारी अखिलेश यादव उर्फ शीलू सुशील यादव आये हुए सभी भक्तों का आभार व्यक्त किया तथा सभी भक्तों ने भंडारे में प्रशाद ग्रहण किया गया
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    *उन्नाव झांकियों व घुड़सवारों के साथ निकाली गयी भव्य श्री कृष्ण भगवान की शोभा यात्रा*
शोभायात्रा पटेल पार्क आवास विकास कालोनी में विधि विधान से पूजा अर्चना आरती करने के बाद निकालीं गई शोभा यात्रा 
आयोजक सुशील यादव संरक्षक शिक्षा मुकेश कुमार यादव एडवोकेट राम बोध शुक्ला समाज सेवी अनिल सिंह डा मनीष शेगर सभासद सतीश यादव अमित धर द्विवेदी ने आये हुए सभी श्रद्धालुओ को पगड़ी पहनाकर अंग वस्त्र धारण कराकर स्वागत किया यात्रा आवास विकास कालोनी से चलकर हरदोई पुल बड़ा चौराहा छोटा चौराहा गांधी नगर चौराहा होते हुए लक्ष्मी टाकीज़ के पास यात्रा का समापन किया गया श्री कृष्ण भगवान के भक्तों ने ‌जगह जगह प्रसाद वितरण किया गया श्री कृष्णा भगवान की यात्रा में सदर विधायक पंकज गुप्ता पूर्व विधायक उदय राज यादव हिन्दू जागरण मंच के प्रांतीय मंत्री विमल इस सभासद मुन्ना सिंह सभासद आरिफ सभासद गुडडा तिवारी अखिलेश यादव उर्फ शीलू सुशील यादव आये हुए सभी भक्तों का आभार व्यक्त किया तथा सभी भक्तों ने भंडारे में प्रशाद ग्रहण किया गया
    user_Pavan Kumar
    Pavan Kumar
    बांगरमऊ, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर चलती कार में लगी आग, धू-धू कर जली, 15 मिनट तक लगा जाम लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर चलती कार में लगी आग, धू-धू कर जली, 15 मिनट तक लगा जाम * औरास उन्नाव।* लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चैनेज संख्या 270 पर लखनऊ की ओर जा रही एक चार पहिया गाड़ी में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी गाड़ी धू-धू कर जलने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें और लगभग 50 मीटर ऊंचाई तक उठता काला धुआं दूर से ही दिखाई दे रहा था। घटना के कारण लखनऊ की ओर जाने वाली लेन पर लगभग 15 मिनट तक यातायात बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर यूपीडा और फायर पुलिस मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक गाड़ी पूरी तरह जलकर स्वाहा हो चुकी थी। स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार गनीमत रही कि इस हादसे में किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
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    लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर चलती कार में लगी आग, धू-धू कर जली, 15 मिनट तक लगा जाम
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर चलती कार में लगी आग, धू-धू कर जली, 15 मिनट तक लगा जाम
* औरास उन्नाव।* 
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चैनेज संख्या 270 पर लखनऊ की ओर जा रही एक चार पहिया गाड़ी में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी गाड़ी धू-धू कर जलने लगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें और लगभग 50 मीटर ऊंचाई तक उठता काला धुआं दूर से ही दिखाई दे रहा था। घटना के कारण लखनऊ की ओर जाने वाली लेन पर लगभग 15 मिनट तक यातायात बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतार लग गई।
सूचना पर यूपीडा और फायर पुलिस मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक गाड़ी पूरी तरह जलकर स्वाहा हो चुकी थी।
स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार गनीमत रही कि इस हादसे में किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
    user_AJEET SINGH
    AJEET SINGH
    Local Politician हसनगंज, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • "अंधकार बीच ज्योति का संधान है, जन्माष्टमी स्वयं प्रभु का ऐलान है, करुणा व प्रेम का धरा पर अवतरण, मानव हृदय में धर्म का अभियान है।,, 🤷‍♂️🎉इस पावन श्री कृष्ण जन्माष्टमी तिथि की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएं व बधाई प्रेषित 🎂🙏 *✍️आपका अनुज पत्रकार अनिल सिंह चौहान 🎤*
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    "अंधकार बीच ज्योति का संधान है,
जन्माष्टमी स्वयं प्रभु का ऐलान है,
करुणा व प्रेम का धरा पर अवतरण,
मानव हृदय में धर्म का अभियान है।,,
🤷‍♂️🎉इस पावन श्री कृष्ण जन्माष्टमी तिथि की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएं व बधाई प्रेषित 🎂🙏
*✍️आपका अनुज पत्रकार अनिल सिंह चौहान 🎤*
    user_✍️पत्रकार अनिल सिंह चौहान🎤
    ✍️पत्रकार अनिल सिंह चौहान🎤
    Court reporter हसनगंज, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • अटरिया,हत्या के प्रयास के मामले में पिता-पुत्र गिरफ्तार, हथौड़ा बरामद अटरिया,हत्या के प्रयास के मामले में पिता-पुत्र गिरफ्तार, हथौड़ा बरामद अटरिया पुलिस की कार्रवाई, देवीपुर सराय मोड़ के पास से दोनों वांछित अभियुक्त दबोचे गए संवाददाता ,,नरेश गुप्ता सीतापुर। अटरिया थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में वांछित चल रहे दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को देवीपुर सराय मोड़ के पास से गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे का हथौड़ा भी बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, थाना अटरिया में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 222/2026 में धारा 115(2), 352, 109(1), 351(3) बीएनएस और 3(2)(V) एससी/एसटी एक्ट के तहत दोनों अभियुक्त वांछित चल रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निसार पुत्र हसनू (42 वर्ष) और सादाब पुत्र निसार (22 वर्ष) निवासी ग्राम देवीपुर, थाना अटरिया, सीतापुर के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने दोनों को 3 सितंबर 2026 को दोपहर 12:40 बजे गिरफ्तार किया। थानाध्यक्ष के नेतृत्व में हुई कार्रवाई यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सीतापुर अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी दुर्गेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी विशाल गुप्ता के निर्देशन में थानाध्यक्ष लाल बहादुर मिश्र के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक उदय सिंह, हेड कांस्टेबल अनूप बाजपेई, कांस्टेबल सौरभ और कांस्टेबल यशपाल शामिल रहे। गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों को पुलिस ने अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए न्यायालय सीतापुर में पेश किया जा रहा है।
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    अटरिया,हत्या के प्रयास के मामले में पिता-पुत्र गिरफ्तार, हथौड़ा बरामद
अटरिया,हत्या के प्रयास के मामले में पिता-पुत्र गिरफ्तार, हथौड़ा बरामद
अटरिया पुलिस की कार्रवाई, देवीपुर सराय मोड़ के पास से दोनों वांछित अभियुक्त दबोचे गए
संवाददाता ,,नरेश गुप्ता 
सीतापुर। अटरिया थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में वांछित चल रहे दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को देवीपुर सराय मोड़ के पास से गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे का हथौड़ा भी बरामद किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, थाना अटरिया में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 222/2026 में धारा 115(2), 352, 109(1), 351(3) बीएनएस और 3(2)(V) एससी/एसटी एक्ट के तहत दोनों अभियुक्त वांछित चल रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निसार पुत्र हसनू (42 वर्ष) और सादाब पुत्र निसार (22 वर्ष) निवासी ग्राम देवीपुर, थाना अटरिया, सीतापुर के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने दोनों को 3 सितंबर 2026 को दोपहर 12:40 बजे गिरफ्तार किया।
थानाध्यक्ष के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सीतापुर अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी दुर्गेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी विशाल गुप्ता के निर्देशन में थानाध्यक्ष लाल बहादुर मिश्र के नेतृत्व में की गई।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक उदय सिंह, हेड कांस्टेबल अनूप बाजपेई, कांस्टेबल सौरभ और कांस्टेबल यशपाल शामिल रहे।
गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों को पुलिस ने अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए न्यायालय सीतापुर में पेश किया जा रहा है।
    user_Naresh Gupta Reporter
    Naresh Gupta Reporter
    सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
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