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दिल्ली में एक स्कूल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि वह आतंकवादियों का अड्डा बन गया है। दावा किया जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन बच्चों को बचपन से ही आतंकवादी शिक्षा दे रहा है। इसके साथ ही, आरोप है कि अब दिल्ली के इस स्कूल में आतंकवादी जिहादी महिला शिक्षकों की भर्ती की जा रही है।
Ravi Kashyap
दिल्ली में एक स्कूल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि वह आतंकवादियों का अड्डा बन गया है। दावा किया जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन बच्चों को बचपन से ही आतंकवादी शिक्षा दे रहा है। इसके साथ ही, आरोप है कि अब दिल्ली के इस स्कूल में आतंकवादी जिहादी महिला शिक्षकों की भर्ती की जा रही है।
- Ravi Kashyapसाकेत, दक्षिण दिल्ली, दिल्लीजबतक मुस्लिम को आरक्षण दे रहे हैं तब तक ये होता रहेगा2 hrs ago
- प्रदीपहंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेशरेखा सरकार कहां सो रही है ऐसे स्कूलों को बंद कर देना चाहिए4 hrs ago
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- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है, जिसके चलते बोर्ड बुरी तरह मुश्किल में फंस गया है। बोर्ड को इन गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।1
- Meta ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसके तहत उसके सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के लिए नए पेड सब्सक्रिप्शन प्लान पेश किए गए हैं। इस ऐलान का सीधा असर दुनिया भर के यूजर्स पर पड़ेगा, जिसमें भारत भी शामिल है। कंपनी अब अपने ऐप्स के लिए 'प्लस वर्जन' लॉन्च कर रही है, जिसके ज़रिए पैसे देने वाले यूजर्स को विशेष टूल्स और कस्टमाइजेशन फीचर्स मिलेंगे, जो मुफ्त वर्जन में उपलब्ध नहीं होंगे। Meta के इस कदम का मुख्य उद्देश्य अपनी कमाई बढ़ाना है और कंपनी अब सिर्फ विज्ञापन से मिलने वाले रेवेन्यू पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी का लक्ष्य है कि यूजर्स प्रीमियम फीचर्स, बेहतर अनुभव और अधिक ऑडियंस तक पहुँचने के लिए हर महीने भुगतान करें, जिससे रेवेन्यू जनरेट करने का एक नया तरीका मिल सके। इन नए प्लान्स के तहत, इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस की मासिक कीमत 3.99 डॉलर (लगभग 387 रुपये) तय की गई है, जबकि वॉट्सऐप प्लस की मासिक कीमत 2.99 डॉलर (लगभग 290 रुपये) होगी। हालांकि, Meta ने अभी भारत के लिए इन प्लान्स की कीमतों का ऐलान नहीं किया है। टेकक्रंच की रिपोर्ट के अनुसार, वॉट्सऐप प्लस सब्सक्राइबर्स को कई दमदार फीचर्स मिलेंगे, जिनमें मैसेजिंग के बेहतर पर्सनलाइजेशन पर खास ज़ोर रहेगा। इसमें कस्टम थीम, अनोखी रिंगटोन, प्रीमियम स्टिकर्स और अधिक चैट्स को पिन करने की सुविधा शामिल है। वहीं, इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस सब्सक्राइबर्स को भी कई उन्नत फीचर्स मिलेंगे। इंस्टाग्राम प्लस यूजर्स आसानी से देख पाएंगे कि उनकी स्टोरी कितनी बार दोबारा देखी गई है, साथ ही वे 'क्लोज फ्रेंड्स' फीचर से आगे बढ़कर असीमित स्टोरी ऑडियंस लिस्ट बना सकेंगे। उन्हें व्यूअर्स लिस्ट में दिखे बिना स्टोरी का प्रीव्यू देखने, स्टोरी को 24 घंटे से अधिक समय तक दिखाने और हर हफ़्ते एक स्टोरी को स्पॉटलाइट करने का विकल्प भी मिलेगा ताकि उसे ज़्यादा विजिबिलिटी मिल सके। एक और खास फीचर यह है कि यूजर्स अपनी स्टोरी की व्यूअर्स लिस्ट में यह सर्च कर सकेंगे कि कौन उनकी स्टोरी देख रहा है।1
- दिल्ली में एक स्कूल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि वह आतंकवादियों का अड्डा बन गया है। दावा किया जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन बच्चों को बचपन से ही आतंकवादी शिक्षा दे रहा है। इसके साथ ही, आरोप है कि अब दिल्ली के इस स्कूल में आतंकवादी जिहादी महिला शिक्षकों की भर्ती की जा रही है।1
- कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में 26 और 27 मई को दो दिवसीय आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भाजपा महिला नेता गुंजन गुप्ता और आचार्य शिवम विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहे।1
- दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे मामले में मिसाल कायम की है जहाँ मोबाइल छीनने वाले अपराधी को मात्र 12 दिनों के भीतर सजा मिल गई। घटना मोबाइल छीनने और भागने की थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने अपनी टेक्नोलॉजी वाली जांच का इस्तेमाल किया। इस तेज़ और प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप, पुलिस की यह जांच प्रणाली एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गई है।1
- लखनऊ की ऐतिहासिक टीले वाली मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजियों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद देश में खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए खास दुआएं मांगी गईं। यह पूरा आयोजन शांतिपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुआ, जिसमें अमन-चैन की कामना की गई। इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। लखनऊ के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा पर विशेष नजर रखी गई। प्रशासन ने ड्रोन कैमरों के जरिए हर गतिविधि की निगरानी की। पुलिस के आलाधिकारी भारी फोर्स के साथ लगातार मुस्तैद रहे, वहीं सुरक्षा एजेंसियां भी नमाज के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलर्ट थीं।2
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि जिहादी गाय और भैंस की हड्डियों का इस्तेमाल करके मोती की मालाएँ बना रहे हैं, जिन्हें वे खुलेआम बाज़ारों में बेच रहे हैं। पोस्ट में हिन्दुओं को इस कथित 'हड्डी जिहाद' से सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है, इसे हिन्दुओं की आस्था पर सीधा हमला बताया गया है। चेतावनी में यह भी कहा गया है कि यदि हिन्दू समाज ने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो उनका धर्म खतरे में पड़ जाएगा।1
- एक संदेश में लोगों से अपील की गई है कि यदि सरकारी स्कूलों में छात्रों को दूध नहीं मिल रहा है, तो इसकी जानकारी दी जाए। संदेश में कहा गया है कि सूचना मिलने पर वे स्वयं वीडियो बनाकर इसे पोस्ट करेंगे और इस मुद्दे पर समर्थन करेंगे। इसके साथ ही, उन सभी लोगों से पूछा गया है जो उनकी पोस्ट और वीडियो देखते हैं, कि क्या उनके बच्चों को भी स्कूलों में दूध दिया जा रहा है या नहीं।1
- चलती ट्रेन में समोसे बेचने वाले एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने रेलवे में खाने-पीने की चीजों की स्वच्छता और अनधिकृत वेंडरों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति को ट्रेन के दरवाजे के पास फर्श पर बैठे फोन पर बात करते हुए देखा जा सकता है, जिसके पैरों के नीचे समोसे रखे हुए हैं। ये समोसे कथित तौर पर यात्रियों को बेचने के लिए थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कई यूजर्स ने इसे 'बेहद अस्वच्छ' करार देते हुए रेलवे में बिकने वाले खाने की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसे यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया जा रहा है। मामले ने तूल पकड़ा तो रेलवे ने इसकी जांच कराई और एक आधिकारिक बयान जारी किया। रेलवे के अनुसार, 20 मई से 22 मई 2026 के बीच ट्रेन नंबर 12809-10 में की गई जांच में प्रथम दृष्टया ऐसा कोई अधिकृत स्टाफ तैनात नहीं पाया गया, जैसा कि वीडियो में दिख रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति रेलवे का अधिकृत कर्मचारी नहीं था। रेलवे ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई शुरू करने की भी बात कही है। एक्शन टेकन रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित लाइसेंस वालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ट्रेनों में किसी भी अनधिकृत फेरीवाले या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम को दें। इस घटना ने एक बार फिर ट्रेनों में अवैध रूप से सामान बेचने वाले फेरीवालों की समस्या को उजागर कर दिया है, जिसकी शिकायत यात्री लंबे समय से करते रहे हैं कि बिना अनुमति वाले वेंडर स्वच्छता मानकों का पालन नहीं करते। वायरल वीडियो के बाद अब ट्रेनों में खाद्य सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और यात्रियों की सेहत को लेकर सख्त नियम लागू करने की मांग तेज हो गई है।1