जिला कलक्टर ने गांवों में जाकर जलापूर्ति की स्थिति को देखा, दिये आवश्यक निर्देश, पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता रखे सतत् निगरानी बांसवाडा, 17 अप्रेल/ जिला कलक्टर डॉ इन्द्रजीत यादव ने उपखण्ड क्षेत्र छोटी सरवन की ग्राम पंचायत हरनाथपुरा, ग्राम पंचायत छायनबड़ी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था संबंधित कार्यों का निरीक्षण किया गया। जिला कलेक्टर ने विभिन्न गांवों का दौरा कर पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर पहुंचकर जलापूर्ति की स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि ग्रामीणों को नियमित और सुचारू पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पेयजल योजनाओं की सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके। ग्रामीणों से भी संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं और मौके पर ही निराकरण के प्रयास किए गए। जिला कलक्टर ने ग्राम पंचायत हरनाथपुरा के ग्राम आम्बावज में कुछ स्थानों पर पाईपलाईन से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। अतः सहायक अभियन्ता (प्रोजेक्ट), जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पानी की सप्लाई हेतु बनाए गए सभी पॉईन्ट्स को चौक करवाने के निर्देश दिए तथा सभी पॉईन्ट्स के पास पशुओं के पानी पीने हेतु ग्राम पंचायतों के माध्यम से आवश्यक व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने ग्राम पंचायत छायनबड़ी के ग्राम नवाखेड़ा के रा.उ.प्रा. विद्यालय में पेयजल आपूर्ति हेतु लगाए गए ट्यूबवेल व सोलर सिस्टम को ठीक करवाने के निर्देश दिए गए तथा आवश्यकता अनुसार ग्राम पंचायतों में पानी के टेंकर सुचारू रूप से उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर महोदय ने पंचायत समिति सभागार में मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की व सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपखण्ड अधिकारी छोटी सरवन, तहसीलदार छोटी सरवन, सहायक अभियन्ता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग छोटी सरवन उपस्थित रहे। ---000---
जिला कलक्टर ने गांवों में जाकर जलापूर्ति की स्थिति को देखा, दिये आवश्यक निर्देश, पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता रखे सतत् निगरानी बांसवाडा, 17 अप्रेल/ जिला कलक्टर डॉ इन्द्रजीत यादव ने उपखण्ड क्षेत्र छोटी सरवन की ग्राम पंचायत हरनाथपुरा, ग्राम पंचायत छायनबड़ी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था संबंधित कार्यों का निरीक्षण किया गया। जिला कलेक्टर ने विभिन्न गांवों का दौरा कर पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर पहुंचकर जलापूर्ति की स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक
दिशा-निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि ग्रामीणों को नियमित और सुचारू पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पेयजल योजनाओं की सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके। ग्रामीणों से भी संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं और मौके पर ही निराकरण के प्रयास किए गए। जिला कलक्टर ने ग्राम पंचायत हरनाथपुरा के ग्राम आम्बावज
में कुछ स्थानों पर पाईपलाईन से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। अतः सहायक अभियन्ता (प्रोजेक्ट), जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पानी की सप्लाई हेतु बनाए गए सभी पॉईन्ट्स को चौक करवाने के निर्देश दिए तथा सभी पॉईन्ट्स के पास पशुओं के पानी पीने हेतु ग्राम पंचायतों के माध्यम से आवश्यक व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने ग्राम पंचायत छायनबड़ी के ग्राम नवाखेड़ा के रा.उ.प्रा. विद्यालय में पेयजल आपूर्ति हेतु लगाए गए ट्यूबवेल व सोलर सिस्टम
को ठीक करवाने के निर्देश दिए गए तथा आवश्यकता अनुसार ग्राम पंचायतों में पानी के टेंकर सुचारू रूप से उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर महोदय ने पंचायत समिति सभागार में मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की व सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपखण्ड अधिकारी छोटी सरवन, तहसीलदार छोटी सरवन, सहायक अभियन्ता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग छोटी सरवन उपस्थित रहे। ---000---
- बांसवाडा, 17 अप्रेल/ जिला कलक्टर डॉ इन्द्रजीत यादव ने उपखण्ड क्षेत्र छोटी सरवन की ग्राम पंचायत हरनाथपुरा, ग्राम पंचायत छायनबड़ी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था संबंधित कार्यों का निरीक्षण किया गया। जिला कलेक्टर ने विभिन्न गांवों का दौरा कर पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर पहुंचकर जलापूर्ति की स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि ग्रामीणों को नियमित और सुचारू पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पेयजल योजनाओं की सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके। ग्रामीणों से भी संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं और मौके पर ही निराकरण के प्रयास किए गए। जिला कलक्टर ने ग्राम पंचायत हरनाथपुरा के ग्राम आम्बावज में कुछ स्थानों पर पाईपलाईन से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। अतः सहायक अभियन्ता (प्रोजेक्ट), जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पानी की सप्लाई हेतु बनाए गए सभी पॉईन्ट्स को चौक करवाने के निर्देश दिए तथा सभी पॉईन्ट्स के पास पशुओं के पानी पीने हेतु ग्राम पंचायतों के माध्यम से आवश्यक व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने ग्राम पंचायत छायनबड़ी के ग्राम नवाखेड़ा के रा.उ.प्रा. विद्यालय में पेयजल आपूर्ति हेतु लगाए गए ट्यूबवेल व सोलर सिस्टम को ठीक करवाने के निर्देश दिए गए तथा आवश्यकता अनुसार ग्राम पंचायतों में पानी के टेंकर सुचारू रूप से उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर महोदय ने पंचायत समिति सभागार में मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की व सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपखण्ड अधिकारी छोटी सरवन, तहसीलदार छोटी सरवन, सहायक अभियन्ता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग छोटी सरवन उपस्थित रहे। ---000---4
- भीम आर्मी ने अंबेडकर जयंती पर बांसवाड़ा में निकाली भव्य रैली और सभा का किया आयोजन । बांसवाड़ : डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य में भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी कांशीराम, बांसवाड़ा के तत्वाधान में जिला स्तरीय विशाल कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोगों की मौजूदगी देखने को मिली, कार्यक्रम में पहले अंबेडकर सर्कल तक पैदल शोभायात्रा निकाली गई। रैली के अंबेडकर सर्कल पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती के अवसर पर ASP प्रदेश अध्यक्ष अनिल धेनवाल पहुंचे और प्रदेश महासचिव सुनील भारतीय पहुंचें बाबासाहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की, इसके बाद रैली कॉलेज स्थित सभा स्थल पर पहुंची, जहां बड़ी जनसभा का आयोजित हुआ। कार्यक्रम में कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. नरेश पटेल (ओबीसी महासभा) ने बाबासाहेब के जीवन संघर्षों पर प्रकाश डाला, जबकि विनोद परमार सुंदनी ने अंबेडकर के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। इस दौरान कोदरलाल बुनकर (कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, अनुसूचित जाति-जनजाति) ने अपने संबोधन में “मिशन 16” पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में विकिल सुनार्थी ने अपने संबोधन में कहा कि बाबासाहेब के विचार समाज में समानता, शिक्षा और न्याय की प्रेरणा देते हैं, जिन्हें व्यवहार में उतारना अत्यंत आवश्यक है। सभा के अंत में पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष आजाद ने बहुजन समाज के लोगों को बाबा साहब के बताए रास्ते पर चलने का आह्वान करते हुए आभार व्यक्त किया एवं धन्यवाद दिया। इस दौरान जिला महासचिव कांतिलाल रायकवाल, जिला कोषाध्यक्ष महेंद्र यादव, जिलाउपाध्यक्ष भरत पटेल, जिला मीडिया प्रभारी पवन यादव, शांतिलाल यादव झडस , डायालाल यादव, मोहित आजाद, विष्णु मेघवाल, गिरीश यादव, नवीन यादव, महेश यादव राहुल यादव चीराग लोकेश बुनकर झडस सहित सैकडो कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। ब्युरो रिपोर्ट आवाज टीवी 3 ईण्डिया न्यूज संवाददाता शान्तिलाल आजाद1
- गनोडा में सर्व समाज के सहयोग से एक करोड रुपए में बनेगा भव्य मंदिर, तैयारी शुरू गनोड़ा। गनोड़ा कस्बे के ललोरा तालाब के किनारे प्राचीन मुक्तेश्वर महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार होना है। 24 तारीख को मंदिर के जीर्णोद्धार का खाद मुहूर्त है लेकिन इससे पहले बुधवार को मंदिर परिसर पर शिखर उत्थापना एवं माता पार्वती की मूर्ति की उत्थापना की गई। बुधवार सुबह मंदिर परिसर पर गांव के सर्व समाज जन उपस्थित रहे तथा विधि विधान के साथ मंदिर के ऊपर से शिखर को मंत्रोच्चार के साथ उतारा गया तथा मुहूर्त के तौर पर पांच ईंट भी गुंबद से निकाली गई। इसके अलावा मंदिर परिसर पर स्थित माता पार्वती की प्रतिमा को भी उत्थापित कर सुरक्षित जगह पर स्थापित किया गया। गांव के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर कमेटी के अध्यक्ष भगवती शंकर व्यास ने बताया कि गांव के सर्व समाज के सहयोग से भव्य मंदिर गांव के ललोरा तालाब के किनारे बनाया जाएगा। इस कार्य हेतु गांव का प्रत्येक समाज सहयोग कर रहा है तथा तन मन धन से सभी लोग इसमें लगे हुए हैं। लगभग 1 करोड़ की लागत से मंदिर को भव्यता प्रदान की जाएगी। इस काम में गांव में जितने भी समाज निवासरत है उन सभी समाजों के प्रतिनिधियों मने मंदिर निर्माण से लेकर मंदिर प्रतिष्ठा तक में सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया है। गांव के पंडित हरिश्चंद्र पंड्या, जलज पंड्या, शशांक पंड्या आदि के द्वारा विधि विधान के साथ मंत्रोच्चार सहित शुभ कार्य की शुरुआत की गई। बुधवार को मंदिर परिसर पर भगवती शंकर व्यास, महेशपाल सिंह, रमेश चंद्र व्यास, नारायण सिंह, नरेश निनामा, अजीत कटारा, पन्नालाल दर्जी, हितेश सुथार, देवशंकर मेहता, मगनलाल इटावल, रणछोड़ भोई, उमेश जोशी, पंकज गामोट, भरत व्यास, गोविंद व्यास, जयदीप गोस्वामी, विनोद गोस्वामी सहित सर्व समाज के लोग उपस्थित रहे।2
- सीमलवाड़ा। जिला आयुर्वेद विभाग में चिकित्सा सेवाओं को अधिक सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में जिलेभर के आयुर्वेद चिकित्सा से जुड़े कार्मिकों को नवीन प्रणाली के संचालन और उसके लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. बद्री नारायण मीणा द्वारा आयुर्वेद के प्रणेता भगवान धन्वंतरि की वंदना, दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ चिकित्सा सेवाओं में आधुनिक तकनीक का समावेश अत्यंत आवश्यक है, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। सहायक निदेशक डॉ. यशवंत कुमार परमार ने प्रशिक्षण को विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं में पारदर्शिता आएगी तथा कार्यों की निगरानी भी अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के मुख्य प्रशिक्षक डॉ. अभयसिंह मालीवाड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि दो दिनों में अलग-अलग समूह बनाकर जिले के सभी 63 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) केंद्रों पर कार्यरत कुल 106 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी एवं नर्स-कम्पाउंडरों को प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि इस नई प्रणाली के माध्यम से रोगियों का पंजीकरण, उपचार विवरण एवं दवा वितरण जैसी प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित रूप से संचालित की जा सकेंगी। इस प्रशिक्षण के माध्यम से आयुर्वेद चिकित्सा सेवाओं का डिजिटल रूपांतरण भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे चिकित्सकों और मरीजों के बीच समन्वय बेहतर होगा तथा उपचार प्रक्रिया अधिक सरल और त्वरित बन सकेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने इस पहल को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम बताते हुए इसे प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया।4
- Post by Raj Raj1
- प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक ही परिवार के सात लोग खाना खाने के बाद बीमार पड़ गए। सभी ने खुट्टगढ़ गांव के आडावेला पाड़ा में नोत कार्यक्रम के बाद हुए भोज में खाना खाया था। जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान रात में दाल-बाटी बनाई गई थी। अगले दिन दोपहर में परिवार के सदस्यों, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, ने वही भोजन खाया। भोजन करने के लगभग एक से दो घंटे के भीतर सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। बीमार पड़ने वालों में पांच बच्चे उदयलाल (5 वर्ष), संजू (7 वर्ष), शिल्पा (5 वर्ष), अनुष्का (3 वर्ष) और रामलाल (5 वर्ष) शामिल हैं। इनके अतिरिक्त जमकू (56 वर्ष) और सूरज (25 वर्ष) भी प्रभावित हुए।घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस की मदद से सभी मरीजों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गांव में जांच के लिए भेजी टीम जिला अस्पताल के पीएमओ आलोक यादव ने बताया कि सभी बच्चों का उपचार जारी है और डॉक्टरों को सक्रिय कर दिया गया है। सभी बच्चों की हालत सामान्य है। जिस गांव से बच्चे आए हैं, वहां एक टीम भेजने की तैयारी की जा रही है। पूरी घटना की जानकारी रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ पाएगी। फिलहाल, सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है।1
- हेलो दोस्तों बने रहिए हमारे शुरू है पर जिस पर हम बता रहे हैं आपको गर्मी के मौसम में राजस्थान के अंदर किस तरह के खेत की जाती है इस प्रकार नहीं की जाती है यहां पर क्या-क्या खेती होती है और एक खेती कब से कब तक होती है इसके बारे में बताइए लेकिन जरा इस वीडियो में भी आप देख सकते हैं1
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के सज्जनगढ़ ब्लॉक में जल संकट और पलायन की समस्या के बीच बिजलपुर गांव की दयाबाई मोतीलाल डोडीयार ने सामूहिक प्रयास से बदलाव की मिसाल पेश की। वर्षों से निष्क्रिय पड़े चेकडेम के गहरीकरण का प्रस्ताव दयाबाई और सक्षम समूह की महिलाओं—बिनुबाई डोडीयार, हीरा डोडीयार, राधिका डोडीयार, मीरा डोडीयार, संगीता डोडीयार, राजकुमारी डोडीयार, मंजुला डोडीयार, काली डोडीयार, लक्ष्मी डोडीयार, शिला डोडीयार, देवली डोडीयार, सीता डोडीयार—ने मिलकर रखा। ग्राम पंचायत गोदावाड़ा नारंग द्वारा मनरेगा के तहत कार्य स्वीकृत हुआ और 70 परिवारों के सहयोग से चेकडेम गहरा किया गया। बारिश में पानी भरने से 62 बीघा भूमि पर 14 किसानों ने रबी फसल बोई, जिससे पलायन रुका और गांव में रोजगार व स्थायित्व बढ़ा। इस पहल से जलस्तर सुधरा, पशुपालन को लाभ मिला और करीब 2200 रोजगार दिवस सृजित हुए। दयाबाई का यह प्रयास दर्शाता है कि सामूहिक भागीदारी और जल संरक्षण से ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव संभव है।1