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हिंदुस्तान में जितने रेप्स हैं इनका चौराहे में तंग कर पुतला करने वाले कभी रूह कांप जाए ऐसा कानून लागू करिए मोदी जी आदित्यनाथ योगी जी आपका सादर नमन प्रणाम मेरा मैं फतेहपुर जिले का रहने वाला हूं

18 hrs ago
user_उत्तम सिंह
उत्तम सिंह
फतेहपुर, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
18 hrs ago

हिंदुस्तान में जितने रेप्स हैं इनका चौराहे में तंग कर पुतला करने वाले कभी रूह कांप जाए ऐसा कानून लागू करिए मोदी जी आदित्यनाथ योगी जी आपका सादर नमन प्रणाम मेरा मैं फतेहपुर जिले का रहने वाला हूं

More news from Unnao and nearby areas
  • जनपद उन्नाव के नगर पंचायत अचलगंज सफाई कर्मियों को वेतन न मिलने से गर्मियों के पारिवारिक जान परेशान
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    जनपद उन्नाव के नगर पंचायत अचलगंज सफाई कर्मियों को वेतन न मिलने से गर्मियों के पारिवारिक जान परेशान
    user_RN Vishwkarma
    RN Vishwkarma
    Bighapur, Unnao•
    21 hrs ago
  • Post by Shyamu Patel
    1
    Post by Shyamu Patel
    user_Shyamu Patel
    Shyamu Patel
    Police Officer सलोन, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    43 min ago
  • पूर्व विधायक राकेश सिंह का बड़ा फैसला राम भक्त हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक का बड़ा फैसला, पंचायत चुनाव में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेंगे Rakesh Singh
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    पूर्व विधायक राकेश सिंह का बड़ा फैसला 
राम भक्त हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक का बड़ा फैसला, पंचायत चुनाव में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेंगे Rakesh Singh
    user_RAMA SHANKAR SHUKLA
    RAMA SHANKAR SHUKLA
    Journalist पुरवा, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • 🪔 1) विवाद की शुरुआत — मौनी अमावस्या Magh Mela 2026 मौनी अमावस्या (19–20 जनवरी 2026) के अवसर पर प्रयागराज (संगम) में अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य स्नान करने निकले, लेकिन प्रशासन/पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इससे उनके अनुयायियों और अधिकारियों के बीच धक्कामुक्की हुई। � AajTak विवाद के दौरान उनकी पालकी रोकी गई, छत्र टूटने जैसे घटनाक्रम भी सामने आए। � AajTak इसके बाद उन्होंने धरना देकर विरोध जताया, प्रशासन पर अपने अनुयायियों के साथ मारपीट का आरोप लगाया और मांग की कि उनसे माफी ली जाए। � AajTak +1 👉 यह घटना धार्मिक आयोजन में शक्ति/प्रशासन बनाम एक धार्मिक व्यक्ति का पहला बड़ा टकराव थी। 📜 2) प्रशासनिक कार्रवाई — “शंकराचार्य” शीर्षक पर नोटिस मेला प्रशासन ने उनके खिलाफ नोटिस जारी किया कि वे ‘शंकराचार्य’ का उपयोग क्यों कर रहे हैं, जबकि उस पद के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में लंबित विवाद है। � The Economic Times +2 नोटिस में यह भी कहा गया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद वे स्वयं को उस पद से जोड़ रहे हैं, इसलिए स्पष्ट जवाब दें। � The Economic Times 📌 यह प्रशासनिक कदम विवाद को एक धार्मिक पद की वैधता और दस्तावेज़ों/न्यायिक स्थिति के स्तर तक ले गया है। ⚖️ 3) पृष्ठभूमि — 73 साल पुराना शंकराचार्य विवाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शंकराचार्य पद को लेकर विवाद कोई नया नहीं है, बल्कि लंबे समय से न्यायालयों में मामला लंबित है कि ज्योतिषपीठ के वास्तविक शंकराचार्य कौन हैं। � AajTak इलाहाबाद हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में यह मामला वर्षों से जारी रहा है, और कोर्ट ने किसी नई पुष्टि से पहले संबंधित कदमों पर रोक लगा रखी है। � The Hans India 👉 प्रशासन का नोटिस इसी क़ानूनी अनिश्चितता को आधार बना रहा है। 🔥 4) राजनीतिक बवाल विवाद केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तेजी से राजनीतिक मोड़ ले लिया है: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार किसी संत की हैसियत पर सवाल नहीं उठा सकती। � Amar Ujala समाजवादी पार्टी के नेता ने भी सरकार के रवैये को ‘सनातन परंपरा का अपमान’ बताया। � Devdiscourse अविमुक्तेश्वरानंद खुद भी योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे हिंदुओं के प्रति असंवेदनशील हैं। � Navbharat Live 👉 इस तरह विवाद धार्मिक अधिकार, प्रशासनिक नियंत्रण और राजनीतिक प्रतिक्रिया के बीच एक बड़ा मुद्दा बन गया है। 🧵 5) विवाद के इर्द-गिर्द अन्य आरोप-प्रत्यारोप विवाद से पहले भी अविमुक्तेश्वरानंद का सरकारी और धार्मिक पदाधिकारियों के बीच मतभेद रहा है, जैसे उन्हें महाराष्ट्र में “state guest” दर्जा खोने का मामला, � The Week कुछ संतों द्वारा उन्हें ‘fake Shankaracharya’ कहे जाने और उन पर आपत्तिजनक आरोप लगाने के मामले। � First India इस पर उन्होंने कानूनी कार्रवाई भी की है, जिसमें हाईकोर्ट में मुक़दमे चल चुके हैं। � latestlaws.com 👉 ये मामलों से यह स्पष्ट होता है कि विवाद केवल मौनी अमावस्या तक सीमित नहीं, बल्कि एक लंबा धार्मिक–राजनीतिक संघर्ष बन चुका है। 📍 वर्तमान स्थिति — अब तक कहाँ तक पहुँचा? ✅ मौनी अमावस्या के दौरान हुई रोक और झड़प से शुरू हुआ विवाद अब: प्रशासनिक नोटिसों और कानूनी प्रश्नों तक पहुँच गया है। � The Economic Times राजनीतिक दलों के बयानबाज़ी में बदल गया है। � Amar Ujala धर्म, सत्ता और न्यायपालिका के लंबित मामलों के बीच जुड़ा हुआ मुद्दा बन गया है। � AajTak 👉 इसका अगला चरण यह होगा कि न्यायालय इस विवादित शीर्षक पर अंतिम फैसला कब करेगा, और क्या प्रशासन या सरकार इससे संबंधित कार्रवाईें जारी रखेगी या नहीं — यह आगे की दिशा तय करेगा।
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    🪔 1) विवाद की शुरुआत — मौनी अमावस्या Magh Mela 2026
मौनी अमावस्या (19–20 जनवरी 2026) के अवसर पर प्रयागराज (संगम) में अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य स्नान करने निकले, लेकिन प्रशासन/पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इससे उनके अनुयायियों और अधिकारियों के बीच धक्कामुक्की हुई। �
AajTak
विवाद के दौरान उनकी पालकी रोकी गई, छत्र टूटने जैसे घटनाक्रम भी सामने आए। �
AajTak
इसके बाद उन्होंने धरना देकर विरोध जताया, प्रशासन पर अपने अनुयायियों के साथ मारपीट का आरोप लगाया और मांग की कि उनसे माफी ली जाए। �
AajTak +1
👉 यह घटना धार्मिक आयोजन में शक्ति/प्रशासन बनाम एक धार्मिक व्यक्ति का पहला बड़ा टकराव थी।
📜 2) प्रशासनिक कार्रवाई — “शंकराचार्य” शीर्षक पर नोटिस
मेला प्रशासन ने उनके खिलाफ नोटिस जारी किया कि वे ‘शंकराचार्य’ का उपयोग क्यों कर रहे हैं, जबकि उस पद के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में लंबित विवाद है। �
The Economic Times +2
नोटिस में यह भी कहा गया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद वे स्वयं को उस पद से जोड़ रहे हैं, इसलिए स्पष्ट जवाब दें। �
The Economic Times
📌 यह प्रशासनिक कदम विवाद को एक धार्मिक पद की वैधता और दस्तावेज़ों/न्यायिक स्थिति के स्तर तक ले गया है।
⚖️ 3) पृष्ठभूमि — 73 साल पुराना शंकराचार्य विवाद
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शंकराचार्य पद को लेकर विवाद कोई नया नहीं है, बल्कि लंबे समय से न्यायालयों में मामला लंबित है कि ज्योतिषपीठ के वास्तविक शंकराचार्य कौन हैं। �
AajTak
इलाहाबाद हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में यह मामला वर्षों से जारी रहा है, और कोर्ट ने किसी नई पुष्टि से पहले संबंधित कदमों पर रोक लगा रखी है। �
The Hans India
👉 प्रशासन का नोटिस इसी क़ानूनी अनिश्चितता को आधार बना रहा है।
🔥 4) राजनीतिक बवाल
विवाद केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तेजी से राजनीतिक मोड़ ले लिया है:
कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार किसी संत की हैसियत पर सवाल नहीं उठा सकती। �
Amar Ujala
समाजवादी पार्टी के नेता ने भी सरकार के रवैये को ‘सनातन परंपरा का अपमान’ बताया। �
Devdiscourse
अविमुक्तेश्वरानंद खुद भी योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे हिंदुओं के प्रति असंवेदनशील हैं। �
Navbharat Live
👉 इस तरह विवाद धार्मिक अधिकार, प्रशासनिक नियंत्रण और राजनीतिक प्रतिक्रिया के बीच एक बड़ा मुद्दा बन गया है।
🧵 5) विवाद के इर्द-गिर्द अन्य आरोप-प्रत्यारोप
विवाद से पहले भी अविमुक्तेश्वरानंद का सरकारी और धार्मिक पदाधिकारियों के बीच मतभेद रहा है, जैसे
उन्हें महाराष्ट्र में “state guest” दर्जा खोने का मामला, �
The Week
कुछ संतों द्वारा उन्हें ‘fake Shankaracharya’ कहे जाने और उन पर आपत्तिजनक आरोप लगाने के मामले। �
First India
इस पर उन्होंने कानूनी कार्रवाई भी की है, जिसमें हाईकोर्ट में मुक़दमे चल चुके हैं। �
latestlaws.com
👉 ये मामलों से यह स्पष्ट होता है कि विवाद केवल मौनी अमावस्या तक सीमित नहीं, बल्कि एक लंबा धार्मिक–राजनीतिक संघर्ष बन चुका है।
📍 वर्तमान स्थिति — अब तक कहाँ तक पहुँचा?
✅ मौनी अमावस्या के दौरान हुई रोक और झड़प से शुरू हुआ विवाद अब:
प्रशासनिक नोटिसों और कानूनी प्रश्नों तक पहुँच गया है। �
The Economic Times
राजनीतिक दलों के बयानबाज़ी में बदल गया है। �
Amar Ujala
धर्म, सत्ता और न्यायपालिका के लंबित मामलों के बीच जुड़ा हुआ मुद्दा बन गया है। �
AajTak
👉 इसका अगला चरण यह होगा कि न्यायालय इस विवादित शीर्षक पर अंतिम फैसला कब करेगा, और क्या प्रशासन या सरकार इससे संबंधित कार्रवाईें जारी रखेगी या नहीं — यह आगे की दिशा तय करेगा।
    user_Vinay Kumar Srivastav
    Vinay Kumar Srivastav
    Travel Agent सलोन, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • आज महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून ( मनरेगा ) मनरेगा बचाओ संग्राम चौपालें न्याय पंचायत बैंती के अन्तर्गत ग्राम पंचायत देहली के मजरे बलभद्र खेड़ा, ग्राम पंचायत दहिगवां के मजरे नाइन का पुरवा में संयोजक न्याय पंचायत अध्यक्ष बैंती श्री बीरेंद्र दीक्षित एवं आयोजकों में ग्राम पंचायत अध्यक्षों, बूथ अध्यक्षों के नेतृत्व में की गयी। चौपालों की अध्यक्षता ब्लाक अध्यक्ष दिनेश यादव ने किया। चौपाल में मुख्य वक्ता मनरेगा बचाओ संग्राम जिला कोआर्डिनेटर श्री उमेश बहादुर सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून ग्रामीण विकास गरीब अकुशल श्रमिकों के हित की विश्व सबसे बड़ी योजना लागू किया जिसमें ग्राम वासियों को ग्रामो के विकास करने का अधिकार एवं श्रमिकों को काम का कानूनी अधिकार दिया गया गांव का चहुंमुखी विकास हुआ। जिसको मोदी सरकार ने मनरेगा कानून में संशोधन करके बीबीजी राम योजना, ग्राम पंचायतों को योजनाएं बनाने एवं श्रमिकों के भुगतान समय से करने का कोई उल्लेख नहीं है। कांग्रेस की सरकार में समय से भुगतान मिलता था जबसे कांग्रेस की सरकार केन्द्र में नहीं है समय से मजदूरी भुगतान 6 माह तक नहीं दिया जा रहा है । आदरणीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी माननीया श्रीमती सोनिया गांधी जी, नेता बिपक्ष आदरणीय राहुल गांधी जी, आदरणीया प्रियंका गांधी वाड्रा जी, ने मनरेगा बचाओ संग्राम का मनरेगा कानून के स्थान केन्द्र सरकार के द्वारा बदलाव खत्म करने तक जारी रहेगा। पराग प्रसाद रावत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करते पंचायतीराज कानून लागू किया जिसमें पिछड़े दलितों महिलाओं को आरक्षण देकर प्रधान , ब्लाक प्रमुख जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का मौका दिया ग्रामीण विकास के लिए जवाहर रोजगार योजना के माध्यम से विकास की बुनियाद मजबूत किया मोदी सरकार ने कांग्रेस सरकार की योजना का नाम बदलने का कार्य किया प्रमुख राजीव गांधी विद्युतीकरण, इन्दिरा गांधी आवास प्रमुख हैं उनकी विकास की कोई उपलब्धि नहीं है। मोदी सरकार ने सिर्फ महंगाई भृष्टाचार महिलाओं पर अत्याचार दुष्कर्म चरम पर है। मनरेगा कानून बहाल होने तक सड़क एवं जरूरत पड़ने पर जेल भरो आंदोलन होगा। ब्लाक अध्यक्ष दिनेश श्री यादव ने कहा कि यूपीए सरकार ने गरीबों को भूख से बचाने के लिए खाद्य सुरक्षा कानून बनाया जिसमें 72 प्रतिशत देश के गरीबों दो रुपए 3 रूपये प्रति किलो गेहूं चावल उपलब्ध कराया मोदी सरकार ने मिट्टी का तेल बंद कर गरीबों का चिराग छीना महंगाई चरम पर सोना चांदी इतना महंगा है गरीबों के विवाह आदि करना मुश्किल है जबकि यूपीए सरकार में काफी कम था गैस सिलेंडर इतना महंगा है कि खाना बनाना मुश्किल है गरीब महिलाएं चूल्हा जलाने पर मजबूर हैं। मनरेगा कानून में संशोधन वापस न लेने पर ब्लाक स्तर पर बिशाल धरना प्रदर्शन किया जायेगा। जिला सचिव ब्लाक प्रभारी श्री पल्टू दास पासी कैलाश नाथ विक्रम, साहब दीन पासी राजकुमारी रामनरेश बूथ अध्यक्ष नीलेश कुमार मिश्र, बिनोद कुमार सविता, ग्राम सभा अध्यक्ष ग्रामीणों एवं महिलाओं की उपस्थिति रही संचालन न्याय पंचायत अध्यक्ष बीरेंद्र दीक्षित ने किया।
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    आज महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून ( मनरेगा ) मनरेगा बचाओ संग्राम चौपालें न्याय पंचायत बैंती के अन्तर्गत ग्राम पंचायत देहली के मजरे बलभद्र खेड़ा, ग्राम पंचायत दहिगवां के मजरे नाइन का पुरवा में संयोजक न्याय पंचायत अध्यक्ष बैंती श्री बीरेंद्र दीक्षित एवं आयोजकों में ग्राम पंचायत अध्यक्षों, बूथ अध्यक्षों के नेतृत्व में की गयी।
चौपालों की अध्यक्षता ब्लाक अध्यक्ष दिनेश यादव ने किया।
चौपाल में मुख्य वक्ता मनरेगा बचाओ संग्राम जिला कोआर्डिनेटर श्री उमेश बहादुर सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून ग्रामीण विकास गरीब अकुशल श्रमिकों के हित की विश्व सबसे बड़ी योजना लागू किया जिसमें ग्राम वासियों को ग्रामो के विकास करने का अधिकार एवं श्रमिकों को काम का कानूनी अधिकार दिया गया गांव का चहुंमुखी विकास हुआ।
जिसको मोदी सरकार ने मनरेगा कानून में संशोधन करके बीबीजी राम योजना, ग्राम पंचायतों को योजनाएं बनाने एवं श्रमिकों के भुगतान समय से करने का कोई उल्लेख नहीं है। कांग्रेस की सरकार में समय से भुगतान मिलता था 
जबसे कांग्रेस की सरकार केन्द्र में नहीं है समय से मजदूरी भुगतान 6 माह तक नहीं दिया जा रहा है ।
आदरणीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी माननीया श्रीमती सोनिया गांधी जी, नेता बिपक्ष आदरणीय राहुल गांधी जी, आदरणीया प्रियंका गांधी वाड्रा जी, ने मनरेगा बचाओ संग्राम का मनरेगा कानून के स्थान केन्द्र सरकार के द्वारा बदलाव खत्म करने तक जारी रहेगा।
पराग प्रसाद रावत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करते पंचायतीराज कानून लागू किया जिसमें पिछड़े दलितों महिलाओं को आरक्षण देकर प्रधान , ब्लाक प्रमुख जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का मौका दिया ग्रामीण विकास के लिए जवाहर रोजगार योजना के माध्यम से विकास की बुनियाद मजबूत किया
मोदी सरकार ने कांग्रेस सरकार की योजना का नाम बदलने का कार्य किया प्रमुख राजीव गांधी विद्युतीकरण, इन्दिरा गांधी आवास प्रमुख हैं उनकी विकास की कोई उपलब्धि नहीं है।
मोदी सरकार ने सिर्फ महंगाई भृष्टाचार महिलाओं पर अत्याचार दुष्कर्म चरम पर है। मनरेगा कानून बहाल होने तक सड़क एवं जरूरत पड़ने पर जेल भरो आंदोलन होगा।
ब्लाक अध्यक्ष दिनेश श्री  यादव ने कहा कि यूपीए सरकार ने गरीबों को भूख से बचाने के लिए खाद्य सुरक्षा कानून बनाया जिसमें 72 प्रतिशत देश के गरीबों दो रुपए 3 रूपये प्रति किलो गेहूं चावल उपलब्ध कराया मोदी सरकार ने मिट्टी का तेल बंद कर गरीबों का चिराग छीना महंगाई चरम पर सोना चांदी इतना महंगा है गरीबों के विवाह आदि करना मुश्किल है जबकि यूपीए सरकार में काफी कम था गैस सिलेंडर इतना महंगा है कि खाना बनाना मुश्किल है गरीब महिलाएं चूल्हा जलाने पर मजबूर हैं।
मनरेगा कानून में संशोधन वापस न लेने पर ब्लाक स्तर पर बिशाल धरना प्रदर्शन किया जायेगा।
जिला सचिव ब्लाक प्रभारी श्री पल्टू दास पासी कैलाश नाथ विक्रम, साहब दीन पासी राजकुमारी  रामनरेश बूथ अध्यक्ष नीलेश कुमार मिश्र, बिनोद कुमार सविता, ग्राम सभा अध्यक्ष ग्रामीणों एवं महिलाओं  की उपस्थिति रही
संचालन न्याय पंचायत अध्यक्ष बीरेंद्र दीक्षित ने किया।
    user_Parag Prasad Rawat
    Parag Prasad Rawat
    Political party office Rae Bareli, Uttar Pradesh•
    14 hrs ago
  • Post by भारत बजरंग दल अध्यक्ष
    1
    Post by भारत बजरंग दल अध्यक्ष
    user_भारत बजरंग दल अध्यक्ष
    भारत बजरंग दल अध्यक्ष
    ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • जनपद उन्नाव के उच्च गांव चौराहा थाना क्षेत्र, बारासगवर, सुमेरपुर, भगवंत नगर, मां चंद्रिका देवी धाम बक्सर रोड पर अत्यधिक डंपरों के आवागमन से ऊंच गांव चौराहे में प्रतिदिन हो रहे हादसों से ऊंच गांव बाजार के दुकानदार परेशान। पुलिस प्रशासन बनी मुकदर्शक।
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    जनपद उन्नाव के उच्च गांव चौराहा थाना क्षेत्र, बारासगवर, सुमेरपुर, भगवंत नगर, मां चंद्रिका देवी धाम बक्सर रोड पर अत्यधिक डंपरों के आवागमन से ऊंच गांव चौराहे में प्रतिदिन हो रहे हादसों से ऊंच गांव बाजार के दुकानदार परेशान। पुलिस प्रशासन बनी मुकदर्शक।
    user_RN Vishwkarma
    RN Vishwkarma
    Bighapur, Unnao•
    21 hrs ago
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य मे मेरी अपनी राय...
    1
    वर्तमान परिप्रेक्ष्य मे मेरी अपनी राय...
    user_Vinay Kumar Srivastav
    Vinay Kumar Srivastav
    Travel Agent सलोन, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Post by Shyamu Patel
    1
    Post by Shyamu Patel
    user_Shyamu Patel
    Shyamu Patel
    Police Officer सलोन, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
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