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धरना स्थल से कल्पना मिश्रा के पिता को हटाने की कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई और इसके पीछे प्रशासन का क्या पक्ष है? धरना स्थल से कल्पना मिश्रा के पिता को हटाने की कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई और इसके पीछे प्रशासन का क्या पक्ष है?
सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
धरना स्थल से कल्पना मिश्रा के पिता को हटाने की कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई और इसके पीछे प्रशासन का क्या पक्ष है? धरना स्थल से कल्पना मिश्रा के पिता को हटाने की कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई और इसके पीछे प्रशासन का क्या पक्ष है?
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- धरना स्थल से कल्पना मिश्रा के पिता को हटाने की कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई और इसके पीछे प्रशासन का क्या पक्ष है? धरना स्थल से कल्पना मिश्रा के पिता को हटाने की कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई और इसके पीछे प्रशासन का क्या पक्ष है?1
- *कल्पना के पिता को घसीटकर हटाने पर भड़के अभय मिश्रा,बोले अब जनता तय करेगी अगला कदम!* *15 दिन से न्याय के लिए आमरण अनशन, पुलिस कार्रवाई पर विधायक का आरोप ‘सत्ता के इशारे पर शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों पर अत्याचार’* *गुरुवार सुबह 11 बजे धरना स्थल पर जुटने की अपील, जनता की राय के बाद तय होगी आगे की रणनीति* रीवा। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर 15 दिनों से आमरण अनशन कर रहे मृतका कल्पना मिश्रा के पिता और अन्य अनशनकारियों को पुलिस द्वारा धरना स्थल से हटाए जाने के बाद सियासत गरमा गई है। सेमरिया विधायक अभय मिश्रा ने इस कार्रवाई को लेकर आमजन से संघर्ष में साथ खड़े होने की अपील की है। अभय मिश्रा ने कहा कि कल्पना मिश्रा के लाचार पिता अपनी बेटी और पोते के साथ हुई कथित अमानवीय घटना के खिलाफ पिछले 15 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे। उनका उद्देश्य केवल अपनी बेटी और पोते के लिए न्याय मांगना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी घटना किसी और बेटी या नवजात के साथ न हो। *‘सत्ता के इशारे पर घसीटकर उठाया’* विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आज सत्ता के इशारे पर अनशनरत कल्पना के पिता को घसीटकर धरना स्थल से हटा दिया। उन्होंने दावा किया कि धरना स्थल पर मौजूद शांतिपूर्ण लोगों के साथ भी पुलिस ने बल प्रयोग किया। *‘चुप रहे तो ऐसी घटनाएं दोहराई जाएंगी’* अभय मिश्रा ने जनता से सवालिया अंदाज में अपील की कि यदि आज इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज नहीं उठाई गई तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि न्याय की लड़ाई में घुटने टेकने का सवाल ही नहीं है और जनता का समर्थन ही इस संघर्ष की ताकत है। *कल 11 बजे धरना स्थल पर जुटेगी जनता* विधायक ने आमजन से गुरुवार सुबह 11 बजे धरना स्थल पर पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वहां जनता की राय और सुझाव लिए जाएंगे और उनके मशविरे के बाद ही आगे का कदम तय किया जाएगा। उन्होंने रीवा की जनता से अपील करते हुए कहा कि कल्पना मिश्रा के पिता के न्याय की लड़ाई में अपना समर्थन बनाए रखें और बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचें। अब सवाल यह है कि 15 दिन से चल रहे इस आंदोलन के बाद पुलिस कार्रवाई से मामला शांत होगा या जनता की बैठक के बाद आंदोलन एक नए चरण में प्रवेश करेगा?1
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- *##Happy birthday bhaiya* 🎂🎂🎁🎁💐💐....!! सतना जिले के गरीबों की जीवन रेखा बन चुके, जिन्हें लोग अब दानवीर कर्ण के नाम से जानते हैं, ऐसे वरिष्ठ समाजसेवी , युवा उद्योगपति, अभय ग्रुप ऑफ कंपनीज के डायरेक्टर बड़े भाई श्रीमान गुलाब शुक्ला जी को जन्मदिन कि अनंत शुभकामनाएं और बधाईयां आप सदैव स्वस्थ सुखी और दीर्घायु हो....!! आपका यश कीर्ति और वैभव सदैव बना रहे.....!!1
- स्वर्गीय कल्पना मिश्रा के पिता राम शिरोमणि मिश्रा को धरना स्थल से जबरन ले जाती पुलिस *स्वर्गीय कल्पना मिश्रा के पिता राम शिरोमणि मिश्रा को धरना स्थल से जबरन ले जाती पुलिस*1
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- 🚨 रीवा के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मीडिया की एंट्री पर रोक! गेट पर ही मीडियाकर्मियों को रोके जाने का आरोप, 📢 पत्रकारों ने किया धरना-प्रदर्शन ❓ आखिर पत्रकारों को गेट पर क्यों रोका गया? ❓ मीडिया प्रवेश पर रोक का आदेश किसका? रीवा | पत्रकार पंडित विकास रीवा: सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मीडिया की एंट्री पर रोक, पत्रकारों का धरना-प्रदर्शन रीवा के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मीडियाकर्मियों को गेट पर रोके जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल परिसर में प्रवेश करने पहुंचे पत्रकारों को गेट पर ही रोक दिया गया, जिसके बाद मीडियाकर्मियों में नाराजगी देखने को मिली। मीडिया प्रवेश पर रोक लगाए जाने के विरोध में पत्रकारों ने अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान पत्रकारों ने सवाल उठाया कि आखिर मीडियाकर्मियों को अस्पताल में प्रवेश से क्यों रोका गया और मीडिया की एंट्री पर रोक लगाने का आदेश किसके द्वारा जारी किया गया है। पत्रकारों का कहना है कि अस्पताल जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थाओं में मरीजों और उनके परिजनों से जुड़ी समस्याओं को सामने लाने के लिए मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रवेश पर रोक के आदेश को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए। अब बड़ा सवाल यही है कि मीडिया प्रवेश पर रोक का आदेश किसका है? क्या अस्पताल प्रबंधन ने कोई लिखित आदेश जारी किया है, या फिर किसी अन्य स्तर से यह निर्देश दिए गए हैं? फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।1
- "बांधी मौहार का पुराना हनुमान सागर तालाब फूटा, पुल में लगा गेट क्षतिग्रस्त,, सतना। उचेहरा जनपद पंचायत उचेहरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बांधी मौहार का पुराना हनुमान सागर तालाब सुबह फूट गया। तालाब के पुल में पानी की निकासी के लिए लगा गेट क्षतिग्रस्त होने के बाद पानी तेज बहाव के साथ बाहर निकलने लगा। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार बारिश के बाद तालाब में जलभराव बढ़ने से पुल में लगे गेट पर पानी का दबाव बढ़ गया। गेट क्षतिग्रस्त होने के बाद पानी के तेज बहाव से आसपास के क्षेत्र में भी जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासनिक अमले को दी है। काफी पुराना तालाब होने के कारण हनुमान सागर ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण जलस्रोत माना जाता है। ग्रामीणों ने मौके का तत्काल निरीक्षण कर गेट और तालाब की स्थिति का जायजा लेने तथा आवश्यक सुरक्षा एवं सुधार कार्य कराने की मांग की है।1