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गेहूं उपार्जन में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी Cm मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की गेहूं उपार्जन की समीक्षा ------------------------ *गेहूं उपार्जन में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी Cm

2 hrs ago
user_Umaria News 24
Umaria News 24
Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

गेहूं उपार्जन में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी Cm मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की गेहूं उपार्जन की समीक्षा ------------------------ *गेहूं उपार्जन में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी Cm

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  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की गेहूं उपार्जन की समीक्षा ------------------------ *गेहूं उपार्जन में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी Cm
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    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की गेहूं उपार्जन की समीक्षा
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*गेहूं उपार्जन में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी Cm
    user_Umaria News 24
    Umaria News 24
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *स्टेशन चौराहे पर पुलिस के CCTV कंट्रोल सिस्टम को गुमटी ने ढका, सुरक्षा पर उठे सवाल* उमरिया //नगर मुख्यालय के व्यस्त स्टेशन चौराहे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां पुलिस विभाग द्वारा शहर की निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का मुख्य कंट्रोल सिस्टम स्थापित है, लेकिन एक गुमटी संचालक ने अपनी दुकान के जरिए इस सिस्टम को ढक दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे न केवल निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि सिस्टम को नुकसान पहुंचने की भी आशंका बनी हुई है। मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, बावजूद इसके अब तक गुमटी हटाने या कार्रवाई को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब सुरक्षा के अहम उपकरण ही सुरक्षित नहीं हैं, तो शहर की निगरानी कैसे प्रभावी होगी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस लापरवाही पर कब तक कार्रवाई करता है।
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    *स्टेशन चौराहे पर पुलिस के CCTV कंट्रोल सिस्टम को गुमटी ने ढका, सुरक्षा पर उठे सवाल*
उमरिया //नगर मुख्यालय के व्यस्त स्टेशन चौराहे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां पुलिस विभाग द्वारा शहर की निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का मुख्य कंट्रोल सिस्टम स्थापित है, लेकिन एक गुमटी संचालक ने अपनी दुकान के जरिए इस सिस्टम को ढक दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे न केवल निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि सिस्टम को नुकसान पहुंचने की भी आशंका बनी हुई है।
मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, बावजूद इसके अब तक गुमटी हटाने या कार्रवाई को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब सुरक्षा के अहम उपकरण ही सुरक्षित नहीं हैं, तो शहर की निगरानी कैसे प्रभावी होगी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस लापरवाही पर कब तक कार्रवाई करता है।
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • *ताला–पनपथा मार्ग पर 4 घंटे से ठप रफ्तार: हाइवा ब्रेकडाउन बना वजह, लापरवाही ने बढ़ाया संकट* *(आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया)* ताला–पनपथा मार्ग पर रविवार सुबह 8 बजे से लगा जाम दोपहर 12:30 बजे तक भी नहीं खुल पाया। एक हाइवा के बीच सड़क खराब होने से शुरू हुई समस्या, सिंगल रोड और अधूरी पटरी के कारण विकराल रूप लेती गई। लेकिन सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक उदासीनता पर खड़ा हो रहा है। मौके पर न तो पुलिस की सक्रिय मौजूदगी दिखी, न ही वन विभाग का कोई अमला। नतीजा—हजारों की संख्या में फंसे लोग 42 डिग्री की झुलसाती गर्मी में बेहाल रहे। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं पानी के लिए तरसते नजर आए, कई लोग मजबूरी में जंगल की ओर भटकते दिखे और पेड़ों की छांव में बैठकर राहत तलाशते रहे। स्थिति और चिंताजनक इसलिए भी है क्योंकि यह पूरा इलाका वन क्षेत्र से सटा हुआ है। ऐसे में जाम में फंसे लोगों का जंगल की ओर जाना, जंगली जानवरों के खतरे को भी बढ़ा रहा है। इसके बावजूद वन विभाग की निष्क्रियता गंभीर सवाल खड़े करती है। सबसे तीखा सवाल यहीं से उठता है—चार घंटे से ज्यादा समय तक जाम लगा रहा, लेकिन जिम्मेदार महकमा मौके से गायब क्यों रहा? क्या आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई पूर्व योजना नहीं? एक सामान्य ब्रेकडाउन ने पूरे सिस्टम की तैयारी की पोल खोल दी। यह सिर्फ चूक नहीं, बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। जब हालात इतने बिगड़ जाएं कि लोग पानी के लिए जंगल की ओर भटकने लगें, और फिर भी प्रशासन हरकत में न आए—तो यह सीधे-सीधे जवाबदेही का मुद्दा बनता है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग इस लापरवाही पर कोई ठोस कार्रवाई करते हैं या फिर हर बार की तरह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
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    *ताला–पनपथा मार्ग पर 4 घंटे से ठप रफ्तार: हाइवा ब्रेकडाउन बना वजह, लापरवाही ने बढ़ाया संकट*
*(आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया)*
ताला–पनपथा मार्ग पर रविवार सुबह 8 बजे से लगा जाम दोपहर 12:30 बजे तक भी नहीं खुल पाया। एक हाइवा के बीच सड़क खराब होने से शुरू हुई समस्या, सिंगल रोड और अधूरी पटरी के कारण विकराल रूप लेती गई। लेकिन सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक उदासीनता पर खड़ा हो रहा है।
मौके पर न तो पुलिस की सक्रिय मौजूदगी दिखी, न ही वन विभाग का कोई अमला। नतीजा—हजारों की संख्या में फंसे लोग 42 डिग्री की झुलसाती गर्मी में बेहाल रहे। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं पानी के लिए तरसते नजर आए, कई लोग मजबूरी में जंगल की ओर भटकते दिखे और पेड़ों की छांव में बैठकर राहत तलाशते रहे।
स्थिति और चिंताजनक इसलिए भी है क्योंकि यह पूरा इलाका वन क्षेत्र से सटा हुआ है। ऐसे में जाम में फंसे लोगों का जंगल की ओर जाना, जंगली जानवरों के खतरे को भी बढ़ा रहा है। इसके बावजूद वन विभाग की निष्क्रियता गंभीर सवाल खड़े करती है।
सबसे तीखा सवाल यहीं से उठता है—चार घंटे से ज्यादा समय तक जाम लगा रहा, लेकिन जिम्मेदार महकमा मौके से गायब क्यों रहा? क्या आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई पूर्व योजना नहीं? एक सामान्य ब्रेकडाउन ने पूरे सिस्टम की तैयारी की पोल खोल दी। यह सिर्फ चूक नहीं, बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
जब हालात इतने बिगड़ जाएं कि लोग पानी के लिए जंगल की ओर भटकने लगें, और फिर भी प्रशासन हरकत में न आए—तो यह सीधे-सीधे जवाबदेही का मुद्दा बनता है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग इस लापरवाही पर कोई ठोस कार्रवाई करते हैं या फिर हर बार की तरह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    16 min ago
  • उमरिया। जिला मुख्यालय में बाल श्रम का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में छोटे बच्चों को भारी सामान ट्रक में लोड करते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पाली रोड स्थित मंसूरी ट्रेडर्स, अब्दुल कबाड़ी का है। वीडियो के सामने आने के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है। लोग इसे न सिर्फ अमानवीय बता रहे हैं, बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी मान रहे हैं। भारत में बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से इस तरह का काम करवाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद खुलेआम बच्चों से मजदूरी करवाई जा रही है, जो जिम्मेदार विभागों की लापरवाही को उजागर करता है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात लेबर इंस्पेक्टर यश दत्त त्रिपाठी का बयान है। जब उनसे इस वायरल वीडियो को लेकर बात की गई, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनका यह जवाब अब सवालों के घेरे में है। जब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, तो जिम्मेदार अधिकारी अनजान कैसे रह सकते हैं? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब शहर में बाल श्रम के मामले सामने आए हों। पहले भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर ठोस कदम कम ही देखने को मिले हैं। अब यह वीडियो एक बार फिर पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। चाइल्डलाइन, पुलिस और श्रम विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कानून होने के बावजूद यदि बच्चों से इस तरह काम लिया जा रहा है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि निगरानी और कार्रवाई में कहीं न कहीं बड़ी चूक हो रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस वायरल वीडियो के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, इस घटना ने बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।
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    उमरिया। जिला मुख्यालय में बाल श्रम का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में छोटे बच्चों को भारी सामान ट्रक में लोड करते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पाली रोड स्थित मंसूरी ट्रेडर्स, अब्दुल कबाड़ी का है।
वीडियो के सामने आने के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है। लोग इसे न सिर्फ अमानवीय बता रहे हैं, बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी मान रहे हैं। भारत में बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से इस तरह का काम करवाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद खुलेआम बच्चों से मजदूरी करवाई जा रही है, जो जिम्मेदार विभागों की लापरवाही को उजागर करता है।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात लेबर इंस्पेक्टर यश दत्त त्रिपाठी का बयान है। जब उनसे इस वायरल वीडियो को लेकर बात की गई, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनका यह जवाब अब सवालों के घेरे में है। जब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, तो जिम्मेदार अधिकारी अनजान कैसे रह सकते हैं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब शहर में बाल श्रम के मामले सामने आए हों। पहले भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर ठोस कदम कम ही देखने को मिले हैं। अब यह वीडियो एक बार फिर पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है।
चाइल्डलाइन, पुलिस और श्रम विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कानून होने के बावजूद यदि बच्चों से इस तरह काम लिया जा रहा है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि निगरानी और कार्रवाई में कहीं न कहीं बड़ी चूक हो रही है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि इस वायरल वीडियो के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, इस घटना ने बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • शहडोल-अनूपपुर में पुलिस पर जानलेवा हमला कर सर्विस पिस्टल लूटने वाले 3 आरोपियों को पुलिस ने किरार जंगल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से लूटी गई पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। इस हमले में चौकी प्रभारी मंगला दुबे और एक आरक्षक घायल हुए थे। पुलिस ने महज 4 दिन में मामले का खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की।
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    शहडोल-अनूपपुर में पुलिस पर जानलेवा हमला कर सर्विस पिस्टल लूटने वाले 3 आरोपियों को पुलिस ने किरार जंगल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से लूटी गई पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। इस हमले में चौकी प्रभारी मंगला दुबे और एक आरक्षक घायल हुए थे। पुलिस ने महज 4 दिन में मामले का खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की।
    user_Sumit Singh Chandel
    Sumit Singh Chandel
    Local News Reporter गोहपारू, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • 📍कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता द्वारा कमिश्नर कार्यालय के अमरकंटक सभाकक्ष में शहडोल संभाग के विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा जा रही है। बैठक में कलेक्टर शहडोल डॉ. केदार सिंह, कलेक्टर अनूपपुर श्री हर्षल पंचोली, कलेक्टर उमरिया श्रीमती राखी सहाय सहित विभिन्न विभागों के संभागीय अधिकारी उपस्थित है।
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    📍कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता द्वारा कमिश्नर कार्यालय के अमरकंटक सभाकक्ष में शहडोल संभाग के विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा जा रही है।
बैठक में कलेक्टर शहडोल डॉ. केदार सिंह, कलेक्टर अनूपपुर श्री हर्षल पंचोली, कलेक्टर उमरिया श्रीमती राखी सहाय सहित विभिन्न विभागों के संभागीय अधिकारी उपस्थित है।
    user_अजय कुमार केवट
    अजय कुमार केवट
    Photographer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    1 day ago
  • समस्त मकान की बिजली फिटिंग एवं थ्री फेस वायरिंग जैसे कार्य के लिए संपर्क करें 75664 96923 इलेक्ट्रीशियन राजकुमार यादव
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    समस्त मकान की बिजली फिटिंग एवं थ्री फेस वायरिंग जैसे कार्य के लिए संपर्क करें 75664 96923 इलेक्ट्रीशियन राजकुमार यादव
    user_Electrician Rajkumar Yadav
    Electrician Rajkumar Yadav
    Katni Nagar, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • 12लोग गंभीर रूप से घायल, जिला अस्पताल में इलाज जारी
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    12लोग गंभीर रूप से घायल, जिला अस्पताल में इलाज जारी
    user_Umaria News 24
    Umaria News 24
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
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