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प्रयागराज के थाना खीरी क्षेत्र स्थित महुली गांव के समीप टोंस नदी से अवैध रूप से बालू खनन किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। सूत्रों के मुताबिक, खनन विभाग द्वारा पूर्व में इस क्षेत्र में बालू खनन पर रोक लगाई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद नदी से बालू निकालने का कार्य जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध खनन के कारण टोंस नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है और इससे किसानों की जमीन तथा पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों ने खनन विभाग व पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए, अवैध खनन में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और नदी से बालू उठान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
पुष्पराज सिंह
प्रयागराज के थाना खीरी क्षेत्र स्थित महुली गांव के समीप टोंस नदी से अवैध रूप से बालू खनन किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। सूत्रों के मुताबिक, खनन विभाग द्वारा पूर्व में इस क्षेत्र में बालू खनन पर रोक लगाई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद नदी से बालू निकालने का कार्य जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध खनन के कारण टोंस नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है और इससे किसानों की जमीन तथा पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों ने खनन विभाग व पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए, अवैध खनन में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और नदी से बालू उठान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
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- बड़े-बड़े दावों के साथ शुरू हुआ 4700 करोड़ रुपये की लागत वाला लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एलिवेटेड एक्सप्रेसवे महज़ 12 दिनों में ही धंस गया है। सड़क का हिस्सा धंसने के बाद अब आनन-फानन में मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। सड़क के धंसने के इस मामले में समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर सीधे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं।1
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- प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर से लाइव आकर लोगों को अपना संदेश दिया है।1
- प्रयागराज के कटरा स्थित फकीरेगंज मोहल्ले में बारिश ने नगर निगम की तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। क्षेत्र में नालियों के अभाव और समुचित निकासी व्यवस्था न होने के कारण हल्की से मध्यम बारिश में ही गलियां तालाब में तब्दील हो जाती हैं। घुटनों तक पानी भर जाने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और कई मकानों में भी बारिश का पानी घुस गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों पुरानी इस समस्या पर बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया गया। निवासियों ने क्षेत्रीय पार्षद आनंद अग्रवाल पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार मांग करने पर भी व्यवस्था नहीं कराई गई। इस जलभराव के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि गंदे पानी से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने से लोगों में चिंता का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने प्रयागराज के महापौर और नगर निगम प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर नालियों का निर्माण कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में लगातार बारिश के बीच हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।1
- प्रयागराज के फाफामऊ गंगा घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह में अक्सर घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण अंतिम संस्कार के लिए आने वाले परिजनों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। लंबे समय से चली आ रही इस गंभीर समस्या का अब नगर निगम द्वारा समाधान कर दिया गया है। नगर निगम ने यहां 125 केवीए का जनरेटर स्थापित कर दिया है, जिससे अब बिजली जाने पर भी शवदाह गृह की प्रक्रिया रुकेगी नहीं। इस व्यवस्था के संबंध में क्षेत्रीय पार्षद निशा गुप्ता और उनके पति श्याम जी गुप्ता ने बताया कि जनरेटर लगने से बिजली कटौती के दौरान भी विद्युत शवदाह गृह का संचालन निर्बाध रूप से जारी रहेगा। इससे अंतिम संस्कार के लिए दूर-दूर से आने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी और लंबे इंतजार का सामना नहीं करना पड़ेगा।3
- प्रयागराज के सरायइनायत थाना क्षेत्र अंतर्गत उत्तरी कोटवा गांव में छुट्टी पर घर आए सीआरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर चंदन सिंह उर्फ मिंटू (46) का शव रविवार सुबह गांव के एक तालाब में मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। फाफामऊ (पड़िला) स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात चंदन सिंह अपनी बीमार मां के इलाज के लिए शुक्रवार को अवकाश लेकर घर आए थे। परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे वह घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। लगभग 10:30 बजे उनकी होंडा एक्टिवा गांव के पास स्थित तालाब के किनारे लावारिस हालत में मिली, जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पूरी रात उनकी तलाश की। रविवार सुबह ग्रामीणों ने तालाब में शव तैरता देखा, जिसकी पहचान परिजनों ने चंदन सिंह के रूप में की। घटना के बाद परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सरायइनायत थाना प्रभारी प्रवीण कुमार गौतम ने बताया कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल दुर्घटना सहित सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। मृतक अपने पीछे मां कमला देवी, पत्नी सपना, दो बेटियों सोनाक्षी एवं भूमिका, पुत्र शौर्य तथा भाई कुंदन को छोड़ गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल है।1