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चालक की लापरवाही के कारण ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलटा रायसेन जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में बेगमगंज रोड स्थित घाना जसरथी जोड़ के पास शनिवार रात करीब 9 बजे थ्रेसर लगा एक ट्रैक्टर पलट गया। जानकारी के मुताबिक चालक की लापरवाही के कारण ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलटा। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। #
KKREPORTER
चालक की लापरवाही के कारण ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलटा रायसेन जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में बेगमगंज रोड स्थित घाना जसरथी जोड़ के पास शनिवार रात करीब 9 बजे थ्रेसर लगा एक ट्रैक्टर पलट गया। जानकारी के मुताबिक चालक की लापरवाही के कारण ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलटा। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। #
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- -vineet maheshwari 9981322343 मध्य प्रदेश के छोटे से शहर रायसेन की 21 वर्षीय खुशी गहलोत की कहानी आज उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखते हैं। एक ड्राइवर की बेटी, जिसने धूल भरे मैदानों से अपना सफर शुरू किया था, अब इंडियन वुमेन्स लीग (IWL) के चकाचौंध भरे मैदानों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। संघर्षों से भरा रहा शुरुआती सफर खुशी के लिए फुटबॉल का मैदान चुनना आसान नहीं था। पिता पेशे से ड्राइवर हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि खेल के लिए महंगे स्पाइक्ड जूते या विशेष डाइट का खर्च उठाया जा सके। फुटबॉल को अपनी 'लाइफलाइन' मानने वाली खुशी ने हार नहीं मानी। 2017 में स्कूल से शुरुआत करने के बाद, उन्होंने अपनी ट्रेनिंग और किट का खर्च निकालने के लिए डेढ़ साल तक प्राइवेट नौकरी भी की। वह दिन में काम करती थीं और रातों में जी-तोड़ प्रैक्टिस। तेज रफ्तार और दमदार स्टैमिना बनी पहचान सेंट्रल मिडफील्डर के तौर पर खेलने वाली खुशी को उनकी रफ्तार और स्टैमिना के लिए जाना जाता है। लोकल टूर्नामेंट के दौरान स्काउट किए जाने के बाद उन्होंने रीजनल टीम में जगह बनाई। वर्तमान में वह अपनी टीम डीएफए रायसेन का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जिसने पहली बार IWL के लिए क्वालीफाई कर इतिहास रचा है। लक्ष्य अभी बाकी है सीनियर नेशनल चैंपियनशिप पर फोकस करने के लिए खुशी ने हाल ही में अपनी नौकरी छोड़ दी है। वह कहती हैं, "मैदान पर मेरा हर गोल मेरे परिवार और रायसेन के सम्मान के लिए होता है।" आर्थिक चुनौतियां आज भी बरकरार हैं, लेकिन खुशी का हौसला उनके खेल की तरह ही अडिग है। खुशी ने बताया कि 12 नेशनल खेल चुकी है ।1
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