पलामू के मेदिनीनगर स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र, चियांकी में 15 जून को किसानों के लिए एक दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को रसायनमुक्त खेती के प्रति जागरूक करना और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना था। इसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला में अमित तिवारी ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व और विधियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जानकारी दी कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत में कमी आती है, साथ ही यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है। तिवारी ने विशेष रूप से जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत के उपयोग और प्राकृतिक कीट नियंत्रण के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी जोर दिया कि प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाती है, बल्कि स्वस्थ खाद्यान्न उत्पादन का एक प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर अपनी निर्भरता कम करके प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया। यह प्राकृतिक खेती कार्यशाला मोदी सरकार के '12 साल विश्वास के, विकास के एवं जन कल्याण के' उपलक्ष्य में चियांकी स्थित बिरसा कृषि विज्ञान केंद्र में संपन्न हुई।
पलामू के मेदिनीनगर स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र, चियांकी में 15 जून को किसानों के लिए एक दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को रसायनमुक्त खेती के प्रति जागरूक करना और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना था। इसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला में अमित तिवारी ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व और विधियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जानकारी दी कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत में कमी आती है, साथ ही यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है। तिवारी ने विशेष रूप से जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत के उपयोग और प्राकृतिक कीट नियंत्रण के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी जोर दिया कि प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाती है, बल्कि स्वस्थ खाद्यान्न उत्पादन का एक प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर अपनी निर्भरता कम करके प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया। यह प्राकृतिक खेती कार्यशाला मोदी सरकार के '12 साल विश्वास के, विकास के एवं जन कल्याण के' उपलक्ष्य में चियांकी स्थित बिरसा कृषि विज्ञान केंद्र में संपन्न हुई।
- गढ़वा के उत्सव गार्डन में रविवार को निषाद समाज पर लगातार बढ़ रहे जुल्म, अत्याचार, सामाजिक उत्पीड़न और हत्या जैसी घटनाओं से चिंतित होकर एक महत्वपूर्ण सामाजिक चिंतन-मंथन एवं महागोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड निषाद विकास संघ, महर्षि वेदव्यास परिषद और निषाद समाज के विभिन्न सामाजिक एवं गैर-राजनीतिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में पलामू प्रमंडलीय स्तर पर संपन्न हुआ, जहाँ समाज ने ऐलान किया कि अब ज़ुल्म-अत्याचार बर्दाश्त नहीं होगा और मुंहतोड़ जवाब देने के लिए कमर कस ली गई है। गोष्ठी में 'वीर एकलव्य निषाद आर्मी जिंदाबाद', 'निषाद एकता जिंदाबाद' और 'वीरांगना फूलन देवी अमर रहे' के नारे गूंज उठे। कार्यक्रम की अध्यक्षता झारखंड निषाद विकास संघ के गढ़वा जिला महासचिव सह डंडा जिला पार्षद अजय कुमार चौधरी उर्फ अजय मेटल ने की, जबकि मंच संचालन युवा नेता सह समाजसेवी सिकंदर चौधरी ने किया। मुख्य अतिथियों में महर्षि वेद व्यास परिषद् के प्रदेश अध्यक्ष प्रोफ़ेसर डॉ. राजकुमार चौधरी और झारखंड निषाद विकास संघ के केंद्रीय अध्यक्ष किशोर निषाद सहित कई गणमान्य पदाधिकारियों ने शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और निषाद वंश के महापुरुषों वीर एकलव्य, महर्षि निषाद राज, वेद व्यास एवं वीरांगना फूलन देवी के तैलीय चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इस दौरान हाल ही में 23 मई को हुए रामपुर गोलीकांड में मारे गए स्व. सकेंद्र चौधरी की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया। महागोष्ठी का मुख्य उद्देश्य निषाद समाज पर लगातार हो रहे जुल्म-अत्याचार, हत्या, सामाजिक शोषण एवं अपराध की बढ़ती घटनाओं पर चिंतन करना था, जिसने समाज को चिंतित और व्यथित किया है। इन गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए सभी संगठनों के बीच गहन विचार-विमर्श हुआ और समाज को सशक्त बनाने हेतु एक मजबूत जमीनी संगठन बनाने पर जोर दिया गया। इसी बैठक में सर्वसम्मति से एक नई संगठन 'वीर एकलव्य निषाद आर्मी' का उदय हुआ, जिसका अध्यक्ष जुझारू युवा डंडा प्रमुख चंदन कुमार चौधरी को बनाया गया और उपस्थित सभी लोगों ने गर्मजोशी से उनका समर्थन किया। यह नई मोर्चा सामाजिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा विकल्प साबित होने का दावा किया गया। संगठन ने स्पष्ट किया कि सामंतियों द्वारा निषाद समाज पर सदियों से की जा रही बर्बरतापूर्ण हत्या, मारपीट और शोषण अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह संगठन एकता, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से इस पर पूर्ण विराम लगाने का कार्य करेगा। झारखंड निषाद विकास संघ के केंद्रीय अध्यक्ष किशोर निषाद ने कहा कि उनका समाज अब काफी जागरूक हो रहा है और हर क्षेत्र में भागीदारी निभा रहा है, इसलिए कायराना हमलों के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा और सड़क से सदन तक लड़ने को तैयार है। उन्होंने अपनी संगठन के सिपाही 'वीर एकलव्य निषाद आर्मी' को तन-मन-धन से समर्थन देने की बात कही। महर्षि वेद व्यास परिषद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजकुमार चौधरी ने दोहराया कि उनकी लड़ाई किसी विशेष जाति से नहीं, बल्कि उस विचारधारा से है जो निषाद समाज का शोषण और अत्याचार करती है। उन्होंने संगठित रहने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि एकजुटता से हर ताकत धराशाई हो जाएगी और निषाद राज एवं एकलव्य जैसे महापुरुषों के इतिहास से समाज में गौरव की भावना जगाना उनकी मुख्य गोष्ठी होगी।1
- बिहार के गया में विकास माली का कार्यालय इन दिनों लोगों के बीच काफी चर्चा में है। इस कार्यालय की भव्य सजावट, शानदार व्यवस्था और अनोखा अंदाज लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। कार्यालय पहुँचने वाले लोग इसके 'अलग ही भौकाल' और प्रभावशाली माहौल को देखकर हैरान रह जाते हैं। सोशल मीडिया पर भी इस कार्यालय की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे इसकी खासियत और भी लोगों तक पहुँच रही है।1
- पलामू जिले के पांकी ब्लॉक में पर्यावरण की कोई सुध नहीं ली जा रही है। ब्लॉक के अगल-बगल बोतलों के ढेर लगे हुए हैं, जो आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रहे हैं। आरोप लगाया गया है कि यह कचरा एक अधिकारी द्वारा फैलाया गया है, और इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- माली मालाकार कल्याण संघर्ष मोर्चा इंडिया फाउंडेशन की एक महत्वपूर्ण बैठक 14 जून 2025 (रविवार) को बरही/हजारीबाग स्थित लेफ्ट फ्रंट होटल में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की मजबूती, सामाजिक एकता, समाज के उत्थान और संगठन के विस्तार पर विस्तृत चर्चा करना था। बैठक के दौरान, संगठन की कोर कमेटी का विस्तार किया गया और विभिन्न पदों पर नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई। उपस्थित सदस्यों ने समाज के अधिकारों, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही, आने वाले दिनों में समाज के हित में विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम चलाने पर भी सर्वसम्मति बनी। इस अवसर पर, सर्वसम्मति से रविंद्र प्रताप सैनी (टाटा, जमशेदपुर), प्रमोद भगत (टाटा) और उदय मालाकार (रामगढ़) को संगठन का संरक्षक मनोनीत किया गया। इसके अतिरिक्त, संगठन की राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय इकाइयों में कई अन्य नियुक्तियां भी की गईं। इनमें बसंत मालाकार (बरही) और शशि मालाकार को राष्ट्रीय संगठन मंत्री, कामाख्या भगत, सुरेंद्र मालाकार (पलामू) और राजेंद्र मालाकार (पलामू) को राष्ट्रीय संगठन सचिव बनाया गया। जितेंद्र मालाकार (बरही) को संगठन मंत्री, पिंटू मालाकार (रामगढ़) को राष्ट्रीय संगठन मंत्री, तथा विकास मालाकार उर्फ विक्की और विनोद मालाकार (हजारीबाग-झलको) को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पदभार सौंपा गया। दीपक मालाकार (बरकट्ठा) को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, मनु भगत (कोडरमा) और मंटू मालाकार (गढ़वा) को राष्ट्रीय सदस्य तथा वीरेंद्र जी (गुमला) को राष्ट्रीय सदस्य मनोनीत किया गया। रवि मालाकार (हजारीबाग) को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनकी नियुक्ति पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक मजबूत होगा। अंत में, संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि माली मालाकार समाज की एकता के लिए प्रभावी कार्य किया जाएगा, जिससे समाज के लोगों के अधिकारों और विकास के लिए कार्य हो सके।1
- NEET की परीक्षा के मद्देनजर उपायुक्त श्री संदीप कुमार ने परीक्षा केंद्र का जायजा लिया।1
- झारखंड के प्रतापपुर प्रखंड की जोगिडीह पंचायत के कल्याणपुर गांव में 'हर घर नल योजना' विफल हो गई है। लाखों रुपये की लागत से बना जलमीनार पिछले एक साल से बंद पड़ा है, जिसके कारण गांव के लगभग 30 घरों तक नल का पानी नहीं पहुँच पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, जलमीनार एक साल पहले वज्रपात से खराब हुआ था। मरम्मत के लिए दो महीने पहले समरसेबल पंप और अन्य उपकरण ले जाए गए, लेकिन इसके बावजूद जलमीनार अब तक चालू नहीं हो सका है। हालत तब और बिगड़ गई जब गांव का चापाकल भी मरम्मत के नाम पर खोल दिया गया, जिससे भीषण गर्मी में महिलाओं और बच्चों को दूर से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीण रामप्रवेश ठाकुर, सतेंद्र ठाकुर और अन्य ने उपायुक्त रवि आनंद से इस मामले में हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। वहीं, मुखिया बीरेंद्र यादव ने बताया कि इस संबंध में विभाग को सूचना दे दी गई है और मरम्मत का कार्य शीघ्र ही किया जाएगा।1
- चिनिया प्रखंड मुख्यालय स्थित आवासीय उच्च विद्यालय के छात्रावास में रह रहे सैकड़ों छात्रों को शौचालय व्यवस्था ठप होने के कारण खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हेमंत कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, इस स्थिति ने एक ओर जहां स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर आसपास के ग्रामीणों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि छात्रावास के छात्र रोजाना सुबह विद्यालय परिसर से सटे झाड़ियों और खाली स्थानों में शौच के लिए जाते हैं। इससे पूरे क्षेत्र में गंदगी फैल रही है और दुर्गंध के कारण लोगों का वहां से गुजरना तक दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार विरोध भी दर्ज कराया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। सोमवार सुबह कुछ छात्रों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि छात्रावास में शौचालय तो बने हैं, पर उनके सेप्टिक टैंक भर चुके हैं, जिसकी वजह से वे अनुपयोगी हो गए हैं और उन्हें मजबूरी में खुले में शौच जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विद्यालय प्रबंधन और संबंधित विभाग से तुरंत हस्तक्षेप कर शौचालय व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि उन्हें खुले में शौच न करना पड़े और आसपास के निवासियों की परेशानी भी खत्म हो सके।1
- गढ़वा जिले के धुरकी थाना क्षेत्र के भंडार गांव में एक मामले को लेकर सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि एक घर से ऐसे सबूत मिले हैं, जिन्हें जांच में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से प्राप्त इन सामानों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस द्वारा हर पहलू से पड़ताल की जा रही है। अब लोगों की नजर पुलिस की इस जांच और आगे होने वाले खुलासों पर टिकी हुई है, खास तौर पर इस बात पर कि क्या घर से मिले ये सबूत किसी संभावित हत्या के पूरे रहस्य को उजागर कर पाएंगे।1