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999 per Mera Paisa cut gaya hai Kya Karun isko kuchh kahiye jarur
Nitish Kumar
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- 13 साल का इंतजार खत्म: मधेपुरा में खुला केंद्रीय विद्यालय, नामांकन शुरू; साहूगढ़ में बनेगा 5.5 एकड़ का स्थायी कैंपस मधेपुरा के हजारों छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जिले में केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत हो गई है। अब छात्रों को गुणवत्तापूर्ण सीबीएसई शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए केंद्रीय विद्यालय में नामांकन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल विद्यालय का संचालन शहर के सुभाष चौक स्थित एसएनपीएम प्लस-टू विद्यालय के अस्थायी परिसर से किया जाएगा। शुरुआती चरण में बालवाटिका-1, बालवाटिका-2, बालवाटिका-3 और कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों का नामांकन लिया जा रहा है। बाइट ---कुमार ठाकुर, केंद्रीय विद्यालय प्रधानाचार्य मधेपुरा विद्यालय प्रशासन के मुताबिक, ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया 30 जुलाई से शुरू हो चुकी है और 10 अगस्त तक चलेगी। प्रत्येक कार्यदिवस सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अभिभावक आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। इधर, केंद्रीय विद्यालय के स्थायी परिसर को लेकर भी बड़ी प्रगति हुई है। राज्य सरकार ने मधेपुरा अंचल के मौजा साहूगढ़ में 5 एकड़ 50 डिसमिल 156 वर्ग कड़ी सरकारी जमीन 30 वर्षों की लीज पर केंद्रीय विद्यालय संगठन को उपलब्ध करा दी है। इसी जमीन पर आधुनिक सुविधाओं से लैस केंद्रीय विद्यालय का स्थायी भवन बनाया जाएगा। आने वाले समय में यहां स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल मैदान और अन्य आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। विद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि प्रवेश पूरी तरह केंद्रीय विद्यालय संगठन की प्रवेश मार्गदर्शिका 2026-27 के अनुसार होगा। आवेदन पत्र में गलत या भ्रामक जानकारी मिलने पर किसी भी स्तर पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल पंजीकरण करा देने से प्रवेश की गारंटी नहीं होगी। अंतिम चयन उपलब्ध सीटों और केंद्रीय विद्यालय संगठन के निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाएगा। केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत मधेपुरा जिले के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अब जिले और आसपास के हजारों बच्चों को सीबीएसई पैटर्न की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही शहर में मिल सकेगी। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा, क्योंकि अब बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों या बड़े शहरों में भेजने की मजबूरी काफी हद तक खत्म होगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय विद्यालय खुलने से जिले में शैक्षणिक माहौल और प्रतिस्पर्धा दोनों मजबूत होंगे। साथ ही छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, बेहतर अनुशासन और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा। कुल मिलाकर, केंद्रीय विद्यालय का आगाज मधेपुरा के लिए सिर्फ एक नए स्कूल की शुरुआत नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उम्मीद और नए अध्याय की शुरुआत है। अब निगाहें साहूगढ़ में बनने वाले स्थायी परिसर पर टिकी हैं, जहां आने वाले वर्षों में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित केंद्रीय विद्यालय जिले की नई पहचान बन सकता है।3
- पोखर में डूबने से 13 वर्षीय किशोर की मौत, एनडीआरएफ ने किया रेस्क्यू, सदर अस्पताल में तोड़ा दम पिपरा (सुपौल): पिपरा थाना क्षेत्र के पोखर में डूबने से 13 वर्षीय किशोर की मौत, एनडीआरएफ ने किया रेस्क्यू, सदर अस्पताल में तोड़ा दम पिपरा (सुपौल): पिपरा थाना क्षेत्र के तुम्हा पंचायत वार्ड संख्या-12 में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में 13 वर्षीय किशोर पीयूष राज की पोखर में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान अरुण शाह के इकलौते पुत्र पीयूष राज के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार पीयूष राज किसी कार्य से घर के पास स्थित पोखर की ओर गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति की नजर पानी में डूब रहे पीयूष पर पड़ी। उसने तत्काल इसकी सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और तत्काल एनडीआरएफ टीम तथा स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर पीयूष को पोखर से बाहर निकाला। गंभीर अवस्था में उसे एंबुलेंस से इलाज के लिए सुपौल सदर अस्पताल ले जाया गया। रास्ते में चिकित्सकीय उपचार भी जारी रहा, लेकिन सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि पीयूष अपने परिवार का इकलौता पुत्र था। उसकी तीन बड़ी बहनें हैं—चंचल कुमारी (24 वर्ष), चांदनी कुमारी (20 वर्ष) और सरस्वती कुमारी (16 वर्ष)। चार भाई-बहनों में पीयूष सबसे छोटा और परिवार की उम्मीदों का केंद्र था। उसकी असमय मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। गांव में शोक का माहौल है और हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है तथा पूरे क्षेत्र में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।3
- pani jama hene se sabhi ko presani ho rha h mukhiya ko presani bataya diyan nhi de rha h1
- कचरा प्रबंधन हुआ ध्वस्त लोहिया स्वच्छ मिशन अभियान का उर रहा है मज़ाक सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के कई पंचायतों में लोहिया स्वच्छ अभियान धरातल पर सही तरह से नहीं चल रहा है। इसका ताजा उदाहरण है प्रखंड क्षेत्र के सहूरिया पश्चिमी पंचायत से जहां कचरा प्रबंधन भवन का ऊपर का चदरा विगत कई महीनों से आंधी तूफान आने के कारण उजड़ा हुआ है जिसका मरम्मत कार्य अब तक नहीं हुआ है। ऐसे में पंचायत में अगर साफ सफाई का काम होता तो शायद इस प्रकार से भवन उजड़ा हुआ नहीं रहता। इसको लेकर कई लोगों ने बताया की पंचायत के एक भी वार्ड ऐसा नहीं है जहां साफ सफाई का काम हो रहा हो। इसके अलावा स्थानीय वार्ड सदस्य ने ये भी बताया की पंचायत के कई समस्या को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी को अवगत भी करवाया गया है मगर क्या कारण है की अब तक किसी प्रकार का पहल नहीं किया गया है जो भारी चिन्ता का विषय बना हुआ है।1
- खबर-आज दिनांक 31.07.2026 को समाहरणालय, सुपौल में लहटन चौधरी सभागार में आयोजित जिला जनता दरबार में जिलाधिकारी, सुपौल श्री सावन कुमार, भा0प्र0से0 ने आवेदकों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने हेतु निदेशित किया गया। जिला जनता दरबार में आज कुल 70 आवेदन लिए गए। उक्त अवसर पर श्री इन्द्रवीर कुमार, उप विकास आयुक्त, सुपौल, श्री अनित कुमार, निदेशक, NEP डी0आर0डी0ए0, सुपौल, श्री विकास कुमार कर्ण, विशेष कार्य पदाधिकारी, गोपनीय शाखा, सुपौल, श्री मुकेश कुमार, वरीय उप समाहर्ता, सुपौल एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।1
- रामबाग में 48 घंटे का अष्टयाम कार्यक्रम संपन्न, नेपाल की महिला मंडली के गायन से भक्तिमय हुआ वातावरण अषाढ़ी पूर्णिमां पर बजरंग बली मंदिर परिसर में भक्ति कार्यक्रम का आयोजन हुआ, बड़ी संख्या में लोगों ने लिए भाग उदाकिशुनगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 14 रामबाग मुहल्ला स्थित बजरंगी बली मंदिर परिसर में अषाढ़ी पूर्णिमां के अवसर पर आयोजित 48 घंटे का अष्टयाम कार्यक्रम संपन्न हो गया। मुहल्ला दो दिनों तक भक्तिमय वातावरण से पटा रहा। क्षेत्रीय और नेपाल की महिला मंडली ने नृत्य, गायन, भजन कीर्तन प्रस्तुत किए। जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिए। बड़ी संख्या में लोग मंदिर में पूजा अर्चना भी करने पहुंचे। भक्ति कार्यक्रम में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे। लोग नृत्य, भजन कीर्तन पर झूमते रहे हैं। हर तरफ बाबा बजरंग बली के जयकारे गूंजते रहे। हरे राम हरे कृष्ण की गूंज सुनाई देता रहा। दिन रात लोग भक्ति कार्यक्रम में गोता लगाते रहे। कार्यक्रम स्थल के पास मेला जैस दृष्य दिखाई दिया। तरह की दुकानें सजी नजर आए। बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। इस कार्यक्रम को लेकर बुधवार 111 कन्याओं द्वारा कलश शोभायात्रा निकाली गई थी। आयोजक समिति के सदस्यों ने बताया कि पिछले साल से ही अषाढ़ी पूर्णिमां पर भक्ति कार्यक्रम शुरू करने का सिलसिला शुरू हुआ। कार्यक्रम सफल होने पर आयोजन समिति के बीरेंद्र मेहता, अजय मेहता, राजीव कुमार, खुशी लाल शर्मा, कृत्यानंद शर्मा, नवीन शर्मा, श्रीराम मालाकार, फनीलाल मेहता आदि ने मुहल्ले वासियों का आभार जताया। आयोजक ने बताया कि अब यह कार्यक्रम निरंतर हर वर्ष होता रहेगा। समापन मौके पर मौजूद वार्ड पार्षद रीना देवी ने कहा कि इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम से भक्तिमय वातावरण होता है। आपस में भाईचारे का संदेश जाता है। लोगों को इसी तरह समाज में मिलजुल कर रहना चाहिए।3
- सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत महुआ उत्तरवारी से आस्था और श्रद्धा से जुड़ी एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। सहरसा जिले के सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत से आस्था और श्रद्धा से जुड़ी एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। महुआ उत्तरवारी पंचायत स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नर्मदेश्वर शिवलिंग और भगवान शिव परिवार की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस धार्मिक आयोजन में उस समय श्रद्धालुओं की आस्था और बढ़ गई, जब प्रतिमा झांकी की पालकी पर एक नाग दिखाई देने की चर्चा फैल गई। महुआ उत्तरवारी पंचायत स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में बुधवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नर्मदेश्वर शिवलिंग एवं भगवान शिव परिवार की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस अवसर पर 251 कुंवारी कन्याओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा मंदिर परिसर से सुरसर नदी पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पवित्र जल भरकर यज्ञ स्थल पर कलश स्थापित किए। पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान के बाद 48 घंटे के अखंड रामधुनी का शुभारंभ हुआ। इस दौरान प्रतिमा झांकी की पालकी पर एक नाग दिखाई देने की बात सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के बीच इसे लेकर विशेष चर्चा रही। कई श्रद्धालुओं ने इसे नाग देवता का आशीर्वाद मानते हुए अपनी धार्मिक आस्था से जोड़ा। हालांकि, इस घटना को श्रद्धालु अपनी-अपनी आस्था के अनुसार देख रहे हैं। मंदिर के पुजारी पूज्य बाबा विनोद जी के मार्गदर्शन में युवा कला परिषद एवं आयोजन समिति ने पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष सोनू सरकार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु और युवा कार्यकर्ता इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयघोष से गूंजता रहा। आस्था, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया।1
- सुपौल जिला के अंतर्गत पिपरा गॉव के बासबारी मे छापा मेरी मे पुलिस को मिला 454 नशीली इंजेक्शन1