जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम बिजौरा (सरई चौकी, थाना करनपठार) के पास अनूपपुर और उमरिया जिले की सीमा पर एक हृदयविदारक सड़क हादसा हो गया है, जहाँ श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुखद घटना में 6 ग्रामीणों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि 22 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायल व्यक्तियों का इलाज मेडिकल कॉलेज शहडोल में जारी है। जानकारी के अनुसार, ये सभी ग्रामीण ग्राम पड़मनिया से ग्राम बिजौरा में पूजा-अर्चना और एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हुआ। इस संकट की घड़ी में, कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली के सख्त निर्देशों पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला। सूचना मिलते ही टीमें मौके पर पहुँच गईं और तत्परता दिखाते हुए राहत और बचाव कार्यों को तेजी से अंजाम दिया। सभी घायलों को तत्काल मलबे से निकालकर शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली स्वयं शहडोल मेडिकल कॉलेज पहुँचे, जहाँ उन्होंने घायल मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना और पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और डॉक्टरों की टीम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और सभी को बेहतर से बेहतर तथा उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएँ। प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को संबल देने के लिए बड़ी आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई है। इस हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक नागरिक के आश्रित परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से ₹4-4 लाख और संबल योजना के अंतर्गत ₹4-4 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाएगी, जिससे कुल ₹8-8 लाख की आर्थिक सहायता मिलेगी। स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम बिजौरा (सरई चौकी, थाना करनपठार) के पास अनूपपुर और उमरिया जिले की सीमा पर एक हृदयविदारक सड़क हादसा हो गया है, जहाँ श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुखद घटना में 6 ग्रामीणों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि 22 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायल व्यक्तियों का इलाज मेडिकल कॉलेज शहडोल में जारी है। जानकारी के अनुसार, ये सभी ग्रामीण ग्राम पड़मनिया से ग्राम बिजौरा में पूजा-अर्चना और एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हुआ। इस
संकट की घड़ी में, कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली के सख्त निर्देशों पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला। सूचना मिलते ही टीमें मौके पर पहुँच गईं और तत्परता दिखाते हुए राहत और बचाव कार्यों को तेजी से अंजाम दिया। सभी घायलों को तत्काल मलबे से निकालकर शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली स्वयं शहडोल मेडिकल कॉलेज पहुँचे, जहाँ उन्होंने घायल मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना और पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और डॉक्टरों की टीम को स्पष्ट
निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और सभी को बेहतर से बेहतर तथा उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएँ। प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को संबल देने के लिए बड़ी आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई है। इस हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक नागरिक के आश्रित परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से ₹4-4 लाख और संबल योजना के अंतर्गत ₹4-4 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाएगी, जिससे कुल ₹8-8 लाख की आर्थिक सहायता मिलेगी। स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
- उमरिया, मध्य प्रदेश में कलेक्टर राखी सहाय ने सड़क हादसे में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।1
- शहडोल जिले के कोतवाली थाने में मारपीट और गाली-गलौज का एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शनिवार को लगभग 1:00 बजे जानकारी देते हुए बताया कि वार्ड क्रमांक 35 के फरियादी आकाश खटीक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आकाश खटीक की शिकायत के अनुसार, आरोपी बहीद मुसलमान ने आपसी बात को लेकर उनसे गाली-गलौज की और मारपीट की। पुलिस ने फरियादी की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है।1
- शाहडोल जिले में बैंक मित्रों ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बैंक मित्र अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे और उसे उन्हें सौंपा।1
- उमरिया जिले के अन्तिम छोर पर, अनुपपुर की सीमा से सटे तिवनी गांव के पास अमौदा बिजौरा में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए राहत और उपचार कार्यों की कमान संभाल ली है। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर राखी सहाय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली पहुंचकर घायल मरीजों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को सभी घायलों को गुणवत्तापूर्ण और समुचित उपचार प्रदान करने, साथ ही गंभीर रूप से घायल मरीजों की विशेष निगरानी रखने तथा उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी। कलेक्टर ने पीड़ित परिवारों को हर संभव प्रशासनिक सहायता का भी भरोसा दिलाया। दूसरी ओर, पाली एसडीएम मीनाक्षी बंजारे ने दुर्घटना से प्रभावित सभी व्यक्तियों का सत्यापित और लिखित विवरण तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा है। प्रशासनिक पुष्टि के अनुसार, इस हादसे में पड़मनिया निवासी भूपत सिंह (50 वर्ष), गिजरी निवासी बीर सिंह (60 वर्ष), पड़मनिया निवासी घनश्याम सिंह (45 वर्ष) और गिजरी निवासी सहबल बैगा (55 वर्ष) की दुखद मृत्यु हो गई है। वहीं, सूत्रों से यह सूचना भी मिली है कि मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दो अन्य घायलों का निधन हो गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस हृदयविदारक दुर्घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और राहत दल लगातार प्रभावित परिवारों की सहायता में जुटे हुए हैं, और पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक व संवेदना का वातावरण व्याप्त है।1
- डिण्डौरी जिले के शहपुरा में स्थित नर्मदांचल गौ सेवा समिति, ढोंढ़ा, जैविक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। जिले के प्रसिद्ध जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित यह समिति विगत 10 वर्षों से जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय है। श्री साहू न केवल स्वयं जैविक खेती करते हैं, बल्कि डिण्डौरी और आसपास के क्षेत्रों के किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण भी देते हैं। वे किसानों के साथ-साथ महाविद्यालयों, विद्यालयों, शासकीय संस्थानों और एनजीओ के माध्यम से डिण्डौरी सहित अन्य जिलों में जैविक खेती के प्रति जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं, जिसमें उनके फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाता है। समिति पशुओं के गोबर से बायोगैस के निर्माण का भी प्रदर्शन करती है, जिसे प्लास्टिक के 6 फुट चौड़े और 10 फुट लंबे टांके में घोलकर डाला जाता है। इसमें 4 इंच का पाइप गोबर घोल डालने के लिए और दूसरा 4 इंच का पाइप ओवरफ्लो के लिए लगा होता है, जहाँ से गैस बनने के बाद निकलने वाली वेस्ट स्लरी उत्तम जैविक खाद का काम करती है। एक तीसरा पाइप गैस को सीधे चूल्हे तक ले जाता है। यह जैव-अपघटनीय पदार्थों को बिना ऑक्सीजन के सड़ाकर बनती है, जिसमें 55-65% मीथेन और 30-40% CO2 होती है, जो एक बार लगने के बाद कई वर्षों तक चलती है। यह कार्य आत्मा परियोजना के तहत डिण्डौरी जिले में 33 बीआरसी किसानों को भी दिया गया है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, भारत सरकार, जैव आदान संसाधन केंद्र द्वारा प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक जैविक उत्पाद उपलब्ध कराए जाते हैं, और बिहारी लाल साहू एक बीआरसी के रूप में प्राकृतिक खेती पर मार्गदर्शन, जानकारी और सलाह भी देते हैं, जिसके लिए उनका नारा है, 'जैविक खेती अपनाएं, स्वास्थ्य और धरती बचाएं'। नर्मदांचल गौ सेवा समिति में गौवंश आधारित प्राकृतिक जैविक खाद जैसे केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र आदि का निर्माण कर विक्रय किया जाता है। साथ ही बीज उपचार सहित जैविक कृषि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी निशुल्क प्रदान की जाती है। यहां जैविक फार्म में केला, पपीता, अदरक, करेला, सेमी, टमाटर, गोभी, बैंगन, आलू, मटर, प्याज, लहसुन, लाल भाजी, मेथी भाजी जैसी विभिन्न फसलें जैविक विधि से उगाई जाती हैं। जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने इस अवसर पर बताया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं और रासायनिक मुक्त खेती मिट्टी की उर्वरता तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। उनके अनुसार, जैविक खेती से किसानों की लागत कम होती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है। कार्यक्रम में बिहारी लाल साहू, आयुष साहू, प्रगति साहू सहित अन्य जन उपस्थित रहे। बिहारी लाल साहू डिण्डौरी जिला आत्मा परियोजना के सभी अधिकारियों का हार्दिक अभिनंदन करते हैं। उन्होंने 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों और 80 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक/जैविक खेती पर प्रशिक्षण दिया है, और इस संदेश को एक दोहे के माध्यम से भी व्यक्त किया है: 'ऐसी खेती कीजिए, खाद रसायन दूर। खेत बचे जीवन बचे, स्वाद रहे भरपूर।'1
- मध्य प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और उनके भाई, गोटेगांव विधायक जालम सिंह पटेल ने लगभग 250 सहयोगी एवं शुभेच्छु जनों के साथ मिलकर शुक्रवार (29 मई 2026) और शनिवार (30 मई 2026) को पवित्र मां नर्मदा के तटों पर एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाकर श्रमदान किया। यह अभियान प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन एवं संरक्षण अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया था। शुक्रवार को अमरकंटक के रामघाट क्षेत्र में नर्मदा स्वच्छता अभियान चलाया गया, जबकि शनिवार को प्रातः 8 बजे से नर्मदा उद्गम क्षेत्र स्थित पुष्कर बांध के उत्तर एवं दक्षिण तट और उसके नीचे स्थित माधव सरोवर बांध में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, विधायक जालम सिंह पटेल और सागर, दमोह, नरसिंहपुर, गोटेगांव तथा गाडरवारा से आए लगभग 250 सहयोगियों ने नदी एवं बांध के भीतर उतरकर श्रमदान किया। स्वच्छता कार्य में नदी में जमी घास, जलकुंभी तथा श्रद्धालुओं द्वारा फेंके गए कचरे को निकालकर बाहर किया गया। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और विधायक जालम सिंह पटेल अपने सहयोगियों के साथ पूरे उत्साह, उमंग और समर्पण भाव से कंधे से कंधा मिलाकर सफाई करते रहे। उन्होंने बिना किसी संकोच के स्वयं नदी में उतरकर श्रमदान किया और उपस्थित लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि "मां नर्मदा हमारी जननी है। उनकी स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना हम सभी पुत्रों का कर्तव्य है। नर्मदा स्वच्छ और अविरल रहेगी तभी हमारा अस्तित्व सुरक्षित रहेगा।" उन्होंने उपस्थित जनों से नर्मदा तटों को स्वच्छ रखने और जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। अभियान के दौरान दोनों जनप्रतिनिधि लगातार कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का उत्साहवर्धन करते रहे तथा उन्हें नदियों और जल स्रोतों के संरक्षण का महत्व समझाते रहे। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं विधायक जालम सिंह पटेल को नर्मदा भक्त एवं नर्मदा पुत्र के रूप में जाना जाता है, जिनकी मां नर्मदा के प्रति गहरी श्रद्धा और आस्था रही है। उल्लेखनीय है कि वे प्रतिवर्ष नर्मदा स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए श्रमदान करते रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2024-25 में व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कारणों से यह अभियान आयोजित नहीं हो सका था, किंतु इस वर्ष पुनः बड़े स्तर पर अभियान चलाकर दोनों बंधुओं ने नर्मदा संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनभागीदारी आधारित पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।1
- मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। नगर परिषद अमरकंटक के वार्ड क्रमांक 2 बराती क्षेत्र में, शाम लगभग 4 बजे, तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार वर्षा के दौरान बिजली की चपेट में आने से एक युवक और एक युवती की मौके पर ही गंभीर रूप से झुलसकर मृत्यु हो गई। वहीं, एक अन्य किशोरी भी इस घटना में घायल हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 2 बराती में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के समापन के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर तीनों अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आने से 18 वर्षीय हर्ष टांडिया और 17 वर्षीय आरती वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि 17 वर्षीय राधा भी बिजली की चपेट में आकर घायल हुई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की सहायता से तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने हर्ष टांडिया और आरती वर्मा को मृत घोषित कर दिया। घायल राधा का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1