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उदयपुर कि छोरी
Bapulal Ahari
उदयपुर कि छोरी
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- उदयपुर कि छोरी1
- निठाऊवा थाना अंतर्गत सनसनीखेज वारदात भाई ने अपने ही भाई पर किया चाकू से हमला उतारा मौत के घाट डूंगरपुर जिले के निठाउवा थाना अंतर्गत एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसमें दो भाइयों की आपसी रंजिश खूनी वारदात में बदल गई पिता भगना मीणा डूंगलाई थाना निठाउआ ने जानकारी देकर बताया कि उसके बेटे कन्हैयालाल उम्र 40 वर्ष को उसके छोटे भाई सोहन मीना में चाकू से हमला कर दिया दोनों के बीच आपसी विवाद था जिसको लेकर यह हमला हुआ बीच बचाव करने आई कन्हैया लाल की पत्नी को भी चाकू से हमला किया गया जिसे वह भी घायल हुई है निठाउआ थाना अधिकारी के अनुसार दोनों भाइयों के बीच आपसी विवाद था और इस विवाद के चलते चाकू से हमला किया गया जिससे कन्हैया लाल की मौत हुई है अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया मोर्चरी में शव को मोर्चरी में खवाया गया है और अग्रिम अनुसंधान जारी है1
- ममता बनर्जी द्वारा इस्तीफा देने से इनकार के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कुशलगढ़ के जनप्रतिनिधियों ने इसे जनादेश के खिलाफ बताया। पूर्व संसदीय सचिव भीमा भाई डामोर ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध “हठधर्मिता” करार दिया। वहीं पूर्व पालिका अध्यक्ष राघवेश चरपोटा ने इसे लोकतंत्र पर “काला धब्बा” बताते हुए जनमत के सम्मान की बात कही। भाजपा मंडल अध्यक्ष जिनेंद्र सेठिया ने मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की। जिला महामंत्री कान्हिग रावत, पूर्व पालिका अध्यक्ष रेखा जोशी व वरिष्ठ नेता रमेश तलेसरा ने भी इसे संविधान व लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताया। विश्लेषकों के अनुसार, अब आगे की स्थिति विधानसभा के बहुमत और संवैधानिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।4
- बांसवाड़ा जिले के अरथूना थाना क्षेत्र स्थित संगरेश्वर पुल के पास मंगलवार को नदी में बड़ा हादसा हो गया, जब करीब 10 लोगों को लेकर जा रही एक देसी नाव अचानक संतुलन बिगड़ने से पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार के बीच लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। प्राप्त जानकारी के अनुसार नाव में सवार 10 में से 8 लोग किसी तरह तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि 2 व्यक्तियों के नदी में डूबने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही गढ़ी डीएसपी बाबूलाल रेगर पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। स्थानीय गोताखोरों, सिविल डिफेंस टीम और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अरथूना थाना पुलिस भी मौके पर तैनात रहकर लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई है। देर शाम तक दोनों लापता व्यक्तियों का कोई सुराग नहीं लग पाया था। हादसे की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। प्रशासन द्वारा भी रेस्क्यू अभियान को तेज करते हुए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि नाव देसी (स्थानीय स्तर पर बनाई गई) थी और उसमें सुरक्षा के कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। नाव में सवार सभी लोग घूमने के उद्देश्य से इस क्षेत्र में आए थे। आशंका जताई जा रही है कि क्षमता से अधिक लोगों के बैठने और सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण यह हादसा हुआ। हालिया हादसे ने बढ़ाई चिंता गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व मध्यप्रदेश में भी इसी तरह का एक दर्दनाक नाव हादसा सामने आया था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। उस घटना के बाद भी सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन बावजूद इसके स्थानीय स्तर पर बिना सुरक्षा इंतजामों के नाव संचालन जारी है। प्रशासन की अपील प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी-तालाब जैसे जलाशयों में बिना सुरक्षा साधनों के नाव यात्रा करने से बचें और निर्धारित नियमों का पालन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।4
- परिवार को जेल भेजने की धमकी देकर मांगी थी घूस, एसीबी के जाल में फंसे एएसआई मदनलाल और पूर्व पार्षद डायालाल संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की डूंगरपुर इकाई ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर पुलिस थाने के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) मदनलाल और उनके लिए दलाली कर रहे पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एएसआई मदनलाल उसे और उसके परिवार को धोखाधड़ी के मामले में फंसाने और गिरफ्तार करने की धमकी दे रहा था। आरोपी एएसआई का कहना था कि परिवादी, उसकी बेटी और दामाद ने लोगों के साथ धोखाधड़ी कर बैंक खातों में राशि जमा करवाई है। मुकदमे से नाम निकालने और मदद करने की एवज में एएसआई द्वारा भारी रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत के बाद एसीबी की टीम ने मंगलवार को जाल बिछाया। सत्यापन के दौरान सामने आया कि एएसआई मदनलाल, दलाल डायालाल पाटीदार के माध्यम से एक लाख रुपये लेने पर सहमत हुआ है। इसके बाद एसीबी के पुलिस उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी और दलाल पाटीदार को एएसआई के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। ब्यूरो ने इस मामले में एएसआई मदनलाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ डूंगरपुर राजस्थान में तेज आंधी तूफान के साथ बारिश का कहर। डूंगरपुर से संवाददाता गीतेश पंड्या की रिपोर्ट डूंगरपुर में दिनभर गर्मी का मौसम बना रहा अचानक शाम 6 बजे काले बादलों के साथ करीब 7 बजे तेज आंधी तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई जिससे आमजन लोगो में भागदौड़ मच गई कल 6 तारीख की गनीमत बहुत सी शादियां है उसकी तैयारी में लगे टेंट हवा के साथ उखड़ गए अभी तक आंधी तूफान का कहर निरंतर चल रहा है जिससे जीवन लोगो अस्त व्यस्त हो गया है4
- #विजय थलापती #तमिलनाडू1
- सज्जनगढ़ क्षेत्र में कुशलगढ़ उपखंड के जाडी कलिंजरा गांव में कथित अवैध गोकशी एवं धर्मांतरण की सूचना पर पहुंचे गोभक्तों और हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं पर हुए हमले के विरोध में व्यापक आक्रोश देखने को मिला। घटना के विरोध में क्षेत्र के विभिन्न हिन्दू संगठनों, समाजजनों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, समाजजनों ने सज्जनगढ़ स्थित रामजी मंदिर से रैली निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। रैली में शामिल लोगों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए पंचायत समिति कार्यालय तक मार्च किया। वहां पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि जाडी कलिंजरा में अवैध गतिविधियों की सूचना पर पहुंचे गोभक्तों एवं कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और हमला किया गया, जो अत्यंत निंदनीय है। समाजजनों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं कानून व्यवस्था को चुनौती देने के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करती हैं। प्रशासन से मांग की गई कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए तथा हमले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही यदि किसी राजकीय कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी तत्काल कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की भी मांग रखी गई। इस दौरान विभिन्न हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी, समाज के वरिष्ठजन, युवा वर्ग और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में न्याय की मांग1