डूंगरपुर एसीबी की बड़ी कार्रवाई, 1 लाख की रिश्वत लेते साइबर थाने का एएसआई और पूर्व पार्षद गिरफ्तार परिवार को जेल भेजने की धमकी देकर मांगी थी घूस, एसीबी के जाल में फंसे एएसआई मदनलाल और पूर्व पार्षद डायालाल संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की डूंगरपुर इकाई ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर पुलिस थाने के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) मदनलाल और उनके लिए दलाली कर रहे पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एएसआई मदनलाल उसे और उसके परिवार को धोखाधड़ी के मामले में फंसाने और गिरफ्तार करने की धमकी दे रहा था। आरोपी एएसआई का कहना था कि परिवादी, उसकी बेटी और दामाद ने लोगों के साथ धोखाधड़ी कर बैंक खातों में राशि जमा करवाई है। मुकदमे से नाम निकालने और मदद करने की एवज में एएसआई द्वारा भारी रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत के बाद एसीबी की टीम ने मंगलवार को जाल बिछाया। सत्यापन के दौरान सामने आया कि एएसआई मदनलाल, दलाल डायालाल पाटीदार के माध्यम से एक लाख रुपये लेने पर सहमत हुआ है। इसके बाद एसीबी के पुलिस उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी और दलाल पाटीदार को एएसआई के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। ब्यूरो ने इस मामले में एएसआई मदनलाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
डूंगरपुर एसीबी की बड़ी कार्रवाई, 1 लाख की रिश्वत लेते साइबर थाने का एएसआई और पूर्व पार्षद गिरफ्तार परिवार को जेल भेजने की धमकी देकर मांगी थी घूस, एसीबी के जाल में फंसे एएसआई मदनलाल और पूर्व पार्षद डायालाल संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की डूंगरपुर इकाई ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर पुलिस थाने के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) मदनलाल और उनके लिए दलाली कर रहे पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एएसआई मदनलाल उसे और उसके परिवार को धोखाधड़ी के मामले में फंसाने और गिरफ्तार करने की धमकी दे रहा था। आरोपी एएसआई का कहना था कि परिवादी, उसकी बेटी और दामाद ने लोगों के साथ धोखाधड़ी कर बैंक खातों में राशि जमा करवाई है। मुकदमे से नाम निकालने और मदद करने की एवज में एएसआई द्वारा भारी रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत के बाद एसीबी की टीम ने मंगलवार को जाल बिछाया। सत्यापन के दौरान सामने आया कि एएसआई मदनलाल, दलाल डायालाल पाटीदार के माध्यम से एक लाख रुपये लेने पर सहमत हुआ है। इसके बाद एसीबी के पुलिस उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी और दलाल पाटीदार को एएसआई के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। ब्यूरो ने इस मामले में एएसआई मदनलाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
- सीमलवाड़ा(डूंगरपुर) राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को डूंगरपुर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर पुलिस थाना में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) और एक दलाल (पूर्व पार्षद) को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर डूंगरपुर इकाई द्वारा की गई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी को एक परिवादी द्वारा शिकायत दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि साइबर पुलिस थाना डूंगरपुर में कार्यरत एएसआई मदनलाल ने परिवादी को डराया-धमकाया और कहा कि उसके परिवार—विशेषकर बेटी और जमाई—को एक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया जा सकता है। आरोपी एएसआई ने कथित रूप से केस में राहत दिलाने और नाम हटाने के एवज में रिश्वत की मांग की। दलाल के माध्यम से तय हुई डील शिकायत के सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि एएसआई मदनलाल ने दलाल के रूप में पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार को आगे किया। दलाल के माध्यम से 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग तय की गई। इसके बाद एसीबी टीम ने पूरी योजना बनाकर ट्रैप की कार्रवाई की। ट्रैप में दोनों आरोपी गिरफ्तार उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में एसीबी डूंगरपुर के पुलिस उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही दलाल डायालाल पाटीदार ने एएसआई के लिए रिश्वत की राशि ली, टीम ने मौके पर ही उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद एएसआई मदनलाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच जारी है। कड़ी कार्रवाई का संकेत एसीबी की इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग के मामलों में दोषियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।2
- उदयपुर जिले के झाड़ोल थाना क्षेत्र के मोहम्मद फलासिया में मारपीट और लूट का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष द्वारा थाना अधिकारी को दिए गए शिकायत पत्र में बताया गया कि दिनांक 04 मई 2026 को उनका पुत्र एक पार्टी कार्यक्रम से लौट रहा था। रात करीब 9 बजे, रास्ते में कुछ लोगों ने उसे रोक लिया और उसके साथ मारपीट की। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने युवक को गंभीर रूप से पीटा और जान से मारने की धमकी भी दी। इस दौरान युवक के पास मौजूद ₹5500 नकद भी छीन लेने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने शिकायत में कई आरोपियों के नाम भी उल्लेखित किए हैं और सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर दोषियों को गिरफ्तार करने और न्याय दिलाने की अपील की है।1
- ग्राम पंचायत चितोड़िया में प्रथम पंचायत स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का हुआ आयोजन,मेधावी छात्र छात्राओं का किया सम्मान जुबेर अहमद धरियावद धरियावद-ग्राम पंचायत चितोड़िया में प्रथम पंचायत स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन ग्राम पंचायत भवन चितोड़िया में किया गया है। जानकारी देते हुए ग्राम पंचायत चित्तौड़िया के सरपंच राजकुमार मीणा ने बताया कि इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस पूर्व जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह राणावत द्वारा की गई। वहीं मुख्य अतिथि बतौर पूर्व प्रदेश मंत्री व विधायक प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा द्वारा की गई है। विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में पूर्व विधायक नगराज मीणा, रामलाल मीणा,भेरूलाल मीणा, धनराज मीणा,किशन लाल मीणा,नाथूलाल मीणा,अर्जुन लाल मीणा,केशुलाल मीणा एडवोकेट सहित सम्मिलित हुए है। कार्यक्रम के मुख्य आयोजनकर्ता चितोड़िया सरपंच राजकुमार मीणा एवं समस्त ग्रामवासियों ने कार्यक्रम में आए हुए तमाम अतिथियों का फूल मालाओं से एवं साफा पहनाकर स्वागत- अभिनंदन किया। इस दौरान तमाम वक्ताओं ने कार्यक्रम को लेकर अपनी-अपनी बातों को रखा है। कार्यक्रम में नवोदय विद्यालय,एकलव्य आवासीय विद्यालय एवं चितोड़िया के समस्त स्कूलों में मेधावी छात्र-छात्राओं को ओपरने व प्रशस्ति पत्र,ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। वहीं विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां पेश की है। कार्यक्रम के मुख्य आयोजनकर्ता राजकुमार मीणा सरपंच चित्तौड़िया ने अंत में सभी का आभार जताते हुए प्रथम पंचायत स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का हर्सोल्लासपूर्वक समापन किया।1
- ममता बनर्जी द्वारा इस्तीफा देने से इनकार के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कुशलगढ़ के जनप्रतिनिधियों ने इसे जनादेश के खिलाफ बताया। पूर्व संसदीय सचिव भीमा भाई डामोर ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध “हठधर्मिता” करार दिया। वहीं पूर्व पालिका अध्यक्ष राघवेश चरपोटा ने इसे लोकतंत्र पर “काला धब्बा” बताते हुए जनमत के सम्मान की बात कही। भाजपा मंडल अध्यक्ष जिनेंद्र सेठिया ने मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की। जिला महामंत्री कान्हिग रावत, पूर्व पालिका अध्यक्ष रेखा जोशी व वरिष्ठ नेता रमेश तलेसरा ने भी इसे संविधान व लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताया। विश्लेषकों के अनुसार, अब आगे की स्थिति विधानसभा के बहुमत और संवैधानिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।4
- उदयपुर से अजमेर फोरलेन पर जिले में दिवेर थाना क्षेत्र के छापली घाटा उतरते वक्त बेकाबू टैंकर बीच हाइवे पर पलट गया। पलटते ही आग लग गई और टैंकर में केमिकल भरा हुआ था, जिससे आग ज्यादा भभक उठी और चालक बाहर नहीं निकल पाया, जिससे आग में जिंदा जल गया। हादसे के बाद दिवेर थाना प्रभारी दलपतसिंह मय जाब्ते के घटना स्थल पर पहुंच गए। बाद में भीम डीएसपी राकेश वर्मा भी पहुंचे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में जिंदा जला चालक उदयपुर निवासी सोहनलाल डांगी बताया जा रहा है। हादसे के बाद दो घंटे तक हाइवे जाम हो गया। धमाको के साथ टैंकर जलता रहा। हाइवे के दोनों तरफ वाहनों क लंबी कतार लग गई। राजसमंद, आमेट व देवगढ़ से दमकलें पहुंची, तो करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। फिर फोरलेन की एक तरफा यातायात व्यवस्था शुरू की गई।1
- पवन अग्रवाल चिकारड़ा। भीषण गर्मी से जूझ रहे क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए राहत तो दी, लेकिन इसके साथ ही कई तरह की परेशानियां भी खड़ी कर दीं। पिछले तीन दिनों से आसमान से आग बरस रही थी और तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच गया था, लेकिन सोमवार शाम को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। तापमान गिरकर करीब 30 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रात्रि तापमान भी 25 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। सोमवार देर रात मौसम ने उग्र रूप ले लिया। रात करीब 12 बजे के बाद तेज बिजली चमकने, मेघ गर्जना और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हुआ, जो तड़के 3 बजे तक जारी रहा। इस दौरान 10 से 15 मिनट तक बेर के आकार के हल्के ओले भी गिरे। तेज हवा के साथ हुई बारिश ने कई स्थानों पर मकानों के भीतर तक पानी पहुंचा दिया। गांव में नालियों की सफाई नहीं होने से जल निकासी बाधित रही, जिससे गली-मोहल्लों में पानी भर गया। कई निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गया, जिससे ग्रामीणों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। तेज हवा और बारिश के बाद वातावरण में अचानक ठंडक घुल गई और खुले में बैठना भी मुश्किल हो गया। मंगलवार को दिनभर हल्की उमस के बाद शाम होते-होते फिर बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगीं। खबर लिखे जाने तक मौसम का यही बदला हुआ मिजाज बना रहा। बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ा है। खेतों में रखा सूखा चारा भीगकर खराब हो गया, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं खेतों पर बंधे मवेशी भी अचानक आई बारिश से खुद को बचा नहीं पाए और भीग गए। बिजली व्यवस्था चरमराई, पूरी रात अंधेरे में गुजरी तेज हवा और बारिश के कारण बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित रही। रात करीब 1 बजे गुल हुई बिजली सुबह 8 बजे जाकर बहाल हुई, जिससे ग्रामीणों को पूरी रात अंधेरे में बितानी पड़ी। इसके बाद भी दिनभर बिजली आंख-मिचौली करती रही। लगातार लाइन फॉल्ट के चलते 12 घंटे से अधिक समय तक आपूर्ति बाधित रही, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बिजली नहीं होने से घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए और दैनिक कार्य प्रभावित रहे। वहीं अस्पतालों में भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए कहा कि इस प्रकार की स्थिति में त्वरित सुधार आवश्यक है। अचानक बदले मौसम ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर अव्यवस्थित व्यवस्थाओं की पोल भी खोल दी।3
- सीमलवाड़ा (डूंगरपुर)। वार्षिक परीक्षाओं के बाद बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकल्प संस्था द्वारा आयोजित समर कैंप इस वर्ष प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा। क्षेत्र के चार राजकीय विद्यालय—राजपुर, कंबोइया प्रथम, कंबोइया सेकंड, पठान बस्ती तथा सीनियर सेकेंडरी स्कूल बरछावाड़ा में आयोजित इस कैंप में कुल 393 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें 224 बालक और 169 बालिकाएं शामिल रहीं। इसके साथ ही 42 अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को सामुदायिक सहयोग का मजबूत स्वरूप प्रदान किया। कैंप के दौरान बच्चों के लिए खेलकूद, कविता पाठ, कहानी लेखन, सृजनात्मक लेखन, ओरिगामी कला तथा पक्षियों के लिए परिंडे बनाने जैसी विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की रचनात्मकता, अभिव्यक्ति क्षमता और आत्मविश्वास को निखारने का सफल प्रयास किया गया। बच्चों ने न केवल नई चीजें सीखीं, बल्कि मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन भी किया। कैंप का मुख्य आकर्षण पपेट शो रहा, जिसमें “लड़की पढ़कर क्या करेगी” और “डॉक्टर की दवा भोपे की बात” जैसे विषयों पर आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया गया। इन प्रस्तुतियों ने अंधविश्वास, लैंगिक भेदभाव और रूढ़िवादी सोच के खिलाफ जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए मैजिक ट्रिक्स और सरल वैज्ञानिक प्रयोगों का प्रदर्शन किया गया। इन गतिविधियों के जरिए बच्चों को तर्कसंगत सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे सीखने की प्रक्रिया रोचक और प्रभावी बनी। समर कैंप का सफल संचालन विकल्प संस्था के श्री बलवंत सिंह झाला के कुशल संयोजन में हुआ। संस्था निदेशक श्री धुलेश्वर रोत ने बताया कि इस प्रकार के कैंप बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और अभिभावकों को अपने बच्चों को ऐसे रचनात्मक आयोजनों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। कार्यक्रम के मार्गदर्शक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री हमराज सिंह चौहान ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में सीखने की निरंतरता बनाए रखते हैं और उनकी छिपी प्रतिभाओं को उजागर करने का सशक्त माध्यम बनते हैं। कैंप के सफल संचालन में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों और सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। राजपुर स्कूल में श्रीमती कलावती और रितु पंड्या, कंबोइया प्रथम में मुकेश कुमार और गीता कुमारी परमार, कंबोइया सेकंड में बेनजीर खान और जया खराड़ी, तथा सीनियर सेकेंडरी स्कूल बरछावाड़ा में भुलेश्वर पटेल, ऋद्धि पंड्या, शंकर लाल अहारी, दिनेश कुमार बारिया, राकेश कोटेड एवं रेखा खराड़ी ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा विकल्प संस्था की टीम से मीरा हंगात, रंजना अहारी, हीना कटारा और रोनिका रोत का योगदान भी सराहनीय रहा। समर कैंप ने यह साबित कर दिया कि यदि बच्चों को सही दिशा और अवसर मिले तो वे छुट्टियों के समय को भी सीखने, सृजन और व्यक्तित्व विकास के सुनहरे अवसर में बदल सकते हैं।4
- पाटलाबावड़ी में मामूली कहासुनी बनी खूनी वारदात,17 वर्षीय छात्र नाथूलाल की चाकूबाजी में मौत,गांव में तनाव और आगजनी जुबेर अहमद धरियावद धरियावद-उपखंड के पारसोला थाना क्षेत्र के पाटलाबावड़ी गांव में एक मामूली विवाद ने भयावह रूप ले लिया और देखते ही देखते यह घटना खूनी वारदात में बदल गई। इस दर्दनाक घटना में 12वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र नाथूलाल मीणा पुत्र भीखाराम मीणा की चाकूबाजी में मौत हो गई। वारदात के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल फैल गया और आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपियों के घरों में आगजनी कर दी, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। धरियावद डीएसपी नानालाल सालवी ने बताया कि गांव में आयोजित एक सामाजिक नोत कार्यक्रम के दौरान नाथूलाल और विनोद नामक युवक के बीच मामूली कहासुनी हो गई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया, हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने बीच- बचाव कर तत्काल झगड़ा शांत करवा दिया था। लेकिन यह शांति ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और यही विवाद आगे चलकर जानलेवा साबित हुआ। पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब नाथूलाल अपने घर लौट रहा था, तभी पाटला बावड़ी मोड़ पर पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने अपने साथियों के साथ उसे घेर लिया। इसके बाद उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल नाथूलाल को तुरंत धरियावद अस्पताल पहुंचाया गया,लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। घटना के बाद गांव में आक्रोश भड़क उठा और हालात तनावपूर्ण हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों के घरों को निशाना बनाते हुए 2 से 3 केलुपोस घरों और 2 से 3 पशु बाड़ों में आग लगा दी। आग इतनी भीषण थी कि घरों में रखा सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। हालांकि समय रहते पुलिस और ग्रामीणों की तत्परता से कुछ अनाज और पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल सका। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए करीब 12 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी सहित 5 से 6 संदिग्धों को डिटेन कर लिया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपी जंगलों की ओर फरार हो गए थे, जिन्हें तलाश कर हिरासत में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बी.आदित्य, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, तहसीलदार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। आगजनी की इस घटना में 2 से 3 घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 5 से 7 लाख रुपये तक का नुकसान बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक नुकसान का आकलन प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। डीएसपी नानालाल सालवी के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शव का पोस्टमार्टम करवाकर लाश परिजनों को सुपुर्द की गई। बाईट-बी.आदित्य, एसपी प्रतापगढ़1
- सज्जनगढ़ क्षेत्र में कुशलगढ़ उपखंड के जाडी कलिंजरा गांव में कथित अवैध गोकशी एवं धर्मांतरण की सूचना पर पहुंचे गोभक्तों और हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं पर हुए हमले के विरोध में व्यापक आक्रोश देखने को मिला। घटना के विरोध में क्षेत्र के विभिन्न हिन्दू संगठनों, समाजजनों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, समाजजनों ने सज्जनगढ़ स्थित रामजी मंदिर से रैली निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। रैली में शामिल लोगों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए पंचायत समिति कार्यालय तक मार्च किया। वहां पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि जाडी कलिंजरा में अवैध गतिविधियों की सूचना पर पहुंचे गोभक्तों एवं कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और हमला किया गया, जो अत्यंत निंदनीय है। समाजजनों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं कानून व्यवस्था को चुनौती देने के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करती हैं। प्रशासन से मांग की गई कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए तथा हमले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही यदि किसी राजकीय कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी तत्काल कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की भी मांग रखी गई। इस दौरान विभिन्न हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी, समाज के वरिष्ठजन, युवा वर्ग और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में न्याय की मांग1